Top 10 शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके और uchchatan tantra kriya की गुप्त विधि और tips

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तंत्र क्रिया में 6 मुख्य क्रिया है जिनका सौम्य और उग्र प्रभाव होता है. ऐसा माना जाता है की स्तम्भन, उच्चाटन और मारण ये कुछ ऐसी क्रिया है जिनके प्रयोग से हम शक्तिशाली दुश्मन पर छिपे तौर पर अपना प्रभाव डाल कर विजय प्राप्त कर सकते है. आपने शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके जिनमे शत्रु को पीड़ित करने का उपाय और शत्रु को पागल करने के टोटके शामिल है. Youtube पर ढेरो विडियो है जिनमे उल्लू या फिर कौवे की पंख से शक्तिशाली उच्चाटन के बारे में वताया गया है.आखिर हम इसके प्रयोग से दुश्मन से छुटकारा कैसे पाए ?

शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके

आमतौर पर शत्रु पर विजय पाने का उपाय या तो उच्चाटन है या फिर मारण प्रयोग आप इनमे से किसी भी प्रयोग के जरिये ऐसा कर सकते है लेकिन क्या आपको लगता है की वाकई एक उल्लू, गधे या फिर कौवे के शरीर के किसी हिस्से से जुड़ी चीजो का इस्तेमाल करने से आप शत्रु को परेशान कर सकते है ? बिलकुल ! ये प्रयोग देखने में जितने सरल लगते है उतने है नहीं क्यों की किसी एक खास समय काल, लग्न और नक्षत्र में ही इसका प्रभाव होता है.

इन तांत्रिक वस्तु को प्राप्त करने के लिए आपको इनके बारे में जानकारी होना बेहद आवश्यक है. इसके अलावा आपकी कलुषित भावना जब मंत्र शक्ति के साथ मिलती है तब अपना प्रभाव छोडती है. उच्चाटन के प्रयोग अचानक से अपना प्रभाव नहीं छोड़ते है इसलिए संयम रखे और असर दिखने तक धेर्य और प्रयोग की मात्रा बनाए रखे. आइये जानते है इस पोस्ट में कुछ ऐसी शक्तिशाली उच्चाटन तंत्र क्रिया के मंत्र प्रयोग और टोटके के बारे में.

शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके और उच्चाटन तंत्र

तंत्र क्रिया के 6 कर्म में से एक उच्चाटन तंत्र का प्रयोग किसी व्यक्ति विशेष को उसके काम से, जगह से या फिर उस स्थिति से हटाने के उदेश्य से किया जाता है. आमतौर पर हम जिस समय में जी रहे है उसमे शक्तिशाली लोग कमजोर लोगो पर अपना प्रभाव ज़माने के लिए उन्हें परेशान करते आये है. शत्रु आपसे शारीरिक रूप से ताकतवर है और आपको बार बार परेशान कर रहा है तब आपको कुछ ऐसे उपाय अपनाने चाहिए जिनसे हम बिना सामने आये शत्रु से छुटकारा पा सकते है.

तंत्र क्रिया में स्तम्भन, उच्चाटन और मारण ये 3 उग्र प्रयोग माने जाते है. स्तम्भन क्रिया का मतलब है बंधन जिसमे एक व्यक्ति, कार्य या क्रिया को बाँध दिया जाता है. द्वेष के चलते व्यापर को बांधना, काम ठप्प कर देना या फिर किसी को ऐसी बीमारी में बाँध देना जो इलाज के बाद भी ठीक नहीं होती है ये सब स्तम्भन तंत्र क्रिया के प्रयोग होते है.

उच्चाटन तंत्र का प्रयोग व्यक्ति को भयभीत करने के लिए किया जाता है. कई बार ऐसा होता है की शत्रु कमजोर व्यक्ति को परेशान करता रहता है और सीधे तौर पर कमजोर व्यक्ति कुछ भी नहीं कर पाता है. इस स्थिति में uchchatan tantra kriya का सहारा लिया जाता है और शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके किये जाते है जिससे शत्रु परेशान होकर उस जगह को छोड़ देता है और दूर किसी दूसरी जगह पर चला जाता है. प्राचीन काल में दुश्मन की सेना को भयभीत कर भगाने से जुड़े अनेको किस्से सुनने को मिल जायेंगे.

मारण क्रिया सबसे अंतिम विकल्प है और इसमें व्यक्ति को समाप्त कर दे ऐसी क्रिया संपन की जाती है.

शत्रु उच्चाटन तंत्र प्रयोग

शत्रु से छुटकारा पाने के लिए वैसे तो कई प्रयोग है लेकिन अगर आप मंत्र प्रयोग की बजाय टोने टोटके में ज्यादा विश्वास रखते है तो आपको निचे दिए गए मंत्र की सिद्धि का अभ्यास करना चाहिए. इसके सिद्धि के बाद आप जिस टोटके का प्रयोग करेंगे उसे इससे अभिमंत्रित कर ले उसका प्रभाव बढ़ जाएगा.

ॐ नमो भगवते रुद्राय दंड करालाय अमुंक सपुत्र बांधवै: सह हन हन दह दह पच पच शीध्र उच्चाटय हूँ फट स्वाहा ठ:  ठ:  ठ: |

ये मंत्र उच्चाटन तंत्र की किसी भी वस्तु को प्रयोग में लेने से पहले सिद्ध किया जाता है. शुभ दिन और लग्न के समय उत्तर पश्चिम दिशा की ओर मुह करके बैठ जाइए. पुत्रजीवक की माला ले और हर दोपहर इस मंत्र की 1 माला का जप लगातार 21 दिन तक कर ले. ये मंत्र उच्चाटन की क्रिया का सबसे महत्वपूर्ण और तीव्र मंत्र माना जाता है.

तंत्र की किसी भी वस्तु को प्रयोग में लेने से पहले 11 बार इस मंत्र से उसे अभिमंत्रित करे और फिर काम ले इससे कार्य सिद्धि के अवसर बढ़ जायेंगे.

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शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके से जुड़े कुछ प्रयोग

  1. घुग्घू का सर लेकर उसे सुखा ले और चूर्ण बना ले इस चूर्ण को ऊपर दिए मंत्र से अभिमंत्रित कर जिसके सर पर डाल दिया जायेगा उसका उच्चाटन हो जायेगा.
  2. निम्बू की लकड़ी, घुग्घू की हड्डी, बिल्ली का चमड़ा और नाख़ून, धतूरे का रस और शमसान की हड्डी इन सबको मिलाकर जिस घर में गाड़ देंगे उसका उच्चाटन हो जायेगा. ( गाँव में सबसे ज्यादा किया जाता है ये प्रयोग )
  3. कौवे के घोसले को जलाकर उसकी राख बना ले मंत्र से अभिमंत्रित कर जिसके भी मस्तिष्क पर डालेंगे वो दूर भागने लगेगा.
  4. सफ़ेद कंडयारी की मूल लेकर जिसके घर में दबा देंगे उसका उच्चाटन होना शुरू हो जायेगा.
  5. रविवार या मंगलवार को कौवे और घुग्घू के पंख को जलाकर जिसके भी मस्तिष्क पर डालेंगे उसका uchchatan होना तय है.
  6. उमरी वृक्ष की चार अंगुल की लकड़ी को कील की तरह किसी घर में गाड़ दे.
  7. अश्वनी नक्षत्र में पीपल के पेड़ की 10 अंगुल लकड़ी जिसके भी घर में गाड़ देंगे उसका उच्चाटन हो जायेगा.
  8. हस्त नक्षत्र में सेंधा नमक से शत्रु की प्रतिक मूर्ति बनवाए और उस पर उसका नाम लिखे. हर रोज जैसे आप उसे पानी से स्नान करवाते है और वो गलती है उसी तरह शत्रु का उच्चाटन होना शुरू हो जाता है.
  9. शिवलिंग पर ब्रह्मा दंडी और चिता की भस्म का लेप करे. उस लेप को उतारकर सफ़ेद सरसों में मिलकर शनिवार की रात को जिसके भी घर में फेंक देंगे उसका fast uchchatan होना शुरू हो जायेगा.,
  10. गधी के बाए पैर के निचे की धूल को रविवार दोपहर जिसके घर में डालेंगे उसका नाश होना शुरू हो जाता है.

शत्रु को भागने पर मजबूर कर देने वाले उच्च तंत्र प्रयोग

  1. हरताल लहसुन और धतूरे के बीज इनका मिश्रण चूर्ण की तरह बना ले और जिस शत्रु के मस्तिष्क पर डाल देंगे उसकी हरकते पागलो की तरह हो जाएगी ठीक करने के लिए दूध और शक्कर पिलाए.
  2. शत्रु के घर से शनिवार या रविवार के दिन एक बोरी ले आये. इस बोरी पर बैठकर दोपहर में “ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं फट गुरुडाय जापय स्वाहा” इस मंत्र को 24 बार जपकर झाड दे. ऐसा रोज 3 दिन तक करे. धीरे धीरे शत्रु के घर उच्चाटन होना शुरू हो जाता है.
  3. मंगलवार के दिन दोपहर में गधे के बाए पैर की धूल को शत्रु के घर में डालने से भी ऐसा होगा.
  4. सरसों और शिव पूजा के कमल पत्र को शत्रु के घर में गाड़ देंगे तो भी शत्रु के घर में uchchatan होना शुरू हो जाता है.
  5. कौवे की पंख को शत्रु के घर में अभिमंत्रित कर गाड़ दे तो उच्चाटन हो.
  6. उल्लू की विष्ठा को सरसों के चूर्ण में मिलकर जिसके भी मस्तिष्क में डालोगे उसका मति भ्रमित होना शुरू हो जायेगा ये प्रयोग शक्तिशाली शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके में से एक है.
  7. गूलर के वृक्ष की लकड़ी को 4 अंगुल की कील की तरह बनाकर दुश्मन के घर में गाड़ दें तो भयंकर उच्चाटन शुरू हो जायेगा.
  8. मनुष्य के पैर की हड्डी को चार अंगुल की कील बनाकर शत्रु के घर में गाड़ देंगे तो उच्चाटन होना शुरू हो जाता है.
  9. काले उल्लू की पंख ले आये और उससे शत्रु का नाम लेते हुए 108 आहुति का हवन करे.

Useful tips in uchchatan tantra kriya

उच्चाटन तंत्र प्रयोग की एक ऐसी क्रिया है जिसके प्रयोग सौम्य न होकर उग्र होते है. साधना में साधक का मन कलुषित होता है और इस साधना में साधक अपने मन की सभी दुर्भावनाओ को एकाग्रचित होकर तंत्र वस्तु पर प्रयोग करता है. इस क्रिया में व्यक्ति की दूषित भावनाएँ अपना असर दिखाती है जब वो ऐसी तंत्र वस्तुओ से मिलती है जिनके अन्दर विपरीत गुण होते है.

विद्वेषण और उच्चाटन दोनों एक जैसे प्रयोग है जिनमे कुछ अंतर ही होते है. जब तंत्र जड़ी में दो विपरीत गुणों वाली वनस्पति का मिलन होता है तो वै अपने अपने गुण छोडती है जिसकी वजह से प्रभावित व्यक्ति में आपसी टकराव शुरू हो जाता है. हमेशा कुछ बातो का ध्यान रखे ताकि आपको इसमें असफलता न मिले.

  • शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके या फिर उच्चाटन के प्रयोग करते समय खुद को फोकस रखे. कई बार हम प्रयोग करते समय मन में ये सोच बना लेते है की आखिर इतनी मामूली सी वस्तुए काम कैसे करेगी. ध्यान रखे की हर वस्तु का अपना एक गुण होता है और जब वो किसी दूसरी वस्तु के संपर्क में आती है तो अपना प्रभाव छोडती है.
  • उल्लू, घुग्घू और कौवा जैसे प्राणी का सबसे ज्यादा प्रयोग विद्वेषण और उच्चाटन में होता है लेकिन ध्यान देने बात ये है की इसके पंख और दूसरी चीजे प्राप्त करने के लिए आपको इसकी कुछ खास स्थिति को समझना बेहद जरुरी है जिसका वर्णन काक शास्त्र में दिया गया है. इनके पंख झड़ने की खास स्थिति होती है और आपको उसी स्थिति में इन्हें प्राप्त करना है न की कही भी पड़ा मिले ऐसा पंख.
  • खास समय, लग्न और महूर्त अपना अलग प्रभाव छोड़ते है और आपको सब क्रिया उसी समय के दौरान करनी होती है.

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शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके – अंतिम शब्द

दोस्तों शत्रु से छुटकारा पाने के लिए कई तरह के प्रयोग किय्ये जाते है जिसमे स्तम्भन उच्चाटन और मारण शामिल है. ये क्रिया उग्र तंत्र प्रयोग होते है और शत्रु को भयभीत करने, उन्हें एक बंधन में डालने या फिर समाप्त करने के लिए प्रयोग किये जाते है. इंद्रजाल में ऐसी कई वनस्पति का जिक्र है जिनके प्रयोग से हम तंत्र प्रयोग को सफलतापूर्वक कर सकते है. ये चीजे आसानी से हासिल नहीं की जा सकती है क्यों की इनके काम करने के लिए इनका किसी खास समय काल और स्थिति में प्राप्त होना ही मायने रखता है. शत्रु से छुटकारा पाने के टोटके करते समय आपको इन खास बातो का ध्यान रखा बेहद जरुरी है.

अगर आप शत्रु से छुटकारा पाने के लिए किसी तरह के प्रयोग को सफलतापूर्वक करना चाहते है तो हमारी सलाह है की आप काक शकुन शास्त्र, उलूक शास्त्र इनका अध्ययन करे. इनके अन्दर किसी चीज को किस तरह से प्राप्त करे की उसका तंत्र प्रभाव सही से मिल सके इसके बारे में बताया है.

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