Basic Question and Answer about Tratak Meditation Guide अभ्यास से पहले जान ले

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नमस्कार दोस्तों त्राटक की श्रृंखला में अब तक आप बिंदु त्राटक साधना, सप्त वर्तुल त्राटक अभ्यास और त्राटक के बारे में पढ़ चुके है. आज की पोस्ट त्राटक से जुड़े सवाल उनके जवाब को लेकर है. बहुत से साधक है जो त्राटक अभ्यास तो करते है पर त्राटक से जुड़े सवाल और उनके जवाब समझे बिना कुछ खास नहीं कर पाते है. आज की पोस्ट में हम विस्तृत रूप से इसी समस्या पर बताने जा रहे है.

इस पोस्ट में आपके सभी सवालो का जवाब मिलेगा अगर नहीं मिले तो निराश ना हो हमें कमेंट के माध्यम से पूछे आपके सवाल को भी पोस्ट में शामिल कर लिया जायेगा. त्राटक से जुड़े सवाल पर हम बात करेंगे हर उस सवाल की जो आपके मन में त्राटक के वक़्त आता है.

त्राटक से जुड़े सवाल

त्राटक से जुड़े सवाल और उनके जवाब से अपनी समस्या का समाधान करे. Trataka meditation practice के दौरान हमारे मन में कई ऐसे सवाल आते है जिनके समाधान किये बगैर हम सफल नहीं हो सकते है. अगर आप बिना किसी सही जानकारी के अभ्यास कर रहे है तो इसका कोई लाभ नहीं है.

अभ्यास से पहले मन में उठने वाली शंका का समाधान कर लिया जाए तो हमारे लिए अभ्यास में सफलता पाना आसान हो जाता है खासकर तब जब किसी गुरु का साथ ना हो.

अगर बिना गुरु के अभ्यास करना पड़े तो आपको इन सवालों के जवाब जान लेने चाहिए ताकि अभ्यास में आगे चलकर कोई समस्या न आए. महत्वपूर्ण जानकारी को यहाँ पर शेयर किया गया है लेकिन अगर आपको लगता है की आपके सवाल का जवाब यहाँ नहीं है तो आप पूछ सकते है.

त्राटक से जुड़े सवाल और उनका समाधान

दोस्तों त्राटक के अभ्यास में बेसिक समझे बगैर अभ्यास में सफलता हासिल नहीं की जा सकती है. इसके लिए पहले हमें अपने हमारे मन में उभरते सवालो का जवाब खोजना चाहिए ताकि पूरी तैयारी के साथ अभ्यास में पूर्णता लायी जा सके. इसके लिए जरुरी है त्राटक के हर बेसिक को समझना आइये जानते है आपको कौन कौन से सवाल परेशान कर सकते है उनका समाधन क्या है.

basic Guide of trataka meditation के अनुसार सबसे ज्यादा सवाल हमारे पास बिंदु त्राटक, Mirror trataka, candle flame gazing meditation को लेकर आए है. इन सभी सवालों के जवाब यहाँ शेयर कर रहे है ताकि अभ्यास में अगर आपको दिक्कत आ रही है तो इसके जरिये समाधान किया जा सके.

त्राटक कब करना चाहिए

त्राटक हमेशा सुबह करना चाहिए जिससे हमें ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले. पर अगर आप सुबह जल्दी नहीं कर पाते है तो आपको रात्रि 10 बजे के बाद करना चाहिए. क्यों दोनों ही समय वातावरण शांत होता है और आपके अनुकूलित होता है.

basic tratak meditation practice दिन की रौशनी में नहीं करना चाहिए. इसके अलावा आप कौनसा टाइम चुनते है ये निर्भर करता है की आप खुद को किस एक्टिव पाते है. जब भी आपको लगे की ये सही समय है कर सकते है लेकिन खाना खाने के 2 घंटे बाद ही करे. बेहतर होगा खाली पेट करे.

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दिन में त्राटक करना चाहिए ?

दिन में हमारा Conscious mind ज्यादा सक्रिय होता है अगर ऐसे में त्राटक का अभ्यास किया जाये तो ना सिर्फ त्राटक में ज्यादा वक़्त लगता है बल्कि आपको इसके लिए वातावरण भी बनाना पड़ेगा. जैसे की अंधकार से भरा कमरा और सिर्फ Artificial light.

इसके पीछे का मनोविज्ञान है की सूर्य की रौशनी से बढ़कर कोई प्रकाश नहीं और ऐसे में अगर अभ्यास किया जाये तो हमारी आँखों को sunlight absorb problem होगी. और वक़्त ज्यादा बिता कर त्राटक का अभ्यास करे ऐसा कोई नहीं चाहता है.

त्राटक कितनी देर तक करना चाहिए ?

त्राटक सुबह के वक़्त हमें हमारी आँखों की अनुकूलता के अनुसार करना चाहिए. त्राटक ज्यादा देर तक करने का कोई मतलब नहीं जब आप शून्यता की अवस्था प्राप्त नहीं कर सकते. इसलिए त्राटक के वक़्त आँखों को ज्यादा देर तक खुली रखने की बजाय आप कम वक़्त में शून्यता पर ध्यान दे. अनुभव जल्दी ही मिलने लगेंगे. इसे इस तरह समझे 2 व्यक्ति त्राटक कर रहे है

  • पहला व्यक्ति त्राटक का अर्थ ये समझता है की इसमें आँखों को जितना खुला रखेंगे उतना ही जल्दी अनुभव होगा. वो अपना सारा वक़्त सिर्फ आँखों को ज्यादा से ज्यादा खुला रखने में लगा देता है. इससे होता ये है की शुरू में उसकी आँखों में जलन की वजह से उसका अभ्यास टूटता है फिर वो वापस फोकस होता है आँखों को खुली रखने पर.

कुछ वक़्त के बाद उसके मस्तिष्क में एक विचार बार बार घूमेगा की आँखों को खुली रखना है. इससे अगर उसकी पलक झपकती भी है तो दिमाग में auto suggestion पैदा होगा जो उसे दोबारा आंखे खुली रखने पर फोकस करने को कहेगा.

  • वही दूसरी और दूसरा व्यक्ति त्राटक के दौरान सभी क्रिया को नार्मल होने देता है वो इस बात को लेकर फोकस  नहीं है की उसे ज्यादा से ज्यादा पलके खुली रखनी है, वो सिर्फ सब कुछ बिंदु पर फोकस करता है. इससे दो बाते होगी पहली उसका फोकस बिंदु है ना की आंखे खुली रखना, दूसरा जब वो बिंदु पर फोकस होता है तो अपने आप कुछ वक़्त के बाद उसमे शून्यता आने लगेगी.

ध्यान दे यहाँ दो चीजे है फोकस होने के लिए पहली बिंदु और दूसरी आंखे खुली रखना. पहले वाली पर आप  फोकस हो सकते है लेकिन दूसरी वाली पर नहीं इसमें स्वाभाविक क्रिया अपने वक़्त पर घटित होती रहती है.

त्राटक दिन में कितनी बार ?

त्राटक से जुड़े सवाल में ये सवाल सबसे खास और सबसे ज्यादा परेशान करने वाला है. अगर आप शुरुआती साधक है तो त्राटक दिन में एक बार ही करना चाहिए.  क्यों की आँखों में सूखापन एक शुरुआती समस्या बन जाता है, इसके अलावा देखने में फर्क महसूस होना और आँखों से सम्बंधित समस्या शुरू में कुछ दिन महसूस होती है.

अगर आपकी मानसिकता है की त्राटक जितनी ज्यादा बार करेंगे उतना ही फायदा होगा तो आप गलत है. क्यों की त्राटक के बाद अगर मस्तिष्क शून्यता महसूस करता है तो उस अवस्था को जीवन का हिस्सा बनाने में थोड़ा वक़्त लगता है.

Tratak के बाद हमें उदासी जैसा अनुभव हो सकता है जो एक तरह से मस्तिष्क की शून्यता का अहसास होता है. ऐसा इसलिए क्यों की अवचेतन मस्तिष्क की अवस्था से चेतना में आने में  वक़्त लगता है.

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त्राटक से कौन कौन सी शक्ति प्राप्त होती है ?

Trataka से अगर आपका अभिप्राय अलौकिक शक्ति से है तो आप सही है. त्राटक से आँखों में आकर्षण शक्ति का विकास होता है. त्राटक से आपको आने वाली घटनाओ का पता चलने लगता है. ऐसा इसलिए क्यों की आप ज्यादा से ज्यादा सूक्ष्म होने लगते है. और कई तरह से छटी इंद्री जागरण के अनुभव करने लगते है.

ये अनुभव आपको ध्यान में भी हो सकते है पर त्राटक ध्यान से ज्यादा सरल और सुगम रास्ता माना जाता है. ये में नहीं कहता त्राटक करने वाले साधक के अनुभव है.

त्राटक में क्या क्या अनुभव होते है ?

त्राटक में अगर में अनुभव पर चर्चा करू तो ये आपके मानसिकता पर बुरा प्रभाव डाल सकती है ऐसा इसलिए क्यों की फिर आप अनुभव को खुद के नहीं मेरे नजरिये से करते है. तो फिर त्राटक के दुसरो के अनुभव की चर्चा क्यों ? फिर भी आपके मन की शांति के लिए में कुछ अनुभव की चर्चा यहाँ कर रहा हूँ ताकि आपको सही तरह से समझ आ सके.

  1. त्राटक में सबसे पहले हमारी आँखे अपलक देखने में अभयस्त होती है इसके बाद हमारी आँखों और बिंदु के मध्य सम्बन्ध स्थापित होता है. जितनी देर ये सम्बन्ध स्थापित रहता है उतनी देर तक बिंदु काले रंग की बजाय सुनहला या चमकीला दिखाई देने लगता है.
  2. इसके बाद हमें ऐसा लगता है जैसे हम बैठे बैठे बिंदु के अंदर जा रहे है. आगे ये एक सुरंग और ब्रह्मांड में तेज गति से विचरण का अनुभव हो सकता है.
  3. इस दौरान हमारे विचार पहले कम होते है फिर शुन्य और इसके बाद हम मस्तिष्क से खाली हो जाते है.
  4. आगे अभ्यास जारी रहे तो आपको ऐसा लगेगा जैसे आप अपने अंदर की यात्रा कर रहे है. और आप अपने प्रत्यक्ष कुछ घटनाओ को घटते हुए भी देख सकते है ऐसा इसलिए क्यों की अवचेतन मस्तिष्क तक बढ़ने के दौरान आपके मन में दबी यादे उभरने लगती है और आप उन्हें अपने प्रत्यक्ष महसूस करने लगते है.
  5. जब ये होता है तो बाद में आप अपने आँखों में चमक को महसूस करते है जब आप दर्पण देखते है या फिर कुछ देर तक किसी भी जगह देखते रहने के बाद एक चमक द्वारा उस जगह से जुड़ने का अहसास होना.

अनुभव में इतना ही क्यों की आगे के अनुभव सीक्रेट है और आप अपने अनुभव खुद करे तो ज्यादा बेहतर होगा.

 त्राटक में बोर्ड कोनसा और रंग कौनसा ?

त्राटक करते वक़्त बोर्ड हाथो से बनाना ज्यादा बेहतर रहता है और इसके लिए काले रंग का महत्व है. फिर भी कुछ लोग बने बनाये बोर्ड पर अभ्यास करना पसंद करते है. अगर आप अच्छे से बोर्ड बना सके तो अच्छा है वर्ना आप बाजार से खरीद सकते है.

मेने इसे लेकर अपने Youtube channel पर एक video भी डाला है जहाँ आप शक्ति चक्र का बोर्ड घर पर बनाना सीख सकते है. ये करना बेहद आसान है और आपको ज्यादा सामान भी नहीं चाहिए.

पढ़े : Types of Jinn Possession जिन्नात इंसानों के शरीर पर किस तरह कब्ज़ा करते है

Trataka में सोशल मीडिया पर गतिविधि कम क्यों?

त्राटक के practice में मस्तिष्क को एक लंबे समय तक साधना पड़ता है और अगर आप सोशल मीडिया से जुड़ते है तो आप विचारो की मात्रा से प्रभावित होते है. अगर आप शवासन का अभ्यास करते है तो आप आसानी से इससे छुटकारा पा सकते है फिर भी सोशल मीडिया पर वक़्त अभ्यास के दौरान कम ही बिताना चाहिए.

सोशल मीडिया पर समय बिताने से हम बाहरी चीजो से ज्यादा प्रभावित होने लगते है और हमारा मस्तिष्क अपनी सोच पर नियंत्रण खो देता है. अगर आप अपनी Willpower को कमजोर नहीं करना चाहते है तो सोशल मीडिया को कभी भी अपनी आदत न बनने दे.

त्राटक से जुड़े सवाल और उनके जवाब और अभ्यास की सही शुरुआत

Tratak meditation ध्यान की तरह ही है सिवाय इसके की इसे गलत तरीके से करने की वजह से आपको आँखों की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. अभ्यास से पहले सही जानकारी ले लेना चाहिए क्यों की आज इन्टरनेट से त्राटक के अभ्यास को एक जादू की तरह पेश किया जा रहा है.

आँखों में सम्मोहन शक्ति का पैदा करना, दूसरो के माइंड को कण्ट्रोल करना ये सब लोगो में भ्रम फैला रहे है. त्राटक को हमेशा अपने खुद के भले के लिए इस्तेमाल करे ना की दूसरो को नुकसान पहुँचाने के लिए.

गलत तरीके और उदेश्य से किया गया अभ्यास सफल नहीं होता है लेकिन नुकसान जरुर दे जाता है. अगर आप Tratak meditation का अभ्यास करने जा रहे है और अभी भी आपके मन में किसी तरह की शंका है तो कमेंट कर हमें पूछना न भूले.

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29 COMMENTS

  1. namaste
    mera naam triloki h. me much hafton se shakti chakra par abhyaas kar raha ho. apke bataye anubhaw to hote h aur phir indradhaush ke color dikte he .par me apani shakti ka kya practice Karo ki mujhe
    pata chale ki me sahi ho
    kirpya kar bataye
    apka abhari
    triloki

    • triloki ji ap jis tarah abhyas me aage badh rahe h ab vaqt aa chuka h ap apne antrman ko jagrat kare or khud ke anubhav dvara
      samjhe abhyas karte rahiye ye sthiti khud banne lagegi

      • thank u sir
        me khus hu par meri kuch problem h please meri help kare
        me janana chata hu ki sahkti chakra par tratak karte hue kya mujhe koi bhawan kud
        ko deni hoti h ya nahi kyu ki me jab chakra par practice par hota hu to me sunn jaisa ho jata ho kuch sochne ka pata nahi hota.
        phle tratak krate samay chakra me red color dikta tha(ankhe band karn par chamkile chakra me red color ki line si dikti thi)aur ab thodi der baad kuch green color sa dikta h(ab ankhe band karne par usme green color ka kuch cartoon jisa jise rabbit ya kuch aur dikta h)
        me kya karu agar ap meri madat kar kase to apka bhoot bhoot sukriya nahi to bhi
        thanks
        apka abhari
        triloki chand

    • टेलेपोर्टेशन के लिए किसी तरह के त्राटक के अभ्यास नहीं करना होता है। टेलेपोर्टेशन एक लम्बे समय में पूर्ण होने वाला अभ्यास है जिसके लिए उच्च स्तर का संयम और खुद को पंच भूत में विखंडन करना आना चाहिए। ये भी सिर्फ एक कयास है असलियत में शायद किसी को हो इसकी जानकारी हो।

  2. mai darpan tratak karta hu mujhe 2 din ke bad se hi darpan me us dauran kai tarah ke chehre dikhte hai.sir mai janna chahta hu ki mai sadhna ke kis level par hoo..

    • दर्पण tratak करते वक़्त अनजाने चेहरे दिखाई देना इस बात का लक्ष्ण है की आप गहरे अभ्यास में उतर रहे है. अवचेतन मन जाग्रत होने से पहले चेतन मन दबी हुई यादो को उभारता है और वही हमें अभ्यास में दिखाई देता है. अभ्यास बनाए रखे और ध्यान रखे की जो दिखाई दे उसमे आपको कोई भी प्रकार का तर्क वितर्क अपने मन में नहीं आने देना है. जैसे की ये अनजाने चेहरे क्या है क्यों दिखाई दे रहे है आपको बस लगे रहना है बाद में आप और गहरे जाओगे तब शुन्यता की स्टेज भी मिलेगी.
      अभ्यास के best of luck keep visiting on sachhiprerna

    • निर्भर करता है की ये आपको कितना कण्ट्रोल करता है या फिर आपको इसकी कितनी जरूरत है. त्राटक सुबह 4-6 बजे करना सही है. आप सोते समय रिलैक्स होकर सोए. ऐसा नहीं की त्राटक करने वाले सम्भोग नहीं कर सकते लेकिन इसे सिर्फ आपके साधना के आड़े ना आने दे.

  3. सर जी बिंदू त्रातक में बिंदू 1रुपये शिक्के जितना तो बनाया लेकीन बिंदू के बिचो बीच लाल या पिल्ले कलर का एक छोटा बिंदू बनाये या नही

    • जरुरी नहीं है, अगर आपको अपनी एकाग्रता किसी अन्य बिंदु पर फोकस करनी है तो आप बना सकते है.

  4. Sir Tratak Sadhna khali pet kare ya khana khane ke baad bhi kar sakte hai. kripya karke bataiyega jaroor sir.

    • खाली पेट इसका अभ्यास बढ़िया है अथवा खाना खाने के कम से कम 3 घंटे बाद

  5. त्राटक जब शुरू करे तो कितनी देर तक करे पहले दिन फिर कैसे समय को बढ़ाय त्राटक से मनोकामना भी पूरी होती है क्या

    • त्राटक की शुरुआत आपके अनुकूल होनी चाहिए. अगर आप शुरू में 5 मिनट ही अभ्यास कर पा रहे है तो इतना ही करे. जैसे जैसे अभ्यास बढ़ता है समय की सीमा भी बढ़ने लगती है. त्राटक के जरिये हम अपने अन्दर बदलाव ला सकते है, जो चाहते है वैसा बन सकते है.

  6. Tratak karne wale kamre me roshni kitni chahiye or agar bulb lagate h to kis rang ka lagaye jab hum kaale bindu pe practice karte h sath me je bhi bataye k bindu tratak k kitne parkar h pehle se aakhri bindu tratak tak or kab karne h dhanybaad

    • त्राटक के बारे में पूरी जानकारी आपको यहाँ पर पोस्ट में मिल जाएगी. आपने सवाल पूछे है उनके जवाब यहाँ दे रहा हूँ

        त्राटक करने वाले कमरे में रौशनी माध्यम होनी चाहिए जैसी की आमतौर पर हम घर में CFL इस्तेमाल करते है. ध्यान दे की ये ना तो ज्यादा तेज हो जो आँखों में चुभे और न ही इतनी कम की आपको देखने में परेशानी हो.
        त्राटक के प्रकार है ना की बिंदु त्राटक के रही बात अलग अलग कलर के बिंदु इस्तेमाल करने की तो बता दे की ये निर्भर करता है आपके औरा क्षेत्र पर.

      आप जिस रंग का बिंदु प्रयोग में ला रहे है वो ये बताता है की आपका कलर और औरा किस तरह का है.

  7. Hello sir namskar sir meri ek problem hai .jab bhi me tratak krtha Hu toh sir meri body me energy mano kathm ho gyi ho sir ye problem mere tratak krne ki baadh ki hai
    Please sir help

    • थोड़ी और डिटेल से अपना अनुभव शेयर करे क्यों की जिस तरह के लक्षण आप बता रहे है उसके अनुसार आप किसी के साथ इस तरह के अनुभव या तो शेयर कर रहे है या फिर अभ्यास के साथ ही किसी तरह की हीन भावना से गुजर रहे है. कई बार ऐसा देखने में आता है की हम अभ्यास तो कर रहे है लेकिन मन नकारात्मक बातो से घिरा रहता है जिसकी वजह से उर्जा का बहाव ख़त्म होने लगता है.

  8. Sir namskar Mera matlb ye thaa ki sir muje tratak krthe hue 20 din ho gye hai. Sir me jab se tratak krna start Kiya Hu tab se meri body weak hoti jaa rhi hai. Or sir body me energy bhi nhi hai.sir me zym krtha Hu regular .but sir tratak start krne ke badh zym krne me problem ho rhi hai .zym itni ho nhi paati jitni tratak krne se phle krtha thaa .
    Ab sir muje kya krna chaiye.
    Please sir help me bahut presaan hu.please sir help

    • इसकी वजह आपके अन्दर आने वाला शारीरिक और मानसिक बदलाव हो सकता है. जब हम त्राटक का अभ्यास करते है तब हमारा शरीर और मन शांत और शिथिल होने लगता है. आप gym करते थे तब आपका शरीर तनाव और active रहता था जिसकी वजह से हम इसे आसानी से कर पाते है लेकिन त्राटक और धयन के अभ्यास के बाद हमें कुछ समय के लिए ऐसा लगता है जैसे शरीर में जान ना हो. ऐसे में हमें ज्यादा नींद आना शामिल है.
      अगर आपके साथ ऐया हो रहा है तो योगनिद्रा और सूक्ष्म शरीर का अभ्यास कर सकते है.

  9. Sar m do month se bindu taratk kar rhi hu lekin abhi tk mujhme koyi badlaw njr nhi aaya h or na dimag ke vichar kam hue h

    • आप थोडा डिटेल में शेयर की आप अभ्यास कैसे कर रही है और कैसे आपको दिक्कत आ रही है.

    • रोकने की जरुरत नहीं है धीरे धीरे ये वैसे ही कम होती जाती है.

    • पोस्ट पढ़िए सर सवाल करने से पहले पोस्ट एक बार अछे से पढ़ ले. बिंदु का साइज़ एक रूपये के सिक्के के आकार का होना चाहिए.

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