Trataka meditation के दौरान Thoughtless Awareness की स्थिति को कैसे प्राप्त करे ?

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कई बार हम ऐसी स्थिति का अनुभव करते है जिसमे एक ही जगह पर रहते हुए हम अनेकों जगह पर खुद के होने का अनुभव करते है. ध्यान के दौरान अनजाने मे ही इस तरह की स्थिति का अनुभव होता है जो की सुखद और दुखद दोनों तरह का अनुभव हो सकता है. इसे हम thoughtless awareness कहते है. निर्विचार की अवस्था मे जब पहुँचते है तब हम किसी एक जगह पर रहते हुए खुद को उस जगह से अलग महसूस कर सकते है. Trataka meditation खासकर candle or mirror gazing meditation ये ऐसी practice है जिसमे इसका अनुभव बेहद जल्द या अचानक ही महसूस किया जा सकता है.

ये एक deep inner peace की स्थिति होती है जिसमे हम भौतिक रूप से न रहते हुए अनुभव करते है. जब तक हम विचारो से जुड़े रहते है तब तक माइंड से जुड़े रहते है. किसी भी विचार के न होने का मतलब है निर्विचार या फिर No Mind state यानि ऐसी अवस्था जिसमे हम सिर्फ एक witness बन कर रह जाते है.

thoughtless awareness

ऐसी स्थिति मे हमे पता होता होता है की आसपास क्या हो रहा है लेकिन बिना किसी reaction और judgment के हम सिर्फ जो हो रहा है उसे होने देते है यानि non-judgmental state of witnessing की अवस्था. ये वो अवस्था है जो किसी भी कार्य को संभव बना सकती है. आइये इसके बारे मे विस्तार से जानते है और त्राटक मे इस स्थिति तक कैसे पहुंचे इसके बारे मे जान लेते है.

What is thoughtless awareness?

Indian culture मे मन की स्थिति को 4 अवस्था मे समझा जाता है. इन्हे हम state of human awareness के नाम से जानते है जैसे की

  1. जागृत : चेतन मन की अवस्था जिसमे भौतिक अवस्थाओ को महसूस करते है
  2. स्वप्न : जब हमारी चेतना सपनों को दुनिया मे होती है इसे dreaming state भी कह सकते है.
  3. सुषुप्ति : वो अवस्था जिसमे हमारी चेतना deep sleep मे होती है लेकिन ego और superego अभी भी हो.
  4. तुरया : thoughtless state beyond mind यानि होते हुए भी न होना

ऐसा माना जाता है की trataka meditation मे इस अवस्था को प्राप्त करना meditation की तुलना मे आसान होता है. ऊपर बताई गई 4 मे 3 अवस्थाए हम daily life routine मे जागते और सोते हुए महसूस करते है. अंतिम अवस्था को हम निर्विचार की अवस्था के नाम से भी जानते है.

ये वो अवस्था है जिसमे मस्तिष्क मे आने जाने वाले विचार एक अंतिम पड़ाव पर आ जाते है. पहले विचारो मे एक गैप बनता है और फिर ये गैप इतना ज्यादा हो जाता है की विचार महसूस होना बंद हो जाते है. अगर regular meditation practice की जाए तो एक समय के बाद हम निर्विचार की स्थिति मे पहुँच जाते है और इस अवस्था मे deep inner peace को experience करना शुरू कर देते है.

इस अवस्था को प्राप्त करने के लिए आपको त्राटक मे कुछ खास tips को follow करते हुए practice करना जरूरी है. सही तरह से की गई trataka meditation की practice आपको जल्दी ही तुरया अवस्था को हासिल करने मे मदद कर सकती है.

निर्विचार की अवस्था की जरूरत क्यो है ?

आपको पता होना चाहिए की निर्विचार की स्थिति के जरिये हम क्या कर सकते है और किसी भी अभ्यास मे सफलता के लिए इसका क्या महत्व होता है. जितनी भी मानसिक साधनाए है उनमे thoughtless awareness conscious होना पहली शर्त है. ऐसे कई अभ्यास है जिनमे ये आवश्यक है जैसे की

इन सभी अभ्यास मे निर्विचार होना पहली शर्त है. असल मे मानसिक अभ्यास और दूसरों से जुडने के लिए thoughtless awareness सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. अब जब जन गए है की इसका महत्व क्या है तो जान लेते है की त्राटक मे इसका अभ्यास किस तरह करे.

Thoughtless state in trataka

Thoughtless का मतलब बिना विचारो की स्थिति है. ये वो अवस्था है जिसमे न तो past न ही future से जुड़े हुए thought हमारे दिमाग मे घूमते है. हम सिर्फ present movement मे खुद को पाते है जो की निर्विचार रहने की सबसे पहली कंडिशन है. ज़्यादातर लोगो को लगता है की meditation के दौरान हमे unwanted intrusive thoughts को रोकने पर focus होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है.

ध्यान हो या trataka meditation इनमे आपको निर्विचार की स्थिति तक पहुँचने के लिए विचारो को रोकने पर फोकस नहीं होना है बल्कि thought को आते जाते observe करना है. जब हम बिना किसी reaction के सिर्फ observe करना शुरू कर देते है तो एक विचार से दूसरे विचार की कड़ी टूटने लगती है.

जब एक विचार पर किसी तरह का रिएक्शन ही नहीं होगा तो अनचाहे विचारो मे अपने आप कमी आने लगती है और हम खुद को कम उलझा हुआ पाते है. धीरे धीरे विचारो के बीच गैप आना शुरू हो जाता है और आगे चलकर यही गैप निर्विचार की स्थिति बन जाती है. आइये जानते है वो कौनसे tips है जिन्हे trataka meditation practice मे शामिल करे तो thoughtless awareness की स्थिति को हासिल करना आसान बन जाता है.

त्राटक का अभ्यास खाली पेट ही करे

त्राटक के अभ्यास के दौरान शरीर मे काफी मात्रा मे ऊर्जा बनती है. उस ऊर्जा का प्रवाह जब पूरे शरीर मे होता है तब शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव होते है जो हमे चैतन्य महसूस करवाते है. लेकिन अगर आप खाली पेट अभ्यास न करे भोजन के बाद त्राटक करते है तो ऐसा नहीं होगा.

जो ऊर्जा बनती है उसका सीधा असर भोजन पर पड़ता है और वो उसे पचाने मे busy हो जाती है. mindfulness meditation हो या trataka meditation ये अभ्यास हमे खाली पेट ही करने चाहिए. खाली पेट करने से जो ऊर्जा बनती है वो न सिर्फ पूरी बॉडी मे प्रवाहित होती है बल्कि हमारे पाचन तंत्र पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है.

हमारे शरीर की कांति को बढ़ाने मे इसका काफी बड़ा योगदान होता है. अगर आप नाश्ता या फिर भोजन करते है तो आपको कम से कम 1 से 2 घंटे रुक कर फिर अभ्यास करना चाहिए. इसकी एक सबसे बड़ी वजह ये भी है की त्राटक या ध्यान के दौरान हमारे शरीर की गतिविधि शिथिल हो जाती है खासकर साँसो की.

जब ऐसा होता है तब हमारे पाचन की क्रिया मंद पड़ जाती है और फिर भोजन को पचाने मे दिक्कत होती है. खाने के तुरंत बाद टहलने के लिए इसी वजह से कहा जाता है क्यो की इससे साँसो की गति बनी रहती है और भोजन अच्छे से पच जाता है.

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सीधे त्राटक के अभ्यास मे न बैठे

95% लोग ये गलती करते है. सुबह उठे और थोड़ी देर बाद ही सीधे trataka meditation का अभ्यास करना शुरू कर देते है. आपको ऐसा करने से बचना चाहिए. अगर अभ्यास से पहले 10 से 15 मिनट साँसो पर फोकस करे या प्राणायाम करे तो हमारे मस्तिष्क को जरूरी oxygen मिल जाती है जो की हमे conscious state मे लाने के लिए काफी है.

अगर आप सीधे ही अभ्यास शुरू करते है तो बिना किसी चेतना के प्रैक्टिस की वजह से मन न लगना, नींद आना, बार बार उबासी आना जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है. सुबह उठे और daily routine से फारिग होकर थोड़ी देर या तो खुली हवा मे घूमे या फिर प्राणायाम का अभ्यास करे. इससे शरीर मे आवश्यक चेतना बनेगी और आप अभ्यास के सही अनुभव ले पाएंगे.

विचारो मे मन न उलझे और आप जल्दी ही thoughtless awareness की स्थिति तक पहुंचे इसके लिए अभ्यास से पहले प्राणायाम करना बेहद जरूरी है.

त्राटक के लायक माहौल बनाए

हम अभ्यास मे जब बैठते है तब हमारा मन अच्छा होता है और अभ्यास को लेकर काफी सिरियस होते है लेकिन जब background से आवाज़े आनी शुरू हो जाती है तब हम चाहकर भी खुद को अभ्यास मे व्यस्त नहीं कर पाते है. बार बार कोशिश करने के बावजूद हमारा ध्यान भटकना शुरू हो जाता है.

त्राटक के अभ्यास के दौरान आसपास के माहौल को जितना शांत बना सकते है बनाए. इससे जब आप अभ्यास करेंगे तब विचारो के बीच गैप लाने मे कामयाब हो होंगे क्यो की तब आपका मन बाहरी शोर शराबे से प्रभावित नहीं होगा. अगर आप माहौल को अपने लायक नहीं नहीं बना सकते है तो बेहतर होगा की कानो मे कुछ लगा ले. इसके लिए आप earphone, headphone, ear-plug का इस्तेमाल कर सकते है.

ये बाहर के शोर को 90% तक कम कर देते है जिसकी वजह से आप अपना फोकस trataka meditation practice मे लगा सकते है.

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त्राटक के अभ्यास से पहले आंखो का व्यायाम कर लेना चाहिए

अगर आपने गौर किया होगा तो त्राटक के अभ्यास के दौरान सबसे पहले हमे जिस परेशानी का सामना करना पड़ता है वो है आंखो को शांत और स्थिर रख पाना. अभ्यास के दौरान आंखे या तो पथराने लगती है या फिर उनमे पानी की शिकायत बनने लगती है. अगर आप इससे बचना चाहते है तो आंखो का व्यायाम करना शुरू कर दे.

Trataka meditation के अभ्यास मे Thoughtless awareness की स्थिति मे जाने के लिए ये बेहद जरूरी है की आपकी आंखे स्थिर हो. मध्यम खुली हुई आंखे अभ्यास के लिए उत्तम मानी जाती है. ऐसी कई eye exercise है जिन्हे करने से हम आंखो को स्वस्थ्य बना सकते है. त्राटक मे इसे शामिल करने से आंखे स्थिर रखने मे मदद मिलती है.

खुली हुई आंखो की पुतली को ऊपर नीचे दाए बाए करने से इसकी नसे मजबूत बनती है. इसके बाद जब अभ्यास करेंगे तो आंखे पथराएगी नहीं और आप खुद को इस तरह के विचारो मे उलझने की बजाय dark intrusive thoughts को बड़ी आसानी से ignore करते हुए निर्विचार की स्थिति को प्राप्त करने लगेंगे.

त्राटक के दौरान विचारो को रोकने पर न उलझे

अभ्यास मे सफलता का एक ही मूल मंत्र है. जो हमारे अभ्यास मे जरूरी नहीं है उन्हे रोकने की बजाय ignore करे. जब हम ध्यान करते है तब हम ये मानते है की concentrate होने के लिए हमे विचारो को आने से रोकना है. हकीकत मे जब हम विचारो को रोकना शुरू करते है तो एक तरह से हम खुद को विचारो मे ही उलझाते है.

एक विचार हमारे मन मे आता है और हम उसे दूर करने के लिए दूसरे विचार को जन्म देते है. मन को हम एक ट्रेन की तरह मान कर चले तो रास्ते मे दिखाई देने वाले दृश्य विचार है. जब जाते हुए दृश्य पर हम खुद को व्यस्त रखते है तो हम उस एक जगह मे उलझ जाते है. इसके विपरीत जब हम बाहरी दृश्यों को बिना किसी interfere के देखते है तो हम खुद को एक पाते है.

हम कहने को तो उस ट्रेन मे होते है लेकिन फिर बाहरी दृश्य हमे प्रभावित नहीं करते है. विचारो के साथ भी ऐसा ही है जब इन्हे ignore करना शुरू कर देते है तब नए विचार बनना बंद हो जाते है और उनमे गैप बनने लगता है. ये गैप इतना बड़ा हो जाता है की हम निर्विचार की अवस्था मे पहुँच जाते है.

विचार सिर्फ तभी बनते है जब हम बीते या फिर आने वाले कल मे खुद को पाते है. अगर हम हर पल वर्तमान मे रहे तो विचार न के बराबर रह जाते है.

त्राटक के दौरान मंत्र का जप कर सकते है

ये हमारे मन मे आने वाले सबसे बड़े सवालो मे से एक है. क्या त्राटक के अभ्यास के दौरान मंत्र का जप किया जा सकता है ? किस मंत्र का जप करना सही रहता है और इससे हमे क्या फायदे मिलते है. हिन्दू धर्म मे ॐ mantra meditation का बहुत ज्यादा प्रचलन है. ऐसा माना जाता है की इस मंत्र का सबसे ज्यादा vibration हमारे body पर positive effect डालता है जिसकी वजह से जल्दी रिज़ल्ट मिलते है खासकर spiritual experience.

Tratak meditation exercise के दौरान अगर आप ॐ मंत्र का जप करते है तो आपको इसमे एकाग्र होने और अपने vibration raise करने मे मदद मिलती है. high vibration की वजह से हम खुद को अनचाहे विचारो से दूर रख पाते है और बहुत जल्द deep inner peace को experience को कहते है जो हमे thoughtless awareness के दौरान अनुभव होती है.

सिर्फ ॐ मंत्र ही नहीं कई और ऐसे मंत्र भी है जिनके जरिये हम खुद को अभ्यास के दौरान विचारो मे उलझने से बचा सकते है. तिब्बत मंत्र भी अपना positive effect डालते है.

Benefit of thoughtless awareness conscious

अगर आप spiritual journey मे आगे बढ़ना चाहते है तो आपको spiritual practice मे निर्विचार की स्थिति मे अभ्यास करना चाहिए. अगर हम इस अवस्था मे रहते है तो इसके बेहद बढ़िया अनुभव मिलने शुरू हो जाते है जैसे की

  1. Huge relief to the brain and the mind from being overloaded – मस्तिष्क अनचाहे विचारो मे नहीं उलझता है जिसकी वजह से हम खुद को शांत बनाए रख पाते है.
  2. Increased level of Focus – एकाग्रता बढ़ती जाती है.
  3. Deep healing of the body and mind, and better immunity – इस अवस्था मे हम खुद को बॉडी, माइंड और चेतन स्तर पर गहराई से heal कर सकते है. इसके अलावा किसी परिस्थिति को कैसे deal करना है ये भी समझने लगते है.
  4. Excellent stability of mind, clarity, and state of happiness – दैनिक लाइफ मे स्थिरता का अनुभव करना शुरू कर देते है.
  5. Sharper thinking & creative ability हमारे सोचने समझने की क्षमता मे बदलाव होता है और हम ज्यादा रचनात्मक बनते है.
  6. Reduction of ego & negative thoughts like anxiety & depression –अहम, नकारात्मक विचार, अवसाद इन सबसे राहत मिलना शुरू हो जाता है.

हम ये सभी फायदे अपनी लाइफ मे ले सकते है वो भी thoughtless awareness की स्थिति मे खुद को रखते हुए. जब भी trataka meditation का अभ्यास करे इन्हे follow करना न भूले.

Trataka meditation guide for thoughtless awareness

त्राटक के अभ्यास के दौरान निर्विचार की स्थिति को प्राप्त करना एक सुखद अनुभव होता है. इस अवस्था को प्राप्त करने के बाद ही हम spiritual journey की शुरुआत करते है. personal, mental और spiritual experience के लिए हमारा thoughtless awareness की स्थिति मे पहुँचना जरूरी है. अगर आपको trataka meditation के दौरान किसी तरह की समस्या आ रही है तो अभ्यास के दौरान खास टिप्स को ध्यान रखे ताकि practice मे help मिल सके.

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2 COMMENTS

  1. में बिंदू त्राटक 5 माहिनोसे 30 मिनिटं तक कर राहा हूं परंतु मुझे वो सिद्ध हो गया हे ये कैसे पता चलेगा… मुझे अबतक कूछ खास फायदे महसुस नही हु ये हें… आंखो के बीच हलकासा खिचाव बनता हे ये योग्य हे या अयोग्य, कृपया मार्गदर्शन किजीए धन्यवाद…

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