telepathic communication practice जिसके जरिये आप घर पर safe तरीके से इसका अभ्यास कर सकते है (Updated)

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क्या आपने कभी ऐसी घटनाओं पर गौर किया है जिसमे हम माध्यम यानि समाने वाले से कुछ समय के लिए जुड़ जाते है. हमें ऐसा लगता है जैसे कोई हमसे बात करना चाहता है और जब हम उसे कॉल करते है तब वो कहता है “अरे मै तो आपको ही याद कर रहा था” इस तरह के कनेक्शन को हम telepathic communication practice कहते है. ये एक जाना और अनजाना अभ्यास है जिसे हम उन लोगो के साथ ज्यादा महसूस करते है जिनसे भावनातमक रूप से हमारा जुड़ाव होता है.

सबसे ज्यादा telepathy in love में देखने को मिलती है जहाँ पर दो लोग एक दुसरे की बाते बिना कहे समझ लेते है. कुछ लोग जानना चाहते है की क्या telepathic communication practice alone at home safe है ? क्यों की इस तरह के अभ्यास में अगर आप संयम नहीं रखते है तो सफलता हासिल नहीं होती है. इसके अलावा आप मानसिक रूप से परेशान भी हो सकते है.

telepathic communication practice

अगर आपके मन में भी how to use telepathy को लेकर सवाल है तो इस पोस्ट को पूरा जरुर पढ़े क्यों की इसमें हम कुछ बारीक़ जानकारियां शेयर करने वाले है. घर पर telepathy test कैसे करे इस बारे में पूरा एक step guide यहाँ शेयर किया जायेगा.

Telepathic communication practice in Hindi

सबसे सरल और आसान तरीके से टेलीपैथी कैसे करे? telepathy between lovers जिसमे जल्दी सफलता मिलती है. क्या आप भी telepathic communication practice between friends and people करना चाहते है. टेलीपैथी की साधना जिसके द्वारा हम आसानी से घर पर अभ्यास कर सकते है.

हममे से ज्यादातर अपनी जिंदगी में इस तरह का अनुभव करते है की कुछ देर पहले ही हमने मन में विचार किया हो की हमारा खास दोस्त हमें फोन करने वाला है. और उसके कुछ देर बाद ही उसका फोन आ जाता है. ये example हम मे से हर कोई experience करता है.

इसके अलावा हमारे पास कोई आने वाला हो और उससे थोड़ा सा पहले ही हमें उसका आभास होने लगे. ऊपर दिए गए example हमारे daily routine में घटने वाली telepathy के सबसे ज्यादा होने वाले आभास है. टेलीपैथी में हमारा शरीर काम नहीं करता है इसमें काम करता है हमारा दिमाग और उसका अवचेतन हिस्सा . इसीलिए जब भी टेलीपैथी का अभ्यास करे मन को शांत और शरीर को शिथिल कर ले.

Telepathy को समझने के लिए इसे 3 भाग में बाँट लेते है

  • इसके होने का कारण / किस तरह ये की जाती है.
  • खुद की energy से इसे कैसे करे.
  • Telepathic communication practice के लिए सही विचारों का चुनाव और उसका तरीका.

Is Telepathic communication practice alone is safe and possible ?

Telepathic communication practice को समझने के लिए सबसे पहले human thought transfer process को समझते है. हमारा शरीर मानसिक तरंगो को ग्रहण कर सकता है ये possible है इसके aura से. और ये तरंगो को ग्रहण और सम्प्रेषण का कार्य करता है. इसलिए इसे ज्यादा से ज्यादा sensitive बनाने के लिए हमें मन की स्थिति को control करना पड़ता है.

जब ऐसा होगा तभी हमारी body ब्रह्मांड से आने वाले सिग्नल को receive करने लगती है. अगर आप अपने मन को कण्ट्रोल कर सकते है और मनचाहे आदेश में ढाल सकते है तो आप telepathic communication practice at home आसानी से कर सकते है. अगर इसका अभ्यास संयम और धैर्य के साथ किया जाए तो मुमकिन है की आप आसानी से इसे कर पाओ वो भी कुछ ही दिनों में लेकिन, दुरी कम से कम ले.

जहाँ तक बात है इस अभ्यास के safe होने की तो बता दे की ये अभ्यास तब तक सुविधाजनक है जब तक आप इसे जबरदस्ती न करे. कई बार हम सही गाइड के बिना शुरुआत कर लेते है और बाद में जब अनुभव नहीं होते है तो हार मान लेते है. ये अभ्यास मानसिक स्तर के है और आपके मन को शांत करने के साथ साथ जितना हो सके संवेदनशील बनाना चाहिए.

टेलीपैथी में विचार-शून्यता क्यों

Telepathy में हम Thought को Electric सिग्नल के रूप में Transfer करते है. हमारा मस्तिष्क इस कार्य को Effective तरीके से तभी कर सकता है जब हमारा मन शांत हो उस स्थिति में ये आसपास तैरती तरंगो को महसूस करने लगता है.इसलिए जब भी Telepathy का अभ्यास करने जा रहे हो मन मस्तिष्क से विचारशून्य हो. Telepathic communication practice करने से पहले अपने मन को विचारशून्य जरूर बना ले.

जब तक आपका मन विचारशून्य नहीं होगा आप विचारो में भटकते रहेंगे. इसकी वजह से आपको सामने वाले की तरंगो को भी नहीं पकड़ पाओगे. जब बात आती है मानसिक अभ्यास की तो आपको खुद को सबसे ज्यादा ध्यान विचार-शुन्यता पर देना चाहिए. हम मन को जितना ज्यादा शांत रखेंगे उतना ही सूक्ष्म तरंगो को पकड़ने में आसानी रहेगी.

इसके अलावा इसका एक फायदा और भी है और वो आपके मन की स्थिति से जुड़ा हुआ है. जब आप खुद को विचार-शून्य कर लेते है तो आपके अन्दर संयम और धेर्य के गुण विकसित होने लगते है.

amazing Telepathic communication practice fact      

टेलीपैथी में हमारे भौतिक शरीर का कोई योगदान नहीं है क्यों की आप इसे भौतिक रूप से समझा ही नहीं सकते है. इसके लिए मन के Thought ट्रांसफर प्रोसेस को समझे. जिसमे हम बिना किसी माध्यम के एक दूसरे से मानसिक रूप से जुड़ते है. दूसरा मन की शक्ति अनन्त है जिसे जितना ज्यादा महत्त्व देंगे उसे उतना ही जाग्रत रख पाएंगे.

सिर्फ इंसानों ही नहीं जानवरों में भी इसका अनुभव देखा जा सकता है. बिना कुछ कहे किसी की भावना को समझ लेना भी एक तरह से telepathy ही है. खासकर ऐसे पालतू जानवर जिनके साथ आप काफी समय बिताते है वो आपके साथ भावनात्मक रूप से जुड़े रहते है.

Telepathic communication practice at home

आप घर पर आसानी से बिना किसी ज्यादा परेशानी के ये अभ्यास कर सकते है. इसके लिए आपको सबसे खास महत्वपूर्ण ध्यान देने वाली चीजों को समझना होगा और उन्हें फॉलो करते हुए आगे बढ़ना होगा. चलिए जानते है घर पर टेलीपैथी का अभ्यास करने के लिए आपको क्या करना होगा.

Telepathy में दो चीजे ध्यान रखे पहला आपके विचार साफ और Spontaneous यानि लगातार होने चाहिए दूसरा आपकी भावना शक्ति कमजोर नहीं पड़नी चाहिए.

#1. पहला चरण

Telepathy की Practice के पहले चरण में आपको अपने भौतिक शरीर को शिथिल करने की जरुरत है. जिसके लिए आपको एकांत चाहिए और एक मधुर मनोरम जहां विचारों को शुन्य किया जा सके ऐसा म्यूजिक होना चाहिए इसके अलावा आपकी एकाग्रता और भावना शक्ति मजबूत होनी चाहिए.

ये आपके द्वारा भेजी जाने वाली Electric Signal को Amplify कर देता है.

#2. Telepathic communication practice – दूसरा चरण

Telepathy का दूसरा चरण आपके प्राण शक्ति पर कार्य करता है इसके अनुसार आपकी प्राण शक्ति को अगर शरीर से Unblock कर दिया जाये यानि इसे मुक्त कर दिया जाये भावना शक्ति द्वारा और एक जगह पर Concentrate कर उसे विचारों के साथ भेज दिया जाये तो ये सबसे ज्यादा प्रभावशाली तरीका होगा आपके दूसरों से जुड़ने का.

दूसरे शब्दों में ये बिलकुल astral body की तरह होगा. शांत माहौल के कमरे में अपने मस्तिष्क को शिथिल कर ले ये अभ्यास चाहे तो लेट कर कर ले या बैठ कर दोनों ही स्थिति में आपके मस्तिष्क को विचारशून्य और भौतिक शरीर को शिथिल करना होता है.

अपने आपको विचारशून्य बना लेने के बाद जब हम प्राण शक्ति को एक जगह Concentrate कर लेते है तो हमारी आध्यात्मिक शक्ति बढ़ जाती है जिससे हम ज्यादा विचार शक्ति सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त होने लगती है और हम मानसिक रूप से जुड़ने लगते है.

इसी वक़्त अगर हम उस Person से जुड़े जो हमारी तरह की Condition में हो यानि उसका Cosmic Level बढ़ा हुआ हो तो Telepathy ज्यादा Better तरीके से होने लगती है.

Think Only About Receiver

इसी तरह से हम जिससे भी Telepathy के द्वारा जुड़ना चाहते है हमें सिर्फ उसका ही ख्याल होना चाहिए और वो हमसे Cosmic Level पर जुड़ा हो. ये कार्य तब ज्यादा अच्छे तरीके से होता है जब आप अभ्यास रात के 11 बजे के बाद करते है क्यों की इस वक़्त वो सो चूका होगा या फिर उसकी भौतिक गतिविधि मंद पड़ चुकी होगी.

आप चाहे तो भावना शक्ति से एक ही सन्देश बार बार दे कर उसे अपनी इलेक्ट्रिक सिग्नल भेज सकते है. ये आपके Thought Vibration के Principal पर कार्य करता है.

#3. Telepathic communication practice – तीसरा चरण

Telepathy के तीसरे चरण में पहुँचने से पहले के दो चरण में आप शरीर को शिथिल कर Subconscious मानसिक स्टेज पर पहुँच जाते है यहाँ आपको पता होता है की आप की शक्तियां क्या है. अपने शक्ति को पहचान कर उसे सही दिशा देने से आप मानसिक यात्रा का अनुभव कर सकते है. जब भी आप विचार सम्प्रेषण कर रहे होते है.

आपकी भावना शक्ति उस विचार को ज्यादा से ज्यादा दुरी तक भेज सके इसका भी ध्यान रखे जितनी ज्यादा आपकी Will Power Strong होगी आप विचारों को उतना ही दूर भेज पाएंगे.

कोशिश रखे की उस वक़्त आपके ऊपर मानसिक दबाव न बन पाए. एक विचार सोच ले जो आपको सामने वाले के पास भेजना है. याद रखे ये Thought छोटा और स्पस्ट हो. वर्ना आपको भेजने में प्रॉब्लम होगी और सामने वाला उसे Receive नहीं कर पाएगा. प्राणशक्ति को बढ़ाने के लिए पिरामिड ध्यान अवस्था सबसे बढ़िया है.

दो लोगो के बिच telepathy का अभ्यास कैसे करे ?

दो लोगो के बिच telepathic communication practice करने के लिए आपको सबसे पहले तो ऐसे लोगो का चुनाव करना चाहिए जो एक ही मत पर सहमत हो सके. जिनके विचार आपस में मिलते है उनके साथ अभ्यास में जल्दी सफलता मिलने के आसार होते है.

  • शांत माहौल वाली जगह का चुनाव करे. आप चाहे तो एक ही घर में 2 अलग अलग कमरों का चुनाव कर सकते है.
  • अपने दोस्त को एक ही टाइम पर सोने और उठने के टाइमर के लिए बोले.
  • जब अलार्म लग जाए और आपको उठाना हो तो उसके 10 मिनट बाद का एक और अलार्म लगा दे.
  • वापस सो जाए और इस बार आपको चैतन्य रहते हुए सिर्फ अपने दोस्त और उसके आसपास के माहौल की कल्पना करनी है.
  • practice के दौरान आप चाहे तो कुछ ऐसे सुझाव तैयार कर सकते है जो आपको भेजने है लेकिन आपके दोस्त को पता न हो.
  • इस अभ्यास को 15-30 मिनट ही दोहराए.

practice के बाद आप सो जाए और जब उठे तो अपने दोस्त को पूछे की उनका अनुभव कैसा रहा, क्या उन्हें किसी तरह की आवाज सुनाई दी ? अगर आपका दोस्त बताता है की हाँ वो उस समय आपको अनुभव कर रहा था तो समझ ले की telepathic communication practice में सफल रहे है.

ध्यान दे : ज्यादातर लोग जिससे सम्पर्क करने की कोशिश करते है उसका नाम पुकारने का सुझाव रखते है. ये गलत है क्यों की जब आपका दोस्त आपके साथ अभ्यास करता है तब उसे ये आभास होने लगता है की आप उसका नाम पुकारोगे. इसी वजह से उसे इसका आभास सपने में और जागने के बाद होता है.

What to do after telepathy practice at home

Telepathy के अभ्यास के बाद योगनिद्रा जरूर ले ये आपकी थकान मिटा देती है और आपके ऊपर जो मानसिक दबाव बनता है उसे कम करती है. इसके अलावा आपकी प्राणशक्ति को ज्यादा से ज्यादा store करने का काम करती है.

टेलिपेथी एक विज्ञान है और मानव मस्तिष्क और मन की रचना. इसका अगर सही इस्तेमाल अभ्यास द्वारा किया जाये तो हम प्रकृति के कई रहस्य उजागर कर सकते है क्यों की मानव मन अनलॉक होते ही आप आम से खास और आपकी मन की शक्तिया असीम हो जाती है. जरुरत है तो बस धैर्य के साथ नियमित अभ्यास की Ghar Par Telepathy Ka Abhyas करने के लिए बस ऊपर दी बातो का ध्यान रखे और जुड़िये अपनों के साथ.

What is telepathy hypnosis?

ये एक ऐसी अवस्था है जिसमे हम अपने सुझाव में इतना बदलाव करते है की वो माध्यम के दिमाग में एक सम्मोहन जैसी स्थिति पैदा कर देता है. सामान्य भाषा में बात करे तो वशीकरण करना या फिर दूर से ही वशीकरण कर देना ये सब telepathy hypnosis के उदाहरण है. इस अवस्था में सुझाव की जगह कमांड माध्यम तक भेजते है और उस पर गहरा असर डाला जाता है की उस पर एक तरह का सम्मोहन असर करने लगता है.

इस तरह का telepathic communication बेहद एडवांस स्तर का होता है. माध्यम तक विचार को भेजना और सिर्फ भेजना ही नहीं बल्कि उसके दिमाग पर उसका गहरा असर डालना जिसकी वजह से वो उसके अनुसार काम करने लगे इसके जरिये संभव है. इस स्तर तक पहुँचने के लिए आपको कड़ी मेहनत और सतत अभ्यास की जरुरत होगी.

Telepathic communication between people – final word

लोगो के बिच बातचीत होना और उनके बिच इसका कनेक्शन बन जाना ये सब मासिक स्तर का काम है जो हमारे subconscious mind की वजह से किया जाता है. अगर आप भी इस तरह के telepathic communication practice at home का simple method देख रहे है तो इस अभ्यास को कर सकते है. ध्यान सिर्फ इतना रखना है की अभ्यास जबरदस्ती न हो जिसकी वजह से मानसिक दबाव न झेलना पड़े.

अगर आपने इस तरह का अभ्यास कभी किया है और अनुभव प्राप्त किये है तो कमेंट में जरुर बताए. हमारे pdf बुक्स में से एक बुक्स जो most powerful vashikaran method  में से एक vashikaran by name and photo pdf books in hindi  को पढना न भूले. इस पुस्तक में वैज्ञानिक तरीके से वशीकरण को समझाया गया है.

12 COMMENTS

  1. आपने टेलीपेथी के बारे मे बहुत अच्छा वर्णन दिया है

    • सर जी क्या टेलीपेथी के बाद त्राटक भी करना चाहिए

      • निर्भर करता है आपके अभ्यास पर normally नही. क्यों की telepathy के अभ्यास में मानसिक थकान भी हो जाती है

  2. टेलीपैथी सौ फ़ीसदी काम करती है – राजेन्द्र

  3. Sir my uncle is missing since 25 January 2017. I want to learn tellypathy to contact him. Will it help? And in how much time I can learn it. Plzz help sir.

  4. बहुत अच्छी जानकारी दी आपने, काफी दिनों बाद ऐसी पोस्ट पढ़ने और समझने का मौका मिला। आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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