Spiritual Bypass कही आप भी आध्यात्म के पीछे अपनी जिम्मेदारियों से तो नहीं भाग रहे है ?

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Spiritual development की प्रक्रिया के दौरान हमें कई बार ऐसे experience होते है जिसमे हमें लगता है की हम आगे बढ़ते जा रहे है लेकिन, वास्तव में ये एक तरह का जाल होता है. हम spiritual awakening की process को अपनी लाइफ का हिस्सा बनाते है ताकि हम आगे बढ़ सके लेकिन कुछ परिस्थिति ऐसी आती है जिससे बचने के लिए हम विचारो की एक दीवार बना लेते है. हम इसे आध्यात्म का नाम देते है मगर ये आध्यात्म नहीं बल्कि spiritual bypass होता है. इसके symptom and types को समझ कर हम दैनिक जीवन में की जाने वाली उन गलतियों को सुधार सकते है जो हमें spiritual path से दूर करती है.

Spiritual master’s इसे dark shadow of spiritual experience का नाम देते है. ये एक ऐसा spiritual depression है जिसे seeker अपनी personal and social responsibility से बचने के लिए इस्तेमाल करते है. आध्यात्म खुद को जानने का सबसे अच्छा माध्यम है लेकिन जब हम अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिए आध्यात्म को इस्तेमाल करना शुरू कर देते है तब हमें इसे side effect देखने को मिलते है.

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ये एक ऐसी कंडीशन है जिसमे हम emotion को दबाने के लिए आध्यात्म को इस्तेमाल करना शुरू कर देते है. किसी तरह के तनाव को दर्द को या दुःख को समझने की बजाय हम उसे ये कह कर दबा देते है की ये आध्यात्म में बुरा है. किसी भी तरह की स्थिति को समझने की बजाय उससे दूर भागना या ignore करना ही bypass कहलाता है. इस पोस्ट में बात करते है ऐसे ही कुछ symptom की जिसमे हमें लगता है की हम आध्यात्म के शिखर पर है लेकिन हकीकत में एक trap में फंसे होते है.

इस पोस्ट में हम निम्न बातो को जानने वाले है

what is spiritual bypassing in Hindi

ऐसी कंडीशन जिसमे हम अपने personal or psychological issues को avoid  करने के लिए spiritual practice का सहारा लेते है spiritual bypassing कहलाती है. ये एक तरह से spirituality को एक तरह से defense mechanism की तरह इस्तेमाल करता है ताकि unpleasant emotions से बचा जा सके और अपने ईगो को protect कर सके.

वैसे तो ये बुरे विचारो और कर्मो से बचने का एक अच्छा माध्यम है लेकिन, इसे सही तरह से सा इस्तेमाल ना किया जाए तो एक और कंडीशन पैदा हो सकती है जिसे trap of spiritual bypassing कहते है. ये एक तरह का spirituality’s shadow है जो की एक अच्छी practice का side effect होता है.

इस term का सबसे पहले पता एक psychologist John Welwood in 1984 ने लगाया. वो transpersonal psychology, which integrates spirituality and psychology को लेकर अपने काम को जाने जाते थे. उन्होंने पाया की उनके आसपास कुछ ऐसे buddist sangha थे जो spiritual bypassing को unresolved emotional issues and psychological wounds से बचने के लिए इस्तेमाल कर रहे है. जैसे की

मान लीजिये साधक के मन में काम भावना पैदा होती है और वो इससे बचने के लिए मन को तर्क देता है की काम भावना का आध्यात्म में आना अच्छा नहीं है.

अब आपने ये तो समझा दिया की ये अच्छा नहीं है लेकिन इसके पीछे के ज्ञान को समझने की कोशिश नहीं की. आप इस बात से पीड़ित थे और इस issue से बचने के लिए आपने इसका सहारा ले लिया. वास्तव में यही एक trap of spiritual bypassing था जिसमे आप फंसते चलते गए.

When Spirituality Becomes Shtick

Shtick एक Yiddish word है जिसका मतलब है “bit” or “piece.” ये एक routine होता है जो की साधक की लाइफ के daily routine के कार्य का एक हिस्सा बन जाता है. ऐसी कंडीशन में जब spirituality as a shtick को इस तरह इस्तेमाल किया जाता है की हम दुःख से बाहर निकलने और समझने के बजाय उससे दूर रहना शुरू कर देते है.

जब एक व्यक्ति किसी तरह के दुःख को समझने और उससे बाहर निकलने की बजाय उससे बचने की कोशिश करना शुरू कर देता है तो वो spiritual practice नहीं करता बल्कि trap of spiritual bypassing में फंस जाता है. वो खुद को एक spiritual person की तरह इसमें लपेट लेते है और किसी भी चीज को समझने की बजाय खुद को उससे दूर कर लेते है.

ये किसी तरह की true spiritual practice का हिस्सा न होकर shtick बन जाती है और हमें इसका अहसास जब होता है तब तक बहुत देर हो जाती है. जब ऐसा होता है तब हम अपने negative emotion को repress करना शुरू कर देते है, उन्हें honestly solve करने की बजाय हम उन्हें अपने subconscious mind में दबाते रहते है. ऐसा करने से आप उन्हें ख़त्म नहीं कर रहे बल्कि बार बार दिमाग में उसी तरह के negative thought को सोचता रहता है.

किसी भी प्रॉब्लम को फेस कर हैंडल करने की बजाय हम उनसे दूर भागने लगते है और इस तरह की limitation को हम अपने आसपास एक दीवार खड़ी कर लेते है और लोगो को खुद से दूर करने की कोशिश करने लगते है. आइये बात करते है कुछ खास symptom of spiritual Bypassing के बारे में.

Symptoms of Spiritual Bypassing

Robert Augustus Masters ने अपनी book में symptoms of spiritual bypassing को काफी अच्छे से explain किया है. उनके अनुसार इसके कुछ लक्षण है जैसे की exaggerated detachment ( जरुरत से ज्यादा लोगो से खुद को दूर कर देना ), emotional numbing and repression ( भावनातमक रूप से खुद को बार बार कमजोर पाना ), overemphasis on the positive ( सकारात्मक सोच पर जरुरत से ज्यादा सहानुभूति करना ), anger-phobia ( गुस्से से खुद को दूर रखने की कोशिश करना ), Blind or overly tolerant compassion ( कम टाइम में खुद का आपा खो देना ), weak or too porous boundaries ( बेहद कमजोर सीमओं में खुद को बांध लेना ), lopsided development ऐसे ही कुछ symptom है जो हमें बताते है की हम spiritual bypassing का शिकार है.

अगर आपकी spiritual practice आपके personal relationship के ऊपर हावी हो रहा है खासकर आपके अपने करीबी लोगो जैसे माता पिता या कोई भी और करीबी रिश्तेदार जिसके साथ आपके रिश्ते सिर्फ इसलिए कमजोर पड़ते जा रहे है क्यों की आप खुद को spiritual practice quest में खुद को खोते जा रहे है.

आप अपनी जिंदगी में आध्यात्म को शामिल नहीं कर रहे है बल्कि उसे एक दीवार की तरह इस्तेमाल कर रहे है जो लोगो को आपसे दूर कर रही है. ये आपके लिए कभी सही नहीं था और न ही होने वाला है इसलिए समय रहते आपको इससे बाहर निकलने की जरुरत है. कुछ केस में आप खुद को इस ट्रैप में इतना खो देते है की spiritual practice आपके लिए enlightenment fantasy बन कर रह जाती है.

Types of spiritual bypassing

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spiritual practice experience हमेशा अच्छे हो ऐसा जरुरी नहीं, कई बार अभ्यास के दौरान हम भ्रम की स्थिति में फंस कर रह जाते है. spiritual bypassing types को हम अलग अलग तरीके से समझ सकते है. जिंदगी में हम जो अनुभव करते है उनमे से कुछ को जान कर भी ना समझने की कोशिश करना इसके अंतर्गत आता है. आइये जानते है कुछ ऐसे ही प्रकार के बारे में जो आपकी जिंदगी का हिस्सा बन चुके है और आप इससे अनजान है.

#1. The Optimistic Bypass

हम अपनी लाइफ में ऐसे लोगो से संपर्क में जरुर में आते है जो negative situation में भी हंसने पर जोर देते है. ऐसे लोग जो Be positive and see the glass half full जैसे thoughts पर जोर देते है वो सिर्फ इस तरह के विचारो को सिर्फ भरने की कोशिश करते है, कभी ये कोशिश नहीं करते है की इसका महत्व क्या है. दुसरे शब्दों में कहे तो

ऐसे लोग जो negative emotion से deal नहीं कर पाते है वो इससे बचने के लिए खुद को सकारात्मक विचारो की तरफ खुद को धकेलते है.

यहाँ पर आपका आध्यात्मिक होने का उदेश्य क्या है ? negative thoughts से खुद को बचाना ना की आध्यात्मिक होना. बुरे विचारो से बचने के लिए खुद को आध्यत्मिक नजरिये में बदल लेना optimistic bypass कहलाती है.

 #2. The Aggrandizement Bypass

ऐसे लोग जो spiritual enlightenment को experience करना चाहते है खुद को दीवारों ( विचार ) के पीछे छिपा लेते है. अपनी कमियों को समझने की बजाय उन्हें छिपाने की कोशिश करना और खुद को विचारो की सीमा में कैद कर लेना इसका हिस्सा है. ऐसा ज्यादातर वो लोग करते है जो खुद को आध्यत्मिक अनुभव में यानि spiritual practice experience में आगे बढ़ता हुआ देखना चाहते है.

#3. The Victim Bypass

ऐसे लोग जिन्हें लगता है की उन्हें दुसरे लोगो से कुछ चीजे अलग बनाती है. कुछ लोगो के पास god gift होता है जो उन्हें दुसरो से अलग बनाता है. दुसरो को दुःख में देखकर दुखी हो जाना या फिर किसी को दुखी देखकर बिना उसके बारे में जाने उसकी मदद करने को तैयार जाना ऐसी कुछ लोगो को नेचर होती है. इन लोगो के अन्दर empathy quality होती है.

जब ऐसा होता है तब हम अपनी लाइफ को संतुष्टि से जी नहीं पाते है क्यों की हमारा फायदा उठाया जाता है. हमें लगता है की हम ऐसे हम इसी वजह से दुखी है. जैसा की आमतौर पर लोग सोचते है

भले और भोले लोगो के साथ ही हमेशा धोखा क्यों होता है ?

ऐसे लोग trap of spiritual bypass का शिकार हो जाते है और विक्टिम बन कर रह जाते है. हकीकत में ऐसा नहीं होता है लेकिन इस टाइप की नेचर का लोगो द्वारा अपने मतलब को पूरा करने के लिए फायदा उठाते रहने की वजह से लगता है की वो भोले है जिसकी वजह से उनका फायदा उठाया जा रहा है.

#4. The Psychonaut Bypass

महादेव के भक्त है इसलिए भांग, गांजा और दुसरे नशे करने वाले लोग आपने काफी देखे होगे. ऐसे लोगो की कमी नहीं जो भगवा या साधू वेश में घूमते है और शाम के समय चिलम या दूसरा नशा फूंकने लगते है. इसके पीछे उनका मानना है की ये उनके देवताओ ने भी ग्रहण किया था जिसकी वजह से ये एक प्रसाद की तरह है. क्या वास्तव में ऐसा ही है ?

नहीं ! ऐसे लोग अपनी हकीकत और दुःख भरी जिंदगी से दिनभर भागते है और शाम होते ही सभी दुखो को भुलाने के लिए ऐसे नशे करते है जो reality को कुछ समय के लिए छिपा देते है और इस दौरान वो अपनी बनाई दुनिया में खो जाते है. ये एक तरह का illusion होता है. ये लोग खुद को spiritual seeker मानते है लेकिन असल में होते है psychonaut क्यों की उनके लिए अपनी बनाई दुनिया महत्व रखती है.

नार्मल लाइफ की बात करे तो मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोग डॉक्टर द्वारा ऐसी दवाई लेते है जो कुछ समय के लिए mind, the soul and reality को expand कर देते है. दिमाग को अचेतन अवस्था में ले जाने वाली ये दवाई psychologist द्वारा काफी इस्तेमाल की जाती है. मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोग इन्हें दवाई की तरह इस्तेमाल करते करते जब ठीक हो जाते है तब भी उन्हें इसकी तलब लग जाती है क्यों की ये उस लाइफ के आदी हो जाते है.

#5. The Horoscope Bypass

आप में से कितने लोग ऐसे है जो हर रोज सुबह सुबह अपना राशिफल यानि horoscope देख कर दिन कर के काम शुरू करते है. अगर राशिफल अच्छा है तो दिन भी बढ़िया निकलता है नहीं तो पूरा दिनभर हम खुद को परेशानी से घिरा हुआ पाते है. सिर्फ राशिफल को देखकर अपने दिन को निर्धारित करना आपके horoscope bypass को दर्शाता है.

हम अपने अन्दर की inner wellsprings of wisdom and strength को खो देते है और external predictions पर depend हो जाते है क्यों की हमें खुद पर विश्वास नहीं होता है. इसकी वजह fear and mistrust of ourselves होता है जो हमें बाहरी माध्यम से कण्ट्रोल होने पर मजबूर करता है. हमारी Inability to make decisions, and our inability to deal with anything हमें ऐसा करने के लिए मजबूर कर देती है.

#6. The Saint Bypass

जब हम बच्चे थे हमें तब से सिखाया जाता आ रहा है की spiritual people यानि साधू और संत अच्छे और आध्यत्मिक होते है. बड़े होने के साथ हमें ये समझ आने लगता है की उनका सिर्फ एक ही पहलू है और वो है spiritual क्यों की किसी तरह की कमी उन्हें nonspiritual बनाती है. “black and white side of spiritualism” के बारे में खुद की राय बनाना हमें saint bypass का शिकार बनाता है.

हमारी सोच हमेशा एक ही विचार से कण्ट्रोल होना शुरू हो जाती है और वो है साधू लोगो का कोई negative side नहीं होता है. ये एक तरह से एक इन्सान के दुसरे पहलू को पूरी तरह नकार देना है. हर इन्सान के दो पहलू होते है अच्छा है तो बुरा भी है और बुरा है तो अच्छा भी होगा लेकिन सोच बनाकर एक पहलू को नकार देना ये शो करता है की हम saint bypass के ट्रैप में फंसे हुए है.

#7. The Spirit Guide Bypass

किसी बाहरी माध्यम पर खुद को इतना ज्यादा निर्भर कर लेना की हम अपनी शक्ति को ही भूल जाये एक तरह का classic spiritual bypass का लक्षण है. इस स्थिति में हमें लगता है की God, angel, animal spirit or spiritual guide हमें protect कर रहे है. ऐसा सोचना हमारे दिमाग को एक शांति प्रदान करता है लेकिन हमारी आत्मा के लिए ऐसा करना नुकसानदायी हो सकता है.

हम हमारा विश्वास एक बाहरी शक्ति पर रखते है जो हमें नुकसान पहुँचाने वाली हर चीज से दूर रखती है. ऐसा करना avoiding responsibility for ourselves and our lives की वजह बन जाता है और हम खुद को स्ट्रोंग बनाने की बजाय बाहरी माध्यम पर निर्भर हो जाते है.

ऐसा करना हमें अपने spiritual character को strong बनने से रोकता है. विश्वास बुरी बात नहीं है लेकिन जब किसी भी चीज की अधिकता हो जाती है तब हम इसके side effect से जूझना शुरू कर देते है.

#8. The Praying Bypass

जब भी हम मुसीबत में होते है इश्वर से हम प्राथना करते है की वो हमारी सभी परेशानियों को दूर कर दे. ये एक तरह से classic spiritual bypass का ही हिस्सा है. Pray to God हमें मानसिक रूप से healthy बनाता है लेकिन ऐसा करते समय हमें खुद पर भी believe होना चाहिए.

#9. The Guru Bypass

एक spiritual guru, guide का होना हमारे लिए आध्यात्म में आगे बढ़ने के लिए बेहद मायने रखता है लेकिन इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है की आपको कोई भी प्रॉब्लम हो और आप अपने गुरु को माध्यम बना कर उनसे बचने की कोशिश करे. गुरु भी एक बाह्य माध्यम है जब तक की आपकी अपनी अंतर चेतना जाग्रत न हो जाए.

ऐसी परिस्थिति जिसमे आप अपने अंतर्मन से जुड़ने की बजाय अपने गुरु पर निर्भर हो जाए एक another type of spiritual bypass का symptom है. एक गुरु आपको सिर्फ रास्ता दिखा सकता है आपकी समस्या को दूर नहीं कर सकता जब तक की आप खुद कोशिश न करे.

#10. The Finger-Pointing Bypass

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है जब आपके अपने करीबी दोस्तों के व्यवहार की वजह से आपको उनपर गुस्सा आया हो और आप इसमें इतना पागल हो गए की अपना आकलन करना भूल गए हो. दुसरो के दोष को देखते देखते हम अपनी responsibility से दूर होते चले जाते है. ये भी एक तरह का symptom of spiritual bypass है.

ऐसा होने पर हम जब भी कोई गलती करते है तो उसे सुधारने की बजाय ये सोचते है की दुसरे भी तो करते है. उसने कर दी तभी मेने की इसमें कौनसी बड़ी बात है. इसके बाद हम सिर्फ गलत बातो पर ही विचार करते रहते है और धीरे धीरे खुद की जिम्मेदारियों से भागना शुरू कर देते है.

अगर ऊपर दिए गए top 10 symptom of spiritual bypass में से आप किसी एक को भी experience कर रहे है तो समय है इसे सही करने का. इसके लिए आप कुछ tips को follow कर सकते है.

How to avoid spiritual bypassing

  • Spiritual and Self-Developmental information: इस तरह की समस्या को दूर करने के लिए आपको seminar attend करने चाहिए, बुक्स पढनी चाहिए, योगा और मैडिटेशन जैसे powerful tools का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा आप spiritual development को लेकर खुद की नॉलेज को जितना बढ़ा सकते है बढाइये.
  • आपकी लाइफ में अगर किसी तरह का दर्द है तो उसे छुपाने की बजाय ट्रीट करना सीखे. जितना आप अपने इमोशन को दबाने की कोशिश करते है उतना ही वो आपके दिमाग में बार बार negative thoughts से भरने लगते है. कई बार हम spiritual bypassing के जरिये खुद के आसपास इस तरह की दीवार खड़ी कर लेते है की खुद को दुसरो से अलग कर लेते है.
  • अपने आसपास के लोगो को पहचाने. जो लोग सिर्फ आपका फायदा उठाना चाहते है उन्हें खुद से दूर करना शुरू कर दे. ऐसे लोगो की पहचान करना काफी आसान है क्यों की वे सिर्फ आपको निचा देखना चाहते है. ऐसे लोगो के साथ रहे जो आपको हर हाल में समझते है और आपकी तकलीफ को समझ कर आपको सही दिशा में ले जाने की कोशिश करते है.
  • आध्यात्म को अपने आकलन के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रयोग करे ना की जिम्मेदारी से भागने के लिए.
  • किसी भी बाहरी माध्यम को अपनाकर उस पर निर्भर ना बने कोशिश करे की आपके अन्दर के spiritual guide को activate कर पाए.

अपनी problems से दूर भागने की बजाय अपने दोस्तों के साथ शेयर करे जिससे की वो आपको सही गाइड करे. इससे आप spiritual bypassing का शिकार नहीं होंगे. ऐसे ही टिप्स को फॉलो कर आप trap of spiritual bypassing से बाहर निकल सकते है.

spiritual bypassing my own word

spiritual bypass आध्यात्म का वो shadow side है जिसमे हम आगे बढ़ने की बजाय एक trap में फंस जाते है. हमें लगता है की हम सही कर रहे है लेकिन असलियत में हम जिम्मेदारियों और सही पहलू को समझने की बजाय उनसे दूर भागने लगते है. ऐसे लोग अपने आसपास एक दीवार बना लेते है जो उन्हें दुसरो से अलग कर देती है. सही समय पर इसकी पहचान करे और इससे बचे.

अगर आपको भी इस तरह के बदलाव खुद में महसूस होते है और आप खुद को स्ट्रोंग बनाने की बजाय ऐसे सोर्स का इस्तेमाल करते है जो दुसरो को आपसे अलग करते है तो आप प्रॉब्लम में फंसे हुए है. spiritual practice का सही मतलब समझे और आगे बढे ना की किसी तरह के भ्रमजाल में फंसे.

पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए. 2 मिनट का समय निकाल कर इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे.

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