सही समय पर spiritual growth in children देने के फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे – 2020 Updated

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एक पैरेंट के तौर पर आप क्या सोचते है की आपके बच्चे में कौनसी quality होनी चाहिए ? हर माँ बाप यही चाहते है की उनके बच्चे खुद जिम्मेदारी लेना सीखे और हर मुश्किल का सामना खुद करे. अगर बच्चो को सही समय पर सही सलाह और quality development के बारे में सिखाया जाए तो वे खुद को आगे ले जा सकते है. इस तरह की परवरिश को spiritual growth in children के नाम से जाना जाता है जो बच्चो में खास तरह के गुण पैदा करती है. ये उन्हें लाइफ में अपने मकसद को समझने में मदद करती है.

spiritual growth in children

बच्चो को सही उम्र से self-dependent बनना सीखाना चाहिए. लाइफ में आने वाली किसी भी समस्या का समाधान कैसे करना है ये सीखना चाहिए और ये तभी संभव है जब हम बच्चो को खुद फैसले लेना सिखाए. आजादी देना अच्छी बात है लेकिन जिम्मेदारी भी आजादी के साथ ही आती है. जब हम ये बात समझना शुरू कर देते है तो लाइफ में आने वाली ज्यादातर मुश्किलों का सामना करने में सक्षम बन जाते है.

What is spiritual growth in children

Spiritual growth कुछ ऐसी quality है जो हर बच्चो में होनी चाहिए. सही परवरिश और वक़्त पर दी गई सही सलाह उनके भविष्य को तय करती है. बच्चे बेहद जल्दी किसी भी चीज और गुण को सीख सकते है जिसकी वजह से हम उन्हें वैसा ही बना सकते है जैसा वे सोचते है.

कुछ खास तरह के गुण जो बच्चो को आगे बढ़ने में मदद करते है और उन्हें सही तरीके से विकसित होने में मदद करते है. इस तरह की quality उन्हें spiritual path पर आगे बढ़ने में मदद करती है और लाइफ में आने वाली हर problem को दूर करती है. आइये जानते है कुछ ऐसी ही quality के बारे में जो हर बच्चे में होनी चाहिए.

1. सोच में लाए एक बदलाव

हम अपनी लाइफ में हमेशा उन चीजो के लिए अफ़सोस करते है जो हम नहीं कर पाए या नहीं कर सकते लेकिन, क्या आपने कभी उन activity पर अफ़सोस जाहिर किया जो आपने अपने past में की है ? एक बुजुर्ग व्यक्ति की कही कुछ बाते हमें काफी कुछ सीख दे जाती है. उनके अनुसार

“हम हमेशा उन चीजो के लिए अफ़सोस करते है जो हम नहीं कर सकते लेकिन उन चीज़ो के लिए कभी अफ़सोस नहीं करते जो हम कर चुके है या कर रहे है. जिंदगी के अनुभव उनमें है जो आप कर चुके है उनमें नहीं जो आप नहीं कर सकते है.”

उनकी कही ये बाते हमारी लाइफ में काफी फिट बैठती है. हम न होने वाली गतिविधियों में उलझ कर रह जाते है जब की जो हो रहा है उस पर ध्यान नहीं दे पाते है. हम जो कर चुके है उससे काफी कुछ सीख सकते है फिर चाहे आगे चलकर वो हमारे लिए काम करे या न करे लेकिन इन सबसे हम कुछ न कुछ सीखते जरुर है.

बच्चो को शुरू से अगर हम ये सिखाना शुरू कर दे तो वो कभी किसी बात के लिए परेशान नहीं होंगे.

2. ऐसा दिमाग जो सबकुछ accept कर सके लेकिन किसी से attach ना हो

Universal Law of attraction के अनुसार हम जैसा सोचते है वैसा ही बन जाते है. ज्यादातर लोग इस बात को जानते है लेकिन इसके पीछे की secret को लेकर आज भी अनजान है. इसकी वजह कुछ भी हो सकती है लेकिन सोचना हमारे दिमाग का काम है.

क्या होगा अगर हम कुछ नया कुछ creative सोचना बंद कर दे ? ये एक बर्बादी होगी हमारे इन्सान होने की क्यों की सिर्फ इन्सान ही है जो सोच सकता है. हमारा सबसे बड़ा हथियार है हमारी सोच जो हमें बाकि सबसे अलग करती है. हमारा दिमाग हमेशा सोचता रहता है लेकिन हम इसे सिर्फ कुछ specific ideas से ही भरते रहते है या फिर संकुचित सोच के चलते Infinite possibilities को ignore करते जाते है.

हमारा दिमाग एक Empty container की तरह है जिसमे कुछ भी भरा जा सकता है और खाली किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए आपका Open minded and un-attached to anything होना जरुरी है. हमारा Subconscious mind हमारे लिए नई संभावनाओं को खोजता रहता है लेकिन हम खुद इसके भरोसे को खो देते है जिसकी वजह से आगे नहीं बढ़ पाते है.

अगर आप चाहते है की बच्चे आगे चलकर stress और unwanted Dark intrusive thought से safe रहे तो उन्हें Open minded बनाए लेकिन किसी भी तरह के attachment में फंसने से रोके.

3. जो आपके पास है ही नहीं उसे छोड़ नहीं सकते है

शायद ये थोडा अजीब लगे लेकिन जब हम अपने अतीत में झाकते है तो पाते है की विपत्ति बहुत बड़ी थी लेकिन हमने उनका जिस तरह सामना किया वो हमें काफी कुछ सीखा गया. परेशानी हर किसी की लाइफ में आती है लेकिन हम उनपर किस तरह प्रतिक्रिया करते है ये महत्वपूर्ण है.

मुसीबत के समय हम दो तरह से इनका सामना करते है.

  • पहला जो हो रहा है उसे accept कर लेते है और उनसे बाहर निकलने का तरीका खोजते है जो हमें मुश्किलों में आगे बढ़ने में हेल्प करता है.
  • दूसरा जो हो रहा है उसे सीधे तौर पर मान लेते है और वक़्त के हवाले छोड़ देते है. इसका मतलब ये नहीं की हम कोई प्रयास नहीं करते है. ऐसा करना हमें शांत और संघर्षशील बनाता है.

जब तक विपरीत हालात पैदा नहीं होते है तब तक हम कुछ भी सीख नहीं सकते है. हर विपत्ति हमें कुछ न कुछ सीख दे जाती है और आगे बढ़ने में इसका काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है. बच्चो को विपत्तियों में घबराने की बजाय शांत रहना और उनसे सीख ग्रहण करने लायक बनाए.

ऐसा करना उन्हें न सिर्फ आगे बढ़ने में हेल्प करेगा बल्कि वे खुद को spiritual path में भी आगे ले जा पाएंगे. विपरीत हालात में आगे बढ़ने का ये गुण spiritual growth in children के लिए जरुरी है.

4. silent होना बहुत कुछ सिखाता है

आपने कभी गौर किया है की म्यूजिक में जो गैप होता है वही म्यूजिक की असली आवाज होता है. silent होना किसी तरह की कमी नहीं होती है. ये एक अहसास होता है की हम खुद को समझना शुरू कर चुके है. जब हमारे अंतर में ख़ामोशी जगह बनाना शुरू कर देती है तभी हम खुद को बेहतर तरीके से समझ पाते है.

हम दिन भर बाहरी कार्यो में इतना व्यस्त रहते है की खुद को समझने के लिए वक़्त ही नहीं निकाल पाते है. हमारा बॉडी हमें बहुत कुछ कहता है जिन्हें अगर follow किया जाए तो शायद ही कोई ऐसी स्थिति हो जिसे हम समझ ना पाए या फिर उससे बाहर ना निकल पाए.

दिनभर के कार्यो के बिच कुछ समय खुद के लिए निकाले और उस दौरान ख़ामोशी से खुद को observe करे. धीरे धीरे आप खुद को बेहतर समझना शुरू कर देंगे. आप क्या चाहते है और आपके लिए क्या सही है इसके लिए आपको दूसरों पर निर्भर नहीं होना होगा.

5. अतीत अगर बुरा है तो उसे भुला देना ही बेहतर होगा

सबका एक अतीत होता है जो अच्छा और बुरा हो सकता है. हमारा background हमारे Personal history का एक ऐसा हिस्सा होता है जो बीत चूका होता है और उसका असर हमारे आज पर पड़ता है. अगर ये ऐसा है जो हम नहीं चाहते है तो अतीत को भूल कर नई शुरुआत करना ही बेहतर रहता है.

अगर हम अपने अतीत को भूलकर नई शुरुआत करते है तो हम उन सभी belief को पीछे छोड़ देते है जिनका bad effect हम पर पड़ता है. हमारे खुद के लिए बनी कुछ ऐसी अवधारणा जो शायद सही भी नहीं हो ये सब बदलने लगते है. अतीत के बुरे पल को पीछे छोड़ देने की वजह से हम खुद को ज्यादा से ज्यादा वर्तमान में रख पाते है.

अगर आपके अतीत की वजह से आपका आज खराब हो रहा है और आप आगे नहीं बढ़ पा रहे है तो बेहतर होगा की आप अपने सोचने के तरीके में बदलाव करे.

6. अगर समस्या को सुलझाना है तो सोच में बदलाव लाए

क्या हम अशांत मन से समस्या को सुलझा सकते है ? नहीं ! हम उतना ही कर पाते है जितना हम सच मान कर चलते है. किसी भी समस्या को तब तक नहीं सुलझाया जा सकता जब तक की हम अपने सोचने के तरीके में बदलाव नहीं कर लेते है. अगर सोचने के तरीके में बदलाव लाया जाए तो हम उन समस्या को सुलझा सकते है जिनकी वजह से हम लाइफ में आगे नहीं बढ़ पा रहे है. ऐसा तभी संभव है जब spiritual growth in children सही उम्र पर शुरू हो.

जब तक हमारा मन अशांत रहता है हम किसी भी समस्या के समाधान के लिए सोच नहीं सकते है. जिस सोच की वजह से समस्या उत्पन होती है उसी सोच के साथ हम समाधान नहीं निकाल सकते है. इसलिए अगर आप परेशान है और उस स्थिति से बाहर निकलना चाहते है तो पहले खुद को शांत रखे. समस्या के बारे सोचे और खुद पर भरोसा रखे.

ज्यादातर लोग ऐसा नहीं कर पाते है जिसकी वजह से वो उसी स्थिति में फंसे रहते है.

7. दूसरो पर इल्जाम लगाना सही नहीं है

हम दिनभर ऐसी कई गतिविधि करते है जिनकी असफलता का दोष दूसरो को देते है. हम कई बार इस तरह की गलती करते है जैसे की

अगर वो अपना काम सही करता तो मुझे असफल नही होना पड़ता या फिर

में असफल हो गया क्यों की उसने अपना काम अच्छे से नहीं किया.

हम दिनभर में कई बार ऐसा करते है की अपनी गलतियों का जिम्मेदार दूसरों को मान कर खुद को संतुष्ट करते है. क्या ऐसा करना सही है ?

नहीं ऐसा करना हमें गैर जिम्मेदार बनाता है. हम बड़ी आसानी से खुद की गलती का जिम्मेदार दूसरो को मान कर बच निकलते है लेकिन ऐसा करना समस्या का समाधान नहीं करता है. हम आगे चलकर फिर से ऐसी गलतियों में फंस जाते है और ये सिलसिला चलता रहता है जिसका असर हमारे आज की गतिविधि पर पड़ता है.

अगर हम खुद की गलती के लिए जिम्मेदारी लेकर उन्हें दूर करने की कोशिश करना शुरू कर दे तो भले ही आज हम असफल हो गए हो लेकिन अगली बार वही गलती, असफलता का सामना तो नहीं करना पड़ेगा. इस तरह की quality spiritual growth in children बेहद जरुरी है.

8. खुद को जैसा बनाना चाहते है वैसे ही व्यवहार करना शुरू कर दे

हम  सभी को एक गिफ्ट हमेशा से मिला है और वो है हमारी कल्पना शक्ति. हम जैसा सोचते है वैसे ही बन जाते है. कल तक जो हमारी कल्पना थी वो आज एक हकीकत बन चुकी है. और ये सच है की किसी भी चीज का अस्तित्व तब तक सम्भव नहीं है जब तक की उसकी कल्पना ना की जाए.

हम किसी और से अगर कुछ उम्मीद रखते है तो सबसे पहले हमें अपने अन्दर वो quality development करनी चाहिए.  ज्यादातर लोग चाहते है की दुसरे व्यक्ति उनके साथ अच्छा बर्ताव करे भले ही वे खुद दूसरो के साथ अच्छे से पेश नहीं आते है. अगर आप खुद को अच्छा बनाना चाहते है तो आज से ही खुद को उसी Point of view से experience करना शुरू कर दे.

9. अपने अन्दर की Spirituality की तलाश करना शुरू कर दे

बचपन से हमें सिखाया जाता है की भगवान् को किसी भी बाहरी माध्यम में खोजने की जरुरत नहीं है. हम सब के अन्दर spiritual Path में आगे बढ़ने की quality होती है. बजाय किसी बाहरी माध्यम में Divinity खोजने के आपको अपने अन्दर इसकी तलाश करनी चाहिए.

अक्सर हम खुशियों को बाहर तलाशते रहते है लेकिन हकीकत में वो सिर्फ हमें अपने अन्दर मिलती है. ये तभी संभव है जब हम खुद को समझने में वक़्त दे और अंतर में उतरना शुरू करे. Mindfulness meditation techniques इसके लिए सबसे बढ़िया माध्यम हो सकता है.

10. आपको विचारो के चुनाव की पूरी आजादी है

हमें पूरी आजादी है की हम उन विचारो का चुनाव करे जो हमारे लिए सही है. जो विचार हमें कमजोर करते है उन्हें हम Avoid कर सकते है. dark Unwanted intruive thoughts जो हमें Depression से भर देते है उन्हें हम दूर कर सकते है. हम उन विचारो को अपना सकते है जो हमें मजबूत बनाए. विचारो के चुनाव की यही खूबी हमारी सबसे बड़ी ताकत होती है.

हम क्या है ये हमारे किये गए विचारो के चुनाव से निर्धारित होता है इसलिए उन विचारो का चुनाव करे जो आपको आगे ले जाए.

spiritual growth in children final thought

बचपन से दी गई सही परवरिश बच्चो को आगे बढ़ने में मदद करती है. अगर सही उम्र में हम उन्हें आगे बढ़ने के सभी सही तरीको को सीखने में मदद करे तो वे लाइफ में आने वाली किसी भी problem को solve कर सकेंगे, उनके लिए सही चुनाव करना आसान हो जायेगा और वे सही रास्ते पर चलते हुए अपने लाइफ के मकसद को प्राप्त कर पाएंगे.

अगर आप भी अपने बच्चो को आगे बढ़ता हुआ देखना चाहते है तो spiritual growth in children पर ध्यान दे. सही गुणों को विकास उन्हें आगे बढ़ने में हेल्प करेगा और वे किसी तरह के भ्रम में फंसने की बजाय अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए खुद को सफल बना पाएंगे.

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