Astral travel experience करने के लिए step by step इस अभ्यास को जरुर आजमाए – सबसे सेफ और आसान तरीका

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astral travel experience

क्या आप सबसे आसान तरीके से astral travel experience करना चाहते है ? हर किसी का सपना होता है की वो भी अपने शरीर से बाहर निकले और spiritual world journey को enjoy करे लेकिन, अगर शरीर में वापस ना आ सके तो ? क्या मेरी astral body बाहरी दुनिया में ही फंस कर रह जाएगी. ज्यादातर लोगो का मानना है की अगर सही तरीके से एस्ट्रल ट्रेवल नहीं की तो आपका एस्ट्रल बॉडी दुसरे डायमेंशन में फंस कर रह जाता है या फिर आत्माए आपके शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है. आइये आज हम जानते है की बिना किसी डर के step-by-step हम astral travel का experience कैसे कर सकते है.

astral travel experience

सूक्ष्म शरीर की यात्रा  वाकई एक अद्भुत और अनोखा अनुभव होता है. ज्यादातर लोग शुरुआत में सूक्ष्म शरीर की यात्रा के दौरान घबराहट महसूस कर सकते है. पर अगर इसे पूरी तरह समझ कर किया जाये तो सूक्ष्म शरीर की यात्रा बिलकुल एक सामान्य यात्रा का अनुभव दे सकती है. आसानी से सूक्ष्म शरीर की यात्रा कैसे की जाये यही आज की पोस्ट का विषय है. जिसमे हम बात करेंगे उन टिप्स की जिन्हें ध्यान रख कर आप सूक्ष्म शरीर की यात्रा के पहले अनुभव को रोमांचक बना सकते है.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा के दौरान ही ध्यान देना जरुरी नहीं इसके अनुभव के बाद की घटनाओ पर भी ध्यान देना जरुरी है ऐसा इसलिए ताकि हम सूक्ष्म शरीर की यात्रा और सामान्य निद्रा में फर्क महसूस कर सके.

How to Astral travel experience Hindi

हम सूक्ष्म शरीर की यात्रा को 3 हिस्सों में समझते है. पहला खुद को शिथिल करना ( Take Off ) दूसरा सूक्ष्म शरीर के बाहर आने के बाद Lucid Dream को Manage करना. और तीसरा सूक्ष्म शरीर के बाहर रहने के दौरान किये गए अनुभव को दोहराना. अगर इस पोस्ट को पहली बार पढ़ रहे है तो आप पहले सूक्ष्म शरीर की यात्रा से जुड़ी अन्य पोस्ट भी पढ़े ये आपकी शुरुआती समस्या को हल करने में मदद करेगी. तो फिर आज जानते है की सूक्ष्म शरीर की यात्रा को 3 भाग में बाँट कर कैसे सम्पूर्ण यात्रा का आनंद उठा सकते है.

इससे पहले की हम astral travel experience की शुरुआत करे सबसे पहले समझते है उन तकनीक को जिनमे सूक्ष्म शरीर यात्रा को चरणबद्ध किया गया है.

Take Off / शिथिल होने की तैयारी

शरीर के शिथिल होने के बाद ही मन को साधा जा सकता है. शरीर को शिथिल करना काफी नहीं है इसके साथ ही हमें Energy के Flow को भी मुक्त करना पड़ता है. हमारे शरीर की Energy Body यानि औरा हमारे शरीर और सूक्ष्म शरीर को जोड़े रखती है. चक्र जागरण भी हमें सूक्ष्म शरीर की यात्रा में मदद करता है क्यों की इससे हमारा शरीर ज्यादा से ज्यादा ऊर्जावान बना रहता है.

आपके शरीर का पूर्ण रूप से शिथिल होना जरुरी है इसके लिए शवासन की विधि देखे. क्यों की सूक्ष्म शरीर तभी बाहर निकल सकता है जब आपका शरीर हर अंग शिथिल हो. शवासन एक ऐसी अभ्यास विधि है जो न सिर्फ आपके शरीर बल्कि मन को भी इस कदर लय में ला देती है की आप बिना किसी परेशानी के आसानी से खुद को इसके लिए तैयार कर सके.

1.) सोते हुए भी चेतना का जाग्रत रहना

सोते हुए भी जाग्रत रहने का मतलब है चेतन्य रहना इसमें हमारा भौतिक शरीर शिथिल रहता है लेकिन मस्तिष्क नहीं. हमारी चेतना जाग्रत रहती है और हम अपने आसपास के वातावरण से प्राप्त होने वाले हर स्पंदन ( Vibration ) को महसूस कर सकते है. Lucid Dream का मतलब ही जागते हुए सपने देखना है शरीर सो जाता है लेकिन मस्तिष्क सपनो को अपनी कल्पना के हिसाब से डिज़ाइन करता रहता है. और ये हमें जागने के बाद भी याद रहता है.

शुरू शुरू में जब शरीर शांत और शिथिल होता है तब हमें नींद आ जाती है. ज्यादातर लोग astral travel experience के लिए इसे सही नहीं मानते है लेकिन अगर आपको सफल होना है तो सबकुछ स्वभाविक तरीके से होने दे. स्वभाविक का मतलब है अगर नींद आती है तो आने दे. आप पाएंगे की कुछ दिन बाद नींद आना बंद हो जाता है और हम शरीर को चेतन्य रहते हुए शिथिल करने में सक्षम हो जाते है.

2.) बार बार Astral travel experience को repeat करना

हालाँकि ये अभ्यास का भाग नहीं है. लेकिन अभ्यास में मजबूती और स्थायित्व लाने के लिए इसे दोहरा सकते है. इसमें हमें हमारे अनुभव को याद रखना होता है. सूक्ष्म शरीर और शरीर से बाहर जो भी अनुभव किया जाता है वो सब हमारे सूक्ष्म शरीर के Extra Physical Brain” (Or Para Brain) में Store हो जाता है.

याद रखे आपके सूक्ष्म शरीर के Extra Physical Brain” (Or Para Brain) और भौतिक शरीर के बिच सूचना का आदान प्रदान होना जरुरी है ये इसलिए क्यों की आपके भौतिक शरीर में प्रवेश करने के लिए ये जरुरी होता है और यही प्रोसेस कहलाती है Recalling प्रोसेस.

जब भी आप एस्ट्रल ट्रेवल का अभ्यास करे इसके तुरंत बाद इसे डायरी में लिख ले. हर पल को डायरी में लिखने की वजह से आपके अंदर अभ्यास को लेकर मजबूती और आत्मविश्वास पैदा होने लगेगा. अगली बार जब आप अभ्यास करेंगे तो इसमें आपको help मिलेगी.

3.) Astral travel experience और भावना को दोहराना

OBE यानि शरीर से बाहर के अनुभव को आसान बनाने के लिए और Recalling प्रोसेस को सरल बनाने के लिए आप Self-Suggestion की मदद ले सकते है. इसमें आपको एक वाकया बार बार कुछ देर दोहराना होता है ये बिलकुल वैसे ही है जैसे हम छोटे बच्चों का डर निकालने के लिए उनसे एक बात को कुछ देर इस तरह दोहराते है की वो उनके मस्तिष्क में बैठ जाती है और फिर उनका डर निकल जाता है या फिर उनका ध्यान अपनी चोट पर से हट जाता है.

हम जो वाक्य दोहराते है वो बिलकुल सामान्य और सरल होना चाहिए जैसे की में अपने शरीर में Lucid Dream से वापस आऊंगा और उस वक़्त मुझे सब याद होगा ये याद रखे की उस वक़्त आपका सारा ध्यान उस वाकया पर हो क्यों की एकाग्रता की आवश्यकता होती है.

पढ़े : टोटके का सिद्धान्त और वशीकरण के 42 सरल और अचूक टोटके

Recall की Process

Recall की Process सही रूप से हो इसलिए जब सूक्ष्म शरीर की यात्रा ख़त्म हो जाये तब एक दम से न जगे इससे आपका मस्तिष्क उस Recall की प्रोसेस को दोहरा नहीं पाएगा. इसलिए धीरे धीरे जगना चाहिए और Recall की Process को दोहराते हुए चेतन्य होना चाहिए. इसलिए आप ऐसे अलार्म का इस्तेमाल करे जिनकी शुरुआती आवाज धीमी हो धीरे धीरे बढ़ने वाली हो. और आपके Re-Connection यानि भौतिक शरीर से सूक्ष्म शरीर के बिच सम्प्रेषण की प्रक्रिया पूरी हो जाये.

इन सबका मतलब निकलता है. शरीर को सुला दे, मस्तिष्क को चेतन्य रखे, और अनुभव के बाद Data ट्रांसफर की Re-Connection की प्रोसेस को दोहराए. सबसे खास बात अभ्यास पूरा होने के बाद कभी भी झटके से न उठे. इस प्रक्रिया में आपका शरीर शिथिल हो जाता है जिसे पूरी तरह चेतन्य होने में कम से कम 2 मिनट लगते है.

Astral travel experience कुछ जरुरी सुझाव

7 सूक्ष्म शरीर के Projection टिप्स जो आपको शुरू में मदद करते है. इन्हें अगर आपसही तरीके से कर लेते है तो आप आसानी से खुद बिना किसी डरावने अनुभव के सूक्ष्म शरीर की यात्रा को अंजाम दे सकते है.

किसी और पर भरोसा करने की बजाय खुद कर के देखे:

हम पढ़ते है चाहे किसी भी माध्यम से लेकिन जब अनुभव खुद करते है तो वो हमारे पढ़े हुए ज्ञान से अलग होता है. इसलिए कभी भी पढ़ी हुई बातो को ही अनुभव न मान ले. खुद अनुभव कर के देखे बजाय किसी से सुनने के इससे आपकी शक्ति बढ़ेगी और आप ज्यादा बेहतर अनुभव जी सकते है.

दुसरे लोग शरीर से बाहर विचरण को लेकर क्या सोचते और बोलते है उस पर विचार करने की बजाय खुद का अनुभव बनाए. अक्सर पढ़ी लिखी बाते ज्यादातर तो डराने के लिए कही जाती है. हो सकता है आपका पहला astral travel experience डरावना नहीं बल्कि रोमांचक हो.

दूसरों के अनुभव सिर्फ रास्ता दिखा सकते है और कुछ नही.

एक तरीका ले और महीने में 15 बार उसे आजमाए :हर इंसान एक ही तरीके से अनुभव नहीं करता है इसलिए हम किसी के लिए अलग अलग तकनीक होती है जिनमे वो बेहतर कर सकता है. एक तकनीक को समझे उसे बार बार अच्छे से दोहराए. इससे आप उसमे बेहतर हो जाते है और आपको अनुभव भी अच्छे होने लगते है.एक तरीके को बार बार दोहराने से आपका अभ्यास अच्छा बना रहता है.

दुसरो के अनुभव से हम सीख सकते है लेकिन हमें भी वो अनुभव हो ऐसा जरुरी नहीं. सभी के अपने अपने अनुभव होते है और उसी के आधार पर हम नयी नयी चीजे सीखते है. अगर आपको लगता है की आप दुसरो के अनुभव सुनकर practice करेंगे और आपको भी वही अनुभव होंगे तो ये आपका भ्रम है.

मस्तिष्क का सही होना जब तरीका Apply करते है :

जब भी आप Astral Body Projection का तरीका आजमाते है उस वक़्त आपके मस्तिष्क में उससे जुड़े भाव होने चाहिए जैसे की आपका आत्मविश्वास, खुद से प्रेरित, जिज्ञासु, होने चाहिए. इसलिए आप भय, खुद पर शंका, गुस्सा, और फालतू के विचारों से दूर आपका मन शांत होना चाहिए.

अगर आपके मन में इस अभ्यास को लेकर किसी तरह की शंका है तो उसका समाधान पहले ही कर ले. भयभीत मन से किया गया अभ्यास या तो अधूरे परिणाम देगा या फिर आपके astral travel experience को एक बुरा अनुभव बना देगा जिसके बाद शायद आपकी हिम्मत ही दोबारा इस तरह का अभ्यास करने की न हो.

अभ्यास के लिए जगह और स्थिति का चुनाव

अभ्यास के लिए जगह और स्थिति का चुनाव भी मायने रखता है. जैसे की आपके अभ्यास की जगह पर एक Lock हो जिससे बाहरी लोगो का आना-जाना बंद कर सके. और अभ्यास जिस जगह किया जाये वहां पर रौशनी का पर्याप्त इंतजाम हो.

  • अभ्यास जिस जगह करे वो ऐसी हो जहां आप अपने विचार और भाव नियंत्रित कर सके.
  • बेहतर महसूस करने के लिए कमरे का तापमान 20 Degree हो ताकि न ठण्ड न गर्मी लगे.
  • किसी भी तरह के बाह्य माध्यम से बिलकुल दूर रहे जो आपको कभी भी परेशान कर सके जैसे की मोबाइल और पब्लिक Place.
  • अपने आप को आराम से लेट कर शिथिल कर ले. ये सब आपके मन और शरीर को शिथिल करने के लिए आवश्यक है.

का वक़्त कितना लम्बा होना चाहिए

कम से कम 30 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 1 घंटा astral travel experience के लिए सही रहता है. इसलिए आप अलार्म भी सेट कर सकते है. अगर आप इतना करने के बाद कुछ भी प्रभाव नहीं पाते है तो इसे फिर से स्टेप से करे. स्टेप में किया गया अभ्यास हमें ज्यादा बढ़िया परिणाम दिलाता है वो भी बिलकुल सेफ तरीके से और सबसे बड़ी बात इसमें हमारा आत्मविश्वास का स्तर बढ़ता ही है.

पढ़े : स्वंय सम्मोहन से बीते कल को कैसे बदले

अभ्यास में भौतिक से परे अनुभव

अभ्यास के दौरान आप कई तरह से अनुभव कर सकते है ये आपके शरीर से बाहर के अनुभव और Lucid Dream के दौरान अनुभव होते है. जैसे की आपके शरीर में कम्पन महसूस करना, शरीर का तापमान बढ़ जाना, आंतरिक विद्युत ऊर्जा में बढ़ोतरी, मस्तिष्क पर दबाव, ये सभी संकेत आपको दूसरे आयाम से जुड़ने के या फिर अपने भौतिक शरीर से हटने के है. अगर आप ये सब अनुभव करते है तो आप इसे लिख ले और बाद में इस पर विचार कर सकते है.

ये आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे. हमारे शरीर में मौजूद भौतिक, सूक्ष्म, प्राणमय कोष जैसे सभी स्तर के बिच तालमेल बनना शुरू हो जाता है जिसकी वजह से हम स्थिर रहते हुए astral travel experience को आसानी से कर पाते है.

अभ्यास के दौरान का हर अनुभव लिखना

अभ्यास के दौरान होने वाले हर अनुभव को लिखने की आदत डाले. ये आपके अनुभव को और ज्यादा आगे बढ़ने में मदद करेगी. इसलिए हर रोज सुबह जो अनुभव हो उसे लिखे. ये आपके अनुभव को बाद में ताजा करने में और उसे समझने में सहायता करेगा.

जब हम पुरानी बातो को एक डायरी में लिखते है तो इससे हमारे अनुभव subconscious level पर पहुंचना शुरू हो जाते है. ये सब हमें अभ्यास में आगे बढ़ने में सहायता करते है. अगर हो सके तो आप जो भी practice करते है उसे स्टेप से लिखना शुरू कर दे. Astral travel experience को लिखने पर आप उसे बारीकी से समझ पाएंगे.

astral travel experience Benefit

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का अनुभव हमारे लिए काफी फायदेमंद है जिसमे पहला है मृत्यु का भय समाप्त होना ऐसा इसलिए क्यों की हम अपनी समझ और ज्ञान के सहारे इस भौतिक संसार को समझने लगते है.   जब ऐसा होता है तब हम खुद की समझ और सूझबूझ के साथ अपनी समस्या के समाधान खुद हल करने में सक्षम हो जाते है.

  1. शरीर से बाहर निकल कर भौतिक दुनिया और आयाम से जुड़ने से आपको कई फायदे है ये आपकी जिंदगी के बड़े बदलाव में से एक होता है.
  2. सबसे बड़ा फायदा ये है की इसके कुछ अनुभव के बाद मनुष्य जिंदगी को विभिन्न नजरिए से देखना शुरू कर देता है . इसके अलावा मौत को समझना उसके लिए मुश्किल नहीं रहता है.
  3. जब इंसान को ये समझ आ जाता है की मौत कभी नहीं होती है हमारा वजूद हमेशा भिन्न भिन्न स्थिति में बना रहता है तो भय की बजाय उसमे ख़ुशी, संतोष,ज्यादा शांत, और विश्वास से भरी जिंदगी जीने लगता है.
  4. Astral Body अनुभव से हम अपने जीने की वजह को जान पाते है, हर इंसान एक खास जगह जन्म क्यों लेता है उसकी जिंदगी का मकसद क्या है ये सब वो जान पाता है. जिससे वो एक Happier लाइफ जीता है. कुछ अनुभव के अनुसार हम अपने उन प्रियजनों से भी मिल पाते है जो पिछली जिंदगी में गुजर चुके होते है.

पढ़े : औरा क्षेत्र का निर्माण और उसको संतुलित रखने के उपाय

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का अनुभव करना मुश्किल कार्य नहीं है. लेकिन इसे याद रखना और एक सही तरीके से पूरा कर पाना बहुत कम लोगो के बस की बात है. आज की पोस्ट में हम इन बातो को सरल शब्दो में समझाने का प्रयास कर चुके है. फिर भी अगर आपके मन में इससे जुड़ा कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है.

Astral travel experience final word

दोस्तों astral travel experience को step-by-step करने से हमें इसके सेफ अनुभव आसानी से मिलने लगते है. अगर आपके मन में इस अभ्यास को शुरू करने से पहले कोई भी शंका या सवाल हो तो उसका समाधान जरुर कर ले. हमेशा अपने अभ्यास को स्थिर और शांत रहते हुए करे. दुसरो को क्या अनुभव होते है इस बारे में सोचे बगैर खुद से करे. आगे बढ़ने लगे तो डायरी में उस प्रोसेस को दोहराना न भूले. ये सभी tips आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे.

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37 COMMENTS

  1. कुमार सर आपका पोस्ट अच्छा है। मेरी समस्या है कि रात को सोते समय 1/2घंटो बाद मेरी 2 ज्ञानेंद्रिया सुनना और देखा चालु हो जाता है। मुझे घबराहट और गहरी नींद आती है।मै सोते हुए आस पास के आवाज सुन और देख सकता हुं। पर हिलना बोलना नही हो पाता है। सपने मुझे नहीं आते है। उपाय हो तो भेजे

    • चन्दन जी आप कुछ बदलाव कर इससे बच सकते है जैसे की
      1.) रात को पैर धोकर सोए.
      2.) थोड़ा सा मीठा दूध पिए ताकि अच्छी नींद आ सके.
      3.) सोते समय टीवी ना देखे कम से कम आधा घंटा पहले टीवी बंद कर दे और मन को शांत करने वाली चीजो की और ध्यान दे.
      4.) अगर आप इस स्थिति में भयभीत हो जाते है तो हनुमान सुरक्षा कवच का जाप करे और विश्वास करे की आपकी रक्षा हनुमान जी कर रहे है. ये मंत्र active है और इसका फायदा मिलता है.

  2. Ser jab nid aa jati hai to yad sab rahta hai aas pas ki aawaj bhi sunai deti hai par dhadkan badh jati hai kuch black imejes bhi dikhai dete hai

    • ये अगर आपके साथ कभी कभी होता है तो कोई परेशानी वाली बात नहीं है ऐसा होने के पीछे एक कारण शरीर और दिमाग का अस्नान्तुलन हो सकता है. जब हम सोते है तब दिमाग और शरीर एक साथ शिथिल होते है, अगर किसी वजह से ऐसा नहीं होता है तो हमें ऐसे अनुभव हो सकते है. sleep paralysis भी हो सक्कता है.

  3. HI,
    Kumar sir,
    maine Do-Teen baar man ko saant krne ki try kiya
    but, mere dimaag me thoghts aate hi rahete hai, me dimaag ko sant nhi
    kar pa rha.
    Main jb bhi krta hu mera brain divad ho jata hai,
    kya aap man ko sant krne ke liye kuch help kr skte hain…?

  4. Mene Astral body or Astral traveling k bare me aaj phli bar Jana h , you tube pr v search Kiya h.
    I am shocked because aaj se Kareeb 5-6 mahine pahle muje sote time ye rojana feel hota tha ki me Bina kisi help ke sky driving kr that hu or gravity rule muje or Kam nhi krta tha , or meri speed itni thi ki me Aakash me earth se only 2-3 seconds me pahuch jata or earth muje globe jesi dikhaai deti.
    Me bahut dar jata tha or jagne k bad use ek Bura spna samjhkr rojana bhul jata tha
    Now I want ki ESA muje phir se feel ho, ab Astral traveling k liye me try karugaa

  5. Sir maine aapki post bahut achi tarh se pdi aur bahut achi bi lgi aur maine iske bare me kafi research bi ki but phir bi man me kafi doubts rh gye jaise ki m ye khna cha rha hu ki jab hum astral travel krte h to humari physical body se jo soul hoti h humari body se bahr nikl kr travel krne chl jati h to kya phir humari body ek death body ki tarh hi ho jati h kya aur agar aisa h to phir kya koi dusri soul humari physical body me enter krke humari body par kabja kr le to aur dusri bat ek bar humari aatma body se bahr niklne ke bad waps body me aane ka kya process hota h aur sir agar humari physcial body ko chord kr jab humari soul travel pe ho aur wo humari aatma dubara humari body me aa hi ni paye to …plzzz sir in sab doubts ko clear kijiye….

    • 1.) हमारी बॉडी उस समय योगनिद्रा की अवस्था में होती है.
      2.) दूसरी कोई पारलौकिक शक्ति इस पर कब्ज़ा कर भी सकती है नहीं भी. निर्भर करता है आपका aura field कैसा है और आप किसी तरह का सुरक्षा चक्र अपने चारो और बनाते है या नहीं ( आमतौर पर ऐसा सिर्फ उनके साथ होता है जो आध्यात्म से जुड़े है )
      3.) हमारी एस्ट्रल बॉडी शरीर से हर पल जुड़ी रहती है चेतना के जरिये उसमे हल्का सा भी परिवर्तन उसे वापस शरीर की और खिंच लेता है.
      4.) ऐसा सिर्फ आध्यात्म / कमजोर मानसिकता वाले लोग जिनकी आत्मशक्ति कमजोर होती है उनके साथ होता है उन्हें वक़्त लग सकता है वापस शरीर में आने में लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च से ये पता चल चूका है की ऐसा कभी नहीं हुआ की किसी की एस्ट्रल बॉडी वापस शरीर में आई ही नहीं.
      अगर आप इस अभ्यास में आगे बढ़ना चाहते है तो सबसे पहले आत्मबल को मजबूत बनाए अनुभव अच्छे रहेंगे.

  6. Kal maine 1st time Astral travel try kiya, meri body kafi vibrate ho rahi thi ankhon mein alag alag rang dikh rahe the or aisa lag raha tha ki meri soul apne boldy se bahar nikal rahi hain, jaise meri soul bahar nikale lagi meri heart beats kaffi teej ho gayi or hath pair thand pad gaye. fir main ne achanakse apni ankh kholi. to main vapas normal ho gaya.

    kya main fir se try kar sakta hoon? Ankhir heart beats itni tej kyoun hoti hain?

    • रोबिन जी में किस्से कहानिया शेयर नहीं करता.
      यहाँ हो कुछ शेयर है ज्यादातर वास्तविकता से जुड़ा है. अगर आपको फिर भी लग रहा है की ये सब क्या किसी ने किया भी होगा तो अपने आत्मबल को मजबूत करे.

  7. sir man le agar ki aapi atma agar sarir ko chor ke treval par nikal jati hai or time rehete bapas na aa pye to kiya apke sarir me koi dusri atma apke sarir par kabja kar sakti hai kiya ya nahi is ko please clear kare .

    • astral travel me hone vale anubhav par depend h sir. kuch logo ne apna experience share kiya bhi h jisme unhone logo ke sath apne astral travel ko share kiya or bad me unhe negative soul ki problem aayi. apko is tarah ke anubhav ya abhyas secret rkhne chahiye

  8. सर जब मैं अपने शरीर को शिथिल करता हूँ तो मेरी ससे फूलने लगती हैं एसा क्यो होता हैं।

    • इसकी वजह है आपका अभ्यास पर से ध्यान हट जाना, इस दौरान जब हम अपने अन्दर ऐसे बदलाव महसूस करते है जिससे की हमें डर लगने लगे तब हमारी साँस फूलने लगती है या फिर अभ्यास टूट जाता है. अभ्यास के दौरान अगर आपकी सांसो की गति कम हो रही है खुद को हवा में महसूस करने लगते है तब हमारी चेतना हमसे ही तर्क करने लगती है जिसकी वजह से ऐसा होता है.

  9. सर मैंने जब अपनए शरीर से निकाला और इंटर किया तो मेरे शरीर पसीने से भीग गया इसका क्या मतलब है।

    • शुरू शुरू में ऐसा हो सकता है क्यों की हम इस क्रिया को पहली बार करते है या फिर बलपूर्वक करते है.

    • सूक्ष्म शरीर की यात्रा से पहले शरीर और मन को स्थिर करने के लिए न्यास ध्यान का अभ्यास करे सफलता मिलेगी. आपके अभ्यास में कमी है है तो सिर्फ ये की बिना शरीर और मन के बिच तालमेल बनाए आप शुरुआत कर रहे है.

  10. kitne din ki practive me ham log astral travel kar sakte hi aur kya astral travel ke jariye ham apne kisi priyajan ki aatma se mil bi sakte hi pls reply

    • समीर जी आप अपने आप को ज्यादा बेहतर जानते है. सूक्ष्म शरीर की यात्रा के अभ्यास में हमें 7 दिन भी लग सकते है और 1-2 दिन में भी. किसी अपने प्रियजन की आत्मा से मिलना भी हो सकता है यकीन ये सेफ नहीं होता है इसके लिए लिए काफी लम्बे अभ्यास की जरुरत होगी.

  11. Sir agar main aapne sharerse bahar nikla our travell ko gaya,to mere sharer main dusri aatma inter karsakte hai keya,matlab sharer mera our aatma dusri to ye safe nahe hai na

    • ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता है जो लोग ज्यादातर आध्यात्मिक कार्यो में रहते है और अक्सर पारलौकिक घटनाओ से जुड़े रहते है उनके साथ ऐसा हो सकता है. ऐसा कभी सुनने में नहीं आया की आप गए और पीछे से किसी ने आपके शरीर पर कब्ज़ा कर लिया हो.

  12. Jabhi main strart kartahu to thode daier badd meri body vibrate karti hai to main travell nahe kar pata issleye aap batav main keya karu

    • इसकी वजह है आपका वर्तमान में न रह पाना अभ्यास के समय आगे क्या होगा इसके बारे में न सोचे और जहाँ तक हो सके सहज होते हुए अभ्यास करे

    • सहज रहते हुए अभ्यास करे. खुद को जितना ज्यादा स्थिर रख पाओगे अभ्यास में अच्छा कर पाओगे. स्पंदन की स्थिति में आने के बाद हमारा दिमाग तर्क करता है जिसकी वजह से अभ्यास में आगे नहीं बढ़ पाते है.

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