क्या आप भी चाहते है first time astral travel experience करना ? कुछ आसान तकनीक और प्रेरक कहानी

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क्या आपने कभी astral travel experience किया है ? सुनने में Real life से जुड़ी astral travel experience stories हमें imagination लगती है लेकिन वास्तव में ऐसा ही होता है. वास्तव में astral projection क्या है, क्या ये सच है की हम अपने शरीर से बाहर निकल कर अपने आसपास या मन की गति से कही भी आ जा सकते है ? ऐसे ही सवाल हमारे मन में आते है जब हम first time astral projection के लिए preparation करते है.

कुछ expert review के अनुसार astral travel experience good and bad दोनों ही तरह का हो सकता है. इसकी सही जानकारी आपको सही अनुभव करने में मदद कर सकती है. अपने शरीर से बाहर कैसे निकले ? काफी कोशिश करने के बाद भी हम उस स्टेट में नहीं जा पा रहे है की Astral body अपने आप शरीर से बाहर निकले. ये सब हम conscious रहते हुए महसूस कर सके.

astral travel experience
ज्यादातर लोग जब इसका अनुभव करने के बाद जाग्रत होते है तो उन्हें ये सब सपने जैसा लगता है. 90% लोगो को वास्तविक रूप से शरीर से बाहर विचरण का अनुभव होते है लेकिन, वो इसे समझ नहीं पाते है. इसकी वजह है उन्हें ये सब सपने जैसा लगना. हकीकत में सूक्ष्म शरीर की यात्रा कल्पना जैसा है लेकिन वास्तविक है.

यहाँ पर कुछ ऐसी astral travel experience stories in Hindi शेयर की जा रही है जो आपको इसे बेहतर समझने में मदद करेगी.  अगर आप भी सही तरीके से astral travel experience करने की सोच रहे है तो पोस्ट को ध्यान से पढना न भूले.

Astral travel Experience

Out of body travel और astral travel इन दोनों में ज्यादा अंतर नहीं है. शरीर से बाहर विचरण में हम सूक्ष्म शरीर की तरह विचरण नहीं कर पाते है और ये हमारा ऊर्जा स्वरूप नहीं होता है. शरीर से बाहर विचरण की शुरुआत एक तरह से आत्मा का शरीर से बाहर विचरण है जिसे विचरण और विचरण के बाद की घटना याद रहती है.

अध्ययन के मुताबिक शरीर से बाहर विचरण सूक्ष्म शरीर यात्रा का शुरुआती चरण है अतः आप अगर सूक्ष्म शरीर की यात्रा का अनुभव करना चाहते है तो आपको इसकी शुरुआत करने का सही तरीका जानना चाहिए.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा की शुरुआत करने के लिए आपका इरादा मजबूत होना चाहिए. क्यों की मजबूत इरादा आधा अभ्यास है. शरीर से बाहर विचरण के लिए आपको सिर्फ कुछ ही बातो का ख्याल रखना है. मजबूत इरादा या संकल्प और स्पंदन जो आपके अंदर तब पैदा होने लगते है जब आप खुद की भावनाओ को एक स्तर तक पहुंचा लेते है.

हम पहले की पोस्ट में बात कर चुके है की सूक्ष्म शरीर क्या है और अभ्यास कैसे करना है. लेकिन चूँकि वहा पर हमने astral travel experience करने से पहले की बात नहीं की थी तो सबसे पहले बात कर लेते है की अभ्यास से पहले हमें किस तरह की तैयारी करनी चाहिए.

इससे आपको अभ्यास में और ज्यादा मदद मिलेगी. सूक्ष्म शरीर का काया से बाहर विचरण एक रोमांचक अनुभव है जो ज्ञान से भरपूर है इसलिए हर किसी को ये अनुभव करना चाहिए.

Astral travel experience & strong determination

इसका मतलब है की अगर आप मन से चाहते है की आप शरीर से बाहर विचरण का अनुभव करे तो आपको मन में मजबूत इरादा रखना होता है. इसके पीछे कोई कारण नहीं बल्कि आपकी भावनाए होनी चाहिए. हम अक्सर किसी ना किसी फायदे के लिए अभ्यास की शुरुआत करते है.

जैसे कुछ लोग अंतर की यात्रा करना चाहते है तो कुछ लोग हीलिंग या फिर कुछ लोग जो दुनिया को नए नजरिये से देखना चाहते है. अभ्यास के लिए अगर आप कारण से ज्यादा भावनाओ पर काम करते है तो आपको अभ्यास में जल्दी सफलता मिलती है.

आपको सिर्फ यही करना है की जब भी आप अभ्यास करे तब आपको अंत में कुछ अच्छा ही अनुभव मिलेगा.

सबसे बड़ी बात आपको जो ध्यान रखनी चाहिए. आपको शरीर से बाहर विचरण के अनुभव की कल्पना करने से पहले reason why we should perform astral travel पर ध्यान देना है. क्यों की अक्सर ऐसा होता है की आप पूरी तरह से नहीं जान पाते है की आपको अभ्यास में क्या अनुभव होगा या फिर क्या महसूस कर सकते है.

Astral travel experience and state of vibration

Out of body experience के लिए आपको एक बात और ध्यान रखनी है की इसके अभ्यास से पहले आपका तन और मन दोनों इसके अनुकूल अवस्था में हो. कहने का सीधा सा मतलब है की जब तक आपका शरीर और मन तालमेल नहीं बिठा पायेगा तब तक आप सही अनुभव नहीं कर पाएंगे इसी अभ्यास में नहीं हर अभ्यास में यह बात लागू होती है.

इसके बाद जो बात आपको ध्यान रखनी है वो है आपके मस्तिष्क की सही स्थिति यानि की मस्तिष्क का शांत और स्थिर होना. इसके लिए आप ध्यान कर सकते है अगर आपको ध्यान करने का कोई अच्छा अनुभव नहीं है तब भी आप मैडिटेशन म्यूजिक सुन सकते है जिन्हे अल्फ़ा म्यूजिक कहते है.

ये आपके मस्तिष्क को out of body experience के लायक सही अवस्था में लाने में काफी मदद करता है इन्हे आप ब्लॉग से भी डाउनलोड कर सकते है.

आपकी एकाग्रता ही बढाती है स्पंदन को

अगर आपने ह्यूमन साइकोलॉजी पढ़ी है तो आप जानते होंगे की हमारा मस्तिष्क 3 तरह की brain wave यानि तरंगो को छोड़ता है ये तरंगे अल्फ़ा, थीटा और डेल्टा है. ये waves अलग अलग केमिकल रिएक्शन द्वारा हमें अनुभव करवाती है.

ये सिर्फ सोते वक़्त ही नहीं बल्कि दिनभर की अलग अलग गतिविधि के लिए भी जिम्मेदार है. जैसे की आप अगर ध्यान करते है और आप किसी शोरगुल वाली जगह है तो दोनों स्थिति में ही आपके मस्तिष्क की स्थिति अलग अलग होगी.

शरीर से बाहर विचरण की शुरुआत के अनुभव यानि out of body experience के लिए इसका बहुत महत्वपूर्ण रोल है. ये इसलिए महत्वपूर्ण है क्यों की अलग अलग स्थिति में अलग अलग रिएक्शन द्वारा हम अनुभव करते है यही रिएक्शन हमें छटी इंद्री का अनुभव करवा सकती है क्यों की ये पीनियल ग्लैंड को प्रभावित करती है.

सूक्ष्म शरीर का अनुभव करने में आपके मस्तिष्क के स्पंदन काफी अहम भूमिका निभाते है.

caution and suggestion

Out of body experience की शुरुआत के लिए आपका daily routine and habit में कुछ changes लाना जरुरी है. ये इसलिए क्यों की जो केमिकल रिएक्शन इस अनुभव में महत्वपूर्ण रोल निभाती है उसे ये सब चीजे प्रभावित करती है.

  • ना तो अभ्यास से कुछ ही देर पहले कुछ खाये ना भी भूखे रहे.
  • उत्तेजक पदार्थ जैसे चाय, कॉफ़ी से दूर रहे.
  • आरामदायक कपडे पहने और अपने आसपास के माहौल को पूरी तरह अपने अनुकूल बनाये जैसे की अगर आपको अँधेरे कमरे में नींद आती है तो कमरे में पूरी तरह अँधेरा ही करे.
  • जरुरी नहीं की आप बाह्य स्त्रोत से सुनकर इसका अनुभव करे. आप खुद का एक निर्देशन बना कर अच्छा अनुभव कर सकते है.

शरीर से बाहर विचरण में क्या करे क्या नहीं ?

जिस समय आप अभ्यास करते है उस दौरान कोशिश करे की आपके सोने का समय ना हो. अगर आप सोने के समय इस अभ्यास को करेंगे तो जल्दी हो सो सकते है. अगर आपको लगता है की आपको किसी के सहारे की जरूरत है जो की आपके डर की वजह से लगता है तो आप उसी व्यक्ति को कमरे में रखे जिस पर आपको पूरा भरोसा हो. ताकि किसी भी तरह की परिस्थिति में वो  आपकी सहायता कर सके. कमरे में अल्फ़ा म्यूजिक लगाना ना भूले. ये आपको जल्दी ही brain waves change कर vibration state में पहुँचने में मदद करेगा.

दोस्तों आध्यात्म के रोमांचक सफर को अगर आप भी सही से अनुभव करना चाहते है तो आपको सबसे खास बातो पर ध्यान जरूर देना चाहिए. आपका मनोबल, आपके शरीर और मन की स्थिति शामिल है. किसी भी अभ्यास को दुसरो के नजरिये से करना सिर्फ कॉपी करना है.

आपको बेसिक पता है तो आप अच्छे अनुभव कर सकते है. गाइड करने वाले कभी अपना अनुभव नहीं बताते है जिसकी एक नहीं कई वजह है. इसलिए First time Out of body experience कर आप भी शुरुआत करे और अनुभव करे.

Real life astral travel experience stories

हम कहानियाँ क्यों सुनते है ? इनसे हमें motivation मिलता है और हमारे सोचने की क्षमता में विस्तार होता है. यही वजह है की ऐसी कुछ Real life astral travel experience stories को यहाँ शेयर कर रहे है. इससे आपको खुद की स्थिति को समझने में मदद मिलेगी.

शरीर से बाहर विचरण की सच्ची कहानी : ये कहानी एक 18 साल के लड़के की है. एक दोस्त जिसके यहाँ पर कोई नहीं रहता था उसे वहा जाना पड़ा और रात्रि को वही सो गया. उसके कुछ दिन बाद अपने घर में रात को सोते हुए ये वाकया हुआ.

रात्रि को बहुत ज्यादा थकावट की वजह से नींद आ जाती है लेकिन, कुछ देर बाद ही सैम खुद को एक आइने के सामने पाता है. इस वक़्त को अपने बेडरूम में था. जब सैम ने पलट कर देखा तो उसे हवा में भूरे बादल जैसी कोई आकृति हवा में तैरती दिखी.

घबराकर सैम हॉल की तरफ भागता है लेकिन वहां भी उसे वैसी ही कुछ shadow दिखाई देती है. इन सबको देखकर सैम की हालत ख़राब होने लगी. वो भागने की कोशिश करता तो पाता है की वो हवा की गति से उड़ रहा है और उसका शरीर उस हॉल में वैसे ही है.

सैम अपने शरीर में वापस चला जाता है लेकिन इसके काफी देर बाद तक वो बॉडी में किसी तरह की हलचल को कर पाने में असफल रहता है. हालाँकि ये काफी डरावना था लेकिन सैम का first time out of body experience था जिसे उसने बाद में समझा.

out of body experience stories Hindi case 2

ऐसे बहुत सारे केस सामने आते है जहाँ पर लोगो का कहना होता है की उन्होंने सपनो में खुद को उड़ते हुए महसूस किया और बाद में अनंत निचे गिरते हुए. इसके बाद झटके से आंख खुल जाना और उनका उठकर बैठ जाना. कुछ लोग इसे सपना समझकर इनके पीछे का मतलब निकालने की कोशिश करते है.

लेकिन क्या वास्तव में ये कोई सपना ही था expert review के अनुसार ये आपका पहला astral travel experience या फिर out of body experience हो सकता है. ये चीजे समझने में जितनी complicated लगती है उतनी है नहीं. जब हम सपनो में या सोते हुए state of vibration में पहुँच जाते है अपने आप ही astral travel की शुरुआत हो जाती है.

शरीर से बाहर विचरण पर शुरुआती स्तर में किसी का कण्ट्रोल नहीं होता है. अगर आप इसे समझकर करते है तो practice के जरिये नार्मल तरीके से शुरुआत कर सकते है.

Astral travel experience – final word

सपनो में कई बार हमें महसूस होता है जैसे हम हवा में हो या फिर हमारा शरीर कही ओर है और हम कही ओर. इस दौरान हम इतना ज्यादा घबरा जाते है की इसे डरावना समझ कर भूल जाते है. Astral travel experience करने के लिए हमें सबसे पहले अपने body vibration को control करना होता है.

ऐसा होने के बाद हम आसानी से पहले अनुभव को बिना किसी डर के पूरा कर सकते है. इसके लिए आप रिलेटेड stories पढ़ कर खुद को इसके लिए motivate भी कर सकते है. अगर आपने अपना पहला अनुभव आसानी से पूर्ण कर लिया है तो अनुभव यहाँ पर शेयर करना न भूले.

4 COMMENTS

  1. नमस्ते,
    बहुत अच्छी तरह से लिखा और दिलचस्प ब्लॉग साझा करने के लिए धन्यवाद !!

  2. Sweet blog! I found it while surfing around on Yahoo News. Do you have any suggestions on how to get listed in Yahoo News? I’ve been trying for a while but I never seem to get there! Cheers

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