क्या आप भी खुद को दूसरो के साथ compare करते है ? जानिए क्यों आपको इससे बचना चाहिए

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हमें अपनी लाइफ बेहद हीन स्तर पर तन महसूस होने लगती है जब हम खुद को दूसरो से compare करना शुरू कर देते है. जब ऐसा होता है तब हम खुद को हर जगह दूसरो से छोटा महसूस करने लगते है. इस तरह की स्थिति को Self-loathing या फिर Self-haterd की स्थिति के नाम से जानते है. एक ऐसी स्थिति जिसमे हम खुद को negative thoughts में इस कदर फंसा लेते है की खुद की स्पेशल बातो को भूल कर सिर्फ और सिर्फ हम नेगेटिव ही सोचते रहते है.

हमारी लाइफ में करने के लिए बहुत कुछ होता है लेकिन जब भी हम कुछ करने की कोशिश करते है हमारा brain हमें दूसरो से compare करना शुरू कर देता है और हम किसी भी काम को जैसे कर सकते है उस तरह कर नहीं पाते है. अगर आपके साथ इस तरह की स्थिति होती है तब आप क्या करते है ? खुद को किसी भी कार्य की स्थिति में दूसरो से कम आंकना सबसे बड़ी गलती है.

self-loathing

हर किसी में कुछ न कुछ खास बाते होती है. अगर हम उन्हें भूल कर सिर्फ कमी की तरफ फोकस हो तो धीरे धीरे Negative thoughts हमें इस कदर घेर लेते है की कोई भी काम करना हमारे लिए Possible नहीं रह जाता है. अगर आप इस तरह की स्थिति में फंसे है तो इसकी वजह क्या है इसे जाने और फिर इससे बाहर निकलने के लिए सही स्टेप ले. आइये इस आर्टिकल में जानते है इसके बारे में.

What is self-loathing in Hindi

Self-Loathing Definition को समझे तो खुद से ही नफरत होना या फिर कमतर आकलन करना है. हम खुद को नापसंद करने लगते है और ये बढ़ता ही जाता है क्यों की anger, low self-esteem, और distorted perception की वजह से हम खुद को misguided thoughts and self-beliefs में उलझा लेते है. ज्यादातर केस में इसकी वजह dysfunctional upbringing यानि सही परवरिश का ना होना है.

आज के समय में ये एक Serious problem है क्यों की ये हमें किसी भी फील्ड में आगे बढ़ने से रोकती है. हम खुद को दूसरो से compare करते रहते है जिसकी वजह से हमें आगे बढ़ने में problem होती है. ऐसा होने के पीछे कई वजह हो सकती है लेकिन 3 मुख्य वजह है जिनके बारे में जानना बेहद जरुरी है.

  1. Poor family environment
  2. Poor social environment
  3. Ego possession / soul loss

खुद को पसंद ना करना और हमेशा दूसरो से खुद को कमतर समझना जितना मुश्किल लग रहा है उससे कही ज्यादा इसके परिणाम खतरनाक होते है. आइये जानते है की कैसे ये हमारे सोचने समझने को प्रभावित करते है.

Poor family environment

सबसे पहले शुरुआत होती है हमारे अपने परिवार की जिसमे 2 तरह की condition होती है पहली या तो वे आपको लेकर बहुत ज्यादा सोचते है या फिर दूसरी वे आपको पूरी तरह इग्नोर करते रहते है. अगर ये दोनों condition एक ही जगह पर मिलने लगे तो ? हम अपने अन्दर ये सोच बना लेते है की हमारे अन्दर ऐसा कुछ Defective है कुछ हमारे साथ wrong हो रहा है. हमारे परिवार वाले हमें लेकर इस तरह का व्यवहार कर रहे है जरुर कोई न कोई कमी हमारे अन्दर है.

जरुरत से ज्यादा केयर करना या फिर इग्नोर करना दोनों ही खतरनाक है. जब हम ज्यादा केयर पाते है तब खुद को कमजोर पाते है और जब इग्नोर पाते है तब हमें लगता है की कही न कही कमी हमारे अन्दर है.

बचपन से हम अपने परिवार पर भरोसा करते आए है और अगर हम उनपर भरोसा नहीं कर सकते है तो हमारे लिए उस माहौल में survive करना बेहद मुश्किल बन जाता है. बड़े होने पर condition बदल जाती है और behave में बदलाव आता है. ऐसी स्थिति में अपने parents से बात करने की बजाय हम खुद को दोष देना शुरू कर देते है.

Poor social environment

अगर आपके मन में Self-loathing जैसी thinking पैदा हो रही है तो कही न कही इसके लिए Poor social environment भी जिमेदार है. मुझे अच्छे से याद है जब में क्लास 5 के बाद नवोदय में गया था तब सुनने को मिला था की यहाँ Ragging होती है. सुनने के बाद काफी डर लगा था क्यों की घर से पहली बार छोटी उम्र में ही बाहर निकल रहा था.

नवोदय में जाने के बाद जब वहां समय बिताया तब पता चला की ऐसा कुछ नहीं है. परिवार से बाहर यहाँ एक और परिवार मिला और लाइफ के अनुभव मिले.

आज हमारे दिमाग को Social media ने इतना control कर लिया है की हम चाहकर भी किसी के बारे में अपनी thinking को अच्छा नहीं बना सकते है. Crime petrol and savdhan india जैसे सीरियल प्रोग्राम जो आजकल दिन में काफी देर तक देखे जाते है क्या इसके बाद आप अपनी सोच को सही रख पाते है.

आपके पास के लोग आपको उसी तरह लगने लगते है जैसा सीरियल में दिखाया जाता है. हालाँकि चैनल इसे सिर्फ मनोरंजन का जरिया बताते है लेकिन आपको मालूम होना चाहिए की ये harmful effects of social media conditioning हमें किस तरह बदल रही है. कही न कही Top reason for self-loathing में poor social environment एक है.

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Ego possession / soul loss

जन्म के समय से हमारे अन्दर किसी तरह का कोई ईगो नहीं होता है. जैसे जैसे हम बड़े होते है हम दूसरो से खुद को अलग करने लगते है. यहाँ खुद को दूसरो से अलग करने के लिए हम कुछ sense of self and an ego construct करते है. खुद को इस Universe से और Divine experience से दूर करना ही root of all self-loathing है.

हम खुद से नफरत तभी कर सकते है जब कोई नफरत करने लायक हो या हमारे ईगो की वजह से इसके बगैर कोई ऐसी वजह पैदा नहीं हो सकती है. इस स्थिति को हम Meditation के जरिये समझ सकते है. यहाँ पर एक स्थिति और पैदा होती है Soul loss की जो की तब पैदा होती है जब हम fabricated egos में खुद को उलझा लेते है और खुद को Anything Good, Anything Meaningful, Anything Real से दूर कर लेते है.

इस तरह की स्थिति के लिए आपको Mindfulness Meditation Practice and experience पर ध्यान देना चाहिए. आपने अभी तक Top 3 reason के बारे में तो जान लिया है अब बात करते है उन मुख्य लक्षण की जो ये बताते है की आप Self haterd की स्थिति से गुजर रहे है.

15 Signs You’re Struggling With Self-Loathing

आपको कुछ ऐसे संकेत पर ध्यान देना चाहिए जो ये साबित करते है की आप इस टाइम खुद से struggle कर रहे है.

  1. Extremely harsh self-talk (“I’m stupid” “What a loser I am”)
  2. जरुरत से ज्यादा तनाव लेना Depression and/or anxiety
  3. दूसरो के बीच खुद को अकेला feel करना ( Feeling chronically insecure around others )
  4. Slouched/poor posture खुद को लेकर self confidence ना होना.
  5. खुद को ignore करना Neglecting your body and health
  6. खुद को नुकसान पहुँचाना Self-sabotage and self-destruction (not allowing yourself to be happy)
  7. Anger issues गुस्सा
  8. दूसरो की हेल्प लेने से खुद को रोकना Refusing compliments, advice, or help
  9. Self-isolation खुद को दूसरो से अलग कर देना
  10. जरुरत से ज्यादा दूसरो पर निर्भर होना Addiction/addictive tendencies
  11. Self-martyrdom
  12. खुद को कमजोर महसूस करना Feeling like a victim all the time
  13. अपनी सोच को बदल ना पाना Defeatist mindset (“what’s the point”)
  14. असहाय feel करना Hopelessness
  15. Aimlessness लाइफ में खुद को फिट ना कर पाना

ये उन 15 संकेत में से है जिनकी वजह से हम खुद को दूसरो के सामने कमजोर और नाकारा महसूस करते है. दूसरो के साथ खड़े होने में खुद को Uncomfortable feel करने लगते है.

How to Overcome Self-haterd

हम खुद से नफरत करने लगते है जिसकी वजह भी हमें अब पता लग चुकी है. अब बारी है की हम Self-Loathing जैसी स्थिति से बाहर कैसे निकले और खुद को विक्टिम बनने से कैसे रोके.

इसके लिए आपको कई स्टेप्स उठाने होंगे जिसके बारे में हम अब बात करने वाले है. तो चलिए जानते है की ऐसे कौनसे तरीके है जिनके जरिये हम इन स्थिति से बाहर निकल सकते है.

Get the hell off social media

आपने सही सुना की हमें कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से ब्रेक ले लेना चाहिए. इसकी वजह है हमारे brain को गलत तरीके से control करने की ताकत जिसके बारे में हमें पता तक नहीं चलता है और हम कब इसका शिकार बन जाते है हमें खुद पता तक नहीं चलता है. आपने देखा होगा की सोशल मीडिया पर अक्सर हमारे पास ऐसी पोस्ट आती रहती है जो हमें नेगेटिव बनाती रहती है.

इस बात में कोई शक नहीं की सोशल मीडिया पर 80% से भी ज्यादा खबरे फेक होती है. किसी भी सामान्य व्यक्ति के brain को control करने के लिए इस तरह की स्थिति पैदा की जाती है की हम वही सोचते है जो हमारे सामने दिखाया जाता है. यही वजह है की अगर आप खुद को समझना चाहते है तो आपको सोशल मीडिया को ब्रेक देना चाहिए और रियल वर्ल्ड में लोगो से मिलना चाहिए.

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Do one kind thing for yourself every day

दिनभर आप दुनियाभर के काम करते है ठीक है लेकिन आप खुद के लिए क्या करते है ? कुछ नहीं यही वजह है की हमारी body and mind के बीच किसी तरह का सही connection नहीं बन पाता है. खुद के लिए दिनभर में हमें कोई एक ऐसी activity करनी चाहिए जो हमें स्पेशल फील करवाए.

जब हम खुद को स्पेशल फील करवाना शुरू कर देते है तब हमारा माइंड इस बात को accept करना शुरू कर देता है की हम भी खास है.

देखने में ये बिलकुल साधारण लगता है लेकिन इसका लम्बा असर हमारे सोचने पर पड़ता है. हमारे सोचने समझने पर इसका positive effect पड़ता है और हम खुद को हीन भावना से दूर करने में कामयाब होने लगते है.

खुद को creative बनाए

खुद को creative बनाना शरू कर दे क्यों की arts एक ऐसा powerful healing practice है जो आपके self-loathing को बाहर निकालने में आपकी मदद करता है. खुद को अच्छे और बुरे रूप में जानने की आपकी कोशिश आपको ऐसा करने में मदद करती है. जब आप ऐसा करते है तो आपको खुद को अच्छा जाहिर करना ही पसंद होगा ना की बुरे रूप को.

इस तरीके से हम खुद की अच्छाई को बाहर निकालते है और आगे बढ़ते है.

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क्या आपके आसपास के लोग आपको सपोर्ट करते है ?

क्या कभी आपने इस term को समझने की कोशिश की है ? आपके घरवाले, आपके दोस्त, आपके आसपास का माहौल इनमे कोई आपको सपोर्ट करता है ? जब आप इसके बारे में समझना शुरू करते है तो आपको पता चलता है की आपके अन्दर किसी तरह की negative Thoughts, self-loathing जैसी feeling की वजह कौन है.

कई बार हमारे आसपास का माहौल हमें सपोर्ट नहीं करता है या फिर जिस दोस्त के साथ हम रहते है वे हमें जज करते रहते है. ऐसी स्थिति में बेहतर यही होता है की हम अपने दोस्तों को बदले और माहौल को भी. अगर आपका माहौल आपके लिए positive वाइब्रेशन create नहीं कर सकता है तो बेहतर यही है की इसमें सुधार किया जाए.

Explore your core beliefs

अगर आप खुद को हीन भावना से घिरा हुआ महसूस कर रहे है तो इसकी वजह कही न कही आपकी Common negative core beliefs भी हो सकती है. Core belief वो belief है जो हमें बचपन से सिखाई जाती है या हम उन्हें अपने अन्दर develop करते रहते है. जैसे की

  1. “I am bad”
  2. “I am worthless”
  3. “I am unlovable”
  4. “I am defective”

एक बार आपको पता चल जाए की आपके अन्दर इनमे से कौनसी core belief है जो आपको इस तरह affect कर रही तो वक़्त है उसे re-frame और reprogram करने का जिसके लिए आपको कुछ बदलाव करने की जरुरत है. आपको जरुरत है तो अपने अन्दर के core belief को toxic/negative to healthy/positive belief में transform करने की.

Commit to self-love and self-care

Self-love and self-care ये commitments and attitudes है जिन्हें हम अपनी लाइफ में develop करते है. जब हम सेल्फ लव के path पर चलते है तो हम अपने लिए हर उस opportunity को बना लेते है जिससे हम खुद को एक्सप्रेस कर सके. लाइफ में खुद से प्यार करना हमें अन्दर से मजबूत बनाता है. अब आपके मन में एक सवाल जरुर आया होगा.

खुद से प्यार करना और परवाह करना दोनों में क्या अंतर है ?

खुद से प्यार करना हमारे दिल और दिमाग से जुड़ा है वही खुद की परवाह करना आपके body तक सिमित है. आपको हर level पर खुद को समझना होगा और प्यार करना होगा तभी आप Self-loathing जैसी negative thoughts से छुटकारा पाया जा सकता है.

Take care of your soul

हमें सिर्फ खुद से प्यार नहीं करना है बल्कि soul level पर भी खुद को आगे ले जाना है. आपने Mindfulness meditation के बारे में तो सुना ही होगा. ये वो मैडिटेशन है जिसके जरिये हम Deeper spiritual experience ले सकते है. कही भी किसी भी टाइम की जाने वाली ये प्रैक्टिस आपको खुद को समझने में बेहतर मदद कर सकता है.

खुद से नफरत करना आपकी ग़लतफ़हमी की वजह से होता है

हमारी अपनी ग़लतफ़हमी की वजह से हम खुद से दूर हो जाते है. कई बार हम खुद को समझने में गलती कर देते है और इसकी वजह से हम जो नहीं होते है वह खुद को महसूस करना शुरू कर देते है. दिन भर के 24 घंटे में अगर एक घंटा भी हम खुद को दे जिसमे हमें कोई काम न हो, समस्या ना हो सिर्फ खुद को जानना हो तो हम बेहतर समझ सकते है.

खुद को लेकर किसी तरह की गलतफहमी अगर हमने पाल रखी है तो उसे दूर करे. जब तक हम खुद को नहीं समझेंगे तब तक किसी तरह की ग़लतफ़हमी को दूर करना संभव नहीं है.

How to solve Self-loathing issue in Common day life routine

हमारी डेली लाइफ में आपको ऐसे कई केस मिल जायेंगे जब हम खुद को दूसरो से compare करते हुए हीन समझ लेते है. हर किसी की अपनी खासियत होती है और स्पेशल बाते जिन्हें हर किसी के साथ compare नहीं किया जा सकता है. अगर आप खुद को दूसरो के साथ compare कर रहे है तो इसका मतलब है की आप दूसरो जैसा खुद को मान रहे है

जब की हर किसी की अपनी खासियत होती है. दूसरो से compare करने के चक्कर में हम अपनी खासियत को भूल जाते है. अगर आप भी self-hatred जैसी कंडीशन में फंसे हुए है तो बेहतर होगा की खुद की खासियत पर जोर दे. जो चीजे आपको दूसरो से स्पेशल बनाती है उन्हें समझे और लाइफ में काम में लाए.

Article Credit : Lonerwolf

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