एक ऐसी तकनीक जिसके जरिये हम अपने बीते हुए कल की घटनाओ के प्रभाव को बदल सकते है

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hypnotism और self-hypnosis कर हम खुद में काफी change ला सकते है। जैसे की अपनी बुरी आदतों को छोड़ना या फिर किसी खास क्षेत्र में आगे बढ़ना। सम्मोहन के 2 रूप है बाह्य सम्मोहन और स्व सम्मोहन। सम्मोहन का आधार हमारा sub-conscious mind है। अपने मन के माध्यम से हम दूसरों पर अपना प्रभाव आसानी से डाल सकते है। सम्मोहन क्रिया के पहले रूप में साधक अपनी प्राण शक्ति के माध्यम से दूसरों पर इसका प्रयोग कर उन्हें hypnotize कर सकता है। स्वय सम्मोहन के लाभ में सबसे खास बात ये है ये अभ्यास आप खुद पर करते है इसलिए किसी तरह के डर की कोई बात नहीं होती। past life regression से छुटकारा पाने की तरकीब।

स्वय सम्मोहन के लाभ
वही दूसरे क्रिया भाग में वह उसी प्राण शक्ति का प्रयोग अपने पर खुद को सम्मोहित कर सकता है। अगर आपको सफल सम्मोहनकर्ता बनना है तो आपको स्वय सम्मोहन की क्रिया से गुजरना पड़ता है। क्यों की खुद को नियंत्रित करने के बाद ही हम दूसरों को नियंत्रित कर सकते है।

HYPNOTISM AND ZERO THOUGHT MIND

सम्मोहन के लिए आपका मन निर्विकार होना आवश्यक है। क्यों की आपकी प्राण शक्ति का प्रवाह सिर्फ निर्विकार मन ही नियंत्रित कर सकता है। इसके लिए हमें शवासन की विधि करनी चाहिए। सिर्फ शवासन से ही आप मन को और शरीर को control कर सकते है। शवासन आपके mind को powerful बनाता है और आप सिर्फ मानसिक भावना से शरीर के किसी भी हिस्से को control कर सकते है। उसे शिथिल कर सकते है। अपने मन को किसी दूसरी दिशा में ले जा सकते है और जब ऐसा हो तब समझ ले की आप सम्मोहन सिखने के पहले चरण को पार कर चुके है।

पढ़े : सम्मोहन सिखने के लिए त्राटक के खास अभ्यास

निर्विकार मन आपके चेहरे पर तेज लाता है क्यों की विचार दिन भर चलते रहने से आपकी प्राण शक्ति दिन भर बेकार waste होती रहती थी। अब यही प्राण ऊर्जा त्राटक के माध्यम से सम्मोहन में काम ली जा सकती है।

आप अपनी प्राण शक्ति को विशेष अभ्यास द्वारा निम्न ऊर्जा में बदल सकते है।

  1. जीवनदायी प्राण ऊर्जा
  2. चुम्बकीय शक्ति। विद्युत ऊर्जा / शक्ति।

सम्मोहन में आपकी प्राण ऊर्जा इसी चुंबकीय शक्ति में है जिसे हम आकर्षण शक्ति भी कहते है।

स्वय सम्मोहन के अभ्यास : self hypnosis at home

स्वय सम्मोहन के अभ्यास और कुछ नहीं है अपने आप को बार बार एक ही भावना देना है और वो भावना धीरे धीरे इतनी गहरी हो जाती है की सीधा आपके अवचेतन मन तक पहुँच जाती है। और एक बार अवचेतन मन तक कोई भावना पहुँच जाती है तो फिर वो success ही होती है। खुद को शिथिल करने के लिए हम त्राटक का सहारा भी ले सकते है।

या फिर किसी music का या फिर ध्यान का सहारा ले सकते है। विधि चाहे जो भी हो हमारा मन उसे सीधे सीधे ग्रहण कर लेने वाला होना चाहिए। हम खुद को relax करने के लिए music सुनते है या फिर game खेलते है। ये हमारी hobby होती है जो हमने खुद stress को दूर करने के लिए अवचेतन मन को बताई होती है। स्वय सम्मोहन के लाभ उठाने के लिए सरल अभ्यास निचे दिए गए है।

अभ्यास न. 1

अभ्यास से पहले खुद को निर्विकार और विचारशून्य बनाने की कोशिश करे फिर खुद को स्वय सम्मोहन के लिए तैयार करे।

  1. प्रातः काल नित्यक्रम से निपट कर कुछ मिनट तक शीर्षासन करे। इसके बाद आरामदायक आसन लगा ले और उस पर बैठ जाये।
    मस्तिष्क को शांत करने के लिए कुछ देर ध्यान का अभ्यास करे। इसके बाद अंतर्मन से सभी विचारों को निकाल कर कल्पना करे ( भावना दे ) की आपको नींद आ रही है।
  2. आपकी पलके भारी हो रही है। ध्यान दे सिवाय नींद के आपके मस्तिष्क में दूसरी भावना नहीं आनी चाहिए।
  3. कुछ देर भावना देने से आपको नींद अने लगती है और आप योग निद्रा जैसी स्थिति में चले जाते है।
  4. आप चाहे तो उस निद्रा को enjoy कर सकते है।
    इस निद्रा के बाद आपकी बुद्धि तेज होने लगती है, आपका खुद पर नियंत्रण बढ़ने लगता है। तनाव दूर करने में ये अभ्यास काफी हद तक सहायक है।

पढ़े : कम समय में कुंडलिनी जागरण की सर्वोत्तम क्रिया योग की विधि

अभ्यास न. 2

दोपहर में कमरा बंद करके आराम से कुर्सी पर लेट जाये। कमरे में सामने की दीवार पर अच्छी quality का mirror लगाइए।

  1. mirror से लगभग 3 फ़ीट की दुरी पर आरामदायक कुर्सी डालकर उस पर लेट जाइये ( आरामदायक मुद्रा ) दर्पण की ऊंचाई इतनी रखे की आपका चेहरा उसमे दीखता रहे।
  2. अब अपने मन को एकाग्र करते हुए विचारशून्य कर ले।
  3. दर्पण में दिखाई देने वाले अपने प्रतिबिम्ब पर नजर को जमाते हुए प्रतिबिम्ब का ही ध्यान लगाए ( mirror tratak ) कुछ देर देखने के बाद आँखे बंद करे और उसे अपनी आंतरिक दॄष्टि से सामने लाने का अभ्यास करे।
  4. ( अंतः त्राटक ) कुछ दिन के अभ्यास से आपको आँखे बंद करने के बाद भी प्रतिबिम्ब साफ दिखता रखता है।

अभ्यास न. 3

पहले के अभ्यास की तरह शौच क्रिया से निर्वृत होकर आसन लगा कर बैठ जाये।

  1. मन को निर्विकार बना ले और विचारशून्य भी। अब पूर्व दिशा की और मुंह कर लेट जाये। शवासन की विधि में आ जाइये जिसमे आपके हाथ और पैर फैले हो। जिस देवी देवता को आप मानते है उनका ध्यान करे।
  2. उनका अंतः त्राटक के अभ्यास द्वारा उन्हें अपने मानस पटल पर लाइए, किसी इच्छा की कामना कीजिये और सो जाइये.
  3. कुछ दिन बाद आपकी इच्छा खुद-ब-खुद पूरी होने लगती है। ये और कुछ नहीं आपकी अवचेतन मन की शक्ति का खेल है।
  4. ऊपर दिए गए अभ्यास को क्रम में करने से आपकी इच्छा-शक्ति और भावना शक्ति मजबूत होने लगती है। और आप खुद को सम्मोहित करने के काबिल हो जाते है।

पढ़े : सप्त चक्र का महत्व और हमारा व्यक्तित्व

याद रखे स्व-सम्मोहन के अभ्यास के लिए निम्न अभ्यास को पूर्ण करना जरुरी है।

  • शवासन
  • विचार-शुन्य साधना और निर्विकार मन की साधना।
  • योग- प्राणायाम मजबूत भावना शक्ति का अभ्यास।
  • इन अभ्यास से आप खुद घर बैठे स्व सम्मोहन कर सकते है।

स्वय सम्मोहन के लाभ – BENEFIT OF SELF HYPNOSIS

आइये जानते है स्वय सम्मोहन के लाभ जो आपको बदल सकते है। इनमे सबसे खास तो खुद में बदलाव लाना ही है बाकि आप चाहे तो खुद की आदतों में और बीमारी में भी सुधार ला सकते है।

  • स्व सम्मोहन से आप खुद की बीमारी ठीक कर सकते है।
  • स्व सम्मोहन से आप खुद का विकास कर सकते है। जैसे की मजबूत आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति, और भावना शक्ति से आप खुद में बेहतर बदलाव ला सकते है।
  • किसी भी तरह का PHOBIA हम खुद दूर कर सकते है, तनाव दूर कर सकते है।
  • अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते है।

past life regression की मदद से हम अतीत में जा सकते है, अपनी पुरानी यादास्त पा सकते है। यहाँ तक की कमजोर पड़ने लगी आपकी यादास्त भी वापस आ सकती है। स्वय सम्मोहन के लाभ में सबसे खास है पास्ट लाइफ सुधार करना।

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PAST LIFE REGRESSION- स्वय सम्मोहन के लाभ

Incarnation यानि की पुनःजन्म को medical science हमेशा से खारिज करती आई है लेकिन मनोविज्ञान की एक शाखा paranormal psychology के अनुसार हर इंसान का पुनःजन्म होता है और हमारे पिछले जन्म की बहुत सी घटनाएँ हमारी इस ज़िंदगी (present life) को भी काफी हद तक प्रभावित करती है।

इंसान की इस ज़िंदगी की बहुत सी मानसिक और शारीरिक बीमारियों के तार उसके पिछले जन्म से जुड़े होते है। जैसे की कई लोगो को जन्म से ही अंधेरे से डर लगता है तो कई लोगो को पानी से और उचाई से। इसके अनुसार किसी इंसान की पिछली जन्म मे हुई अकाल मृत्यु अगले जन्म मे डर पैदा करने का सबसे बड़ा कारण है।

इसके अलावा कई तरह के दर्द जो इलाज़ से ठीक नहीं हो पाते उनका संबंध और कारण इंसान के पिछले जन्म से हो सकता है। पिछले जन्म मे दुर्घटना से हुई पीड़ाए और तकलीफ़े उस इंसान के अगले जन्म मे भी पीछा नहीं छोड़ती अगर उसका निवारण पिछले जन्म मे नहीं हो पाया हो।

पास्ट लाइफ रिग्रेशन से बदले बीते कल को

इंसान के अधिकतर लगाव और talent बचपन से ही पता चल जाते हैं. ये सब हमारे पिछले जन्म की विशेषताएं हो सकती हैं। Past Life Regression एक ऐसा ही मनोवैज्ञानिक तरीका है जिसमे किसी भी इंसान को hypnosis (सम्मोहन) के जरिये उसकी बीती ज़िंदगी की यादों (memories) मे ले जाया जा सकता है। इस पद्धति का वर्णन भारतीय उपनिषदो मे काफी पहले किया जा चुका है लेकिन अब इस पर अमेरिका और यूरोप में अनेक researches हो रही हैं और वहां इस Technique को बहुत बड़े स्तर पर अपनाया जा रहा है.

अमेरीकन मनोचिकित्सक Dr. Brian Weiss ने इस थेरेपी (Therapy) पर काफी शोध किए है और इसे एक नया रूप दिया है जिसे पूरी दुनिया मे इस्तेमाल किया जाता है।

पढ़े : मानव मस्तिष्क और ब्रह्मांड से जुड़े आश्चर्यजनक तथ्य

पास्ट लाइफ रिग्रेशन थेरेपी

Past life regression (PLR) therapy के जरिये न सिर्फ किसी इंसान के पिछले जन्म की घटनाओ तक पहुचा जा सकता है बल्कि catharsis नाम की मनोवैज्ञानिक पद्धति के द्वारा कई दिक्कतों से छुटकारा पाया जा सकता है। Past life regression की प्रक्रिया मे इंसान को चेतना अवस्था मे परिवर्तन किया जाता है। स्वय सम्मोहन के लाभ द्वारा आप भी अपने बीते कल को बदल सकते है

  1. चेतना की इस अवस्था मे इंसान की सुझाव ग्रहण करने की क्षमता मे एकदम से तेजी आ जाती है और वह सुझावो पर अमल भी करने लगता है। इसमे समोहन के जरिये पिछले जन्म की घटनाओ को भी याद कराया जाता है।
  2. इसका उदेश्य इंसान के present problems तक पहुचना होता है जैसे की कोई डर, relationships मे दिक्कत, कोई बीमारी ।
  3. उस घटना तक पहुचकर catharsis के माध्यम से इंसान को उससे जुड़ी दिक्कत को वही छोड़ने की command दी जाती है। इससे इंसान उस पीड़ा, दिक्कत या डर से छुटकारा पा लेता है।
  4. Past life regression एक बहुत ही सुरक्षित मनोचिकित्सा है। इसमे किसी भी बेहोशी की दवाई या किसी भी प्रकार के chemical का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

स्वय सम्मोहन के लाभ हर कोई उठा सकता है बस आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए। अगर आपके मन में सम्मोहन से जुड़े या मन की शक्तियों को उभारने से लेकर कोई भी सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। आज की पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे और हमें subscribe करना न भूले।

6 COMMENTS

  1. इसी जन्म की पुरानी बातें, जो भविष्य के लिए डर पैदा करती हैं

    उन्हें कैसे भुलाएं ?

  2. आत्म बोध intuition, पर जानकारी चाहता हूँ

    क्या करें जब मन दो राहे पर खड़ा हो

    • देवेंद्र जी धन्यवाद आप कुछ समय अपने आप को देकर आत्मचिंतन करे। दोनों रास्तो पर आप क्या पाते है क्या खोते है विचार कीजिये। जब आप आत्मचिन्तन करेंगे तो आपका अवचेतन मन आपको सही रास्ता दिखाना शुरू कर देता है।

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