The Russian sleep experiment जब नींद न लेने की वजह से इन्सान नरभक्षी बन गए

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इतिहास में एक से बढ़कर एक प्रयोग हुए है लेकिन क्या आपने किसी ऐसे प्रयोग के बारे में सुना है जो किसी जानवर पर ना हो कर जिन्दा इंसानों पर किया गया हो वो भी क्रूर तरीके से. आज हम बात करने वाले है Russian sleep experiment के बारे में जो आज भी रहस्य बना हुआ है. इन्टरनेट पर ये प्रयोग जितना वायरल हुआ है उतना ही बताया जाता है की ये खौफनाक था.

रूस द्वारा किया गया ये प्रयोग 5 बंदी सैनिको पर किया गया था जिसमे शर्त ये थी की प्रयोग पूरा हो गया तो उन्हें छोड़ दिया जायेगा. शर्त ये थी की उन्हें 30 दिन सोना नहीं है जागते रहना है. ये शर्त मान भी ली गई लेकिन 15 दिन बाद ही इस प्रयोग के ऐसे परिणाम सामने आये की मजबूरन इस प्रयोग को बंद करना पड़ा.

Russian sleep experiment

जो भी कैदी इस प्रयोग का हिस्से थे उनकी हालत को देखकर काफी सवाल 2009 में creepy pasta नाम की वेबसाइट ने उठाए थे. हालाँकि जिस तरह का आर्टिकल इस वेबसाइट पर पब्लिश हुआ था उस पर भी काफी सवाल उठे थे लेकिन एक बात जो हमें इससे सीखने को मिली थी वो ये थी की नींद की कमी हमें Body and mental level पर affect करती है.

सवाल ये उठता है की अगर सही नींद ना ले तो क्या हम मानसिक रूप से विकृत बन सकते है ? दरअसल नींद की कमी की वजह से हमारे सोचने समझने की क्षमता पर काफी बुरा असर पड़ता है. इसी बेस पर इस प्रयोग की शुरुआत की गई लेकिन इसके परिणाम इतने भयानक थे की प्रयोग को बीच में ही रोकना पड़ा. आइये जानते है इस experiment के बारे में जिसे क्रूर प्रयोग में से एक माना जाता है.

Russian sleep experiment Hindi

आज दुनियाभर में ऐसी कई घटनाओं का जिक्र किया जाता है जो Viral तो बहुत हुई है लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ हुआ भी था इस बारे में संदेह है. ऐसी कई घटनाए है जो विवादित है और खूब वायरल हुई लेकिन सिर्फ उनके खौफ से ना की किसी हकीकत से. Russian sleep experiment भी उनमे से एक ऐसा Historical experiment है जो बेहद क्रूर था और इंसानों पर किया गया एक विवादित प्रयोग था.

आज हम इस तरह के प्रयोग के बारे में सोच भी नहीं सकते है. दरअसल नींद की कमी का हमारे ऊपर क्या असर होता है और अगर किसी को जबरदस्ती सोने ही ना दे तो उसके Body and mind पर क्या असर होगा इसे चेक करने के लिए 5 लोगो को बतौर experiment चुना गया और उन्हें 30 दिन तक एक चैम्बर में एक साथ रहने के लिए कहा गया था. ये प्रयोग साल 1940 में रूस द्वारा किया गया था.

यहाँ पर डील ये थी की उन्हें सोना नहीं है. और इसके लिए उनके चैम्बर में ऐसी गैस छोड़ी जाती थी जो उन्हें सोने ना दे.

सही नींद न देने का परिणाम

इन 5 लोगो को एक Air tight chamber में एक साथ रखा गया और उनकी गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाने लगा. शुरुआती समय में सब कुछ ठीक था और वे आपस में बाते करते हुए अपना टाइम स्पेंड करते थे. ऐसा सिर्फ पहले सप्ताह तक रहा क्यों की एक सप्ताह बाद हालत बिगड़ने लगे.

शुरुआती सप्ताह में ये लोग बाते करते थे वो उन्होंने बंद कर दिया और अब वे खुद में ही बड़बड़ाने लगे. 11 वे दिन इसके खतरनाक परिणाम समने आने लगे और पहली गतिविधि को देखा गया जब उनमे से एक व्यक्ति चैम्बर में बुरी तरह भागने लगा. वो लगभग 3 घंटे तक दौड़ता रहा और इस दौरान इतनी बुरी तरह से चीखता जा रहा था की उसका गला लगभग फटने को ही था.

हैरान कर देने वाली बात ये थी की आसपास के लोगो को उससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था मानो उनके सोचने समझने की क्षमता बिलकुल ख़त्म हो चुकी हो.

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प्रयोग को बीच में ही रोकने की कोशिश

इस तरह का मंजर देख कर इस प्रयोग को बीच में रोकने की कोशिश की गई. 15 दिन बाद जिस गैस से लोगो को सोने से रोका जा रहा था उसे बंद करने का फैसला लिया गया. Research team इस Russian sleep experiment को अब बंद कर देना चाहती थी. जब उन्होंने चैम्बर में छोड़ी जाने वाली गैस को बंद कर दिया तब experiments ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया.

वे कह रहे थे की अब उन्हें आजाद नहीं होना है इसलिए वो ऐसा न करे. हैरानी तब हुई जब chamber में झाँका गया. अन्दर का मंजर दिल दहला देने वाला था. जैसे ही गैस बंद हुई उनमे से एक की मौत हो गई. जब बाकि के लोगो पर ध्यान दिया तो पाया की उनके बॉडी में विकृति आना शुरू हो गई थी.

उनके शरीर के कई अंगो से मांस गायब था और हड्डियाँ निकल गई थी. ऐसा लग रहा था मानो ये लोग खुद ही नरभक्षी बन गए थे. कुछ लोगो ने ये माना की ये evil possessed हो चुके है और अब Paranormal powers इन्हें control कर रही है.

आत्मा का साया या मानसिक विकृति

जब Research team ने बाकि बचे लोगो को बाहर आने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया. उन लोगो ने अब सोने से भी इंकार दिया और कहा की उन्हें अब जागे रहना होगा. उनकी हरकतों से Research team को लगा की कही वे किसी तरह की Paranormal activity का शिकार तो नहीं हो गए क्यों की उनके behave में पूरी तरह बदलाव आ चूका था.

उन लोगो की हरकते एक दम आक्रामक हो चुकी थी. अपने चैम्बर से बाहर निकलने के प्रयास में उन्होंने लोगो पर हमला कर दिया और एक को मार दिया. इसके बाद चीफ कमांडर ने Research team को आदेश दिया की उन्हें भी इन लोगो के साथ रहकर इसकी स्टडी करनी चाहिए की उनके व्यवहार और बॉडी में इस तरह का बदलाव आखिर कैसे आया है.

ये आदेश सुनकर टीम घबरा गई और उनमे आक्रोश भर गया. गुस्से में एक मेम्बर ने चीफ को ही मार डाला. ऐसा माना जाता है की इस research से जुड़े हर व्यक्ति और गवाह को ख़त्म कर दिया और सालो तक इस बात को वहां की सरकार ने इस बात को दुनिया से छिपाए रखा.

कब हुआ इस बात का खुलासा : 2009 में एक website creepy pasta ने इसका खुलासा अपने एक article में करते हुए सोवियत यूनियन के इस प्रयोग को दुनिया के सामने लाया. उन्होंने दावा किया था की इस प्रयोग को जानबूझ कर दुनिया से छिपाया गया था और उन्होंने इस तरह के क्रूर प्रयोग किये.

Russian sleep experiment पर खड़े हुए सवाल

इस article ने दुनिया के सामने एक नई सच्चाई को लाने का काम तो किया लेकिन ये कितना सच है इस बात का खुद Creepy pasta के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं था. इस article में छपी दो बाते ऐसी थी जिन पर सवाल खड़े हुए थे जैसे की

  1. पहला ये की 5 में से जब 3 लोग मर गए तब 2 लोग बचे थे उनके दिल में हवा चल गई थी जब उनका ऑपरेशन किया जा रहा था. ऐसा वैज्ञानिक तरीके से संभव नहीं है क्यों की दिल में हवा जाना खतरनाक है और ऐसा होने पर सीधे मौत की सम्भावना होती है.
  2. दूसरा सवाल खड़ा हुआ था व्यक्ति के व्यवहार को लेकर आये बदलाव पर. दुनिया में ऐसी कोई दवा नहीं बनी है जो इंसानी व्यवहार को इस कदर बदल दे की वो नरभक्षी बन जाए.

ये 2 मुख्य सवाल थे जो article की जानकारी पर खड़े हुए थे. सच क्या है कोई नहीं जानता लेकिन Russian sleep experiment लोगो के बीच काफी वायरल हुआ था. आज आप YouTube पर इसके बारे में डिटेल से जान सकते है.

क्या इंसानी व्यवहार को इस कदर बदला जा सकता है

जहाँ तक बात आती है इंसानी मन की तो कुछ भी संभव है. अगर आप नोटिस करेंगे तो पाएंगे की खाना ना खाने का हमारे बॉडी पर क्या असर पड़ता है. खाना ना खाने की स्थिति में हमारे बॉडी की सेल खुद शरीर को खाने लगती है ये आज साबित हो चूका है. दूसरी बात इंसानी व्यवहार में इस तरह के बदलाव की बात करे तो अगर व्यक्ति सही तरह से नींद ना ले तो उसके ऊपर कई तरह के negative effect देखे जा सकते है.

आपने Zombies के बारे में सुना होगा. वायरस की वजह से दिमाग का काम करना बंद कर देना और बॉडी को सिर्फ मांस खाने की आदत हो जाना. इस तरह की कई मूवी आज हॉलीवुड में बन चुकी है और लोगो को लगता है की ये सिर्फ कल्पना है. लेकिन क्या आप जानते है की ऐसा एक parasite है जो zombie बना देने की क्षमता रखता है.

अभी तक इस Parasite को सिर्फ चींटियो पर देखा गया है. अगर इसका Mutation होता है तो शायद ये जानवरों को भी प्रभावित करना शुरू कर दे. खैर ये अभी तक इंसानों की पहुँच से बाहर है और शायद ऐसा करना कोई पसंद ना करे.

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नींद की कमी से शरीर और दिमाग पर क्या असर पड़ता है ?

अगर लम्बे समय तक नींद ना ली जाए तो शरीर पर कई Side effect देखे जा सकते है जैसे की

  • सोचने समझने की क्षमता कमजोर पड़ना.
  • शरीर को बैलेंस न रख पाना.
  • यादो को बनाए रखने में समस्या
  • हमारे नर्व सेल्स जो बनते मिटते रहते है उनका संतुलन बिगड़ जाता है.

इसके अलावा भी कई समस्या पैदा हो सकती है जो सामान्य तौर पर बहुत बड़े बदलाव की वजह बनती है.

Russian sleep experiment Conclusion

इतिहास के खौफनाक प्रयोग में से एक Russian sleep experiment वास्तव में हुआ था या फिर ये महज एक कल्पना थी. जिस वेबसाइट ने रूस के प्रयोग को वायरल किया था उनके खुद की जानकारी भी सवाल उठाए गए थे. अगर हम लम्बे समय तक सही नींद नहीं ले पाए तो सोचने समझने की क्षमता ख़त्म होने लगती है. सोचने समझने की क्षमता ख़त्म होने के बाद इन्सान सामान्य से नरभक्षी बन जाता है.

इस तरह की theory को कई मूवी में भी explain करने की कोशिश की गई है. आप इस बारे में क्या सोचते है कमेंट में हमें बताना न भूले.

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