remote viewing ऐसी खास तकनीक जिसमे आप एक जगह रहते हुए दुसरे जगह को देख सकते है

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आपने अभी तक दूर बैठे ही किसी खास घटना को देखने के बारे में सुना तो होगा ही लेकिन क्या आपको पता है की expert इसे कैसे करते है ? क्या आपके मन में कभी what is remote viewing को लेकर सवाल नहीं आया ? भविष्य या किसी भी समय काल की घटना को कही से भी देखने की एक खास कला जिसे अभी तक आपने psychic ability के नाम से जाना था वास्तव में ऐसा नहीं था. आज हम इस पोस्ट में how to remote view के बारे में जानने वाले है. अगर आप ये सीखना चाहते है तो घर बैठे remote viewing test के जरिये इसे check भी कर सकते है.

remote viewing techniques

हम सब मे मानसिक शक्तियां होती है और इसके हर तरीके को psychic ability में शामिल किया जाए ऐसा जरुरी नहीं. वैज्ञानिक तरीके से किया गया प्रयोग आपको extra sensory perception में सफल बनाता है यानि हम अपने शरीर की खास शक्ति को उभारते है. ये इससे थोडा सा अलग है क्यों की इसमें हम इसे वैज्ञानिक प्रयोग के जरिये आगे ले जाते है. आइये इस पोस्ट में इसे और ज्यादा करीब से जानने की कोशिश करते है.

What is remote viewing?

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है की आप एक जगह बैठे है और आपको अचानक ही कुछ ऐसा दिखाई देने लगता है जो आपके सामने बिलकुल एक टीवी प्रोग्राम की तरह चलता है, आपने अगर final destination movie देखी है तो आप मेरी बात को अच्छे से समझ गए होंगे. अब तक हमने subconscious mind की कई सारी खूबियों और शक्तियों के बारे में पढ़ा है जिसमे से एक है आने वाले कल को आज देख लेना लेकिन किस स्थिति में ? ये सब हम अवचेतन रूप से करते आये है.

हम उस स्थिति को महसूस तो कर लेते थे लेकिन जब होश में आते थे तब सबकुछ या तो भूल जाते थे या फिर धुंधला धुंधला याद रहता था लेकिन इस स्थिति में ऐसा नहीं है. यहाँ हम खुद को subconscious mind programming में इतना आगे तक ले जाते है की खुली आँखों से खुद को universal brain से जोड़ लेते है. आने वाली घटना को चेतन रूप से देखना remote viewing है जब की अवचेतन रूप से महसूस कर पाना हमारे sixth sense की powers है.

It’s a scientific method of tapping into the “universal mind,” transcending time and space, and bringing the unconscious into the conscious – and you can learn to do it

ये कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक तरीका है. इसलिए इसे सीखा जा सकता है जरूरत है तो बस आपको अपने आप को समय देने की. जब हम ऐसा कर लेते है तो खुद हमारा अपना मस्तिष्क इस तरीके से काम करना शुरू कर देता है. अगर आप इस बारे में जानने में और ज्यादा interested है तो इस पोस्ट को जरुर पढ़े.

What is remote viewing used for?

एक theory के अनुसार इस यूनिवर्स में जितने भी brain है सब से जुड़ा जा सकता है. इसी तर्क के आधार पर हम कुछ ऐसी तकनीक के अस्तित्व को मानते है जिसके जरिये ऐसा करना संभव है. इस तर्क को मजबूती मिलती है एक मोबाइल फोन से इस दुनिया में जितने भी मोबाइल फोन है सब कनेक्ट किये जा सकते है सिर्फ उनके सही कोड को अनलॉक किये जाने की जरुरत होती है. यही स्थिति काम करती है हमारे brain में हम सबके brain में एक ऐसा कोड है जिसे अनलॉक किये बगैर हम इसके अन्दर नहीं जा सकते है.

हमारा subconscious mind इसका gate keeper होता है जो हर thought को अन्दर जाने से रोकने की कोशिश करता है. Remoteviewer इसके लिए extrasensory perception यानि उन sensory part की help लेता है जो भौतिक रुप से परिभाषित नहीं किये जा सकते है. कुछ लोगो को ये mysterious practice जैसा लगता है क्यों की ये psychic powers से जोड़ा जाता है. वास्तव में ऐसा नहीं है क्यों की ये एक scientific method है जो की subconscious mind program से जुड़ा है. हम इसे न सिर्फ सीख सकते है बल्कि अपने जरुरत के हिसाब से इसे बदल सकते है.

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रिमोट व्यू के लिए आपको क्या चाहिए ?

रिमोट व्यू के लिए आपको किसी तरह की मानसिक शक्ति में एक्सपर्ट होना जरुरी नहीं है. ये एक तरीका है किसी भी इंसानी extrasensory perception का controlled use करना. अगर आप किसी एक particular target तक पहुंचना चाहते है तो आपको इसके लिए कुछ rules follow करने पड़ेंगे. इसके इस्तेमाल से हम किसी भी दुरी पर बैठे एक target के साथ distance और time को नकारते हुए जुड़ सकते है. quantum theory के अनुसार space में time का कोई महत्व नहीं है. इसलिए आप इसे सीख सकते है और कर सकते है.

मानसिक शक्ति से ये बिलकुल अलग हो सकता है क्यों की इसके लिए आपको एक मेथड की जरुरत पड़ती है. इसके लिए 5 सबसे ज्यादा जरुरी और काम में आने वाले element है.

  1. a subject (the remote viewer) –
  2. Active ESP abilities – कोई भी एक ऐसी mental ability जो आपको दुसरो से अलग बनाती है.
  3. Distant target – माध्यम जिस पर प्रयोग करना है.
  4. The subject’s recorded perceptions – माध्यम से जुड़ी कोई खास जानकारी.
  5. A confirmatory positive feedback – उनसे जुड़ने के बाद आपको क्या response मिल रहा है ये कुछ खास होना चाहिए.

इन सभी element को निर्धारित करने के बाद आप Remote viewing practice के लिए रेडी है. अभ्यास का समय कितना रहेगा ये तय नहीं है क्यों की ये 5 मिनट से लेकर एक घंटा लम्बा चल सकता है.

इसमें क्या कुछ नहीं हो सकता है ये भी जान ले

जब हम remote view का नाम सुनते है तो हमारे दिमाग में एक नाम और उभरता है out of body experience क्यों की ये अभ्यास ऐसा है की मानो हम अपने शरीर से बाहर निकल कर किसी खास लोकेशन पर हो. remoteviewer खुद को उस लोकेशन पर astral projection नहीं करते है बल्कि ऐसा अनुभव करते है.

अगर आपको लगता है की ये एक meditative, dream or trance state हो सकता है तो भी आप गलत है क्यों की ये स्थिति पूरी तरह चैतन्य रहते हुए की जाती है. एक मशहूर लेखक ने अपनी बुक “Remote Viewing: Conditions and Potentials,” में इस बारे में शेयर किया है. उसके अनुसार

हम बाकि सभी कंडीशन जैसे अवचेतन मन या ध्यान या फिर सूक्ष्म शरीर से बाहर अनुभव में खुद को conscious to unconscious state में ले जाते है और बाहर से अन्दर की और बढ़ते है. इसके लिए हम गहराई में उतरना जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते है लेकिन रिमोट व्यू में ये बिलकुल उल्टा है. हमारा अवचेतन मन या unconscious state अन्दर से बाहर की ओर आती है. ये पूरी तरह conscious state में रहते हुए किसी ऐसी चीज को महसूस करना है जो हम अभी तक अवचेतन रूप से करते आये है.

ये काम कैसे करता है ?

इस बारे में अभी तक कोई भी साफ साफ नहीं जान पाया है की आखिर ये काम कैसे करती है लेकिन फिर भी ज्यादातर लोगो जो इसे मानते है उनके अनुसार ये ब्रह्माण्ड एक स्टोर हाउस की तरह है जिसमे समय और दुरी सब ठहरा हुआ है. हम जो भी करते है वो सभी जानकारी किसी न किसी रूप में इसी ब्रह्माण्ड के स्टोर हाउस में स्टोर होती है.

जब हम hyper conscious state की अवस्था में जाकर इस Universal Mind के अन्दर घुसते है तो एक particular target से जुड़ी हमें वो जानकारी मिलती है जो उसके साथ कभी किसी समय में घट चुकी है. लेकिन क्या ये संभव है की कोई भी व्यक्ति ऐसा कर पाने में कामयाब हो सकता है ? नहीं ऐसा जरुरी नहीं है की सभी कामयाब हो और 100% जान सके.

A highly skilled remote viewer जरुर इस काम में 100% जानकारी निकाल सकता है. इस technique में लिया गया सारा डाटा completely accurate हो ऐसा भी जरुरी नहीं क्यों की ऐसे भी कई सारे फैक्टर है जो इसे प्रभावित करते है.

घटनाओं को देखने का काम कौन सीख सकता है ?

वैसे तो हर कोई इसे सीख सकता है और इसके लिए आपका किसी तरह की psychic ability में expert होना भी जरुरी नहीं है. लेकिन एक सफल remoteviewer बनने के लिए training and diligent practice की बेहद जरूरत होती है. कुछ रिसर्च के अनुसार left-handed people इसे आसानी से सीख सकते है. इसे सीखना एक musical instrument सीखने जैसा है. इसमें ऐसा कुछ भी नहीं की आप इसे पढ़ लोगे और सीख जाओगे बल्कि time, motivation and dedication के साथ इसे practice करना होगा तभी आप इसमें सफल हो सकते है. हर कोई इसे सीख सकता बशर्ते वो समय के साथ इसे धेर्य से सीखे.

अगर आप सच में potential of remote viewing को लेकर जिज्ञासा रखते है तो आपको ऐसे कई resource के बारे में जानना होगा जो आपको इसमें expert बना सकते है. जो भी जानकारी आपके लाइट फिट हो आप उसे अपना सकते है. इस पोस्ट में फ़िलहाल में सिर्फ एक technique और experiment के बारे detail शेयर करने जा रहा हूँ जिसे आप कर सकते है.

How to experiment with remote viewing

हम जानते है की remote viewing एक psychic phenomenon of ESP (extrasensory perception) का controlled method है जिसे कुछ खास तरीको द्वारा अनुभव किया जाता है. अगर expert कुछ खास set of protocols (technical rules) का use करता है तो वो अपने मन चाहे target को achieve कर सकता है. इसके जरिये वो किसी भी व्यक्ति, वस्तु या खास घटना को catch करता है जो उससे दूर होती है समय और दुरी के मामले में.

ESP यानि कुछ खास तरह की psychic ability practice से ये अलग है क्यों की उसमे हम अपनी ability का इस्तेमाल करते है और इसमें कुछ खास technique का. एक सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक को यहाँ सरल शब्दों में समझने की कोशिश करते है जो की hard है और सीखने के लिए कम से कम 6 घंटे का समय चाहिए.

6 hour remote viewing experiment in Hindi

ये एक 6 घंटे की practice है जिसमे हम संयम से नियमित अभ्यास करना होता है. अगर आप ऐसा कर सकते है तो आप इस अभ्यास को एक्स expert level पर कर सकते है. चलिए जानते है इस अभ्यास के बारे मे,

आपका पहला निर्णय : अभ्यास को करने से पहले उसके बेसिक स्टेप के बारे में आपको पता होना चाहिए. सबसे पहले तो इसमें 2 चीजो के बारे में क्लियर होना चाहिए पहला एक viewer जो की वास्तव में remote viewing करता है और दूसरा एक sender जो viewer को information transmit करता है.

target को तैयार करना : इसके लिए एक तीसरा व्यक्ति चाहिए जो इस experiment में शामिल नहीं होता है लेकिन इसका एक हिस्सा होता है. उसका काम आपके लिए एक target तैयार करना होता है. कम से कम 15-20 target ऐसे बना ले जिसके बारे में इस तीसरे व्यक्ति को डिटेल से जानकारी हो. आप जो जानकारी ले रहे है उसे एक कार्ड में नोट करे जिसमे उसके बारे में, आपसे दुरी और कुछ खास बाते शामिल होनी चाहिए.

कार्ड को सुरक्षित करे : कार्ड पर डिटेल नोट कर इसे बिना किसी ऊपर लिखी जानकारी के सुरक्षित कर रख दे.

1. target को choose करना : एक चौथे व्यक्ति को चुने जो आपको उन कार्ड में से एक कोई भी रैंडम कार्ड निकाल कर viewer को देगा.

2. समय का चुनाव करे : आपके अभ्यास का समय अब शुरू होता है. दिन का एक खास समय जिसमे sender और viewer दोनों के बिच कोई कांटेक्ट न हो उस समय इसका अभ्यास करना चाहिए. मान लीजिये आपको अभ्यास करना है सुबह 8 बजे और 10 बजे तक करना है तो इस दौरान आपका और माध्यम का कोई कांटेक्ट नहीं होना चाहिए न ही पता होना चाहिए की अभ्यास किस समय किया जा रहा है.

3. Open the envelope: जो लिफाफा चौथे व्यक्ति ने दिया है उसे खोले. target की location देखे और उस लोकेशन पर जाए. जिस समय अभ्यास शुरू करना है उस समय आपको उस जगह होना जरुरी है.

4. Viewer preparation: जिस समय अभ्यास शुरू करना है उस दौरान viewer को कुछ तैयारी कर लेनी चाहिए जैसे की किसी भी तरह के disturbance से खुद को दूर कर लेना, फोन बंद करना और ध्यान जैसी स्थिति में आना यानि आरामदायक कपड़े पहनना और एक ऐसी जगह बैठना जहाँ पर अभ्यास के दौरान कोई परेशानी न हो.

5. Start sending अब शुरू होता है दोनों के बीच information transfer process का अभ्यास.  sender जो की उस लोकेशन पर होता है जिसका चुनाव किया गया था वो उस लोकेशन का सब डिटेल viewer को भेजना शुरू कर देता है. इस डिटेल को उसी तरह भेजना चाहिए जैसे की viewer खुद उस जगह पर हो.

6. Start viewing: तय समय पर viewer को भी अभ्यास के लिए रेडी होना चाहिए. जो भी डिटेल sender ने भेजी थी उसे viewer को एक पेन और पेपर की मदद से नोट करना चाहिए. remote viewer को जो भी इम्प्रैशन उस दौरान मन में आते है वो नोट करने चाहिए. ध्यान दे की इस दौरान sender को भी उस लोकेशन से जुड़ी जानकारी को नोट कर लेना चाहिए. बेहतर होगा की फोटो या विडियो जानकारी ले ली जाए.

7. Ending the experiment जब ये प्रयोग ख़त्म हो जाए तो अंत में सभी डिटेल को तारीख समेत एक जगह कर ले और किसी और व्यक्ति को दे दे.

8. जानकारी को मिलाना : दोनों की डिटेल को अभ्यास के बाद किसी ऐसे व्यक्ति को देना चाहिए जो उस प्रयोग से जुड़ा न हो. वो व्यक्ति आप दोनों के बिच एक जज का काम करता है. अभ्यास की जानकारी कितनी मिलती है उसी के आधार पर ये तय किया जाता है की ये प्रयोग कितना सफल रहा है.

9. फाइनल परिणाम : इस प्रयोग से जुड़े सभी व्यक्ति को एक जगह इकट्ठा होना चाहिए और बाद में सभी की डिटेल एक दुसरे से कितनी मैच कर रही है उसके आधार पर आपका प्रयोग परिणाम निकाला जाता है. ध्यान दे सभी व्यक्ति यानि चारो व्यक्ति की जानकारी.

10. दोबारा अभ्यास को रहे तैयार : पहले अभ्यास के दौरान क्या परिणाम रहे उसके आधार पर आगे की तैयारी करे. Psychic experiments में समय और धैर्य की जरुरत होती है इसलिए अगर सफल रहे है तो आगे बढे और नहीं हुए तो हिम्मत न हारे बल्कि दोबारा उसी जोश से तैयारी करे. आपका result अगर सकारात्मक रहता है तो आप आगे लोगो के साथ अपने Remote viewing test शेयर कर सकते है.

ध्यान देने योग्य बाते

  1. जिस तीसरे व्यक्ति का चुनाव target को select करने के लिए किया जाता है उस व्यक्ति को ऐसी लोकेशन का चुनाव करना चाहिए जो की बेहद खास हो और जानकारी लिए हुए हो. अगर आप ऐसी जगह का चुनाव करते है जो बेहद सामान्य है तो आप शायद इसे सही तरह से शेयर नहीं कर पाओगे.
  2. जिस लोकेशन और target का चुनाव किया जाता है उसके साथ viewer और sender दोनों को ही पहले या अभ्यास के दौरान मिलना नहीं चाहिए नहीं तो किसी भी तरह की जानकरी का पहले से दिमाग में शेयरिंग होने की वजह से सही परिणाम नहीं मिल पाएंगे.
  3. इस अभ्यास के दौरान viewer को अपने conscious brain का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. सही अवस्था में जाने के बाद उसके दिमाग में जो भी impression आते है उन्हें बिना किसी तर्क के नोट कर लेना चाहिए. हो सकता है जानकारी अटपटी लगे लेकिन अगर आप तर्क करते है या कोई दूसरी स्थिति के बारे में सोचते है तो सही result नहीं मिलेंगे.
  4. कुछ लोगो के अन्दर इसे लेकर एक strong vibration होता है. उन्हें सिर्फ बैठने या आरामदायक स्थिति में सोने की जरुरत होती है. एक सहायक भरोसेमंद व्यक्ति की सहायता से वो अपने नोट को रिकॉर्ड कर सकते है या फिर ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते है. इस अभ्यास के दौरान सहायक को सिर्फ रिकॉर्ड करना है ना की किसी तरह का हस्तक्षेप.
  5. कोशिश करते रहे क्यों की psychic experiment जैसे की remote viewing इसमें समय लगता है. समय और दुरी के हिसाब से या फिर अलग अलग लोगो के कारण अनुभव अलग हो सकते है. हो सकता है की जिस अभ्यास में आपको सुबह एक व्यक्ति के कारण परिणाम सही नहीं मिला शाम को दुसरे व्यक्ति के साथ आपको सही अनुभव मिल जाए.

how to successful remote viewing – final thought

भविष्य की घटना को देखना और उन्हें महसूस करना अलग अलग अभ्यास का हिस्सा है. काल ज्ञान साधना द्वारा हम भविष्य की घटनाओं को पहले ही देख सकते है लेकिन remote viewing technique एक scientific method है जिसे करना सेफ है. ये अभ्यास ऐसा है जैसे मानो हम एक टीवी देख रहे है और हमारे सामने घटना एक फिल्म की तरह दिखाई दे रही है.

अगर आप इसमें कामयाब बनना चाहते है तो आपको धैर्य और संयम से अभ्यास करने की जरूरत है. हम ऐसा कर सकते है इसमें कोई शक नहीं लेकिन हर चीज एक वक़्त के बाद ही सफलतापूर्वक की जा सकती है इसलिए अगर शुरुआत में आपको सफलता न मिले तो घबराए नहीं बल्कि जोश के साथ दोबारा अभ्यास करे आप जरुर कामयाब बनेंगे.

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