बीते कल की घटनाओ और पुनर्जन्म को याद करने का अभ्यास

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बीते कल की घटनाओ का स्मरणहमारा बिता हुआ कल हमारी बहुत सी यादे और अनुभव लिए हुए होता है। हम आज जो भी करते और करने वाले है इसमे बीते हुए कल की घटनाए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है लेकिन हम अपने बीते कल के बारे में कितना जानते है? ज्यादा से ज्यादा बीते हुए कुछ काल की घटनाए। ऐसा क्यों ? क्या ऐसा नहीं हो सकता की हम अपने बीते कल की घटनाओ का स्मरण रख पाए.

हमारे हर पल की घटनाए अवचेतन मस्तिष्क में स्टोर होती रहती है ये तो हम पहले की पोस्ट में समझ ही चुके है लेकिन उन्हें रिकॉल कैसे करे, कैसे उन्हें जरुरत के हिसाब से याद रखे। अगर आपने अवचेतन मन की पहले की पोस्ट पढ़ी है तो आप जान जायेंगे की कैसे अभ्यास द्वारा हम अपने मन को किसी भी परिस्थिति के अनुसार प्रोग्राम कर सकते है। आइये आज की पोस्ट में जानते है की बीते कल की घटनाओ को याद रखने के लिए क्या करे।

हमारी स्मरण-शक्ति इतनी कमजोर क्यों ?

बीते कल की घटनाओ को याद करने से पहले आप इस बात को अच्छी तरह से समझ ले की हमारा मस्तिष्क एक निर्धारित तरीके से काम करता है। लंबे समय तक आप इसे एक वे में इस्तेमाल करते आये है जिसकी वजह से हमारा मन सिर्फ उन घटनाओ को याद रख पाता है जो हमारे लिए खास हो। कहने का मतलब है छोटी छोटी घटनाये आप हमेशा नजरअंदाज करते आये है। इस वजह से हमारा मस्तिष्क सिर्फ कुछ क्षेत्र पर ही एक्टिव है जैसे की :

  • जो घटनाए आपके लिए महत्वपूर्ण है जैसे की आपका जन्मदिन या फिर कोई ऐसा दिन जब आपने कुछ बड़ी उपलब्धि हासिल की हो।
  • अगर आपमें आत्मविश्वास और मनोबल की कमी है तो आपका मस्तिष्क ऐसी घटनाओ को ज्यादा याद रखता है जिनमे आप कमजोर साबित हुए हो, आप की हार हुई हो या फिर आपने कुछ खोया हो।
  • इन सबके अलावा हमारा मस्तिष्क बीते कल की घटनाओ को इन वजह से भी याद नहीं रख पाता है क्यों की हम फोन और सोशल मीडिया पर निर्भर होते जा रहे है।

ये सब कुछ ऐसी वजह है जिनकी वजह से हमारा मस्तिष्क इस हद तक कमजोर हो गया है की हम बगैर फोन के अपने करीबी रिश्तेदारो के नंबर भी याद नहीं रख सकते है।

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बीते कल की घटनाओ का स्मरण-याद करने का तरीका :

बीते कल की घटनाओ को याद करने के लिए हमें कुछ ऐसे बातो का ध्यान रखना पड़ता है जो हमारे मस्तिष्क को क्लू या हिंट देती हो घटनाओ से जुड़ी जानकारी के बारे में। इसके लिए आप निम्न उपाय कर सकते है।

घटनाओ को टुकड़ो और स्थान के साथ जोड़ कर याद करे। हम कब क्या करते है उसकी कल्पना करना। सपनो का सही इस्तेमाल करे। सपनो द्वारा हम बेहतर तरीके से अपने बीते कल की घटनाए याद रख सकते है। कैसे निचे दी गई निम्न स्टेप फॉलो करे और बनाये अपने मस्तिष्क को सुपर पावर जो किसी भी घटनाओ को भूलता नही।

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अपनी विश्वसनीय क्षमता को परखे :

पुनर्जन्म के बारे में आपका क्या मानना है ? ज्यादातर लोग इसे महज एक कल्पना मानते है। जिस चीज से जुड़ी बातो पर आप विश्वास नहीं करते आप उन्हें याद नहीं रख सकते। ये सबसे बड़ी वजह है की हम बीती घटनाओ को भूलते जाते है। अगर आप भगवान् में विश्वास करेंगे तभी आप मंदिर और मूर्ति पूजा में आस्था रख पाएंगे। इसलिए सबसे पहले विश्वास करना सीखे क्यों की अवचेतन मस्तिष्क को सबसे ज्यादा प्रभावित यही कारक करता है।

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बीते कल की घटनाओ की यात्रा :

बीते कल की घटनाए रिकॉर्ड करने की कोशिश करे। आप डायरी का इस्तेमाल कर अपने बीते वक़्त की यादो को लिखने की कोशिश करे जैसे जैसे आप लिखने की कोशिश करेंगे आपके सामने बीते कल की घटनाये चलचित्र की तरह स्पस्ट होने लगेगी। क्यों की लिखना यानि घटनाओ की दोबारा रचना करना। इसकी वजह से ही हमें डायरी लिखने की सलाह दी जाती है।

घटनाओ की सूचि बनाना और उन्हें इंगित करना

घटनाओ को अगर किसी जगह या वस्तु से जोड़ दिया जाये तो वो लंबे समय तक याद भी रखी जा सकती है और हमें एक नया रोचक तथ्य मिलेगा। जैसे की जयपुर शहर में सांगानेर आप रहते है और वहां की घेवर आपको पंसद आयी हो तो जब भी आप घेवर खाएंगे आप चाहे कही भी हो जयपुर के सांगानेर की याद आपको जरूर आएगी। इस तरीके को आजमाना अपने आप में रोचक भी है और नयापन भी।

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स्वपनावस्था को इस्तेमाल करना सीखे :

आपने सपनो के रोचक तथ्य में पढ़ा होगा की जो हम दिनभर सोचते है रात्रि को सपने में वही सब देखते है। ये बिलकुल सही है और बड़े काम की भी क्यों की कुछ बाते जिन्हें हम ज्यादा याद रखना चाहे उन्हें उस वक़्त दोहरा दे जब हमें सोना हो। सोने से कुछ वक़्त पहले हमारा चेतन मस्तिष्क शिथिल होने लगता है और ये वक़्त होता है बीते कल की घटनाओ का स्मरण करने के लिए अवचेतन मस्तिष्क के जाग्रत होने का।

यही वजह है की सोने से पहले अगर 20 से 30 मिनट पहले हम सभी गतिविधि रोक दे तो हमारी स्मरणशक्ति में बड़ा इजाफा होता है। अब तो आप जान ही गए होंगे की सोने के वक़्त फोन और टीवी से दूर क्यों होना चाहिए।

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आप किस जगह ज्यादा ध्यान देना पसंद करते है

क्या आपने कभी महसूस किया है की आप किसी चीज की कल्पना करते है और कुछ समय बाद अपने आसपास उसे ही पाते है। जैसे आप कल्पना करते है की आप कही महँगी जगह बैठकर पार्टी कर रहे है या करने वाले है और कुछ समय पश्चात् आपके दोस्त आपके साथ महंगे रेस्टोरेंट में बैठ कर पार्टी कर रहे होते है।

हकीकत में ये इसलिए होता है क्यों की आप इसे महत्व देने लगते है। आकर्षण का सिद्धान्त नामक पोस्ट में आप पढ़ सकते है की कैसे हमारा अवचेतन मन हमारी पसंद को रियलिटी में बदलता है। जब हम किसी एक चीज को ज्यादा सोचने लगते है तो हमारा अवचेतन मन उस पर काम करना शुरू कर देता है ज्यादा जानकारी के लिए पोस्ट जरूर पढ़े।

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बीते कल की घटनाओ का स्मरण-ध्यान द्वारा :

बीते कल को याद रखने का सबसे बढ़िया तरीका है आंखे बंद करो और धीरे धीरे अपने भूतकाल में जाने की कोशिश करे। बीते कल की घटनाओ का स्मरण करने के लिए आप निम्न चरण अपनाये।

पहला चरण

सबसे पहले तो आप वक़्त निर्धारित करे की आप इसे कब करना पसंद करते है सुबह या रात्रि को। क्यों की सुबह उठते वक़्त के कुछ समय बाद तक और रात्रि को सोते वक़्त का समय सबसे ज्यादा अनुकूल है क्यों ? ये आप जानते है। हमारा अवचेतन मन।

  • आप बैठ कर और लेट कर दोनों ही तरीके से कर सकते है। सुबह उठने के बाद सिर्फ बिस्तर पर ही बैठ जाए और  स्मरण करने की कोशिश करे की आपने रात्रि को सपने में क्या देखा आप चाहे तो सपनो को लिख भी सकते है। इससे आप लंबे समय तक कुछ भी नहीं भूलेंगे।

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  • रात्रि को बिस्तर पर जाने से पहले शांति से बैठ जाये या फिर बिस्तर पर लेट कर दिनभर की घटनाओ को स्मरण करने की कोशिश करे। कुछ ऐसी छोटी छोटी घटना जिन्हें आपने दिनभर नजरअंदाज किया खासतौर से याद करने की कोशिश करे क्यों की बीते कल को याद रखने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

दूसरा चरण :

जब आप छोटी छोटी घटनाओ को भी पकड़ने में सक्षम हो जाते है तब इस अभ्यास को बढाइये। पहले जहां आप सिर्फ आज दिन की घटना या सपने को याद कर रहे थे अब उससे पीछे जाने की कोशिश करे। मतलब पिछले कुछ दिन की घटी घटनाओ को स्मरण करे और उनमे भी छोटी से छोटी घटना को भी पकड़ने की कोशिश करे क्यों की हम कुछ ऐसी बातो को नजरअंदाज कर देते है जो हमें काम की नही लगती पर असलियत में वो काम की हो सकती है। बीते कल की घटनाओ का स्मरण करने में ये चरण खास है।

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तीसरा चरण :

जब दोनों चरण पुरे कर ले तो खुद में आये बदलाव पर गौर करे। अब आप ज्यादा एक्टिव रहते है, आपकी सोचने समझने की क्षमता में इजाफा हो गया है और अब आप खुद को यादो से जोड़ कर कण्ट्रोल भी कर सकते है। अब आप अभ्यास को महीनो और सालो पर फोकस करे। ये कठिन हो सकता है पर मुमकिन है क्यों की हर बीती घटना का कुछ क्लू आपका मस्तिष्क हमेशा याद रखता है।

अंतिम शब्द :

हमारा मस्तिष्क बड़ी से बड़ी घटना को एक छोटे से हिंट या क्लू में सहेजे रखने में सक्षम है। अगर आप इस बात को समझ सकते है तो आप बड़े से बड़ा एग्जाम पास कर सकते है वो भी बगैर रट्टा और ज्यादा मेहनत के। मेने 10वी कक्षा में इसे आजमाया था और सफलता भी मिली थी। इसमें आपको करना कुछ नहीं मोटी मोटी किताबो के नोट्स बनाने है जिनमे एक छोटा वाक्य बनाना है जो पुरे वाक्य का सार होता है। घटनाओ को छोटे छोटे टुकड़ो में ज्यादा बेहतर स्मरण किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल आप निम्न जगह कर सकते है।

  1. पढाई में खासतौर से बड़े एग्जाम में।
  2. बड़ी उम्र के व्यक्ति इसका प्रयोग घटनाओ और नामो को याद रखने में कर सकते है।
  3. अगर इसका प्रयोग बड़े स्तर पर धीरे धीरे किया जाये तो अवचेतन मस्तिष्क को बगैर ज्यादा मेहनत किये जाग्रत कर सकते है।

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दोस्तों बीते कल की घटनाओ का स्मरण करने के साथ साथ पुनर्जन्म की यात्रा भी इस सरल अभ्यास द्वारा संभव है। क्यों की सम्मोहन द्वारा अवचेतन मन को ज्यादा मात्रा में जाग्रत कर हम सीधे ही घटनाओ में प्रवेश करते है। आज की पोस्ट बीते कल की घटनाओ का स्मरण आपको कैसी लगी हमें कमेंट द्वारा जरूर बताए।

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