मासिक धर्म में होने वाली तकलीफ में आराम के लिए अपनाये ये घरेलु नुस्खे – home remedy

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आज हम बात करने जा रहे है Home remedies for Period cramps relief के बारे में जो की महिलाओं से जुड़ा एक खास टॉपिक है. काफी सारी महिलाए या लड़कियां अपने पीरियड के शुरुआत में होने वाले abdominal or pelvic pain से बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करती है. भले ही आज के लाइफ स्टाइल में ये एक सहज बात हो लेकिन इसमें कुछ महिलाओं को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है.

Period cramps relief

ज्यादातर महिलाए इसे एक नार्मल प्रॉब्लम मान कर इग्नोर करने की कोशिश करती है लेकिन समस्या तब आती है आगे चलकर उन्हें माँ बनने में कठिनाई आती है. महीने के उन दिनों में कुछ हद तक दर्द होना आम बात है लेकिन अगर आप अनियमित माहवारी, बहुत ज्यादा मात्रा में स्त्राव जैसी समस्या से गुजर रही है तो आपको किसी एक्सपर्ट से जरुर इस बारे में बात कर लेनी चाहिए क्यों की समय के साथ इसकी वजह से आपको आगे चलकर दिक्कत आ सकती है.

what is menstrual cramp in Hindi

Menstrual cramp यानि माहवारी के दौरान होने वाला दर्द जिससे हर महिला या लड़की हर महीने के कुछ दिन तकलीफ से गुजरती है. हर महीने शरीर में अंडा बनाने की प्रक्रिया अपने चरण को पूरा करती है और अंत में पीरियड के दौरान शरीर से निष्काषित हो जाता है. इस प्रक्रिया में endometriosis or uterine fibroid की वजह से दर्द का सामना करना पड़ता है.

Symptoms

माहवारी के दर्द की पहचान आप निम्न तरह से कर सकती है

  • पेट के निचले हिस्से में Throbbing or cramping pain का अहसास होना यानि वो हिस्सा जिसे कुछ लोग पेडू भी कहते है.
  • पीरियड शुरू होने से पहले के दौरान होने वाला दर्द जो की 24 से 48 घंटे पहले शुरू होता है और अंत तक भी बना रह सकता है.
  • ख़राब मूड, बार बार मन उचटना या चिडचिडापन महसूस होना.
  • शरीर के lower back and thighs जैसे हिस्सों में दर्द का अनुभव करना.

ये सभी Menstrual cramp की शुरुआती लक्षण है जिनके आधार पर आप ये अनुभव करते है. इसके आलावा कुछ महिलाए Nausea, Loose stools, Headache, Dizziness जैसी प्रॉब्लम को भी फेस कर सकती है.

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माहवारी के दर्द की वजह

माहवारी के दौरान होने वाले दर्द की काफी सारी वजह हो सकती है. इस दौरान ग्रभाशय में खिंचाव उत्पन होता है जिसके साथ साथ prostaglandins जैसे हॉर्मोन भी इसकी वजह बन सकते है. अगर आपको ज्यादा मात्रा में दर्द का अनुभव होता है तो इसकी वजह इस हॉर्मोन का ज्यादा मात्रा में स्त्राव होना है.

इसके अलावा कुछ और भी वजह है जो इस दर्द को बढाने की वजह बनती है

  • Endometriosis – वो उत्तक जो आपके uterus से जुड़े है और समय समय पर बाहर उत्सर्जित किये जाते है.
  • Uterine fibroid – uterus की वाल में होने वाली noncancerous growths जिसकी वजह से साइज़ बढ़ जाता है उसकी वजह से भी दर्द में बढ़ोतरी होती है.
  • Adenomyosis – वो उत्तक जो uterus हर महीने निष्काषित करता है कई बार उसकी बाहरी दीवार पर ही ग्रोथ करने लगते है.
  • Pelvic inflammatory disease – ये एक female reproductive organs infection है जो की आमतौर पर sexually transmitted bacteria से फैलता है.
  • Cervical stenosis – कुछ महिलाओं में opening of the cervix इतनी छोटी होती है की वो menstrual flow को सहन नहीं कर पाती है. इसकी वजह से भी दर्द की समस्या बनती है.

माहवारी के दर्द से जूझने के Risk factors

  • अगर आपकी उम्र 30 साल से निचे है.
  • माहवारी आना अभी शुरू ही हुआ है यानि शुरुआती उम्र.
  • कुछ महिलाओं में इस दौरान ज्यादा ही स्त्राव की समस्या देखी जाती है.
  • अगर आपको irregular menstrual bleeding जैसी समस्या है यानि अनियमित माहवारी.
  • स्मोक करने वाली महिलाए.

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क्या इसमें किसी तरह के Complications देखे जा सकते है ?

हालाँकि इसके किसी तरह के कोई भी जटिल केस सामने नहीं आये है लेकिन इसकी समस्या की वजह से school, work and social activities पर पड़ने वाले प्रभाव आपको परेशान कर सकते है.

इसके अलावा कुछ ऐसी समस्या है जिससे आप सामना कर सकती है जैसे की endometriosis जैसी problem की वजह से fertility problems पैदा होना या फिर Pelvic inflammatory disease की वजह से fallopian tubes में समस्या पैदा होना.

Period cramps relief tips

ऐसे काफी सारे home remedies, menstrual cup, exercise जैसे टिप्स है जिन्हें आप फॉलो कर सकती है. पहले के समय में जब शारीरिक श्रम दिनभर चलता रहता था महिलाए इस तरह के दर्द को आसानी से heal कर लेती थी लेकिन समय के साथ कामकाजी महिलाओ में बढ़ोतरी हुई है.

अगर आप इस तरह period cramps से बहुत ज्यादा तकलीफ में गुजर रहे है तो इन टिप्स को फॉलो करे, ये एक्सरसाइज और टिप्स आपकी तकलीफ को कम करने में कारगर तरीके है.

  • पीरियड्स में दर्द – व्यायाम (Exercise)

Period cramps relief के घरेलू उपाय, कई शोधों से पता चला है कि व्यायाम मासिक धर्म/माहवारी की पीड़ा को कम कर सकता है. आप किसी भी तरह का व्यायाम कर सकते हैं जैसे साइकिलिंग या जॉगिंग.

  • पीरियड की समस्या – मालिश (Massage)

कुछ लोग अपने शरीर का दर्द दूर करने के लिए मालिश का प्रयोग करते हैं. पेट के दर्दभरे हिस्से पर हलकी गोलाकार मुद्रा में मालिश करने से आपको फायदा मिलेगा.

Period cramps relief से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलु उपाय किये जा सकते है. इसके लिए आपको किसी से पूछने की कोई हिचक भी नहीं होगी और आप इस तकलीफ को कम या दूर कर सकती है देखिये कुछ घरेलु नुस्खे.

  • अदरक

पीरियड्स में दर्द के दौरान अदरक का सेवन भी तुरंत राहत पहुंचाता है. एक कप पानी में अदरक के टुकड़े को बारीक काटकर उबाल लें. चाहें तो इसमें स्वादानुसार शक्कर भी मिलाएं. दिन में तीन बार भोजन के बाद इसका सेवन करें.

  • अजवाइन

पीरियड्स के दौरान महिलाओं में गैस्ट्रिक की समस्या बढ़ जाती है जिसकी वजह से भी पेट में दर्द होता है. अजवाइन आधा चम्मच और थोडा सा नमक को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पीने से दर्द से तुरंत राहत मिल सकती है. इसके अलावा, पीरियड्स के दिनों में अज्वाइन को चुकंदर, गाजर और खीरे के साथ जूस बनाकर पीने से भी दर्द नहीं होता.

  • तुलसी

एक बेहतरीन नैचुरल पेन किलर है जिसे पीरियड्स के दर्द में बेझिझक ले सकते हैं. इसमें मौजूद कैफीक एसिड दर्द में आराम पहुंचाता है. ऐसे में दर्द के समय तुलसी के पत्ते को चाय में मिलाकर पीने से भी आराम मिलता है.

  • डेयरी उत्पाद दूध और दूध के बने उत्पाद

डेयरी उत्पाद दूध और दूध के बने उत्पाद का सेवन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है. जिन महिलाओं के शरीर में कैल्शियम की कमी होती है उन्हें मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं अधिक होती हैं. ऐसे में न सिर्फ पीरियड्स बल्कि हमेशा दूध व पनीर दही का सेवन महलिओं के बहुत जरूरी है क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है.

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period cramps relief – डॉक्टर से कब संपर्क करें?

कभी कभी कूल्हों के अंदर का दर्द किन्हीं और कारणों से भी हो सकता है. अगर आप अपने दर्द को लेकर चिंतित हैं तो दवा की दूकान पर या किसी डॉक्टर से इस बारे में पूछताछ कर सकती हैं. इन स्थितियों में आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:-

  • मासिक धर्म के घरेलू उपाय, आपको काफी भयंकर दर्द है और यह दर्द काफी दिनों से यूँ ही बना हुआ है.
  • आपके मासिक धर्म/माहवारी का समय ना होते हुए भी आपके पेट में दर्द हो रहा हो.
  • आपको मासिक धर्म/माहवारी के बीच में रक्तपात का सामना करना पड़ रहा हो और यह रक्तपात आम रक्तपात से ज़्यादा और लम्बे समय तक हो.
  • मासिक धर्म के घरेलू उपाय, आपकी योनि से कुछ अजीब सा द्रव्य निकल रहा हो,खासकर तब जब यह गाढ़ा हो और बदबूदार हो.

आपको चक्कर भी आ रहे हों.

अगर आप कामकाजी महिला है तो सेहत का ध्यान रखने और खुद को सहज महसूस करने के लिए इन उपाय को आजमा सकती है.

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