क्या आप जानते है सोने और स्वपन के पीछे का मनोवैज्ञानिक सच

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सपनो का मनोवैज्ञानिक सच क्या आप जानते है की सपनो का मनोवैज्ञानिक सच क्या है ? सोने के पीछे का मनोवैज्ञानिक सच हमें बताता है की हमारा मस्तिष्क जो लगातार काम करता रहता है उसे हम सोने के बाद सपनो द्वारा आराम दे सकते है। सपने हमारे मस्तिष्क को मानसिक रूप से ओवरलोड होने से बचाते है।  आपके अवचेतन मन को पूरा वक़्त मिल जाता है की वो पीछे छूट गई यादो को सहेज ले जो आपके चेतनमन से धुंधली होने लगती है। बशर्ते आप हर रोज 8 घंटे की नींद लेते हो।

हमें हमारे ज्यादातर सपने याद नहीं होते है क्यों की हमारा चेतन मन हमें एक मीठा सा ख्वाब का अहसास दिला कर उसे याद करने पर ज्यादा फाॅर्स नहीं करने देता है। लेकिन क्या आप जानते है की आपके सपनो में कई बार आपकी समस्याओ के हल भी छुपे हुए होते है। मान लीजिये अपने आज कोई सपना देखा है कल सुबह आप भूल भी जाते है लेकिन क्या आपका अवचेतन मन उसे भूलता है ? नहीं ! नजदीकी भविष्य में आपके साथ कोई घटना होती है तो ठीक उसी वक़्त आपको आभास होता है की इस घटना को पहले भी देख चुके है।

चेतन मन का प्रलोभन भुला देता है झलकियों को

कुछ लोग इस बात पर गौर नहीं करते है तो कुछ लोग इसे इत्तेफाक समझ कर भूल जाते है। लेकिन आपको बता दू की आपका अवचेतन मन हर सपने को स्टोर कर सकता है। लेकिन इसके लिए आपको एक लंबी प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। चेतन से अवचेतन की ओर झुकना पड़ता है। भविष्य की झलकियों को पकड़ना भी हो सकता है सपनो का मनोवैज्ञानिक सच।

जब हम अपनी जिंदगी में हर तरफ से संतुष्ट होते है तब हमें ज्यादातर अच्छे सपने महसूस होते है जो हमारे उन्माद की निशानी होती है। इसका उदहारण देखे तो जब आप कुछ नयी चीज लेते है तो उस रात्रि को आप सिर्फ उसी चीज का सपना लेते है। ये आपके चीज को लेने से पहले की रात्रि में भी हो सकता है। ये सब होता है law of attraction की वजह से जिसके बारे हम पहले भी बात कर चुके है।

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सपने है हमारी चेतना के प्रतिक :

ज्यादातर लोग मानते है की सपने हमारे चेतन मन की क्रियाओ के परिणाम है। हम क्या सोचते है, क्या ग्रहण करते है या फिर क्या पाते है सब हम दोबारा सपनो में महसूस करते है। इसलिए अगर कहे की :

सपने हमारी इच्छाओ और आकांक्षाओ के प्रतिक है।

तो कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।

सपनो का मनोवैज्ञानिक सच :

सपने हमारी इच्छाओ का प्रतिक है। हमारा मन क्या सोचता है ये हम सपनो द्वारा महसूस कर सकते है। अगर हमारी किसी भी चीज पर आकर्षण बहुत ज्यादा है तो हम अपने सपने में वो सब करते है जो हम असल जिंदगी में पाना चाहते है। सपने हमारी इच्छाओ को पूरा करने का माध्यम है। असल जिंदगी में हम भले ही किसी चीज को जिस पर हमारा दिल आ जाता है हासिल नहीं कर पाएंगे मगर आपके सपने में आप जब चाहे अपनी इच्छा पूरी कर सकते है। जैसे की

आपकी तीव्र इच्छा होती है सुपर पावर हासिल करने की और असल जिंदगी में आपके सामने इतनी कठिनाई आती है की आप कभी आगे नहीं बढ़ते है। लेकिन जब भी आप सोते है तो आप सपनो में खुद को इच्छाशक्ति के साथ अभ्यास करते हुए देखते है, धीरे धीरे आप आसानी से सुपर पावर हासिल कर लेते है। ऐसे में अगर मुश्किल भी होती है तब भी आप उसका डट कर सामना कर लेते है। आखिरकार आप अपने सपने के हीरो जो है।

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सपनो का मनोवैज्ञानिक सच सपनो का बुरा पहलू :

हमारे सपने भी हमारी चेतना में आये बदलावों से प्रभावित होते रहते है। जैसे की अनचाहे सपनो का आना। ऐसा तब होता है जब आप अपनों की सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा सोचने लगते है। ऐसे में जब जब आप बहुत ज्यादा सोचते है तो आपको ऐसे अनचाहे सपने आते ही है जिसमे आप अपनों को खोता हुआ देखते है। या फिर जब आप एग्जाम के लिए बहुत ज्यादा चिंतित होते है तो अपने सपनो में आप खुद को एग्जाम देने में मुश्किलो का सामना करते हुए देखते है।

इसे उदाहरण से समझे जैसे की सुबह लेट उठना, फिर बस का निकल जाना, ऑटो पकड़ना तब याद आता है की आपका परमिशन लेटर तो पीछे ही रह गया, एग्जाम हॉल में लेट होते है और अंत में आप बहुत कम प्रश्न ही हल कर पाते है क्यों की लेट होने की वजह से आपको सही सोचने का वक़्त नहीं मिला।

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ऐसा क्यों ?

सपनो का मनोवैज्ञानिक सच हमें ये भी बताता है की जब हम किसी को लेकर ज्यादा सोचने लगते है तब हमारे मन में सबसे ज्यादा मतभेद चलने लगता है। ऐसे में अगर आप और ज्यादा सोचते रहते है तो धीरे धीरे आपके मन में वो नकारात्मक विचार घर करने लगते है जो आपको हर कदम पर नकारात्मक सोचने पर मजबूर कर दे। मेरे साथ हर एग्जाम से पहले ऐसा होता है इसलिए में अपने सभी सामान को एक जगह पहली रात्रि को सहेज कर रखता था और फिर सोता था। असल जिंदगी में ऐसा कभी नहीं होता है।

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो समझ लीजिये की आपको अपनी समस्या का परफेक्ट समाधान नहीं मिला है। आपका अवचेतन मन आपको जीवन के हर मोड़ पर इशारे देता है ताकि आप अपनी कमियों को दूर कर सके। जैसे की आपको सपने में जो परेशानी दिखाई देती है। सुबह उठ कर आप उनसे पहले ही बच सकते है सही तैयारी के साथ।

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हमारे सपने और law or attraction :

अगर आप का मन स्थिर है, शांत है, और आपकी इच्छाए आपके नियंत्रण में है तो आपको अच्छे सपने ही आएंगे। जब ऐसा हो तो समझ लीजिये की आपका अवचेतन मन सही से काम कर रहा है। सकारात्मक सपनो का अर्थ है की आप अपने जीवन में सही राह पर चल रहे है।

दोस्तों आज की पोस्ट सपनो का मनोवैज्ञानिक सच सच्चाई को लेकर बनाई गई है। हो सकता है आपके कई विचार पोस्ट में कही गई बातो से मिलते है इसलिए आप भी अपने सपनो को समझ कर अपनी समस्याओ से समाधान पा सकते है। आज की पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरूर बताये साथ ही हमें सब्सक्राइब भी करे ताकि हमारे नए नए विडियो और पोस्ट से आप अपडेट रहे।

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  1. सपने हमारी इच्छाओ का प्रतीक है। हमारा मन जो सोचता है और हम जिसे पाने मे खुद को असमर्थ पाते हैं वही सपनो में देखते है। यह बात आपने बिल्कुल सही कहा बेहतरीन लेख । शेयर करने के लिए धन्यवाद ।

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