लाइफ को और भी बेहतर बनाए Problem solving therapy के जरिये खुद सुलझाए समस्याओ को

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लाइफ में बहुत सारी मुश्किलें है जिन्हें हम अक्सर इग्नोर कर देते है. हम समस्या से भागते है या फिर उन्हें इगनोर करते है ताकि उनसे पीछा छुड़ा सके लेकिन उन्हें सोल्व नहीं करते है. हर प्रॉब्लम को इग्नोर करना उसका समाधान नहीं होता है. इसके लिए आपको Problem Solving Therapy का सहारा लेना चाहिए. ये एक ऐसी थेरेपी है जो आपको लाइफ में आने वाले इशू को समझने में और उन्हें बेहतर तरीके से सुलझाने में मदद कर सकती है. जिस तरह से इसमें किसी समस्या को ट्रीट किया जाता है वो हमें लाइफ में आगे बढ़ने में मदद करती है.

Problem solving therapy

ज्यादातर depression, anxiety, relationship problems, chronic illness, or any other life stressors जैसी mental illness का solution आपको इस थेरेपी के जरिये मिल जायेया. इस पोस्ट में हम इसके बारे में और ज्यादा डिटेल से जानेंगे. काफी सारे psychological and physiological symptoms ऐसे होते है जिनका समाधान अगर समय रहते ना मिले तो ये और भी ज्यादा परेशान करने लगते है. लाइफ में आ रही प्रॉब्लम को इग्नोर करने की बजाय उन्हें एक चैलेंज की तरह समझने और फिर बेहतर विकल्प के साथ उसे कैसे सोल्व किया जा सकता है ये हमें इस थेरेपी में जानने को मिलता है.

Problem Solving Therapy

ये एक ऐसी therapy है जो उन problem को solve करने में मदद करता है जिन्हें हम अक्सर लाइफ में आ रहे stress की वजह से सुलझा नहीं पाते है. ऐसा करना न सिर्फ negative impact of psychological and physical illness को दूर करता है बल्कि overall quality of life को भी improve करता है.

इसके इतिहास की बात करे तो Great Britain में ये primary care context के रूप में पहली बार अस्तित्व में आई थी. इसे पहले पहल evidence-based treatment के रूप में डॉक्टर द्वारा अपने पेशेंट के साथ एक प्रैक्टिस की तरह प्रयोग की जाती थी.

Types of problem treated

Problem solving therapy का सबसे पहला प्राथमिक कार्य लाइफ में आने वाले stress से जुड़े issue को समझना है और उससे जुड़े समाधान को खोजना है. इसे दुसरे शब्दों में समझे तो ये हमारी लाइफ से जुडी problem को दूर करता है जो की psychological and physiological symptoms से जुडी होती है. आइये देखते है इस therapy से हम किस तरह की problem को समझकर दूर कर सकते है.

  1. common mental health issues
  2. अगर आप तनाव से गुजर रहे है – managing stressful life events
  3. dealing with the aftermath of a divorce किसी तरह के रिश्तो में दरार
  4. coping with the loss of a loved one – किसी अपने को खोने का डर
  5. नौकरी खोने के बाद का संघर्ष – struggling after job loss
  6. stress related to a cancer diagnosis
  7. problems associated with heart disease – दिल की बीमारी से जुड़े मुद्दे
  8. stress due to the accumulation of minor life issues (e.g., long commutes, stressful job)
  9. पारिवारिक मुद्दे – struggles due to family problems
  10. financial difficulties – आर्थिक तंगी
  11. रिश्तो में समस्या – problems with relationships
  12. desire to find more personal meaning in your life – खुद को जानने की इच्छा
  13. हर रोज की तनाव भरी लाइफ से गुजरना – coping with everyday life stressors
  14. basic psychological and emotional issues – भावनात्मक मुद्दा
  15. दवाई का साइड इफ़ेक्ट – problems that result from a medical illness
  16. mental health issues resulting from life stressors – किसी तरह के तनाव से सामना
  17. anxiety-related issues – अवसाद से जुडी समस्या
  18. खुद को नुकसान पहुँचाने से जुडी सोच problems with self-harm
  19. feeling unhappy in your work or in your home – कार्य से संतुष्टि न मिलना
  20. for managing specific symptoms of depression
  21. लाइफ से जुडी समस्या को पहचानना – to address concrete problems in your life

इसके बारे में एक psychologist आपको बेहतर तरीके से समझा सकता है. अगर आप real-life concrete problems से गुजर रहे है तो बेशक वो आपको इससे बाहर निकलने में मदद कर सकता है.

Therapy Framework

ये therapy काम कैसे करती है ये जानने से पहले आपको इसका background को जानना होगा. ते तकनीक model of stress and well-being के रूप में काम करती है. ये तकनीक सबसे पहले आपकी लाइफ से जुडी समस्या को समझने में मदद करती है और फिर Importance of real-life problem-solving की जरुरत को पूरा करने के लिए आवश्यक तत्वों की पूर्ति करती है.

problem solving therapy का मुख्य कार्य impact of stressful life events को manage करना होता है. जब हम लाइफ से जुडी problem को समझते है तो आगे चलकर उसे किस तरह manage करना है इसके बारे में भी समझना शुरू कर देते है. ये हमारे अन्दर एक capability को activate करता है. जो समस्या को कैसे सुलझाया जा सकता है इस बारे में समझने में हमारी मदद करता है.

इससे जुड़े 2 major components है

  • Applying the problem-solving orientation to your life यानि लाइफ में उन चीजो को जोड़ना जो समस्या को सुलझाती है.
  • और दूसरा using problem-solving skills उन तकनीक को अपनाना जो problem को सुलझा सकता है.

इन 2 तत्व का प्रयोग ही इस framework को पूरा करता है. लाइफ में आ रहे तनाव की वजह से उभरने वाली समस्या के समाधान के लिए हम क्या कर सकते है इसके बारे में डिटेल से जान लेते है.

Applying the Problem Solving Orientation

जब भी हम Problem Solving Therapy से गुजरते है तो हम सीखते है की कैसे हम लाइफ से जुड़े सभी approach को सभी area में लागु कर सकते है. किसी भी समस्या के समाधान को किस तरह बेहतर तरीके से सुलझाया जा सकता है हम इसके बारे में जानते है. इसका मतलब ये है की हम किसी भी problem को एक challenge की तरह देखते है न की insurmountable obstacles यानि serious और न सुलझाई जा सकने वाली समस्या के रूप में. जब ऐसा होता है तब हमारा ध्यान उन तरीको पर होता है जिसके माध्यम से हम उन्हें सुलझा सकते है.

जैसे की आप depression or a medical illness से गुजर रहे है और खुद को एक healthy diet plan लेने में असक्षम पा रहे है तो आप time management को systematic plan follow करते हुए इस समस्या का समाधान कर सकते है.

Using Problem Solving Skills

किसी भी समस्या को समझने और उसे दूर करने के लिए दूसरा सबसे महत्वपूर्ण component है उसे किस तरह दूर करना है ये सीखना. इस मेथड में हम कई चीजे सीखते है जैसे की how to use problem-solving skills अपनी काबिलियत को कैसे समझे. इसके अन्दर

  1. किसी समस्या को कैसे पहचाने
  2. समस्या को उस एक तरीके में समझे जो उसे सुलझा सके
  3. समस्या को अंदर तक समझने की कोशिश करे
  4. अपनी समस्या से जुड़े गोल को पूरा करने की कोशिश
  5. समस्या को दूर करने के लिए वैक्लिपिक सुझाव
  6. उस समाधान को लागु करना जो सबसे बेहतर समस्या को सुलझा सके
  7. अगले चरण में और बेहतर करने की कोशिश

इसे और भी बेहतर जानना है तो आप इसे चार चरण में समझ सकते है.

  1. Problem definition and formulation:

सबसे पहले तो उन real-life problem को समझना है जिनका समाधान आवश्यक है. जब हम इसे समझ जाते है तो फिर उसे इस तरह से formulate करना की उससे जुड़े सबसे बेहतर समाधान की खोज की जा सके.

  1. Generation of alternative solutions:

इस चरण में हम समस्या से जुड़े उन alternative solution को समझने की कोशिश करते है जो किसी समस्या को बेहतर ढंग से सुलझा सकते है. ये solution वे है जिन्हें आप पहले नहीं समझ पाए थे क्यों की आप जानते थे की समस्या क्या है लेकिन उसे कैसे solve किया जा सकता है इस बारे में ज्यादा नहीं सोचा था.

  1. Decision-making strategies:

जब हमें पता चल जाता है की समस्या का समाधान कैसे करना है तब हम खुद को किसी एक बेहतर निर्णय के लिए तैयार करते है. इतना ही नहीं उस निर्णय के दौरान काम करते समय हम किस किस समस्या से गुजर सकते है इस बारे में भी बेहतर निर्णय और समाधान से जुडी चीजो पर गौर किया जाता है.

  1. Solution implementation and verification:

इसके आगे का फाइनल चरण है किसी समस्या से जुड़े बेहतर समाधान को लागू करना और ये सुनिश्चित करना की वो बेहतर ढंग से लागू हुआ है ताकि हमें बेहतर परिणाम मिले हो.

Format of Problem Solving Therapy – main features

किसी भी समस्या को सुलझाने के लिए प्रयोग में आने वाली कुछ खास features के बारे में भी जान लेते है जो हमें न सिर्फ एक समस्या को सुलझाने में मदद करती है बल्कि आगे बढ़ने में भी हेल्प करती है.

  • कही भी आप इसे 6 to 16 sessions के रूप में ले सकते है.
  • इसके session 30 मिनट से लेकर 2 घंटे तक हो सकते है.
  • इसे एक collaborative process के जरिये किया जाता है जो की therapist and patient के बिच में होती है.
  • ये एक तरह की cognitive behavioral therapy intervention है जिसका direct affect होता है.
  • इसे आप personally ले सकते है और लोगो के ग्रुप में भी ले सकते है.
  • आपको इन session में कुछ अलग से काम भी मिल सकता है.
  • involves psych education ( मनोवैज्ञानिक सोच को बढाता है )
  • इसे हम चाहे तो किसी भी दुसरे ट्रीटमेंट के साथ ले सकते है.
  • इसमें the development of personal empowerment of the patient भी शामिल है.
  • इसे एक doctor or mental health professional दोनों में से कोई भी हैंडल कर सकता है.
  • इसका मुख्य फोकस एक तरह से action plan को डेवेलोप करना है.
  • लाइफ से जुडी समस्या को step by step कैसे सुलझाना है इसमें हेल्प मिलती है.
  • इसमें real-life problems को समझा जाता है जिनसे हम वर्तमान में जूझ रहे होते है.
  • involves a series of stages of psychotherapy

ये सब problem solving therapy की feature है जो की आप experiment के दौरान ले सकते है.

इन सब फीचर का होना आपको अपनी लाइफ में किसी भी माहौल में ढलने के लिए तैयार करता है. साथ ही आपके अन्दर problem-solving attitude पैदा होता है जिसकी वजह से आप अपनी समस्या से समाधान पा सकते है. आपके अन्दर जो खास skills है ये उन्हें उभारता है ताकि आप आगे बढ़ सको.

इसके अलावा problem solving therapy experiment पूरी तरह से safe and practical है. ये आपको वर्तमान में रहना सिखाता है ना की आपके past को. यही वजह है की ये real life के बहुत नजदीक है.

इससे जुड़े कुछ खास फायदे

इस सेशन के दौरान आपके अन्दर कुछ खास तरह की ability development होती है. ये सब इसलिए क्यों की जब हम इस तरह के सेशन लेते है तो हमारे अन्दर की personal development पर काम किया जाता है.

  • आप बेहतर निर्णय ले पाते है – The ability to make effective decisions
  • Increased confidence to find creative solutions हम दुसरे वैकल्पिक समाधान की और बढ़ते है.
  • Knowing how to identify which barriers will impede your progress बेहतर तरीके से हम ये जान पाते है की लाइफ में कौनसी समस्या हमें आगे बढ़ने में रोक रही है.
  • Being able to identify which stressors trigger your negative emotions (e.g., sadness, anger)
  • Knowing how to manage these emotions when they arise जब ऐसे इमोशन परेशान करे तो उनसे बाहर कैसे निकले.
  • Confidence that you can handle problems that you face आपके अन्दर आत्मविश्वास पैदा करता है.
  • जिन समस्या को सुलझाया नहीं जा सकता है उन्हें फेस कैसे करे – The ability to accept life problems that can’t be solved
  • Having a systematic approach on how to deal with life’s problems किसी समस्या को कैसे सुलझाया जाए
  • Reduced avoidance and increased action-taking
  • The development of patience (realizing that not all problems have a “quick fix”)
  • Having a toolbox of strategies to solve the problems you face

इसी तरह और भी बहुत सारे फायदे है जो problem-solving therapy की वजह से हम ले सकते है. ये हमें हमारी लाइफ के area में आगे बढ़ने में मदद करता है. में इससे पहले भी एक psychotherapy जिसे cognitive-behavioral therapy के नाम से जाना जाता है के बारे में बात कर चूका हूँ. ये आपको negative thoughts से लड़ने में मदद कर सकती है वही इस थेरेपी की मदद से आप लाइफ में स्ट्रगल करना सीख सकते है.

कुछ खास Research

अगर आपको लगता है की इस तरह की थेरेपी भला आपको किस तरह लाइफ में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है तो एक नजर इस पर की गई रिसर्च पर डाल लेनी चाहिए. इसे लेकर एक रिसर्च की गई जिसका मुख्य विषय  major depressive disorder अवसाद से जुडी खास बीमारियाँ, generalized anxiety disorder, some personality disorders आत्मविश्वास की कमी, poor quality of life due to illness such as cancer or diabetes ऐसे लोग जो बीमारी की वजह से उम्मीद खो चुके है, suicidal idealization आत्महत्या करने जैसे ख्याल से परेशान रहना, emotional distress भावनात्मक समस्या थी.

इसमें जो परिणाम मिले वो हैरान कर देने वाले थे. Meta-Analysis of 31 Studies में की गई 2895 participants पर एक experiment में ये पाया गया की problem solving therapy बाकी सभी प्रयोग से बेहतर पाई गई. हालाँकि दुसरे समाधान भी सही थे लेकिन जितना फर्क इसका था उतना किसी और मेथड से नहीं मिला.

इस मेथड से लोगो को अपनी समस्या को एक चैलेंज के रूप में कैसे ले ये सिखने को मिला, साथ ही इसे कैसे सुलझाना है ये भी. इसके अलावा इसे किसी भी दूसरी psycho-social therapies से बेहतर माना गया क्यों की पेशेंट्स पर इसके रिजल्ट बेहतर देखने को मिले थे.

इसमें लोगो के अन्दर एक self confidence पैदा होता है और वे ये समझ पाते है की जिस तरह उन्होंने आज अपनी प्रॉब्लम को सोल्व किया है आगे भी ऐसे ही कर लेंगे.

problem solving therapy experiment final word

ये एक खास psychotherapy है जो आपको लाइफ में आने वाली प्रॉब्लम को बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है. अगर आप depression, anxiety, relationship problems, chronic illness, or any other life stressors से गुजर रहे है तो ये आपके लिए एक बेहतर इलाज साबित हो सकता है. problem solving therapy की सबसे खास बात ये है की ये आपको लाइफ में आने वाले इशू को इग्नोर करना नहीं बल्कि उन्हें कैसे सुलझाया जा सकता है ये सिखाता है.

ये जरुरी नहीं है की आप इसे doctor or mental health professional से ही ले आप चाहे तो खुद के स्तर पर तैयार की गई एक हैंडबुक के जरिये भी इसका solution पा सकते है. आपको ये जान लेना चाहिए की ये कोई primary treatment नहीं है किसी mental disorders के लिए जो आप ले सकते है. अगर आपको किसी भी तरह के symptoms of a serious mental illness जैसे की bipolar disorder or schizophrenia जैसी बीमारी के लक्षण है तो बेहतर होगा आप कंसल्ट कर ले.

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