positive psychology एक ऐसी मनोविज्ञान जो दवा नहीं बल्कि आपके हौसले से इलाज करती है

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Positive psychology मनोविज्ञान का वो branch है जो किसी बीमारी के इलाज के लिए दवाई की बजाय emotional health को मजबूत बनाने पर focus करता है. अगर Positive psychology definition को समझने की कोशिश करते है तो हम पाते है की वैज्ञानिक पहलू ये ऐसी ब्रांच है जो भावनात्मक जुड़ाव को ज्यादा महत्त्व देती है. ये पहली ऐसी तकनीक है जो Stress management के लिए प्रभावी बेस तैयार करती है. आने वाले समय में सबसे बड़ी problem जो होगी वो है How to manage stress? क्यों की हम physical नहीं बल्कि mentally work load लेने लगे है. ऐसे में इस तरह की Stress management techniques हमें काफी फायदे दे सकती है.

positive psychology

इस psychology branch में हम कुछ ऐसी खास Stress management activities के बारे में सीखते है जो Stress control में अहम् रोल निभाती है. वैसे तो internet पर पहले से ही Stress management information को लेकर काफी लिखा जा चूका है लेकिन कुछ नया अगर करना चाहते है तो pathology की बजाय खुद को emotional health और happy बनाने पर जोर देने वाली इस तकनीक को जरुर आजमाए. ये तकनीक 100% सेफ है और आपको लाइफ में आगे बढ़ने के मोटीवेट करने वाली है.

अगर आप ध्यान और त्राटक जैसी तकनीक का अभ्यास करते है तो आप पाएंगे की आप तनाव को खुद से दूर रख पाने में कामयाब हो जाते है. मनोवैज्ञानिक तरीके से इस तरह की सोच रखने वाले कुछ ही लोग थे जिन्हें लगता था की अगर दवा की बजाय किसी व्यक्ति को mental health और emotional attachment को मजबूत करने पर जोर दे तो परिणाम ज्यादा अच्छे मिलेंगे.

What is positive psychology?

ये मनोविज्ञान की Newer and increasingly popular branch है जो किसी तरह की pathology की बजाय human happiness and emotional health पर focus करती है. आपने सुना होगा की मनोवैज्ञानिक बीमारी में इलाज के नाम पर दवाई दी जाती है लेकिन ये इससे अलग है जिसमे किसी व्यक्ति के ख़ुशी और भावनात्मक सुख को लेकर सहयोग किया जाता है.

इस तरह की Stress management techniques किसी व्यक्ति के strengths, virtues, and factors को बढाने में help करती है जो की उस व्यक्ति को achieve a sense of fulfillment में तो मदद करती ही है साथ ही साथ उसे more effectively manage stress के लायक बनाती है ताकि बिना किसी दवा के वो stress control कर सके.

इतिहास

अगर बात करे Positive Psychology movement की तो माना जाता है की humanistic psychologists जैसे की Abraham Maslow इसके जनक माने जाते है. वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने healthy human development पर ज्यादा focus किया बजाय किसी तरह के pathology इलाज के. आगे चलकर 1998 में ये लोगो के सामने एक तकनीक के रूप में उभरी.

अधिकारिक तौर पर पहली बार psychologist Martin Seligman ने दुनिया को इस तरह की पहली Stress management techniques से introduce करवाया. उन्होंने American Psychological Association presidency में पहली बार इसे लोगो के सामने रखा साथ ही दुसरे लोगो को भी इसके लिए motivate किया ताकि वे भी इसके Growing area of study में अपना सहयोग दे.

आगे चलकर एक नया विचार बना की इसे एक तरह की new branch of psychology के रूप में लोगो के सामने रखा जाए. जब Seligman ने अपनी जवान बेटी को किस तरह बड़ा किया जाए इस बारे में प्लान किया तो पाया की उन्हें दवाई की बजाय nurture strength, resilience and emotional health पर फोकस करना चाहिए. आगे चलकर इसने research में काफी बड़ा योगदान दिया और primary focus में पहली बार दवाई की बजाय emotional health को लेकर काम किया गया.

The Focus of Positive Psychology

सकारात्मक मनोविज्ञान का पहला फोकस होता है हमारे emotional development को लेकर. हम ऐसा क्या कर सकते है जिससे खुद को खुश रख सके इस psychology का primary focus होता है. कुछ ऐसे सवाल हम खुद से कर सकते है जैसे की

  • खुश रहने के लिए मुझे क्या करना चाहिए ?
  • Positive emotions का मुझ पर क्या health effects पड़ेगा?
  • ऐसी कौनसी habits and actions है जो personal resilience के लिए जिम्मेदार है ?

इस तरह के सवाल करना और उसके जवाब पर खुद को फोकस रखते हुए आगे बढ़ना ही Positive Psychology का primary focus होता है.

जब इस तरह के कदम उठाए गए तो कुछ ऐसी चीजे जानने को मिली जो वाकई हैरान कर देने वाली थी. ये बात तो हम अच्छे से जानते है की negative emotions जैसे की anger, anxiety, and sadness हमारी health पर negative ways में impact डालते है. एक उदाहरण के लिए हम chronic stress से छुटकारा पाने के लिए stress response जैसी तकनीक को trigger करते है लेकिन हमें फायदे देने की बजाय more susceptible to cardiovascular disease बना देती है.

लेकिन जब Positive Psychology research हुई तो ये पाया गया की positive emotions हमारे लिए health aid का काम करते है जो की उन physical reactivity को ना के बराबर कर देते है जिनकी वजह से हम stress का शिकार बनते है.

Usage in Stress Management

research में ये साफ हो चूका है की Positive Psychology के ऐसे बहुत सारे positive emotional states है जो हमारे ऊपर greater emotional resilience health, and fulfillment जैसे effect डालते है. निचे कुछ ऐसे फील्ड शेयर किये गए है जहा आप इस Stress Management technique का प्रयोग कर सकते है.

  1. Gratitude

हमारा ज्यादा से ज्यादा पाने के बारे में सोचना ही दुःख का सबसे बड़ा कारण है. हमने क्या चाहा था और हमें क्या मिला ये समझना ही सबसे बड़ी संतुष्टि है. अगर हम हमारे पास जो है उससे satisfy है तो यक़ीनन हमसे सुखी और कोई नहीं. जो हमारे पास है उसे लेकर इश्वर का कृतज्ञ रहना ही सबसे बड़ा gratitude है.

अगर आप खुश रहना चाहते है तो इसके लिए एक Gratitude-promoting activities जैसे काम कर सकते है और उन्हें एक Gratitude journal में नोट कर खुद को सुखी बना सकते है. ऐसा करना न सिर्फ आपको खुश रखता है बल्कि आप किसी चीज के मोह में न पड़कर जो है उसी में खुद को satisfy कर पाएंगे.

  1. Optimism

हम सबमे एक natural tendency होती है और वो है आशावादी यानि optimism or pessimism होना. हालाँकि ये सिर्फ हमारी क्षमता का सिर्फ एक हिस्सा है लेकिन अगर हम चाहे तो इससे भी better कर सकते है. इसे अपने वर्क में जोड़ दे तो लाइफ में आगे चलकर काफी सारे अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते है.

  1. Flow

हमारी daily activity में बहाव एक ऐसी गतिविधि है जो हमें टाइम के अहसास से परे ले जाती है. ये तब होता है जब हम अपने ही hobby में खुद को इतना busy कर लेते है की हमें टाइम का अहसास ही नहीं होता है. कुछ नया सीखने, अपने पसंद के काम को करने के समय हमें समय का अहसास नहीं होता है.

इसका इस्तेमाल हम Stress management activities में कर सकते है. जब भी मन परेशान हो उन कामो में खुद को busy रखे जो हमें एक जगह focus रखे.

  1. Mindfulness

अगर आपने कभी गौर किया हो तो 90% से भी ज्यादा तनाव की वजह हमारा future या past की activity को लेकर परेशान रहना है. जब तक हम खुद को वर्तमान में नहीं रख पाएंगे समस्या दूर नहीं होगी. Mindfulness जैसी practice में हम खुद को किसी भी स्थिति में हर हाल में वर्तमान में रखते हुए आगे बढ़ते है.

हालाँकि ये अभ्यास इतना आसान नहीं है और इसमें कुछ समय लगता है लेकिन अगर आप इसमें अभ्यस्त हो गए तो यक़ीनन अपनी समस्याओ को खुद ही दूर कर पाएंगे क्यों की इसके रिजल्ट बेहद ही वंडरफुल है.

  1. Spirituality

जब भी हमारा मन परेशान रहता है हम खुद को spiritual activity से जोड़कर सही करते है. मंदिर जाना, ध्यान करना ये सब हमें आध्यात्मिक बनाता है जो की हमारी intention को centered रखने में काफी मदद करता है. जब हम खुद को spiritual practice से जोड़ते है तो एक तरह का positive attitude development होता है जिसकी वजह से हम stress control कर पाने में कामयाब हो पाते है.

सप्ताह में एक दिन spiritual community से जुड़ने और उनके साथ वक़्त बिताने से हम खुद को fresh mood feel करवा सकते है. ऐसा करने हमें positive तो बनाता है ही साथ ही इससे हमारी emotional health भी strong होती है. खुद को spiritual path पर ले जाने के कई ऐसे फायदे है जिन्हें explain नहीं किया जा सकता है. इनके बारे में आप हमारी पुरानी पोस्ट में पढ़ सकते है.

फायदे जिन्हें आप शायद ही इग्नोर करेंगे

पॉजिटिव साइकोलॉजी के ऐसे बहुत सारे फायदे है जिन्हें आप जानने के बाद आप एक बार इसे जरुर try करेंगे.

  1. Encourages Commitment to Health तनाव की स्थिति में अगर आपकी health पर कोई बुरा effect पड़ रहा है तो ये इसे दूर करता है. खुद से लड़ने और हेल्थी रहने के लिए किये गए प्रॉमिस के लिए आपको तैयार करता है.
  2. Focus on Personal Strengths जब हम तनाव में होते है तब हम खुद की कमी को देखना शुरू कर देते है न की ताकत को. ऐसे में ये साइकोलॉजी हमें उन पॉइंट पर फोकस करता है जो हमारी ताकत है. ऐसा करते ही तनाव भी दूर होने लगता है.
  3. Focus on Relationships तनाव की मुख्य वजह है आपका खुद को अकेला कर लेना. जब आप दुसरो के साथ टाइम स्पेंड करते है तो स्ट्रेस भी आपसे दूर रहेगा.
  4. Improves the Workplace ये सबसे खास फायदे की बात है. आपके आसपास का माहौल खासकर काम करने की जगह वहां पर आपको एक सकारात्मक वातावरण मिलता है जिसकी वजह से आप खुद को और ज्यादा improve कर पाते है.
  5. Improves Communities आपके आसपास के लोग और समाज से आपको जोड़ने का काम करता है ताकि आप खुद को दुसरो से जुड़ा हुआ महसूस करे. जब आपको अहसास होता है की आप दुसरो के लिए खास है तो आप उके लिए सोचना शुरू कर देते है जो की तानव को दूर रखने में अहम् योगदान देता है.
  6. Eliminates Failure तनाव की एक वजह हमारा फ़ैल हो जाना भी है. जब हम खुद के मन में फ़ैल होने का डर बैठा लेते है तो काम करने से पहले ही खुद को हारा हुआ महसूस करने लगते है. एक बार खुद की ताकत पर यकीन होना शुरू हो जाए तो हम जीत हार की बजाय मेहनत को महत्त्व देना शुरू कर देते है.
positive psychology and stress management final thought

दोस्तों हमारा अवचेतन मन हमेशा से सबसे ज्यादा रहस्यमयी रहा है. अगर हम इसे समझ ले तो शायद ही कोई बीमारी होगी जो ठीक नहीं की जा सके. मनोविज्ञान भी आज इस बात को स्वीकार कर रहा है की आने वाले समय में सबसे बड़ी समस्या stress management को लेकर होने वाली है. अगर आप जानते है की हम इसे कैसे दूर कर सकते है तो यक़ीनन आप कभी किसी बात को लेकर परेशान नहीं होंगे.

इस समय positive psychology मानसिक तनाव से जुड़ी बीमारी के मामले में positive result देने में काफी हद तक कामयाब हो रहा है. ये अपने आप में पहली ऐसी तकनीक है जो बीमारी में दवा की बजाय व्यक्ति को अन्दर से मजबूत बनाने और खुद से लड़ने की हिम्मत देने का काम कर रही है.

इस पोस्ट को लेकर आपके मन में अगर किसी तरह का सवाल है तो आप कमेंट में हमें पूछ सकते है.

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