माता पिता क्यों करते है बच्चो में भेदभाव जानिए इसके पीछे का मनोविज्ञान – एक नया नजरिया

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अक्सर देखने में आता है की माता पिता बच्चो में भेदभाव करते है. अगर आप और आपका छोटा भाई या बहन दोनों एक ही समय पर demand करते है तो आपके छोटे की demand पूरी की जाती है आपकी नहीं. ऐसा सच है और अध्ययन में साफ हो चूका है लेकिन अगर इस problem को दुसरे नजरिये से समझने की कोशिश करे तो हम पाएंगे की माता पिता के प्यार को लेकर बच्चो में भेदभाव नहीं हुआ है समय के साथ जो आपको मिला है वो अब आपके छोटे भाई / बहन को मिलने लगा है. आइये जानते है की क्या वाकई माता पिता अपने बच्चो के साथ भेदभाव करते है ?

बच्चो में भेदभाव

अध्ययन से ये पता चला की है की बड़े बच्चे की बजाय माता पिता छोटे बच्चे की ज्यादा केयर करते है. अगर आपकी family में आपका छोटा भाई / बहन है तो उसे आपसे ज्यादा प्यार मिलता है. ऐसा होना शायद आपको परेशान कर सकता है लेकिन इसे समझने की कोशिश जरुर करे की आखिर ऐसा क्यों होता है, क्या वाकई आपके साथ भेदभाव हो रहा है या फिर इसकी वजह कुछ और ही है.

क्या वाकई माता पिता बच्चो में भेदभाव करते है ?

ज्यादातर बच्चो को शिकायत रहती है की उनके माता पिता उनसे पहले जितना प्यार और दुलार नहीं करते है जितना वो शुरू में करते थे. उन्हें इसकी वजह छोटे भाई लगते है जो अपने माता पिता के अब उतने ही लाडले है जितना कभी वो हुआ करते थे. छोटे के आने के बाद उनके हिस्से का प्यार बंट गया है जिसकी वजह से कई बार वो अपने ही छोटे भाई से एक फासला बना कर रहने लगते है जबकि वास्तव में उन्हें भी छोटे भाई / बहन की केयर करनी चाहिए.

सवाल ये उठता है की क्या वाकई छोटे भाई के आने के बाद उनके हिस्से का प्यार बंट गया है या फिर समय के साथ होने वाली प्राकृतिक घटनाओ की तरह ऐसा होना सहज है. इसमें बुराई क्या है की जो प्यार और दुलार कल तक उन्हें मिल रहा था आज वो उनसे छोटे को मिल रहा है और कल को उसके छोटे भाई / बहन को मिल सकता है. कुछ बच्चे इसे समय के साथ अपना लेते है और उसी माहौल में ढल जाते है वही कुछ ऐसा नहीं कर पाते है जिसकी वजह से रिश्तो के बिच दरार बढ़ने लगती है और एक समय ऐसा आता है जब बच्चे माता पिता की बात सुनना ही बंद कर देते है.

उन्हें लगता है की अगर उनके माता पिता ऐसा करते है तो उन्हें भी अब अकेले ही रहना चाहिए, इसके दूरगामी परिणाम बेहद खतरनाक होते है. ऐसे बच्चे मानसिक अवसाद से घिर सकते है या फिर गलत संगत में भी पड़ सकते है. आइये इसी मुद्दे को समझने की कोशिश करते है.

बच्चो में भेदभाव ऐसा क्यों लगता है ?

अक्सर माता-पिता छोटे बच्चो के प्रति बेहद sensitive होते है उन्हें ये लगता है की छोटा अभी उम्र और अनुभव इन सब मे कच्चा है और उसे केयर की जरूरत है जबकि बड़ा बेटा अब बड़ा हो गया उसे अनुभव सिखने के लिए अकेला छोड़ना चाहिए. इसलिए वो उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं देते है जबकि बच्चे इसका विपरीत सोचते है. उन्हें लगता है की घरवाले अब उन्हें प्यार नहीं करते है. छोटी उम्र में बच्चो के नखरे सब सहते है लेकिन उम्र के साथ इन्हें ना कहना शुरू कर देते है. क्यों की अब बच्चो को सही गलत का फर्क समझ आने लगता है.

बच्चे इसे गलत वे में लेते है उन्हें लगने लगता है की घरवाले अब उन्हें जानबूझ कर मना कर रहे है और छोटे का ख्याल रहे है. ये एक नेचुरल प्रतिक्रिया है जिसमे 2 बच्चो में से एक की केयर करना और दुसरे को ignore करने पर उसके मन में द्वेष पैदा होने लगता है. उन्हें बुरा लगने लगता है जब उनके मांगने पर घरवाले उन्हें मना कर देते है लेकिन छोटे को दिला देते है.

बच्चो में भेदभाव क्या वाकई ऐसा होता है ?

जब में 15 साल का था तब मुझे अक्सर लगता था की मेरे घरवाले मुझे प्यार नहीं करते है. छोटे भाई से अगर गलती होती है तो उसे कुछ नहीं कहा जाता था जबकि मुझे पिटा भी जाता था. छोटा भाई कुछ भी करता तो उसे घरवालो का support रहता था लेकिन मुझे नहीं. ऐसी बातो से में शुरू में अक्सर परेशान रहता था और ज्यादातर अकेला ही अपने spiritual journey की practice में लगा रहता था. कुछ समय बाद मुझे realize हुआ की जैसा में सोच रहा हूँ वैसा कुछ नहीं है ऐसा होना एक universal change in nature की तरह है. जो चीजे आज मुझे मिल रही है कल वो छोटे को मिलेगी.

उम्र के साथ माता पिता का प्यार बंटता नहीं है बल्कि transform हो जाता है. घरवाले बच्चो की उम्र के हिसाब से केयर करते है क्यों की उन्हें पता होता है की किस उम्र में बच्चो को किस चीज की जरुरत होती है.

जब भी ऐसा लगे इन पॉइंट पर गौर करे

अगर इस सबके बावजूद आपको लगता है की आपके माता-पिता आपके साथ भेदभाव करते है आपको कम महत्त्व देते है तो आप निचे बताए गए कुछ points पर गौर करे आपको पता चल जायेगा की आपके अपने गलत नहीं थे बल्कि ये सब होना एक सहज प्रक्रिया है.

1.)  पहले बच्चे के जन्म पर होने वाली ख़ुशी

माता पिता के लिए पहले बच्चे का जन्म एक सबसे बड़े लम्हे में से एक होता है. वो उस पर जितना प्यार और दुलार लुटा सकते है लुटाते है. ये कोई किताबी या सुनी हुई बात नहीं है. आज मेरा बीटा एक साल का हो गया है और उसे जो भी में दे सकता हूँ वो देता हूँ बगैर उसके कहे. मैंने महसूस किया है की मै अब अपने लिए अपने बेटे के लिए काम कर रहा हूँ. मै ही नहीं हर माता-पिता अपने बच्चो के लिए जीते है.

पहले बच्चे को जितना प्यार और दुलार मिलता है उतना दुसरे को नहीं. अगर आप सबसे बड़े बेटे है तो सोचिये उस लम्हे के बार में जब आपके माता-पिता आपकी कितनी केयर करते थे. आपके छोटे भाई को कम उम्र में उतना दुलार नहीं मिला होगा जितना आपको मिला था. इसलिए इस बात को कभी दिल पर ना ले की आपके साथ उम्र के साथ बच्चो में भेदभाव किया जा रहा है. प्यार और दुलार वही है बस आपकी जगह आपसे छोटे ने ली है ये कोई बच्चो में भेदभाव नहीं है.

2.) शुरू में आपको दिया जाने वाला प्यार

पहले बच्चे को तब तक प्यार और दुलार मिलता है जब तक दूसरा नन्हा मेहमान ना आ जाए. आपके प्रति प्यार में फिर भी कोई कमी नहीं रहती है सिवाय इसके की घरवाले अब आपसे expect करने लगे है की आप छोटे बेबी की केयर करे. हमेशा इस बात को ध्यान में रखे की पहली संतान हमेशा सबसे ज्यादा लाड और दुलार के साथ बड़ी होती है. घरवाले जितना प्यार लुटा सकते है लुटाते है. आपको भी किसी टाइम सबसे ज्यादा प्यार और दुलार मिला था.

3.) उम्र के साथ सबसे अच्छा दोस्त बन जाना

युवावस्था में पिता और बेटे का कनेक्शन बेहद strong हो जाता है. अब वो दोस्त की तरह behave करने लगते है. बच्चे अपनी हर प्रॉब्लम को उनके साथ शेयर करना पसंद करते है वही पिता उनकी हेल्प करना पसंद करते है. वो आपके साथ ऐसे पेश आते है जैसे आप अब बड़े हो गए और अपना ख्याल खुद रख सकते है.

आपको और क्या चाहिए जब वो आपकी जरुरत से ज्यादा केयर करते है तब आपको privacy चाहिए, आप चाहते है की वो आपको खुद कुछ करने दे और जब वो ऐसा करने देते है तब आपको उनकी जरुरत का अहसास होता है.

आपका सबसे अच्छा दोस्त अगर कोई हो सकता है तो वो आपके पिता है. हर पिता को अपने बड़े बेटे में अपना बिता हुआ कल नजर आता है और वो उसे वो खुशिया देने की कोशिश करते है जो वो खुद के लिए कभी expect करते थे. अगर फिर भी आपको लगता है की आपके माता पिता आपके साथ भेदभाव कर रहे है तो आपको उहे समझने की जरुरत है.

4.) हर तरह के माहौल में ढलने लायक बनने देना

माता पिता अपने बच्चो की केयर तब तक करते है जब उनमे सही गलत की समझ नहीं होती है. जब आप बड़े होने लगते है और अपना सही गलत समझना शुरू करते है तो वो आपके साथ कोई भेदभाव नहीं करते है बल्कि परखते है की ऐसी स्थिति में आप किस तरह से खुद को समझाते है. उदहारण के लिए आपका छोटा भाई / बहन कोई demand करता है और वही demand आपकी होती है तो घरवाले आपकी बजाय आपसे छोटे की demand को पूरा करते है और चाहते है की आप उनकी choice का सम्मान करे.

इस बात को आप किस तरह से लेते है वही आपका अनुभव होता है समझ होती है. इसी के आधार पर आपके घरवाले आपको next time treat करते है. वो आपसे expect करते है की आप अपने छोटे भाई / बहन की केयर करे क्यों की वो छोटे है उन्हें गलत सही की पहचान नहीं है लेकिन आपको है. इसके लिए घरवाले ऐसा करते है और आपको लगने लगता है की वो आपके साथ भेदभाव कर रहे है. उम्र के साथ बच्चो के साथ पेश आना किसी तरह का बच्चो में भेदभाव नहीं हो सकता है.

5.) बच्चो में भेदभाव या बड़े होने का अहसास करवाना

माता पिता के लिए अपनी सभी संतान एक समान होती है. अगर आपके घरवाले किसी चीज को आपके सैट शेयर करने की बजाय आपसे छोटे के साथ शेयर करते है खासतौर से demand को पूरा करने में तो ऐसा करने के पीछे उनका आपको बड़े होने का अहसास करवाना होता है. जिस दिन आप खुद की इच्छा को साइड में रख कर अपने छोटे भाई / बहन के लिए कुछ करते है आप दुसरो की नजर में बड़े हो जाते है. बड़ा होना अपने आप में एक सम्मान और गौरव है. अगर आपको लगता है की आपके बड़े होने की वजह से आप घरवालो के प्यार से वंचित है तो आप गलत है.

अगर आप बड़े है तो आप इसके फायदे भी सोच के देखे. दुसरे नजरिये से देखा जाए तो इसके कई फायदे है.बड़े होने का अहसास होना आपको जिम्मेदार बनाता है. आप दुसरो के बारे में सोचना शुरू कर देते है और आपकी सोच का नजरिया भी अब विस्तृत होने लगता है जिसकी वजह से आप दुसरो का प्यार नहीं सम्मान पाने लगते है. इन सबको बच्चो में भेदभाव की बजाय उम्र के साथ महत्त्व देने का नजरिया समझे.

बड़े होने के top 5 benefit hindi में

  • अगर आप बड़े है तो आप अपनी मर्जी से अपने फैसले ले सकते है जबकि आपसे छोटे ऐसा नहीं कर सकते है. क्या ये अपने आप में benefit नहीं ?
  • घरवाले अब आपकी इछाओ का सम्मान करना शुरू कर देते है और आपको privacy और छूट देने की पूरी कोशिश करते है.
  • अगर आप अपने घर में बड़े है तो घरवाले किसी भी महत्वपूर्ण फैसले में आपकी राय जरुर लेते है.
  • बड़ा होना एक अहसास है जो की दुसरो की केयर करना और आप अपनी इच्छा के बजाय छोटे की इच्छा को पूरा करने की कोशिश करना उसका केयर करना शुरू कर देते है.
  • बड़े होने की वजह से आपको छूट मिलती है जिसकी वजह से आप खुद के अनुभव से सीखना शुरू कर देते है जबकि छोटे भाई / बहन को इसका पता नहीं होता है.

उम्र के साथ बच्चो में भेदभाव – निष्कर्ष

जब तक हमारी सोच एक नजरिये तक ही सिमित रहती है हम कुछ भी नया नहीं कर सकते. जिन लोगो की सोच का दायरा विस्तृत होता है और वो समस्या के हर पहलु के बारे में सोचते है किसी भी माहौल में आसानी से ढल सकते है. अगर आपको लगता है की माता पिता भेदभाव कर रहे है तो इसके दुसरे पहलु के बारे में सोचे. उनका प्यार आपके लिए कम नहीं हुआ है वो अब चाहते है की आप अपने छोटे भाई की केयर करे. इसके लिए वो फैसले खुद लेने की भी आजादी देते है. बच्चो में भेदभाव कोई भी माता पिता नहीं करते है समय के साथ आपका प्यार आपकी बजाय आपसे छोटे भाई / बहन को मिलने लगता है.

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2 COMMENTS

  1. आपने बहुत ही अच्छे विषय पर प्रकाश डाला है। इससे लोगों को आत्ममंथन करने का मौका मिलेगा।

  2. बच्चों के बीच उत्पन्न समस्याओं को नए तरीके से सोचने को विवश करता अच्छा लेख

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