ध्यान में दिशा का महत्व और पंच तत्व पर ध्यान लगाने की सरल विधि

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ध्यान में दिशा का महत्वध्यान में दिशा का महत्व हम शायद ही जानते हो। ज्यादातर लोग पूर्व की ओर ध्यान करते है। आज की पोस्ट में में आपको बताऊंगा की किस दिशा में ध्यान करने से हमें किस तरह के अनुभव मिलते है। हम इसे पंच तत्व ध्यान भी कह सकते है।

हम में से ज्यादातर लोगो की उत्सुकता पंच तत्व में है। जैसे की बचपन में हमने शक्तिमान में देखा था की किस तरह वो ध्यान द्वारा शरीर को पंच तत्व में विभाजित कर लेता है। तो स्वभाविक था की बचपन में हम भी उसी तरह ध्यान करके कोशिश करते थे। खैर ये सब बचपन की बाते थी जो हमारी काल्पनिक दुनिया का ही हिस्सा थी। पंच तत्व पर ध्यान करने की सबसे आसान तकनीक में आज आपके सामने बताने जा रहा हूँ।

जैसा की हम सभी जानते है की हमारे शरीर में पांच तत्वो का मिश्रण है। हमारा शरीर, अंदर बहने वाला खून और पानी, वायु जो हम ग्रहण करते है और अग्नि जो हमारी जठराग्नि है। इसके अलावा हमारा मस्तिष्क जो ब्रह्मांड का प्रतिक है। तो ध्यान में हमें सबसे पहले अलग अलग दिशा और स्थान में ध्यान करने का महत्व जानना होगा ताकि ध्यान में उतरा जा सके। ध्यान में दिशा का महत्व बहुत कम लोग जानते है। अलग अलग दिशा में आपके अलग अलग तत्व को जाग्रत करने की क्षमता है।

ध्यान की इस तकनीक में हम ध्यान में दिशा का महत्व जान कर 4 दिशा और 4 तत्व पर ध्यान करना सीखेंगे। इसके अलावा कोनसी दिशा में ध्यान करने से हमें किस तरह की शक्ति मिलेगी।

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ध्यान में दिशा का महत्व :

कई बार हम ध्यान करते है तो हमें कुछ दिशाओ में अच्छे अनुभव होते है तो कभी लंबे  समय तक भी अनुभव नहीं हो पाता है। इसकी वजह हमारे वातावरण में फैली ऊर्जा हो सकती है। सही दिशा में ध्यान करने से हम उन उर्जाओ से जल्दी जुड़ पाते है।

ध्यान में दिशा का महत्व-कैसे करना है ध्यान :

अलग अलग दिशा अलग तत्व और उसके साथ ही साथ हमारे शरीर के पाँच तत्वो में से किसी एक का प्रतिनिधित्व करती है। हमारी समस्या या फिर जिसमे हमें सफलता हासिल करनी है उसी के हिसाब से दिशा में ध्यान लगाना चाहिए। इससे ना सिर्फ हम अपनी समस्याओ को दूर कर पाते है बल्कि व्यक्तित्व का भी विकास कर लेते है।

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मेने ध्यान में तत्व से जुड़े म्यूजिक की लिस्ट पहले ही अपलोड कर दी थी। अपनी पसंद के हिसाब से आप उन पर ध्यान लगा सकते है। मुझे इसके अच्छे अनुभव मिले थे। आप इन म्यूजिक को यहाँ से डाउनलोड कर सकते है।

उत्तर दिशा में ध्यान से शरीर को मिलती है शक्ति :

उत्तर दिशा में ध्यान करने से हम जल्दी ही अपने भौतिक यानि पृथ्वी तत्व से जुड़ने लगते है। पृथ्वी तत्व जिसकी प्राकृतिक सरंचना में पत्थर और मिटटी है हमें ध्यान में उत्तर दिशा में अपने अंदर के मनोवैज्ञानिक गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन की जरूरतों को सोचना चाहिए। इसे दूसरे शब्दो में समझना चाहे तो पृथ्वी तत्व हमारे भौतिक शरीर को जाग्रत करता है। हमारे स्वास्थ्य को मजबूत करता है और हम भौतिक रूप से ज्यादा शक्तिशाली बनते है।

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लाभ : इससे आपकी बॉडी लैंग्वेज सुधरती है, आपके बोलने के तरीके में फर्क आता है।

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पूर्व दिशा जुडी है आपके वायु तत्व और मस्तिष्क की शक्तियों से :

पूर्व दिशा में ध्यान लगाने से आपको मानसिक रूप से फायदा मिलता है। ध्यान में दिशाओ का महत्व भी है और सही दिशा का चुनाव करना आवश्यक है। पूर्व दिशा में ध्यान करने से आपको मानसिक रूप से शक्ति मिलती है। इसकी प्राकृतिक सरंचना में वायु और हमारे आसपास का वातावरण है। इस दिशा से जुड़ने पर आपको निम्न बदलाव करने होते है : अपने विचारो पर ध्यान देना, अपने कारण को सोचना ( प्रश्नों पर मनन ) करना और आपके सोचने और व्यव्हार का तरीका और साथ ही साथ आपके मानसिक तनाव को दूर करने पर ध्यान लगाए।

फायदे : आपके बोलने, सोचने के तरीके में फर्क आएगा, आत्मसुझाव में वृद्धि, सोचने की क्षमता में बदलाव महसूस कर सकते है।

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दक्षिण दिशा प्रतिक है अग्नि तत्व और आपके क्रिया की :

दक्षिण दिशा में ध्यान करना आपके लिए काफी फायदे मंद हो सकता है। क्यों की ये अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती है और इसका प्रतिक है उठती हुई लौ, और अग्नि। इस दिशा में ध्यान करते समय आप अपने एक्शन पर ध्यान दे की आप किस तरह से काम करते है। इसके बाद इसमें क्या सुधार होना चाहिए जैसे विचारो पर ध्यान लगाए। आप काम को किस तरह कितने वक़्त में करते है इन सब बातो पर ध्यान लगाने से आपको निम्न फायदे होते है।

लाभ : व्यायाम, खेल, वक़्त के प्रबंधन यानि की टाइम मैनेजमेंट में आपका कौशल निखरता है।

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पश्चिम दिशा प्रतिक है आपकी भावनाओ और जल तत्व का

जल तत्व आपके भावनाओ का प्रतिक है इसके लिए अगर आपको अपनी भावनाओ में मजबूत बनना है तो आपको पश्चिम दिशा में ध्यान लगाना चाहिए। इसका प्रतिक है समुन्द्र, झरने, नदिया और पानी के स्त्रोत। इस दिशा में ध्यान करते समय आपको अपने मूड पर, आपकी सोच और अपनी भावनाओ के बारे में ध्यान देना चाहिए, इसके साथ ही साथ खुद से भावनात्मक रूप से जुड़ जाइये।

फायदे : इस दिशा में अपने भावनात्मक रूप पर ध्यान लगाने से आपके सुनने की क्षमता में, अपने विचारो को व्यक्त करने की क्षमता में, उन्हें दूसरे में बाँटने की, और गायन जैसे क्षेत्र में सफलता मिलती है। क्यों की आपकी भावनाये मजबूत होती जाती है।

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अन्य उपाय :

क्या आप जानते है की ध्यान में कैंडल भी जलाई जाती है। ये सब हमें एक सकारात्मक ऊर्जा देने के लिए होता है। आइये जानते है किस तरह की कैंडल किस ध्यान में काम आती है।

  • पूर्व दिशा के लिए Yellow कलर की कैंडल या लैवेंडर कलर की सही है।
  • दक्षिण यानि अग्नि तत्व : लाल
  • पश्चिम दिशा यानि जल तत्व : नीला या एक्वा कैंडल।
  • उत्तर दिशा यानि पपृथ्वी तत्व : गहरी हरी, गहरा भूरा या ब्लैक कैंडल।

दोस्तों ध्यान में जल्दी उतरने के लिए अन्य कई माध्यम है। इनमे संगीत, प्रकाश, और अलग अलग सुंगध वाले तत्व शामिल है। अगर आप भी ध्यान से पहले अपने माहौल को खुश्बूमय बना ले तो इसका अलग ही प्रभाव पड़ेगा। पंच तत्व पर ध्यान करने वाले इससे बहुत फायदा उठा सकते है।

दोस्तों आज की पोस्ट ध्यान में दिशा का महत्व को लेकर की गई थी। आपको पोस्ट कैसी लगी हमें जरूर बताये हमें subscribe करना ना भूले ताकि ऍम आपको हर रोज नए अपडेट भेज सके।

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