अनचाहे और एक ही बात बार बार सोचने की प्रॉब्लम से कैसे छुटकारा पाए ?

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क्या आपने अपने आसपास ऐसे लोगो को भी देखा है जो अक्सर जल्दी में रहते है। ‌ऐसे लोग हमेशा भागते हुए से नजर आते है। ये overthinking की problem की वजह से होता है जिसमे वो क्या कर रहे है उस पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रहता है। overthinking को अगर हिंदी में समझे तो ek baat ko bar bar sochna है। इस समस्या से परेशान लोगो के दिमाग में एक ही विचार की वजह से अनचाहे विचार घुमने लगते है। अगर देखा जाए तो overthinking की असली वजह है बेवजह सोचना। आज हम बात करने वाले है ज्यादा सोचने की बीमारी की जिससे कैसे आसानी से सिर्फ dainik life ke tips in Hindi के द्वारा ही छुटकारा पा सकते है। overthinking ki problem se chhutkara पाने के easy tips Hindi में।

overthinking ki problem se chhutkara

negative thoughts in Hindi में आज हम सबसे पहले कुछ वजह को जानने की कोशिश करेंगे की आखिर क्यों ना चाहते हुए भी हम overthinking जैसी mansik bimari की चपेट में आते जा रहे है। ek baat ko bar bar sochna असल में किसी तरह का solution नहीं है। पहले के टाइम लोग आत्ममंथन यानि self-thinking करते थे जिससे की उन्हें अपनी samsya ka samadhan मिल जाता था लेकिन आजकल ऐसा नहीं होता है। अब अगर कोई सोचना शुरू कर दे तो उसे ये पता नहीं रहता है की वो सोच क्या रहा था बल्कि anchahe vichar उसे इस कदर घेर लेते है की सर दर्द करने लगता है।

overthinking ki problem actual me kya h?

overthinking ki problem असल में और कुछ नहीं सोचते रहने से अनचाहे विचारो से घिरना है। हम सोचते तो है किसी टॉपिक पर और कुछ देर बाद अचानक ही किसी और बेवजह की सोच में पड़ जाते है जिसका हमारी समस्या से कोई लेना देना नहीं होता है। हम हमेशा कोशिश करते है की be positive को सोच को बनाए रखे। लेकिन फिर भी कई बार past की galtiya और present time का stress हमें ना चाहते हुए भी negative sochne पर majbur कर ही देता है जो बाद में overthinking ki problem में बदल जाती है।

अगर daily life में देखे तो एक पुरुष की बजाय औरते ज्यादा overthinking की problem को face करती है। इसकी वजह से work performance में कमी और lead to anxiety and depression जैसी problem को भी देखा जा सकता है।

कौन जल्दी overthinking की problem face करता है:

daily life की baat करे तो mostly lovely, intelligent और ऐसे लोग जो relationship में अपने साथी की बहुत ज्यादा केयर करते है बहुत जल्दी ही ओवर-थिंकिंग की समस्या से परेशान होने लगते है। इसकी एक वजह ये भी हो सकती है की ये सभी सोचते ज्यादा है क्यों की किसी भी काम को ये बहुत ज्यादा सोच समझ कर या यू कहे की हर पहलु को समझने के बाद best method ka chunav करते है।

overthinking ki problem se chhutkara:

how to get rid from negative thoughts यानि negative soch kaise dur kare ताकि हम overthinking की problem से chhutkara पा सके। अब आप ये जानना जरुर चाहेंगे की tension se kya hota hai तो में आपको बता दू tension >> overthinking >> depression >> negative thoughts >> everything happen wrong जो कोई नहीं चाहेगा तो चलिए जानते है daily life के ऐसे ही कुछ easy tips की जिनके जरिये आसानी से overthinking से chhutkara पा सकते है।

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1.) आप इस baat को accept करना सीख ले:

क्या आप भी accept करते है की आप जरुरत से ज्यादा सोचते है। ये हर किसी के साथ होता है की वो जानते है की जरुरत से ज्यादा सोच रहे है लेकिन accept नही कर पाते है। किसी भी problem का solution तभी संभव है जब उसे पहले accept किया जाए। dainik life में अगर आप भी निम्न problem को face कर रहे है तो समझ ले की आप भी overthinking की problem से परेशान है।

  • अगर jarurat se jyada sochna आपको कोई भी decision लेने से, meaning-full relationship को बनाए रखने मे रूकावट डाल रहा है।
  • जब भी आपके साथ बुरा या अप्रिय घटित होता है तब आप खुद को अनचाहे खासतोर से negative thoughts से घिरा हुआ पाते है।
  • future में आपके साथ क्या होगा ये सोच कर आप आज को enjoy नहीं कर पा रहे है तो समझ ले आप overthinking की problem से परेशान है और आपको जरुरत है overthinking ki problem se chhutkara पाने की।

2.) भूल जाइये क्यों की आपका दिमाग बना ही thinking के लिए है

जब आप accept कर लेते है की जो कुछ आप सोच रहे है वो महज overthinking है तो आसानी से आप इसे ignore भी कर सकते है। actual में  हमारा brain बना ही overthinking के लिए है क्यों की हमारे thoughts और memory दोनों आपस में जुड़े रहते है ये अलग अलग स्टोर नही होते है। यही वजह रहती है की जब हम overthinking की problem face करते है ये दोनों unlock हो जाते है या यू भी कह सकते है की bad mood इसे unlock कर देता है और हम jarurat se jyada sochne लगते है।

अक्सर ये भी होता है की overthinking के टाइम हम क्या सोचते हमे पता भी नही रहता है, जैसे की वो sochna जो गुजर चूका है और future में उसका कोई effect ही नही होने वाला। इसका सबसे बड़ा example है गुजर चुके लोगो के बारे में सोचना। इसमें हमारी गलती नही है क्यों की overthinking ki problem se chhutkara, अनचाहे विचारो को stop नही सिर्फ ignore कर solve किया जा सकता है।

3.) overthinking ki problem se chhutkara – गहरी साँस ले

हमारा दिमाग एक spider web की तरह है जिसमे एक bad event, negative thoughts के tidal wave को trigger करती है जिसकी वजह से हम overthinking से परेशान रहने लगते है। जब भी आपको लगे की आप इस मक्कड़-जाल में फंसते जा रहे है गहरी सांसे ले।

deep breathe technique एक तरह से best method है bad mood और overthinking को stop करने के लिए। आपको सिर्फ get rid from overthinking by deep breathe की ये simple step follow करनी है

  • नाक से 2 सेकंड की गहरी साँस अन्दर की और ले।
  • कुछ देर अन्दर रखे और फिर मुह से 4 सेकंड के टाइम मे धीरे धीरे बाहर निकाले।
  • ध्यान रहे की breathe out का time, breathe in से दोगुना हो और सहज हो।
  • in easy स्टेप्स को follow करने से अनचाहे विचार यानि overthinking stop की जा सकती है।
  • कम बोले ताकि overthinking ki problem se chhutkara पा सके

हमेशा सुनने में आता है की दुःख बाँटने से कम होता है यानि problem अगर किसी के साथ share की जाए तो उसका effect कम होता है लेकिन किस तरह के person के साथ problem share की जाए ? क्या एक जैसे दो person यानि co-over thinker अपनी problem आपस में share करने लगे। क्या उनकी problem कम होगी ? नहीं क्यों की दोनों की overthinking nature है।

अगर आप वास्तव में अपनी problem किसी के साथ share करना चाहते लेकिन समझ नहीं पा रहे की किस के साथ share करे तो उन्हें एक कागज पर लिख ले या फिर डायरी लिखने की आदत डाल ले क्यों की इससे best friend कोई नहीं और ये आपको overthinking के लिए force भी नहीं करेगी।

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4.) get physical and busy yourself:

कम बोलना काफी नहीं होता है, negative एनर्जी को जब तक बाहर ना निकाले वो परेशान ही करती है इसलिए overthinking ki problem se chhutkara पाने के लिए खुद को physical work में busy रखने की कोशिश करे। अगर आपके मन में किसी बात का गुब्बार है और आप किसी के साथ share नहीं कर पा रहे तो शारीरिक परिश्रम best method है इस तरह की एनर्जी को शरीर से बाहर करने के लिए।

5.) mindful मैडिटेशन और overthinking ki problem se chhutkara:

अक्सर ऐसा होता है की past में failure होने की वजह से future में इसका क्या effect होगा के डर से हम present को enjoy ही नहीं कर पाते है। एक famous psychologist के अनुसार

अगर आप depression में है तो आप past में है, अगर आप चिंतित है तो future में और अगर आप शांत-चित है तो आप present में live कर रहे है।

overthinking की problem को कैसे ignore किया जा है ? इसके लिए हम ऊपर कई method use कर चुके है और फिर भी benefit ना मिल पा रहा हो तो आपको mindful मैडिटेशन technique अजमानी चाहिए। अपने आप को present में रखे अगर विचार आ रहे है तो उनके पीछे भागने की बजाय ignore करते जाइए। धीरे धीरे आप पाएंगे की anchahe vichar अब आपको इतना परेशान नहीं कर रहे है।

6.) अपने आप को universe के flow में बह जाने दे

हम परेशान क्यों होते है ? इसकी एक वजह ये भी होती है की हम चाहते है की जो हो रहा है वो हमारे मन मुताबिक हो, हम चाहते है की चीजे उसी तरह हो जैसे हम चाहते है और अगर ऐसा नहीं होता हाई तो हमें झुंझलाहट होती है। life में जो हो रहा है उस पर हमारा कोई control नहीं होता है हम बस एक trigger है असली कम तो universe के जरिये हो रहा है।

universe के flow का मतलब खुद का surrender नहीं है बस खुद को जैसा हो रहा है होने देना। नदी में अगर तैरना है तो बहाव के साथ चलो ना की उसके विपरीत क्यों की ऐसा करने पर डूबना निश्चित है। यही हमारी life में होता है इसलिए हमेशा जो हो रहा है अपने मुताबिक ना चले। कर्म करते रहे रिजल्ट आपके मन मुताबिक है या नहीं की चिंता छोड़ दे।

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7.) आपके thoughts ही आपकी reality है

अगर आप sachhiprerna के regular visitor है तो आपने law of attraction, dream become true, kalpna ko hakikat me kaise badle जैसी पोस्ट पढ़ ली होगी। आपके विचार ही आपकी हकीकत है ये समझने के बाद शायद ही कोई होगा जो positive बने रहना ना चाहेगा। हमेशा वो sochne की कोशिश करे जो अप चाहते है (जो logically possible हो न की शेखचिल्ली के किस्से) यही तो है positive soch ke funde.

final conclusion :

तो अब आप भी समझ गए होंगे की overthinking ki problem क्या है और negative soch dur kaise kare. असल में यही happy life के basic rule है। अगर आप भी किसी तरह की overthinking या negative thoughts से परेशान रहते है तो overthinking ki problem se chhutkara पाने के लिए उपर दिए गए solution जरुर आजमाए। अगर पोस्ट पसंद आये तो share और subscribe करना ना भूले।

22 COMMENTS

  1. sir agar mai kuch bhi negative situation dekhta hoon to usko apne se jod kar dekhta hoon or uska darran mai baith jata hai …baar baar wo hi cheeze mind mai chalti rehti hai …..i am very upset …please help

    • ऐसी घटनाओं को खुद से जोड़ कर देखना बताता है की आपके साथ अतीत में कुछ गलत हुआ है. आप सबसे पहले इसकी वजह का पता करने की कोशिश की क्यों ऐसी स्थिति को आप खुद से जोड़ कर देखते है ? इसके बाद उसके समाधान पर काम करे

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