how motivation affect our work and goal उदेश्य को हासिल करने के लिए smart work कैसे करे

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Motivation को हम किसी भी process के शुरू होने से लेकर guide करने और goal-oriented behaviors को maintain करने के लिए की process है। प्यास लगने पर पानी पिना और ज्ञान अर्जन करने के लिए पढ़ाई करना ये सब मोटिवेशन के बगैर अधूरा है। वैसे तो हम लगातार कोई न कोई कार्य करते ही रहते है लेकिन जिसकाम के पीछे एक उदेश्य और प्रेरणा होती है उस काम को हम बेहतर तरीके से कर पाते है। किसी भी काम को creative way मे अगर करना है तो आपको इसके पीछे के उदेश्य को समझना होगा। आइये आज जानते है की motivation का किसी भी काम को करने के पीछे क्या योगदान होता है।

motivation and satisfaction

किसी भी काम को करने के पीछे कोई न कोई उदेश्य होता है। अगर बिना उदेश्य के कोई काम किया जाता है तो वो हमारी खुद की संतुष्टि के लिए होता है। कोई भी कार्य हम बिना वजह नहीं करते है। उदाहरण के लिए अपने खाली समय का प्रयोग अगर हम किताबे पढ़ने मे लगा रहे है तो भी ये एक तरह की प्रेरणा है। हम किताबे पढ़ते है क्यो की इससे हमे ज्ञान मिलता है और हम हमारे subconscious mind को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाते है।

क्या आपने कभी सोचा है की आप किसी काम को क्यो कर रहे है या फिर इसके पीछे आपका उदेश्य क्या है ? इस पोस्ट मे हम बात करने वाले है अलग अलग तरह के मोटिवेशन के बारे मे और किस तरह का मोटिवेशन हमे किस तरह प्रभावित करता है।

Introduction of Motivation

मोटिवेशन biological, emotional, social, and cognitive forces होता है जो हमारे behavior को activate करता है। ये मोटिवेशन ही होता है जो हमे किसी काम को करने के लिए force करता है। आज अगर कोई व्यक्ति बड़ा आदमी बनता है तो उसके पीछे कोई बड़ी वजह जरूर होती है जैसे की गरीबी।

मोटिवेशन किसी भी काम को करते समय क्यो का काम करता है। आप किसी काम को क्यो कर रहे है इसे समझना ही मोटिवेशन है। इसमे किसी भी एक्टिविटी को शुरू करने वाले factor ही नहीं बल्कि goal-directed actions भी शामिल होती है। बहुत ही कम ऐसी एक्टिविटी होती है जिसमे किसी तरह के motivation का पता चलता है क्यो की ज़्यादातर एक्टिविटी तभी की जाती है जब कोई motive जुड़ा हो।

अगर motivation की psychology को समझने की कोशिश करते है तो पाएंगे की उन्होने इसके लिए काफी सारी theories of motivation को शेयर किया है जैसे की drive theory, instinct theory, and humanistic theory लेकिन हकीकत मे देखे तो काफी सारी और भी theory है जो किसी activity के लिए अलग अलग तरह के फोर्स को गाइड के लिए apply करता है।

हम किसी भी activity के लिए खुद को प्रेरित करते है इसमे कई सारी चीजों को शामिल किया जाता है जैसे की किसी काम को करने के पीछे भय या कोई उदेश्य होना, किसी बेसिक जरूरत को पूरा करने के लिए खुद को प्रेरित करना या फिर अपने उत्तेजना को बनाए रखने के लिए खुद को किसी activity मे शामिल करना ऐसी कई सारी बाते है जो हमे किसी भी कार्य के लिए प्रेरित करता है।

Components

हर वो व्यक्ति जिसके पास कोई भी एक गोल है उसे जल्दी ही ये अहसास हो जाता है की अपने गोल को पाने की सिर्फ इच्छा रखना ही सब कुछ नहीं होता है। अपने रास्ते मे आने वाली बाधा को पार करना और लगातार अपने गोल की तरफ बढ्ने के लिए प्रयास करना इसमे महत्वपूर्ण है। किसी भी गोल को हासिल करने मे महत्वपूर्ण मोटिवेशन के भी 3 main components है।

  1. Activation : किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए उठाया जाना वाला कदम जो हमारी पहली action होती है।
  2. Persistence : अपने गोल की तरफ बढ़ते रहने के लिए उठाए जाने वाले कदम है जो हमे अपने रास्ते मे आने वाली बाधा को दूर करते है ओर आगे बढ्ने के लिए सही कदम भी उठाए जाते है।
  3. Intensity : किसी भी गोल को हासिल करने के लिए उठाए जाने वाले सबसे बेहतर कदम जिनके जरिये हम अपने गोल को और भी बेहतर तरीके से हासिल कर पाते है। जैसे की 2 स्टूडेंट है पहला सिर्फ पढ़ाई कर रहा है वो भी सिर्फ क्लास टाइम तक जब की दूसरा स्टूडेंट न सिर्फ क्लास attend करता है बल्कि बाहर भी उस पढ़ाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित करता है।
मोटिवेशन से जुड़ी अलग अलग धारणा

वो क्या है जो वास्तव मे हमे किसी भी काम को करने के लिए motivate करता है ? हालांकि इसे लेकर अनेकों theory दी जा चुकी है लेकिन यहाँ 3 main theory को शेयर किया जा रहा है जिसे आप अपने मोटिवेशन मे शामिल करते है।

  1. Instincts : Instincts theory of motivation के अनुसार हमारा behavior इसलिए motivate होता है क्यो की हम एक fix pattern of Instincts को follow करते है। इस theory मे शामिल होने वाले behavior मे fear, cleanliness, and love शामिल है जिनको हम biological instincts के नाम से भी जान सकते है।
  2. Drives and Needs : हमारे कुछ व्यवहार biological होते है जैसे की eating, drinking, and sleeping ओर इसी वजह से हम food, water, and sleep की तरफ motivate होते है। Drive theory हमे सुझाता है की हमारी कुछ biological needs को पूरा करने के लिए हम जिन काम को करते है उन्हे drive and needs के नाम से जानते है।
  3. Arousal Levels : motivation की इस theory के यानि arousal theory of motivation के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी काम मे खुद को सिर्फ इसलिए involve करता है ताकि वो अपने उत्तेजना के maximum level को maintain कर सके। जिन लोगो मे ये कम स्तर मे होता है वे रिलैक्स करने वाले काम करते है जैसे की किताबे पढ़ना वही दूसरी और जिनमे ये बड़े स्तर मे होता है वे thrill action वाले काम करते है।

 बाहरी और अंदरूनी मोटिवेशन

ऊपर शेयर किए गए मोटिवेशन के अलावा भी मुख्य रूप से दो प्रकार होते है। इसमे पहला है Extrinsic यानि वो मोटिवेशन जो हमे बाहरी माध्यम से होता है। इसमे कुछ चिजे हमे प्रेरित करती है जैसे की trophies, money, social recognition, or praise और दूसरा Intrinsic Motivation यानि वो मोटिवेशन जो हमे अन्तर्मन से मिलता है। इस तरह की प्रेरणा हमे हमारे मन की संतुष्टि के लिए किसी काम को करने मे प्रेरित करती है।

बाहरी तौर पर जो चिजे हमे motivate करती है वे सब extrinsic motivation मे आते है उदाहरण के लिए हम पढ़ाई करते है क्यो की हमे क्लास मे बढ़िया ग्रेड लानी होती है। ज़्यादातर इसमे Tangible or Psychological Rewards को involve किया जाता है। ये काफी हद तक effective भी होता है क्यो की सिर्फ एक ही तरह की तरह की खास activity के प्रति हम आकर्षित होते है।

Intrinsic Motivation मे हम खुद के enjoy के लिए activity करते है। ऐसी गतिविधि जिसमे हमे अंदरूनी आनंद मिलता है, प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है या फिर हमे खुशी मिलती है ऐसे कामो को करने के लिए मिलने वाली प्रेरणा Intrinsic होती है। इस तरह की प्रेरणा मे हम Internal Satisfaction पर काम करते है।

हम उन एक्टिविटी का आनंद लेने के लिए किसी काम को करते है। जब भी हम किसी काम को creative तरीके से करना शुरू करते है हमारा internal satisfaction बढ़ जाती है।

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How motivation affect our activity final thought

किसी भी field मे चाहे वो parenting हो या work place इन सब मे motivation किसी भी activity को सही तरीके से पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है। जब तक हम purpose of motivation को नहीं समझेंगे तब तक हमे ये पता नहीं होगा की वाकई हम किसलिए काम कर रहे है। प्रेरणा चाहे किसी भी तरह की हो या फिर उदेश्य हो लेकिन ये हमारे वर्क को और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए ही होता है।

इस पोस्ट मे शेयर किए गए सभी तरह के motivation को समझाने का उदेश्य आपको आपके वर्क के लिए सही गाइड प्रदान करना होता है। अभी तक हम सिर्फ ये जानते थे की हमे कोई काम करने के लिए जो उदेश्य मिलता है वही प्रेरणा है लेकिन ये किस तरह काम करती है ये जानने के बाद आप अपने काम को और भी creative way मे कर पाएंगे

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