ध्यान की कारगर विधि Mindfulness Meditation Technique जिसमे विचारो नहीं activity पर focus किया जाता है

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भागदौड़ भरी इस लाइफ में हम काम में इतना ज्यादा फंस चुके है की stress जैसी mental illness के शिकार होना आम बात बन चुकी है. stress की सबसे बड़ी वजह होती है past and future की tension. हम दिन भर सोचते रहते है की भविष्य में क्या होगा या फिर बीते कल में क्या हो गया था. ऐसी problem को दूर रखने में mindfulness meditation technique हमारे लिए सबसे कारगर मैडिटेशन तकनीक में से एक है. mindfulness का दूसरा मतलब है भूत और भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान में रहना. वर्तमान में घट रही हर घटना को बिना किसी reaction के हम सिर्फ observe करते है.

Mindfulness Meditation Techniques

ध्यान की सबसे खास तकनीक जो आसान भी है उनमे ये खास है. ये ऐसी तकनीक है जिसके action में कोई reaction नहीं होती है. अगर इसका रेगुलर अभ्यास किया जाए तो इसके काफी सारे amazing benefit देखे जा सकते है. सबसे बड़ा फायदा है आपको सभी तरह की टेंशन से दूर रखना क्यों की अब आप सिर्फ वर्तमान में जो हो रहा है उस पर फोकस है ना की क्या होगा या क्या हो गया पर.

Mindfulness Meditation Techniques

ये एक ध्यान की तकनीक है जो कही भी की जा सकती है. किसी भी और तकनीक में जहाँ आपको एकांत चाहिए, बैठने के लिए एक माहौल चाहिए इस विधि में ऐसा कुछ नहीं होता है. जैसा की इसके नाम से पता चलता है mindfulness यानि दिमाग को active रहते हुए अवेयर रहना. अगर आप विचारो में उलझने की वजह से ध्यान नहीं लगा पाते है तो ये विधि आपके लिए best है.

ज्यादातर लोगो के पास एक reason होता है की वो समय की कमी की वजह से ध्यान नहीं लगा पाते है क्यों की इसके लिए शांत माहौल की जरुरत होती है जहाँ आप कुछ समय दे सके. इस विधि में ऐसा कुछ आवश्यक नहीं है. आप जो भी काम कर रहे है उसे पुरे मन से करे ये भी ध्यान का एक प्रारूप है. कुछ लिख रहे है तो लिखने के तरीके को महसूस करे, सांसे लेते समय अन्दर बाहर होने को महसूस करे, जा रहे है तो खुद के  पैरो की गति को अनुभव करे ये सब आपको आसानी से दुसरे विचारो से दूर कर अन्दर की और ले जाता है.

सबसे आसान ध्यान कैसे लगाए ?

अगर आपका लाइफस्टाइल बहुत ज्यादा फ़ास्ट है जिसकी वजह से आप अपने routine में से time नहीं निकाल सकते है तो उस routine को ही अपना मैडिटेशन प्रैक्टिस का हिस्सा बना लीजिये. अपने आसपास की आवाज सुनना, सांसो को अनुभव करना, चलते समय अपने आसपास क्या हो रहा है उसे पूरी तरह से महसूस करना ये सब हम दैनिक क्रियाकलाप में कर सकते है. इस विधि के अन्दर हमें जो काम कर रहे है उसके प्रति अवेयर होना होता है.

हम दिनभर काम करते है लेकिन हमारा मन उस काम में होने की बजाय दुसरे विचारो में होता है. अगर मन को शरीर के साथ जोड़ दिया जाए तो ये ध्यान ही तो है. जो काम कर रहे है उसमे शरीर और मन से रहते हुए करना मैडिटेशन का अभ्यास ही तो है. मैडिटेशन में हम विचारो को दूर करते है और इस विधि में जब हम कार्य के प्रति अवेयर हो जाते है तो दुसरे विचार अपने आप दूर हो जाते है. आइये जानते है ऐसे ही कुछ आसान तरीके जिन्हें अपनाते हुए आप mindfulness meditation technique को कही भी कभी भी कर सकते है.

Sounds

ये एक Simple mindfulness meditation है जिसमे हम अपना पूरा ध्यान environment sound पर लगाते है. ज्यादातर लोग मानते है की successful meditation session के लिए हमें शांत माहौल की जरुरत होती है लेकिन इसके उलट में इस तकनीक में हम अपना ध्यान अपने आसपास की साउंड पर लगाते है. अपने आसपास की साउंड पर खुद को फोकस करना हमें किसी और विचार से दूर करता है.

ज्यादातर लोग गाने सुनते है जब उनका मूड ख़राब होता है और कुछ time बाद वो हर टेंशन को भूल कर खुद को relax महसूस करने लगते है. दरअसल म्यूजिक सुनना हमारे brain waves को कण्ट्रोल करता है जो की हमारे सोचने के तरीके को प्रभावित करती है. अगर आप खुद को टेंशन में महसूस करते है तो आप भी Meditation techniques to calm the mind को try करे बेहद कम time में आप खुद को relax महसूस करने लगेंगे.

Sensations

हमारे बॉडी पार्ट्स में हो रही हरकत को महसूस करना भी हमें tension free करता है. हमारे अन्दर और बाहर क्या हो रहा है इन सभी हरकतों को बिना किसी reaction के सिर्फ observe करना हमें deep meditation experience की ओर ले जा सकता है. कुछ लोग न्यास ध्यान और योग निद्रा का अभ्यास कर खुद को बेहद ज्यादा शिथिल कर relax अनुभव करते है.

अपने शरीर की हरकतों पर खुद को फोकस करना हमें emotional stress से बचाता है. ऐसे लोग जो खुद बोलते समय, चलते समय असहज महसूस करते है वो इसका अभ्यास करे तो जल्दी ही इस समस्या का समाधान कर सकते है. body language की ज्यादातर समस्या इस अभ्यास से दूर की जा सकती है.

Simple mindfulness meditation –focus on thought

ध्यान का अभ्यास करने वाले शुरुआती लोगो को सबसे बड़ी समस्या आती है की वो इस दौरान अपने brain को पूरी तरह क्लियर नहीं कर पाते है. ये लगभग नामुमकिन है की हम अपने विचारो की लहरों को जबरदस्ती रोक दे जो हर पल दिमाग में अन्दर बाहर हो रही होती है. जब भी हम अभ्यास के लिए बैठते है हमारे अन्दर के विचार और भी ज्यादा शोर मचाने लगते है इससे पहले की हम खुद को शांत कर पाए इसलिए लोगो को ध्यान में रूचि नहीं होती है.

इसीलिए Basic mindfulness meditation के इस अभ्यास में thought पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है. हम अपने मन में आने वाले विचारो से उलझने और उनसे जुड़ने की बजाय उन्हें बिना किसी रोकटोक के आने जाने देते है. कुछ समय बाद ही हम खुद को शांत कर लेते है क्यों की विचारो की सबसे बड़ी समस्या है उन्हें बढ़ने के लिए reaction चाहिए. अगर reaction ही ना की जाए सिर्फ observation हो तो जल्दी ही विचारो में कमी आने लगती है.

ये विधि तो हम कही भी कर सकते है खासतौर से तब जब हमारा दिमाग ऐसे विचारो से भरने लगे जो हमारे काम से रिलेटेड हो ही नहीं. ऐसे में सिर्फ उन्हें बिना किसी engage या reaction के सिर्फ आने जाने देना जैसे भी जिस तरह से वो आ जा रहे है होने देना उन्हें जल्दी ही शांत कर देता है.

Meditation techniques to calm the mind – Breathing

हमारे मानवीय सरंचना में कुछ ऐसी activity है जो हमेशा चलती रहती है. इनमे से एक है साँस लेना. हम हमेशा साँस लेते है और छोड़ते है ( untill death ) इसलिए breath in, and breath out ये दो ऐसी activity है जो हमेशा बिना रुके चलती रहती है. लेकिन कितने लोग है जो इस प्रक्रिया को कभी बैठकर सूक्ष्मता से महसूस करते है ?

अपनी सांसो को अनुभव करना एक effective mindfulness meditation technique है जो हमें बहुत ही सूक्ष्म स्तर तक ले जा सकती है. ये सुनने में जितना आसान लग रहा है उससे कही ज्यादा effective result इसके देखने को मिलते है. ऐसा माना जाता है की हमारे विचारो का सम्बन्ध कही न कही सांसो से जुड़ा हुआ है इसलिए जब हम better breathing लेना शुरू कर देते है यानि खुद को सांसो के प्रति अवेयर रखते हुए साँस लेते है तो हम पाते है की पहले की तुलना में physical and emotional relaxation अपने आप बढ़ गया है.

यही एक वजह है की सबसे ज्यादा फेमस mindfulness meditation technique में से एक breathing को माना जाता है क्यों की ये एक सहज प्रक्रिया है और हमें बस इसे नोटिस करना होता है. जब हम सांसो के प्रति जागरूक होते है तो विचार अपने आप रुक जाते है. हमारा ध्यान अब जाग्रत हो जाता है और हम सांसो के जरिये विचारो को आसानी से कण्ट्रोल या फिर guide करना शुरू कर देते है.

Taste

ज्यादातर लोग खाना खाते है लेकिन उसे महसूस करने की कोशिश नहीं करते है. अगर आपसे पूछा जाए की आपकी favourite sweets का taste कैसा है तो आप शायद उसे बहुत लम्बा चौड़ा explain कर सकते है क्यों की आपने उसे सिद्दत से महसूस करते हुआ खाया है लेकिन क्या किसी और खाने या मिठाई के बारे में आप बता सकते है ? नहीं !

क्यों की आपने बस खाने की फॉर्मेलिटी की है. ज्यादातर लोग आज भागदौड़ में रहते है जिसकी वजह से वो ठीक से बैठकर खाना भी नहीं खा पाते है. आज किसी भी चीज को taste करने के लिए time चाहिए और हम बस पेट भरने के लिए खाना खाकर दुसरे कामो में लग जाते है. ऐसा करना हमें वैचारिक रूप से कमजोर बनाता है क्यों की हम किसी चीज को समझने की कोशिश नहीं कर रहे है बल्कि कुछ समय के लिए उसकी जरुरत को टाल रहे है.

दिनभर की लाइफ routine में कुछ समय निकाले और किसी भी नई चीज को taste करने की कोशिश करे. उसे महसूस करे वो कैसी है उसके अन्दर क्या क्या speciality है और वो कैसे बन सकती है. ऐसा करना हमारे brain की उन खास हिस्सों को active करता है जो कल्पनाशील / रचनात्मक होते है. किसी भी चीज को अनुभव के साथ खाना एक simple way to explore mindfulness and relaxation ही तो है, इसके अलावा इसे हम healthy eating-mindful eating भी समझते है.

ये उन लोगो के लिए बेहद effective है जो खाने की प्रॉब्लम से गुजर रहे है जिसके चलते वो over eating कर लेते है. जब हम अवेयर रहते हुए खाना खायेंगे तो इस समस्या से छुटकारा मिलेगा और पाचन भी सही होगा जिसकी वजह से सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है. ये कोई चमत्कार नहीं है बल्कि आपका खुद के प्रति अवेयर होना ही है जो धीरे धीरे आपके विचारो और सोचने की शक्ति पर असर डालता है.

final conclusion on mindfulness meditation technique

दोस्तों ये एक ऐसी ध्यान की तकनीक है जिसके लिए हमें किसी तरह के एकांत या खास नियम की जरुरत नहीं होती है बल्कि दैनिक क्रियाकलाप में हम खुद के प्रति कितना अवेयर रहते है इस बात को लेकर अभ्यास किया जाता है. चलते समय हमारा चलने के तरीके पर ध्यान देना, खाना खाते समय इसे आराम से अनुभव करते हुए खाना, साँस लेते समय पूरा फोकस साँस के अन्दर बाहर होने पर लगाना जैसी activity हमें अवेयर बनाती है और हम आसानी से विचारो को guide कर पाते है.

ध्यान की दूसरी विधि में हम भले ही खुद को विचारो को रोकने पर फोकस करे लेकिन इस विधि में हमें एक जरिया मिल जाता है जिसकी वजह से बाकि सभी बाधा अपने आप हट जाती है. Mindfulness meditation technique उन लोगो के लिए बेहद कारगर है जो खुद को ध्यान के लिए तैयार नहीं कर पाते है और विचारो से जूझते रहते है.

आज की पोस्ट आपको कैसी लगी कमेंट में बताना न भूले.

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