Top 5 तरीके जिनसे आप Migraine panic attack से छुटकारा पा सकते है

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आज की इस लाइफ में Migraine panic attack से गुजरना बेहद आम बात हो गई है क्यों की Mental work pressure बढ़ने की वजह से stress and depression की प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ गई है. हालाँकि कोई भी Migraine medication पूरी तरह कामयाब नहीं हुई है लेकिन हम Migraine headache symptoms and treatment को समझकर उनसे जुड़ी मेडिसिन ली जा सकती है. इस तरह की बीमारी सिर्फ सर दर्द से ही नहीं बल्कि Migraine and heart attack या फिर Headache after migraine attack से भी गुजरते है.

Migraine panic attack

माइग्रेन की स्थिति से गुजरने की वजह से हम इसका असर अपने डेली लाइफ पर देख सकते है. ठीक से देख न पाना, पुरे बॉडी में सुई चुभने जैसा अहसास या फिर चीजो को छूने में प्रॉब्लम जैसे लक्षण आम बात है. सर के एक हिस्से में दर्द का अनुभव होना इसका मुख्य लक्षण है. वैसे ये कोई बीमारी नहीं है बल्कि दूसरी बीमारियों की वजह से होने वाली प्रॉब्लम है जो की एक फाइनल पैनिक अटैक है. आइये बात करते है माइग्रेन के बारे में जिससे ज्यादातर आबादी गुजर रही है.

What is Migraine panic attack

सर में दर्द होना आम बात है जो की ज्यादातर मेंटल प्रेशर या फिर तनाव लेने की वजह से हो जाता है. सर में दर्द की वजह से तकलीफ का असर हम बॉडी के दूसरे हिस्सों में देख सकते है. बॉडी के अलग अलग हिस्सों में परेशानी होना या फिर आँखों में समस्या होना जैसे लक्षण देखे जा सकते है. माइग्रेन की वजह से न सिर्फ सर में दर्द होता है बल्कि आँखों में या फिर सर के पिछले हिस्से में भी हो सकता है.

इसकी वजह से हमें Physical and mental instability का सामना करना पड़ सकता है. ज्यादातर सर दर्द की वजह से बाकि दूसरे हिस्सों में होने वाले दर्द को अनदेखा नहीं किया जा सकता है. माइग्रेन वास्तव में कोई सर दर्द नहीं है बल्कि अलग अलग तरह की प्रॉब्लम की वजह से होने वाली एक मेजर प्रॉब्लम है. अगर इसके शुरुआती लक्षणों को समझ लिया जाए तो रोकथाम संभव है.

Migraine panic attack अचानक नहीं होता है बल्कि इससे कुछ टाइम पहले अलग अलग तरह की स्थिति से गुजरने लगते है इन्हें अगर अनदेखा किया जाता है तब माइग्रेन की नौबत आती है. चलिए जान लेते है की माइग्रेन से पहले हमारी बॉडी किस तरह के संकेत देना शुरू कर देती है.

Premonitory Symptoms

हम बात कर रहे है Migraine panic attack के बारे में जिससे आज भी एक बड़ी आबादी जूझ रही है. आपको जानकर हैरानी हो सकती है की Medical science में भी अभी तक इसका कोई Accurate solution नहीं मिला है. इसका कोई इलाज नहीं है लेकिन हम कुछ Physical and mental change जिन्हें Premonitory Symptoms भी कहते है के आधार पर Migraine panic attack prediction कर सकते है.

माइग्रेन के पूर्व हमारी बॉडी कुछ संकेत देती है जो ये बताती है की कब हम इसके अटैक का शिकार बन सकते है. ये कभी भी अचानक नहीं होता है बल्कि कुछ बदलावों के अपने चरम पर पहुँचने की वजह से होता है. शायद यही वजह है की इसका अभी तक वैज्ञानिक तौर पर कोई इलाज नहीं है. हम अपनी पिछली पोस्ट में झाड़-फूंक के जरिये बीमारी का इलाज की पोस्ट में इसके बारे में जान चुके है. ये एक कारगर इलाज है.

कुछ लोगो को Headache after migraine attack की अक्सर शिकायत रहती है. अगर दवा से इसका कोई इलाज नहीं मिल रहा है तो बेहतर होगा आप किसी ओझा से जो आधा शीशी का झाड़ा लगाता हो उससे मिल ले.

Migraine attack symptoms

माइग्रेन किसी आम सर दर्द की तुलना में 4 अलग अलग फेज में होता है. ये अलग अलग फेज या फिर सभी का एक साथ अनुभव होना कुछ भी हो सकता है. अगर आप premonitory signs and symptoms पर ध्यान दे पाएंगे की ये सिर्फ एक सर दर्द नहीं है बल्कि पूरी बॉडी पर इसका असर पड़ता है. मुख्य रूप से इसके कुछ संकेत निम्न है.

इसके अलावा कुछ इस तरह के संकेत भी महसूस किये जा सकते है :

  • शरीर के उपरी हिस्से में दर्द महसूस करना
  • Food cravings or a loss of appetite
  • एकाग्रता में परेशानी महसूस होना.
  • Confusion
  • शरीर का ठंडा पड़ जाना – Feeling cold
  • Sensitivity to light, sound, or smells लाइट या आवाज के प्रति परेशानी होना.
  • Excessive yawning गले में दर्द या निगलने में परेशानी
  • Vivid dreams अजीब से सपने दिखना.

हमें सबसे ज्यादा तकलीफ पूर्व के संकेतो से नहीं होती है बल्कि माइग्रेन के दौरान जो दर्द होता है, बार बार अलग अलग सपने देखना या फिर सर का भारीपन ये सब अनुभव तकलीफ देते है.

Prodrome vs. Migraine Aura

आपको prodrome, premonitory symptoms, और  aura  ये तीनो टर्म्स कंफ्यूज कर सकती है.

  • Prodrome में premonitory symptoms आते है जबकि औरा में जो भी फेज हम महसूस करते है वे सभी अनुभव आते है. इसे सिर्फ neurological symptoms के जरिये आसानी से समझा जा सकता है.
  • Premonitory symptoms जहाँ पूरे दिन बने रहे सकते है वही migraine aura सिर्फ एक घंटे तक ही रहता है.
  • हम औरा को दोनों आँखों के बदलने के तरीके और neurological abnormalities के जरिये पहचानते है जबकि पूर्व संकेतो को व्यव्हार में बदलाव के आधार पर पहचाना जा सकता है.

Premonitory Symptoms Strike की स्थिति कब बन जाती है?

Migraine panic attack भले ही लाइलाज हो लेकिन हम समय रहते इसकी रोकथाम कर सकते है. कुछ ऐसे premonitory migraine symptoms को पहचान लिया जाए तो आगे की तकलीफ को रोका जा सकता है. इसका एक फायदा ये भी है की इन्हें नोटिस किया जा सकता है जिसकी वजह से हमें इसमें काफी हेल्प मिलती है.

जो भी पूर्व संकेत होते है वे दर्शाते है की एक intense migraine अभी बनने की तैयारी में है और इसे रोका जा सकता है. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो कुछ बदलाव आप कर सकते है जैसे की

लाइफस्टाइल : बार बार पानी पीना, खुद को रिलैक्स रखना और सबसे बड़ी बात ज्यादा तेज लाइट और आवाज से दूरी बनाए रखना.

Medication: अगर किसी तरह की दवाई आपके लिए माइग्रेन के समय काम कर जाती है तो पूर्व संकेतो में आप उसी दवाई का इस्तेमाल कर सकते है ताकि उसी समय आपको आराम मिल जाए,

सोशल : अपने किसी खास को आप बता सकते है की इस वक़्त आप prodromal symptoms को experience कर रहे है.इस दौरान कोई भी हद से ज्यादा sensitive or easily angered हो सकता है. इस दौरान addressing emotional issues को Avoid करना चाहिए जब तक की आप खुद को physically more comfortable महसूस न करने लगे.

अब हम जानते है की premonitory symptoms काफी common है इसलिए इन्हें पहचानना और माइग्रेन से बचाव करना संभव है.

Different Types of Migraines

माइग्रेन सिर्फ एक सर दर्द नहीं है बल्कि पूरी बॉडी में होने वाले कुछ बुरे बदलाव है. Migraine panic attack में आप सिर्फ खतरनाक सर दर्द से ही नहीं गुजरते है बल्कि nausea, vomiting ( उलटी होना ), dizziness, sensitivity to touch ( किसी चीज को छूने में परेशानी ), smells, and light ( ज्यादा तेज लाइट या स्मेल से परेशानी होना ) से भी परेशान हो सकते है.

migraine types

इन Common symptom के अलावा भी कई लक्षण है जो देखे जा सकते है इसलिए बात करते है कुछ अलग अलग प्रकार के माइग्रेन के बारे में.

माइग्रेन टाइप A

Migraine without Aura: इसे हम “common migraine” or “episodic migraine” के नाम से भी जान सकते है. सबसे ज्यादा होने वाले माइग्रेन में ये एक है और इसमें हम सिर्फ में दर्द या फिर सिर्फ एक हिस्से में बेहद तेज दर्द महसूस करते है. इसके लक्षण है दिनभर के कामो में गुस्सा आना, जी घबराना, ज्यादा तेज लाइट और आवाज से परेशान हो जाना इसके common Symptom है.

Migraine with Aura : यहाँ पर औरा का मतलब है कुछ ऐसे लक्षण जो माइग्रेन से कुछ समय पहले प्रकट होते है. इसके लक्षण देखे जा सकते है जैसे की अचानक ही आँखों के सामने अँधेरा या तेज लाइट छा जाना, लाइन दिखना, अचानक ही दिखना बंद हो जाना या फिर यू कहे की Consciousness खो देना.

कई बार इसमें हमें बोल ना पाना, चुभने का अहसास या फिर चीजो को महसूस करने में समस्या, किसी भी काम को कर पाने में प्रॉब्लम होने जैसी शिकायत देखने को मिल सकती है. दुनियाभर में इस माइग्रेन के 20% से भी कम केस देखे गए है. जैसे जैसे उम्र बढती जाती है वैसे ही इसकी शिकायत देखी जाती है जिसमे जरुरी नहीं की सर दर्द हो.

Chronic Migraine: अगर आपको एक खास टाइम पीरियड में बार बार माइग्रेन की शिकायत हो रही या फिर 3 महीने में कम से कम 15 दिन से ज्यादा माइग्रेन की शिकायत रहती है तो ये एक Chronic Migraine कहलाता है. जिन लोगो को episodic migraine की प्रॉब्लम रहती थी वे लोग कुछ बदलावों जैसे की changes in hormones, ज्यादा तनाव ( increased stress ), illness, or use of pain medications का ज्यादा हो जाना की वजह से इसका शिकार बनते है.

इसकी वजह से दर्द बढ़ता जाता है और नए दर्द की वजह से दवाई भी एक टाइम के बाद काम करना बंद कर देती है.

टाइप B माइग्रेन

Abdominal Migraine: ज्यादातर 5 से 9 साल के बच्चो में इस तरह की शिकायत देखने को मिलती है और आगे चलकर ये युवाओ में भी हो सकती है. इस तरह के माइग्रेन में आपको abdominal pain, nausea, and vomiting जैसे लक्षण देखने को मिलते है.

ये एक ऐसा टाइप है जिसमे headache शामिल नहीं है. सरदर्द की समस्या आपको उम्र बढ़ने के साथ देखने को मिल सकती है.

Acephalgic or Silent Migraine: इस तरह के टाइप में बेहद कम स्तर का सरदर्द देखने को मिलता है लेकिन कुछ दूसरे classic migraine symptoms देखने को मिल सकते है. इसमें सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती है देखने की. आपके विज़न में बदलाव देखने को मिलता है. ठीक तरह से ना देख पाना या फिर कलर का सही से पता न लगा पाना जैसी स्थिति देखी जाती है.

Hemiplegic Migraine: ये एक रेयर टाइप Migraine panic attack है जिसमे शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस होने लगती है. ज्यादातर कंफ्यूज रहना या फिर बोलते बोलते रुक जाना इस तरह की समस्या देखने को मिल जाती है. इस तरह की कंडीशन जेनेटिक या परिवार में देखने को मिल सकती है लेकिन संभव होना जरुरी नहीं है.

इस तरह की कंडीशन में पेशेंट को अचानक ही समय रुकता हुआ या बेहद तेजी से निकलता हुआ महसूस होने लगता है. बॉडी में अचानक ही बदलाव आना जैसे की छोटा या बड़ा हो जाना इस तरह की कंडीशन अनुभव की जा सकती है.

टाइप C माइग्रेन

Retinal Migraine: ये कंडीशन आँखों से जुड़ी है. कुछ देर के लिए आँखों के सामने फ़्लैश या तेज लाइट का दिखाई देना, कुछ देर या फिर समय के लिए अंधापन महसूस हो सकता है. ये स्थिति सर दर्द से कुछ समय पहले बनती है. इस तरह की स्थिति में माइग्रेन से लगभग एक घंटे पहले visual symptoms देखे जाते है जो की 3 दिन बाद तक बने रह सकते है.

Status Migrainosus: ये एक खतरनाक अटैक है जो की लगातार 72 घंटे तक बना रह सकता है. एक सप्ताह में लगातार कम से कम 4 घंटे तक स्ट्रोंग अटैक की स्थिति में आपको तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए.

ये कुछ अलग अलग टाइप है जिन्हें हम और बेहतर तरीके से गूगल का सकते है.

Causes and Risk Factors

वैसे तो इसके मुख्य कारण neurological होते है लेकिन इसके अलावा genetic factors. Symptoms, including premonitory symptoms, aura, headache, and postdrome phase भी हो सकता है. इसके अलावा भी कई कारण हो सकते है जिनकी वजह से migraines को ट्रिगर किया जाता है.

सामान्य वजह

हम अचानक ही अपने चेहरे में सुई चुभने जैसा अहसास करते है और चेहरे के सामने कई अलग अलग विज़न दिखाई देने लगती है. अगर आपके साथ ऐसा पहले कभी हुआ हो तो बता दे की आपने migraine aura को अनुभव किया है. इसे headache progresses की पहचान कर Migraine panic attack को आसानी से रोका जा सकता है.

अगर ऐसा पहले कभी नहीं हुआ हो तो ये आपके लिए एक strange and scary experience हो सकता है. एक बार इसकी पहचान कर ले तो बचाव करना आसान हो जाता है. माइग्रेन में आपको अलग अलग अनुभव कर सकते है. आइये जानते है की इसके लक्षण किस तरह पहचाने जाते है.

  • stress, reported by 80 percent of participants
  • hormone changes in women, reported by 65 percent
  • not eating, reported by 57 percent
  • weather, reported by 53 percent
  • sleep disturbance, reported by 50 percent
  • odors, such as perfume, reported by 44 percent
  • neck pain, reported by 38 percent
  • lights, reported by 38 percent
  • alcohol, reported by 38 percent
  • smoke, reported by 36 percent
  • sleeping late, reported by 32 percent
  • heat, reported by 30 percent
  • food, reported by 27 percent
  • exercise, reported by 22 percent
  • sexual activity, reported by 5 percent

अगर आप सही से सो नहीं पा रहे है तब भी माइग्रेन के चांस बढ़ जाते है. इसके कुछ लक्षण sleeping disorders की तरह हो सकते है जैसे की नींद ना आना, जबड़ो का भींचना, दांतों की किटकिट होना. Migraine headaches में आराम के लिए Caffeine असरदार हो सकता है.

Estrogen

महिलाओं में इस हॉर्मोन की वजह से central nervous system काफी प्रभावित होता है. पीरियड से 2 दिन पहले के बदलाव की वजह से menstrual migraines को फील किया जा सकता है. इसके बचाव में उन्हें ऐसी चीजे जिन्हें magnesium हो दिया जाता है.

Cortical spreading depression

ऐसा माना जाता है की दर्द जिसकी वजह से migraine with aura की समस्या उत्पन होती है ये Cortical spreading depression की वजह से होता है. इस स्थिति में दिमाग के कुछ पार्ट्स तनाव की स्थिति में हो जाते है और इसकी वजह से inflammatory changes होते है. इसी वजह से हमें Migraine headache की परेशानी होती है.

Sensitization

ये एक न्यूरॉन की प्रोसेस होती है जिसमे दिमाग की सेल्स कुछ ज्यादा ही एक्टिव हो जाती है. ज्यादातर clinical symptoms of a migraine में इसकी पहचान की जाती है. इस स्थिति में पेशेंट जब भी कुछ खास गतिविधि करता है उसके सर में दर्द होना शुरू हो जाता है जैसे की मूव करना, किसी भाग का दबना या कुछ और गतिविधि.

इसके अलावा कुछ लोगो के Brain structure की वजह से भी उन्हें Migraine panic attack का सामना करना पड़ता है.

Genetics

जेनेटिक समस्या भी माइग्रेन के होने की वजहों में से एक हो सकती है. अगर आपके किसी रिलेटिव को इस तरह की समस्या है तो आपके साथ होने की सम्भावना 3 गुना बढ़ जाती है. कुछ ऐसी abnormalities in the neural pathways of the brain की पहचान खास ग्रुप में की गई है जो इसकी सम्भावना को और भी बढ़ा देती है.

जेनेटिक प्रॉब्लम की वजह का सही अनुमान अभी तक लगाया नहीं गया है लेकिन फिर भी इसकी तलाश अभी तक जारी है.

Migraine panic attack Management Final word

अगर आप recurrent migraines से परेशान है तो सबसे पहले इसके पैटर्न की पहचान करे. ज्यादातर केस में हम earliest symptoms या फिर trigger की पहचान कर इससे बच सकते है. Migraine management में premonitory symptoms की पहचान करना एक अहम् रोल निभाता है और आप माइग्रेन को बेहतर तरीके से कण्ट्रोल कर पाते है. researchers अभी तक earliest biological changes in migraine attacks की पहचान करने में जुटे है ताकि इसका बेहतर इलाज खोजा जा सके.

इससे पहले की माइग्रेन अपने चरम पर पहुंचे हमें इसके पूर्व संकेतो की पहचान कर इसे कण्ट्रोल कर लेना चाहिए.

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