life after death के सच को दर्शाती विश्वभर की सच्ची कहानिया जो जीवन को साबित करती है

life after death के सच को दर्शाती विश्वभर की सच्ची कहानिया जो जीवन को साबित करती है

life after death in hindi को लेकर आज तक कई शोध किये जा चुके ऐसे कई केस हमारे सामने भी आये है जिनमे मौत के बाद जीवन का जिक्र आता है। क्या मौत के बाद जीवन संभव है ? हो सकता है आपको इस पर विश्वास ना आए। पर आज तक अस्पतालों में ऐसे कई केस आ चुके है जहां पर मरीज की वैन्टिलेटर पर मौत हो जाती है और उसके कुछ देर,घंटे, दिन बाद ही वो जीवित हो उठता है। मौत के बाद जीवन वाकई एक रोचक अनुभव हो सकता है। और सबसे खास बात ज्यादातर अनुभव हमारे पौराणिक ग्रंथो में होने वाली मौत के बाद की यात्रा से बिलकुल भिन्न है।

life after death

जिन्दगी और मौत का सिलसिला चलता रहता है. कहते हैं जिसने इस धरती पर जन्म लिया है उसका मरना निश्चित है. बहुत से लोग तो इस बात पर भी विश्वास रखते हैं कि पैदा होने से पहले ही यह निर्धारित हो जाता है कि संबंधित व्यक्ति की मौत कहां, कैसे और कब होगी. इतना ही नहीं, पूर्वजन्म और पुनर्जन्म की अवधारणा पर भी भरोसा रखने वाले बड़ी आसानी से मिल जाते हैं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अतृप्त और अशांत रूहों के इंसानी दुनिया में होने जैसी बातें भी मानते हैं.

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लेकिन यह सवाल शायद ही किसी के जहन में आया हो कि आखिर जिन्दगी और मौत के इस सिलसिले की शुरुआत कहां और किसने की? वैसे तो विभिन्न देशों में इस विषय से जुड़ी भिन्न-भिन्न कहानियां मौजूद हैं लेकिन आज हम आपको अंडमान द्वीप समूह के निवासियों के बीच चर्चित एक ऐसा कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका संबंध जिन्दगी और मौत के चक्रव्यूह से जुड़ा है.

कहते हैं अंडमान द्वीपसमूह पर रहने वाला व्यक्ति यरामुरुद पहला ऐसा इंसान था जिसने जिन्दगी के बाद मौत का स्वाद भी चखा था…. इतना ही नहीं यह भी कहा जाता है कि अपनी मृत्यु के बाद रूह बनकर वापस भी लौट आया था. सुनने में भले ही यह सब आपको एक अच्छा टाइमपास लगे लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार यरामुरुद के मरने के पीछे एक बेहद दर्दभरी कहानी छिपी है जो हम आपको बताने जा रहे हैं.

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जीवित होते हुए भी मौत का अहसास :

अंडमान द्वीपसमूह पर यरामुरुद अपनी मां और भाई के साथ रहता था. एक बार यरामुरुद शिकार पर गया लेकिन वह किसी भी जानवर को मारने में सफल नहीं हुआ और खाली हाथ घर लौट आया. उसकी मां को बहुत गुस्सा आया लेकिन फिर भी वह घर में पहले से ही रखे मांस को यरामुरुद के सामने ले आई और उसे मांस को काटने के लिए कहा.

यरामुरुद मांस काटने ही लगा था कि वह चाकू उसके अपने हाथ में लग गया और यह सब देखकर उसकी मां ने कहा कि “तुम मर चुके हो, हम तुम्हें अपने साथ देखना नहीं चाहते इसलिए तुम यहां से दूर चले जाओ

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हर बार मौत के मुह से वापस आ जाना:

असफल शिकार से लौटने के बाद उसकी मां वैसे ही बहुत क्रोधित थी इसलिए वह अपने दूसरे बेटे के साथ मिलकर यरामुरुद को जबरन दफनाने चल पड़ी. यरामुरुद को जमीन में गाड़ने के बाद वह जब घर लौटे तो यरामुरुद पहले से ही घर में मौजूद मिला. उसने अपनी मां से पूछा कि मैं मरा नहीं था तो तुमने मुझे जमीन में क्यों दफनाया ?

उसकी मां से कहा कि अब इस घर को और मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है इसलिए तुम्हारा मरना ही सबके लिए सही है. मां और भाई ने मिलकर कई बार यरामुरुद को दफनाने की कोशिश की लेकिन हर बार वह मौत के मुंह से वापस आ जाता था.

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बार-बार की इस कोशिश से यरामुरुद की मां परेशान हो गई और उसे जंगल में ले गई और वहां एक पेड़ को खोदकर अपने बेटे को उसके भीतर जाकर आत्माओं और शैतानी ताकतों की आहट सुनने को कहा. अपनी मां की बात सुनकर यरामुरुद पेड़ के अंदर चला गया और जब उसे शैतानी शक्तियों का आभास होने लगा तो उसकी मां ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इस घटना के कुछ दिन बाद यरामुरुद भटकती रूह के रूप में अपने घर वापस आया और अपने भाई और मां को मौत के घाट उतार दिया.

life after death को लेकर कई किस्से :

मौत के बाद जीवन को लेकर हमारे पुरातन भारत और कई अलग अलग देशो में अनेको किस्से भरे पड़े है। कुछ के अनुसार : जब मृत्यु का अहसास होने लगता है तब इंसान की सभी इन्द्रिय उसका साथ छोड़ने लगती है। उसका मस्तिष्क सोचने समझने की क्षमता खो देता है जिसकी वजह से उसे भ्रम की स्थिति में भय लगने लगता है। विज्ञान भी इस बात के पक्ष में है की मृत्यु के अंतिम क्षणों में ज्यादातर लोगो ने भ्रम की स्थिति को जिया था।

कुछ लोगो और पौराणिक मतों के अनुसार :

आत्मा निकलने से पूर्व हमारे सभी परिजन और साथी हमसे दूर होने लगते है। यमलोक  से हमारे लिए 4 सेवक भेजे जाते है जो हमें जबरदस्ती लेने का प्रयास करते है। उन्हें देखते ही हमारे अंदर भय का संचार होने लगता है और हम आसपास मदद के लिए भी चिल्लाते है पर उसका कोई फायदा नहीं होता है। और अंत में बहुत ही कठिनाई के साथ वो हमारे प्राण अपने साथ ले जाने में सफल हो जाते है।

भारतीय पौराणिक ग्रंथो में जहा यमलोक से आने वाले सेवक क्रूर और भयानक देखने के जिक्र मिलते है वही दूसरे धर्म जैसे मुस्लिम में इसमें पैगम्बर का आगमन मानते है और ईसाई धर्म में कहा जाता है की सफ़ेद कपडे से ढके शुद्ध आत्माओ का आगमन होता है और हमें बड़े ही आराम से अपने साथ आसमान में ले जाता है।

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दोस्तों ये तो अलग अलग धर्म में शरीर से आत्मा के निकलने की थ्योरी और पौराणिक मान्यताएं है। इसमें कितनी सच्चाई है कोई नहीं जानता क्यों की ये अनुभव जो वास्तव में लोग बताते है उनसे बिलकुल परे है। अंडमान द्वीपसमूह के लोग इस दर्दनाक मौत को ही life after death का आधार मानते हैं.

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life after death – अंतिम शब्द

तो दोस्तों कैसी लगी आपको life after death को दर्शाने वाले विश्वभर से चुने गए ये किस्से.अगर आपको लगता है की ऐसा सच में है या आप भी विश्वास करते है की ऐसी भी कोई जगह है जहा इन्सान मरने से ठीक पहले और जीवन के ठीक बाद गति करता है. इन सब बातो को लेकर अलग अलग लोगो की अलग अलग धारणा हो सकती है लेकिन सच तो यही है की कई बार ऐसे केस हमारे सामने आते है जब दिमाग उस कंडीशन को स्वीकार ही नहीं पाता है.

दोस्तों हो सकता है की जो लोग मरते है और वापस जीवित होते है वो मौत के अहसास से गुजरते ही ना हो। क्यों की सूक्ष्म शरीर विचरण से उनके अनुभव मिलते है और कुछ लोग इसे इलुशन यानि भ्रम की स्थिति मानते है। डॉक्टर केअनुसार एक शरीर के मरने का मतलब है उसके शरीर में कोई हरकत ना होना। भौतिक रूप से निष्क्रियता ही मौत मानी गई है। ऐसे में सूक्ष्म शरीर काअनुभव करने वाले साधक भी इस अवस्था का अनुभव करते है। इस बारे में आपकी क्या राय है कृपया कमेंट में जरूर बताए।

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