kundalini awakening experience क्या बदलाव होता है जब कुण्डलिनी शक्ति जागती है

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Spiritual Emergence or Kundalini awakening एक साधक के जीवन में energy and consciousness में काफी सारे changes लाती है और ये सब संभव होता है हमारे chakra systems के जरिये. हमारे शरीर में स्थित उर्जा के 7 मुख्य केंद्र है. प्रत्येक चक्र में खास गुण और हमसे जुड़ी powers होती है जिसे Kundalini yoga process के जरिये जिंदगी बदलने वाले अनुभवों को समझने में मदद करती है. शरीर में स्थित उर्जा केंद्र जिसमे हमारे consciousness के अलग अलग characteristic को स्टोर किया जाता है वास्तव में यही शक्तियों के स्त्रोत है. जब चक्र में उर्जा का प्रवाह सही तरह से होने लगता है psychic ability खुद-ब-खुद activate होने लगती है.

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जागरण की प्रक्रिया में Kundalini awakening symptoms को अगर हम समझ ले तो इसकी प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है. ज्यादातर साधक होने वाले अनुभव को अक्सर समझ नहीं पाते है जिसकी वजह से वो अनजाने भय में फंस कर रह जाते है और आगे नहीं बढ़ पाते है. social media पर बताए जाने वाले अनुभव के विपरीत Kundalini awakening experience एक साधक के जीवन में आने वाले बदलाव है न की किसी तरह की शक्ति का स्त्रोत.

साधक अपने जीवन में जो शक्तियां हासिल करता है वो उसकी psychic ability powers होती है ना की किसी तरह की super human power शायद यह जानने के बाद कुछ लोग इस प्रक्रिया में निराश भी हो सकते है क्यों की उनका मकसद spiritual awakening process को समझना नहीं शक्ति हासिल करना था. आइये जानते है कुण्डलिनी जागरण की क्रिया को विस्तार से जिसमे हर चक्र के जागरण और उसके संकेत को विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे.

Kundalini awakening process

किसी भी spiritual awakening process के दौरान हम अपने अन्दर कुछ खास तरह के बदलाव को महसूस करते है. इस दौरान सबसे ज्यादा physical challenge and psychic shifts experience किये जाते है जो की कई बार हमारे अन्दर एक अनजाना सा भय पैदा कर देता है. लेकिन हमें समझना चाहिए की ये कुछ और नहीं बल्कि हमारी अपनी subtle energy field है जो की इस तरह के बदलाव के लिए जिम्मेदार है.

इस तरह के बदलाव को समझने और सही तरह से experience करने के लिए हमें कुछ चीजे समझनी होगी जैसे की yogis common model of chakra, नाड़ी और शरीर में स्थित दुसरे ऐसे पॉइंट जो शरीर को दिमाग से जोड़ते है और उर्जा के प्रवाह के लिए जिम्मेदार है. इसे समझने के बाद ही हम transformation and spiritual awakening जैसी प्रोसेस को समझ सकते है.

बहुत सारे system में seven chakra system को अलग तरीके से दर्शाया गया है जैसे की हर चक्र का रंग, उनका संकेत और महत्व. अगर बात करे सबसे विश्वसनीय किसी तंत्र की जो कुण्डलिनी को समझने में मददगार है तो वो है yogic science of Kundalini Tantra ये हमें spiritual awakening process के दौरान महसूस होने वाले बदलाव को समझने में काफी मदद करता है.

हमारे शरीर में 50 से भी ज्यादा चक्र है जिनके अन्दर energy and consciousness store रहती है. ये उर्जा चक्र एक फील्ड है जिसमे energy स्टोर रहती है तो चलिए Kundalini awakening की इस process को energy field की तरह जानते है.

The Foundational Chakra

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हमारे spinal cord में सबसे निचे का चक्र जिसे the foundational chakra या फिर mooladhar chakra भी कहते है हमें physical body से जोड़े रखता है. जब तक ये चक्र जाग्रत नहीं रहता है हमें खुद का अलग होने का आभास होता है जिसकी वजह से हम दुसरो के साथ खुद को जोड़ नहीं पाते है.

तीन गुण तामस (the tendency to lethargy), रजोगुण (activity) और सतोगुण (harmonious balance) यही से उत्पन होते है. हम सभी में इन तीनो गुणों का समावेश है. समय के साथ ये तीनो गुण अपना अपना योगदान हमारे कार्य में देते है और हमें अहसास करवाते है की हम इस physical world का हिस्सा है.

प्राण उर्जा यानि life force यही पर active रहती है क्यों की ये pranic energy पुरे बॉडी में flow करती है और हमें जिन्दा होने का अहसास करवाती है. जब तक Kundalini सुप्त रहती है ये residual energy की form में यही पर store रहती है. ये तब तक ऐसे ही inactive रहती है जब तक की हम इसे spiritual Kundalini awakening process के जरिये activate नहीं कर लेते है.

सिर्फ इस चक्र के जागरण और उसमे से कुण्डलिनी उर्जा के ऊपर की ओर बढ़ना ही इसका सम्पूर्ण जागरण नहीं कहलायेगा. जब तक बाकि सभी चक्र में से उर्जा नहीं गुजरती, तब तक ये transformation अधूरा है. जब ऐसा होता है तब हमारा पूरा शरीर spiritual sense of spacious presence को महसूस करने लगता है.

दुसरे शब्दों में कहे तो एक ऐसी उर्जा जिसने अभी तक सिर्फ भूगर्भ को चीरा है, अभी तो उसे आसमान की और बढ़ना है जैसे की एक पेड़.

The Sexual and Procreative Center

दूसरा चक्र जो की swadhisthana के नाम से जाना जाता है वो हमारे शरीर में sexual organs से जुड़ा है. ज्यादातर लोगो में ये चक्र जाग्रत ही रहता है लेकिन out-of-balance की स्थिति में. जब ऐसा होता है तब इन्सान fear, frigidity, condemnation of the body or of life जैसे अनुभव करता है.

इस चक्र को एक सीट की तरह माना गया है. इसी चक्र में हमारी collective unconscious का storehouse माना जाता है और यहाँ पर  सभी darker energies in the deep subconscious में रहती है. जब ये chakra activate और कुण्डलिनी इसके माध्यम से आगे बढ़ने लगती है तब साधक को demonic images, sexual interest changes जैसे बदलाव देखे जा सकते है. ज्यादातर इसमें पारलौकिक शक्तियों के अनुभव होना शामिल है.

इस वजह से काफी सारे spiritual traditions में इस चक्र से पहले upper body chakras like third eye chakra को पहले activate करने की सलाह देते है. जागरण की प्रक्रिया में जब एक बार deep unconscious material को clear कर लिया जाता है तब साधक सबी तरह के lust, anger and greed से फ्री हो जाता है.

जागरण के बाद व्यक्ति खुद को calm and fearless महसूस करने लगता है. साथ ही एक strong will and dedication उनकी spiritual life में देखा जा सकता है.

Kundalini awakening experience – The Seat of Power

ये चक्र हमारे navel से थोडा सा निचे स्थित होता है जिसका नाम Manipura chakra है. माना जाता है की हमारा नाभि एक केंद्र है जहाँ पर हमारी personal identity lives करती है. इस चक्र को power center का नाम दिया गया है. अगर ये चक्र सही तरह से बैलेंस हो तब साधक का digestion system सही तरह से काम करता है.

The fire and energy हमारे शरीर के सभी organs में flow करने लगती है और हमारे general psychological and physical health पर अच्छा प्रभाव डालती है. अगर ये चक्र out-of-balance होता है तब साधक खुद को arrogant and demanding, feel driven and be overbearing जी experience और खुद को weak, ineffectual, depressed, energy deficient and helpless feel करने लगता है.

Flow of energy during Kundalini awakening

हमारे शरीर में pranic energy दोनों तरफ i.e. Upper and downward flowing करती है. ऐसा होना एक तरह से हमारी good health and spiritual growth के लिए जिम्मेदार है. ये सब अच्छे से हो इसके लिए कुछ ऐसी yogic practices है जो इस तरह designed की गई है की energy flow को upward मूव किया जाए यानि निचे से ऊपर.

कुछ लोगो ने spiritual awakening or spiritual crisis में कुछ issue को नोट किया है. ये common problem जैसे की chronic fatigue, listlessness, and even being bedridden for a long period जैसे physical discomfort थे. ये सब chakra out of balance का सूचक थे जो इंडीकेट कर रहे थे की या तो energy burn हो रही है या फिर ख़त्म हो चुकी है. Meditation and yogic kriya के जरिये हम pranic energy को उपरी चक्र में ट्रान्सफर किया जाता है.

इस चक्र में आने वाले किसी भी तरह के out-of-balance or damage को ठीक करने में समय लगता है. योगी जन कहते है की एक sincere spiritual commitment इस चक्र को heal करने में काफी मदद कर सकता है. इस चक्र का सही स्थिति में होना साधक के जीवन को healthy and long-lived बनाता है.

चक्र के पूर्ण रूप से जागरण होना Kundalini awakening process के दौरान साधक को एक अलग अनुभव करवाता है जिसमे साधक को सबके जैसा मानना शुरू कर देता है. साधक की willpower, spiritual intuition, and intention को experienced करना शुरू कर देता है.

एक साधक के जीवन में सही मायने में Kundalini spiritual awakening को लेकर सबसे बड़ा बदलाव इसी चक्र जागरण में आता है और एक बार जब ये चक्र जाग्रत हो जाता है तब साधक की उर्जा कभी भी पतन की ओर नहीं मुडती है.

कुछ अनुभव के अनुसार साधक खुद में psychic powers भी अनुभव कर सकता है. इसके अलावा होने वाले अनुभव में deeper intuition और authentic sense of expression के साथ दुनिया को देखना शुरू कर देता है.

Awakening the Heart chakra

शरीर में स्थित 4th chakra जिसे Anahata chakra के नाम से जाना जाता है. ये चक्र हमारे चेस्ट के बिलकुल मध्य में और ह्रदय के समानांतर में स्थित है. Kundalini awakening experience में इस चक्र का जागरण होने का संकेत है साधक के अन्दर लाइफ को लेकर किसी तरह के निराशाजनक ख्याल नहीं आना, किसी तरह के खोने और पाने का कोई भय नहीं होना. साधक पूरी दुनिया को लेकर खुले विचारो से एन्जॉय करना शुरू कर देता है.

इस चक्र का रिलेशन आपके हर इमोशन से जुड़ा है जैसे की creativity, our love of life, appreciation of nature and other people, compassion and empathy जैसे भावनात्मक जुडाव. जब कुण्डलिनी इस चक्र से गुजरते हुए ऊपर की उठती है तब साधक के मन में emotional balanced देखने को मिलता है. साधक को महसूस होने लगता है की लाइफ काफी smooth होने लग गई है और जो भी वो इच्छा करता है उसके पास आ जाता है.

जरुरी नहीं की इसके लिए आपको किसी तरह की साधना करनी पड़ती है कई बार किसी ऐसे व्यक्ति के कांटेक्ट में रहने से जो पहले से इमोशनली बैलेंस हो उसके साथ रहने से भी आपका heart chakra activate हो सकता है. कुछ लोग अनाहत नाद की आवाज सुनने का अनुभव करते है जो की इस चक्र के जागरण के दौरान आपको अनुभव हो सकता है. दुसरे dimension के लोगो की आवाज को सुनना भी इसका संकेत हो सकता है.

कुछ लोग इस तरह के अनुभव के दौरान clairvoyant or psychokinetic experiences जैसी मानसिक शक्तियों यहाँ तक की लोगो को distance healing के जरिये ठीक करने की क्षमता को भी महसूस किया जा सकता है. दुनिया के कामो में उलझने की बजाय साधक खुद को शांति की अवस्था में महसूस किया जा सकता है.

कुछ अभ्यास करने वाले साधक का कहना है की इस दौरान आप unusual sensations या फिर  sudden rising of unconditional love or compassion जैसा अनुभव कर सकते है जैसे की दिल की धड़कन बढ़ जाना. चक्र जागरण की क्रिया के दौरान होने वाले अनुभव चाहे कैसे भी हो आपको खुद को positive रखना बेहद जरुरी है.

Awakening to the Opposites

शरीर में स्थित 5th chakra को Vishuddhi chakra के नाम से जानते है. ये चक्र गले के पीछे स्थित होता है जो हमारे सुनने, बोलने और गले की क्षमता को प्रभावित करता है. विशुद्धि का मतलब है शुद्धिकरण. Kundalini awakening experience में चक्र का मुख्य कार्य इंसानी consciousness को understand and accept both the light and dark aspects of life जानने में मदद करती है.

ये हमारे दिमाग को harmony, inner peace, compassion and a wise perspective जैसी स्टेट में लाता है. जीवन में आने वाले हर challenging experiences of life जिससे हम अब तक भागते आये है उसे accept करना शुरू कर देते है. अगर हमारे अन्दर थोड़ी सी भी psychic intrusions होती है तो वो इससे प्रभावित नहीं होता है.

समय के साथ साधक खुद में Greater creativity, and insight into spiritual teachings, bliss and a long life जैसे लाभ प्राप्त करना शुरू कर देता है सबकुछ संभव है सिर्फ और सिर्फ awakening this chakra इसके साथ ही साथ कभी कभी हम किसी दुसरे व्यक्ति के दिमाग को विचार को भी पढ़ सकते है.

Blocking problem issue during Kundalini awakening

जब Vishuddhi chakra out of balance or blocked हो जाता है तब thyroid damaged हो सकता है साथ ही ears throat and hearing जैसी problems का सामना करना पड़ सकता है. किसी भी तरह के thoughts and feelings को express करना बेहद मुश्किल हो सकता है. कभी कभी हम गर्दन और सर में भी किसी तरह के स्पंदन को महसूस कर सकते है.

अगर कोई साधक इस दौरान किसी तरह की psychic powers से attract हो जाता है तो वो उसमे फंस सकता है. उसके विचारो और भावनाओ को बंधन में डाला जा सकता है.

अगर आप इस चक्र को जाग्रत करना चाहते है तो आपको उन योग को अपनाना चाहिए जिसमे आवाज पैदा होती है जैसे की shabd and nada yoga या फिर किसी तरह के mantras, music, and chanting के जरिये भी ऐसा किया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा धार्मिक होता है तो उसके अन्दर ये चक्र स्वत: ही जाग्रत होने लगता है.

माना जाता है की जो व्यक्ति शुरू से बोलने, गायन और वाक् कला में निपूर्ण होता है वो इस चक्र के जाग्रत अवस्था में होने की वजह से होता है.

Ajna: The 3Rd Eye and Kundalini awakening kriya

अजन चक्र का मतलब है जानना या फॉलो करना. ये चक्र माथे के बीचोबीच स्थित होता है जो की entire subtle body system का command center कहलाता है. इस चक्र का संबध pineal gland से है जिसका शटडाउन बच्चो में 9-10 साल की उम्र के बाद होना शुरू हो जाता है.

ऐसी काफी सारी esoteric and meditation practices है जिनके जरिये हम attention को third eye chakra पर जोड़ सकते है. ऐसा माना जाता है की ये क्रिया purify the mind process के साथ साथ entire energy system को prepare करता है.

ऐसी कई सारी series of spiritual events इससे जुडी है जिन्हें हम जागरण के दौरान experience करते है जैसे की flashes of great light, falling into light or bliss, visions, profound stillness, and psychic revelations जैसे अनुभव. जब इसका जागरण होता है तब साधक unreality को समझने लगता है जिसकी वजह से physical world से detach होने लगता है. किसी भी तरह के भाव को वो महत्त्व नहीं देता है और समभाव की दृष्टी से सबको देखना शुरू कर देता है.

इसके जागरण की क्रिया के दौरान साधक खुद में समाधी के भाव को महसूस कर सकता है. Universal light से जुड़ने और खुद के खोने का अहसास होना इसका एक लक्षण हो सकता है. हमारी चेतना लुप्त होकर शरीर से बाहर इस पुरे यूनिवर्स से जुड़ जाती है.

इस चक्र का जागरण होना energy process के पूर्ण होने का हिस्सा नहीं है बल्कि इससे आगे की यात्रा भी हमें तय करनी पड़ती है. इस चक्र से उर्जा का प्रवाह वापस निचे के चक्रों की ओर बढ़ना शुरू हो जाता है ताकि उन्हें और ज्यादा क्लियर और purify किया जा सके.

अगर आप इस दौरान सावधानी नहीं बरतेंगे तो कुंडली जागरण के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी आपके personal and collective unconscious material को बाहर ला सकती है जिसे हम छिपा हुआ डर कह सकते है. अगर ऐसा हुआ तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे और इसमें उलझ कर रह जायेंगे.

यह एक वजह काफी है जिसकी वजह से सभी spiritual traditions हमें इस पूरी प्रोसेस के दौरान एक सही गुरु के मार्गदर्शन को महत्त्व देते है.

A Thousand Petals in Sahasrarar

Sahasrarar chakra यानि सहस्रार चक्र को हम हजार पंखुडियो वाला कमल की संज्ञा देते है जो की हमारे सर के सबसे उपरी हिस्से में स्थित होता है. Kundalini awakening tantra में इसे पूर्ण ज्ञान का सूचक माना जाता है जिसके जरिये हम जान सकते है की सही ज्ञान जो की “वास्तव में कुछ नहीं” और “सबकुछ है” को सही तरह से समझाता है.

मनुष्य के सभी अहम् का नाश यहाँ पर Samadhi experience के दौरान हो जाता है. हमारा उदेश्य क्या है और हम क्या है क्या कर सकते है का वास्तविक ज्ञान बोध होना इस चक्र के जागरण का सूचक है. इस चक्र के अलावा ऐसे हजारो चक्र और भी है जो हमें enter other dimensional experiences and relationship के लिए प्रेरित करते है.

इस चक्र के जागरण के दौरान उर्जा का प्रवाह निचे से ऊपर की और होना शुरू हो जाता है जिसकी वजह से हमें itching, crawling, burning, vibrating and other sensations in the head जैसे experience होना शुरू हो जाते है जो की और कुछ नहीं energy penetrates the upper body का एक परिणाम है. ऐसा होना वैसा ही है जैसे किसी सतह पर ड्रिल करना. साधको के अनुभव के अनुसार उन्हें ऐसा लगता है जैसे उर्जा एक ड्रिल की तरह उनके अन्दर से बाहर हो रही है.

अगर आपको इससे परेशानी हो रही है तो आपको इसके लिए एक strong detachment of emotion state में जाना होगा. यहाँ पर आपको किसी तरह के भाव पर रिएक्शन नहीं करना होता है.

कुछ धर्म समाधी को पूर्ण नहीं मानते है. उनके नजर में सिर्फ समाधी की अवस्था में जाना ही काफी नहीं है इससे बाहर आना और वापस जीवन की शुरुआत करना पूर्णता है. हमारे physical and subtle bodies में वापस एनर्जी को ट्रान्सफर करने के लिए काफी सारी तकनीक और अभ्यास है जिसके जरिये final clearing of deep unconscious material की stage और एक व्यक्ति को वापस सामान्य जीवन जीने के लिए तैयार किया जा सकता है.

हमारे बॉडी के subtle energy system में और भी कई सारे फैक्टर है जो अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. ऐसे पॉइंट जिनमे हमारे कई सारे छोटे छोटे चक्र का संगम है और उनमे उर्जा का प्रवाह अपना रोल अदा करता है. इसके अलावा  sushumna जो की स्पाइनल कार्ड में सबसे बड़ी नाड़ी मानी गई है और इडा एक cooling mental energy ( शांत उर्जा ) के रूप में वही पिंगला यानि heating prana energy के रूप में मानी जाती है का भी महत्त्व है. हमारा energy fields काफी काम्प्लेक्स है जिसे समझना बेहद मुश्किल है लेकिन सबका अपना योगदान है.

कुण्डलिनी जागरण क्रिया – निष्कर्ष

संक्षेप में Kundalini awakening experience का महत्त्व एक इंसानी शरीर की सोई हुई क्षमता को जगाना है. उर्जा के प्रवाह को निचे से ऊपर की और भेजना है और महसूस करना खुद को फ्री होते हुए. हमारा आज का ट्रेडिशन इस बदलाव को समझने की बजाय इसे किसी तरह की बीमारी का नाम दे देता है.

एक साधक की लाइफ में अगर उसका मकसद spiritual awakening experience हो जाता है तो मानसिक शक्तियां उसे अपने आप हासिल होने लगती है. हमारे शरीर के हर उर्जा केंद्र में शक्तियां सोई हुई है जिन्हें आवश्यक prana energy के जरिये हम जाग्रत कर सकते है और आगे बढ़ सकते है.

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