कनक परी वशीकरण सिद्धि साधना एक सरल और कम समय की साधना

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आपने परियो की कहानी सुनी ही होगी. इस्लाम में इनका जिक्र देखने को मिलता है. जिस तरह हिन्दू धर्म में यक्षिणी योनी होती है वैसे ही परियां होती है. कई लोग परी साधना करना चाहते है लेकिन उन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं होती है. परी साधना कम समय में सिद्ध हो जाती है जिसकी वजह से ये आसान और कम समय में रिजल्ट देने वाली साधनाओ में से है. आज हम कनक परी वशीकरण की साधना के बारे में जानने वाले है जिसके जरिये परी की सिद्धि की की साधना के बारे में जानने वाले है जिसके जरिये परी की सिद्धि की जाती है.

कनक परी वशीकरण

कनक परी उन परी में से है जो साधक की इच्छा खासकर स्वर्ण यानि धन की पूर्ती करती है. परी साधना में आपका ब्रह्मचर्य का पालन करना बेहद जरुरी है. आप परी के साथ वासना पूर्ती जैसा रिश्ता नहीं रख सकते है. अगर आपका उदेश्य अच्छा है तो परी आपकी हर इच्छा की पूर्ती करती है साथ ही वे आपके आने वाले भविष्य से जुडी घटनाओं के बारे में भी बताती है.

यक्षिणी की तरह की अलग अलग उदेश्य से परी की साधना की जाती है. धन और समृद्धि के साथ साथ इच्छा पूर्ती के लिए इस परी की साधना की जाती है. जब ये साधक को सिद्ध होती है तब ये साधक की हर इच्छा की पूर्ती करती है. बेहतर होगा की साधना से पहले आप ये संकल्प ले ले की हे कनक परी में आपकी साधना बिना किसी वासना के कर रहा हूँ और एक सहयोगी के उदेश्य से कर रहा हूँ. इससे आपकी साधना तो सफल होगी ही कनक परी भी आपके लिए सहयोगी की तरह सिद्ध होती है. आइये जानते है परी की आसान साधना के बारे में.

कनक परी वशीकरण साधना

परी साधना का मुख्य उदेश्य साधक की इच्छा पूर्ती होती है. परी सिद्ध होने के बाद हमारे कई काम में मदद करती है जिसमे मुश्किल से मुश्किल काम को भी आसान बना दिया जाता है. ये बेहद सुन्दर दिखाई देती है और इनका महकता शरीर किसी को भी भटका सकता है.

इनके छूने से साधक का शरीर महक से भर जाता है और ये अलौकिक महक किसी को भी अपने वश में कर सकती है. कनक परी भी ऐसी ही एक परी है जिसकी सिद्धि करने के बाद हम मनचाहा कार्य पूर्ण कर सकते है.

इस साधना के जरिये हम परी का वशीकरण करते है और मात्र 8 दिन की साधना में कनक परी का वशीकरण कर उनसे मनचाहा काम लिया जाता है.

मंत्र

ॐ ह्रीं कनक परी स्वाहा

यहाँ पर ह्री एक बीज मंत्र है जो शक्तिशाली वशीकरण में काम आता है. इस साधना को आप निम्न तरह से कर सकते है.

  • शनिवार की रात को नहा कर साफ़ सफ़ेद कपड़े पहन ले.
  • साधना में बैठे और अपने पास एक चमेली का दीपक जला ले. चमेली के फूल और सुगन्धित सामग्री रखे और ऊपर दिए गए मंत्र का 10000 बार जप करे.
  • जप के पूरा होने के बाद आपको मघ की 108 आहुति देनी है.
  • ये हर रोज लगातार अगले 8 दिन तक करना है.

लगातार 8 दिन के साधना से कनक परी वशीकरण की प्रक्रिया पूरी होती है और परी आपका मनचाहा काम करने के लिए सिद्ध हो जाती है.

परी साधना में पालन करे इन नियम का

अगर आप परी साधना कर रहे है तो आपको कुछ खास नियम का पालन करना होता है. किसी भी परी की साधना में ये नियम लागू होते है और आपको साधना के साथ इनका जिक्र हो या ना हो इन्हें ध्यान में रखते हुए ही साधना करनी होती है.

  • परी साधना में वज्रासन में बैठना होता है.
  • साधक के कपड़े साफ़ और धुले हुए होने चाहिए.
  • साधना काल के दौरान जितना हो सके कम से कम बोलने की कोशिश करे और झूठ बोलने से बचे.
  • जिस कमरे में साधना की जा रही है वहां दिन में जाने से बचे, उसे साफ़ रखे और हर रोज पोछा लगाए.
  • साधक का मन, कर्म और वचन से ब्रह्मचर्य का पालन करना बेहद जरुरी है.
  • साधना के दौरान चमड़े से बनी चीजो को ना छुए ना ही इस्तेमाल करे.
  • अगर आप एक हिन्दू है तो इस साधना के दौरान गायत्री मंत्र के जप से परहेज रखे क्यों की ये दोनों विपरीत शक्ति का संचार करते है और इसका असर साधना में पड़ता है.
  • साधना काल में तीखी सुगंध वाले फूलो का इस्तेमाल करना अनिवार्य है जिसके लिए गुलाब और चमेली के फूल और इनकी महक का इस्तेमाल करना होता है.
  • साधना काल के दौरान अगले रोज बच्चो में मिठाई जरुर बांटे.
  • परी साधना, पीर साधना या जिन्न की साधना इन सब में लोहबान ( लोबान ) का इस्तेमाल करे. इसकी धूप अनिवार्य है.
  • साधना में इस्तेमाल होने वाला आसन सूती हो इसका ध्यान रखे.

अगर आप ऊपर शेयर किये गए नियम का पालन करते हुए साधना करते है तो आपकी साधना 100% सफल होती है. इसके अलावा साधना से पहले ही संकल्प लेना चाहिए ताकि साधना के दौरान या परी के सिद्ध होने के समय आपका मन भटकाव में न फंसे.

कनक परी वशीकरण साधना का आसान मंत्र उपाय अंतिम शब्द

दोस्तों ज्यादातर लोग जो परी या यक्षिणी की साधना करते है अंतिम पड़ाव में आते आते फ़ैल हो जाते है जिसके पीछे उनके संकल्प की कमी होती है. आपको साधना में कुछ खास बातो का ध्यान हमेशा रखना होता है क्यों की साधना के पूरा होने से पहले परी भी आपकी परीक्षा लेती है. अगर साधक के मन में वासनाहोती है  या फिर willpower / आत्म संयम की कमी होती है तो उसकी साधना को वही पर खंडित कर देती है.

अगर आप इस तरह की अलौकिक साधना करना चाहते है तो पहले आत्म संयम मजबूत बना ले और इसके बाद संकल्प लेकर साधना करे. इससे आपकी साधना तो सफल होगी ही आप शक्ति के नहीं शक्ति आपके वश में होगी. कनक परी वशीकरण की साधना से जुडी जो भी जानकारी यहाँ शेयर की गई है उसे अपने social media पर शेयर करना ना भूले.

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