How to manage Kundalini awakening side effects Simple tips to Follow

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ऐसी बहुत सी Spiritual practice है जिन्हें हमें किसी master or guru के सानिध्य में रहकर ही सीखना चाहिए. Kundalini meditation भी ऐसा ही एक आध्यात्मिक अभ्यास है जिसमे हम अपने बॉडी और माइंड की सभी सीमाओं को तोड़ देते है. कुण्डलिनी जागरण एक तरह से उर्जा को पूरी बॉडी में प्रवाहित करना है जो पहले से हमारे अन्दर है. सही तरह से अभ्यास ना करने की वजह से हम कुछ ऐसे kundalini awakening side effects से गुजरते है जो हमारे अभ्यास में आगे जाने की बजाय परेशानी की वजह बन जाते है.

कुण्डलिनी उर्जा के अनियंत्रित होने की वजह कुछ भी हो सकती है जिसमे सबसे बड़ी वजह है शरीर के चक्र और उर्जा केंद्र का ब्लॉक हो जाना. अगर हमारे शरीर में कही पर भी ब्लॉक होता है तो उर्जा प्रवाह के समय वो ब्लॉक पर अटक जाती है. ऐसी स्थिति में असंतुलन पैदा होता है जो शारीरिक और मानसिक होता है.

Kundalini awakening side effects

इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए ऐसे कई तरीके है जिन्हें समझ कर हम Kundalini energy free flow को manage कर सकते है. कुण्डलिनी उर्जा अगर अभ्यास के दौरान शरीर में फ्री फ्लो नहीं कर पाती है तो वो आपके किसी एक हिस्से पर अपना असर दिखाना शुरू कर देती है.

आपको मालूम होना चाहिए की कुण्डलिनी उर्जा का प्रवाह आम अभ्यास की तुलना में काफी ज्यादा होता है और इस स्थिति में किसी भी तरह की गलती हमें शारीरिक और मानसिक नुकसान पहुंचा सकती है. इस स्थिति से बचने के लिए आपको इसकी सही जानकारी होना बेहद जरुरी है. आइये बात करते है Kundalini energy flow and side effect के बारे में.

Kundalini awakening side effects Hindi

हम सब जानते है की Kundalini awakening process के दौरान हमें कई तरह के बदलाव से गुजरना होता है. इस दौरान ऐसी स्थिति बनती है की हम उर्जा को सहन नहीं कर पाते है. अगर आप शरीर शुद्धिकरण के बजाय सीधे ही इसका Kundalini meditation का अभ्यास कर रहे है तो आप कुछ चीजो को ignore कर रहे है जिसकी वजह से आपको kundalini awakening side effects से गुजरना पड़ सकता है.

ये side effect कुछ ऐसे बदलाव है जिन्हें आमतौर पर सहन करना बेहद मुश्किल होता है. जो लोग इससे गुजरते है वे अपने अन्दर problem in energy flow, heat, problem in stability जैसी condition शामिल है. अगर अभ्यास के दौरान आप भी इस तरह की स्थिति से गुजर रहे है तो आपको इन बातो पर ध्यान चाहिए जैसे की

ये कुछ ऐसे आवश्यक अभ्यास है जो हमारे बॉडी और माइंड को इस स्थिति को ग्रहण करने लायक बनाते है. अगर आपके शरीर में कही भी ब्लॉक होता है तो वो उर्जा के फ्री प्रवाह को रोकना शुरू कर देता है. ऐसी स्थिति में हमें यहाँ शेयर किये जा रहे tips को follow करना चाहिए.

कण्ट्रोल से बाहर होने की स्थिति में क्या करे ?

किसी अभ्यास में अगर समस्या आ रही है तो उसे समझना बेहद जरुरी है. सीधे तौर पर बगैर इसे समझे अभ्यास को रोकना सही नहीं होता है क्यों की ये समाधान नहीं होता है. अगर आपको अभ्यास में समस्या हो रही है तो अभ्यास को रोकना सही स्टेप है लेकिन बंद कर देना ये सही नहीं है.

आप अभ्यास को रोक कर इस बात पर गौर कर सकते है की समस्या कहा आ रही है और इसका समाधान कैसे किया जाए. ऐसे बहुत सारे Simple and easy tips to follow है जिनके जरिये आप समस्या को सुलझा सकते है.

अभ्यास को रोक दे

अगर आपको लगता है की Kundalini meditation experience को आप सहन नहीं कर पा रहे है तो अभ्यास को उसी समय रोक दे. कुछ लोगो को लगता है की उर्जा का प्रवाह कुछ समय तक सहन करने के बाद हम इसके लायक बन जाते है लेकिन ऐसा नहीं है. कुण्डलिनी मैडिटेशन का अभ्यास तभी किया जाता है जब आपके सभी Chakras and body energy center active state में हो.

अगर आपके चक्र या उर्जा केंद्र ब्लाक होते है तो उर्जा वहां फंस कर इकठा होने लगती है और ये स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर हो सकती है.

किसी अच्छे Spiritual healer की तलाश करे

अभ्यास में किस तरह आगे बढ़ना है और अनुभव के आधार पर आगे क्या करना है इस बारे में आपको सिर्फ एक Perfect spiritual healer ही बता सकता है इसलिए समय रहते अच्छे गुरु की तलाश करे. आज हम घर बैठे Online counseling for meditation or spiritual healing के जरिये इसका समाधान पा सकते है.

Live video session में Spiritual healer हमारी समस्या का आसानी से समाधान भी कर सकते है और आपको इसके लिए भटकना भी नहीं पड़ता है लेकिन एक अच्छा गुरु पाने के लिए आपको मेहनत भी करनी होगी.

खुद को सकारात्मक लाइट से कवर करे

कई बार हमें कुण्डलिनी शक्ति की उर्जा से परेशानी इसलिए भी होना शुरू हो जाती है क्यों की हम Emotionally week होते है. अगर आपने Aura energy field के बारे में पढ़ा है तो आपको पता हो की ये किस तरह चक्र और कुण्डलिनी शक्ति को प्रभावित करता है. Balanced aura energy field की स्थिति में हम न सिर्फ चक्र को बल्कि उर्जा केंद्र को भी balanced पाते है.

अगर आपको लगता है की आपका औरा मजबूत नहीं है और इसकी वजह से आप Kundalini energy को balance नहीं कर पा रहे है तो Tips to balance aura energy field को follow करे. इससे आपका औरा मजबूत होगा और आप खुद को ज्यादा से ज्यादा Energy centered महसूस करना शुरू कर देंगे.

आपके Aura energy protection shield के कमजोर होने की स्थिति में जब energy फ्लो सही तरीके से नहीं हो पाता है तब kundalini awakening side effects से रूबरू होना सामान्य है.

Be a spiritual devote

ज्यादातर spiritual master अपने आसपास great master or saint, like spiritual guru or guide की picture जरुर रखते है. जब भी वे किसी तरह की विपरीत स्थिति में होते है या फिर Negative emotion से परेशान होते है वे उनसे प्रेयर करते है और खुद को पॉजिटिव महसूस करते है. जब भी उन्हें इस तरह की जरुरत महसूस होती है वे ऐसा करते है और ऐसा करना उन्हें शांत करता है.

इन सबके पीछे हमारा Subconscious mind काम करता है. हम कुछ ऐसी स्थिति पैदा करते है जिन्हें हमने Unconscious mind में रखते है और जब हम उन्हें remind करते है तब हमारा ब्रेन किसी भी तरह के विचार से हटकर सिर्फ एक विचार पर फोकस हो जाता है.

सांसो से जुड़े प्राणायाम करे

कुण्डलिनी शक्ति के अनियंत्रित होने की स्थिति में आपको ध्यान देना चाहिए की कही आप सांसो से जुड़े प्राणायाम को इग्नोर तो नहीं कर रहे है. जब भी आपको ऐसा लगे की शरीर के उर्जा केंद्र आपके कण्ट्रोल से बाहर हो रहे है आपको Plenty of exercise and fresh air पर ध्यान देना चाहिए. प्राणायाम और व्यायाम करना हमारे शरीर और मन को फिट और एक्टिव बनाता है.

इसके साथ ही हमारे शरीर के उर्जा केंद्र भी अनब्लॉक होना शुरू हो जाते है जिसकी वजह से Kundalini energy flow पूरी बॉडी में बिना किसी अवरोध के होना शुरू हो जाता है. ऐसी स्थिति में आप आसानी से kundalini awakening side effects की स्थिति को काबू कर सकते है.

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Ground yourself in nature

ऐसी कई एक्टिविटी है जो हमें प्रकृति से जोडती है. आप ऐसी गतिविधि कर सकते है जो आपको शांत रख सके जैसे की

  • Working with plants
  • Walking barefoot on the grass or beach
  • Work with young children

ऐसा करना आपको न सिर्फ शांत रखता है बल्कि आप खुद को किसी भी स्थिति में कण्ट्रोल भी कर सकते है.

Lead a balanced life

अगर अभ्यास के दौरान आप कुण्डलिनी शक्ति के प्रवाह को कण्ट्रोल नहीं कर पा रहे है तो इसकी एक वजह ये भी हो सकते है की आप लाइफ को बैलेंस नहीं रख पा रहे है. लाइफ में संतुलन की कमी की कई वजह हो सकती है जैसे की आपका सही खान पान ना होना या फिर किसी तरह के तनाव से घिरे हुए रहना.

अगर आप Spiritual practice कर रहे है तो आपके लिए stress लेना सही नहीं रहता है.

ऐसी स्थिति में आपको well-balanced diet with enough protein लेना चाहिए ताकि आप खुद को Active and balanced feel कर सके. हम अपने ब्लॉग पर Unwanted intrusive thoughts, negative emotion, negative thinking के बारे में पहले ही बता चुके है आपको इन सबसे बचना होगा.

सोच में लाए बदलाव

अगर आप बार बार खुद को मानसिक रूप से कमजोर महसूस करते है और अपने विचारो पर कण्ट्रोल नहीं कर पा रहे है तो इसके पीछे आपके विचारो का मुख्य रोल है. अपनी सोच को अच्छा बनाए, घटिया सोच न रखे और मतलबी न बने. Negative emotion हमारे energy center को block कर देते है क्यों की Positive vibes को हम खुद आने से रोकना शुरू कर देते है.

आपको अपने सोचने के तरीके में न सिर्फ बदलाव लाना है बल्कि दूसरो के बारे में सोचना भी शुरू करना चाहिए. जब आप ऐसा करते है तब आप खुद को मतलबी बनने से रोक सकते है. अच्छे लाइफस्टाइल के सोच में बदलाव लाना बेहद जरुरी है.

Correction in your meditation routine and/or daily life

जरुरी नहीं की एक ही Meditation technique सब पर एक जैसा काम करे. कई बार जो विधि दूसरो पर काम करती है उसका हम पर कोई असर पड़ता है या फिर वो हमारे लिए suitable नहीं होती है. ऐसी स्थिति में आपको परेशान होने की बजाय किसी और मेथड का चुनाव करना चाहिए.

अभ्यास में kundalini awakening side effects जैसी कंडीशन में हमें अपने Daily routine or meditation technique में change लाना चाहिए.

जब तक हम किसी मेथड को अपने लिए सही नहीं पाते है हमें तरीके बदल बदल कर अभ्यास करना चाहिए.

God is always with You

कुण्डलिनी उर्जा के Out of control होने की स्थिति में हमें खुद पर भरोसा रखना चाहिए. हमें ये नहीं भूलना चाहिए की इश्वर सदा हमारे साथ है और वो हर अनुभव में हमें कुछ नया सीखने में मदद करते है. Kundalini awakening side effects को Manage करने के लिए प्रेयर एक अहम् रोल निभा सकता है अगर आपका इसमें विश्वास हो.

हमें अपने अन्दर के विश्वास को जगाना होता है साथ ही इसे मजबूत बनाने की जरुरत होती है. जब हम ऐसा करते है तब एक Positive vibes हमारे चारो और बनना शुरू हो जाता है जो हमें इस तरह की स्थिति में फंसने से बचाता है साथ ही कुण्डलिनी उर्जा को कण्ट्रोल में बनाए रखने में मदद करता है.

How to manage kundalini awakening side effects Conclusion

कुण्डलिनी शक्ति के बारे में सब जानते है, ये कोई बाहरी शक्ति नहीं बल्कि हमारी अपनी वो शक्ति है जो सुप्त होती है. इसे जाग्रत करना आसान है लेकिन इसके वेग को संभालना उतना ही मुश्किल है. अगर हमारे शरीर के उर्जा केंद्र और चक्र ब्लॉक है तो ये उर्जा हमें मानसिक रूप से बीमार कर सकती है. कुछ लोगो के लिए इस उर्जा का Out of control होना असहनीय होता है.

ये एक Spiritual practice है जो इसका अभ्यास करते है वे आम दुनिया में रहते हुए भी अलग बन जाते है. अगर आप kundalini awakening side effects से रूबरू होते है तो आपको ऊपर दिए गए टिप्स को फॉलो करना चाहिए.

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