Hidden Traps of Kundalini Awakening How to overcome side effect

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Spiritual awakening की process जैसे जैसे आगे बढती है वैसे वैसे हमारा ego दूर होने लगता है और हम spirits से जुड़ने लगते है. Language of Taoism के अनुसार lower soul का higher soul में transform होने लगता है और हम Spiritual path पर आगे बढ़ने लगते है. लेकिन क्या हो अगर आगे बढ़ने की बजाय False Signs of Spiritual Awakening का सामना करना पड़े ? आज हम बात करने वाले है Hidden Traps of Kundalini Awakening के बारे में.

आपने नोटिस किया होगा की Spiritual practice के दौरान हमें कई बार ऐसा लगता है की हम दूसरो से अलग है. बार बार ऐसा सोचने की वजह से हम खुद को दूसरो से अलग सोचना और समझना शुरू कर देते है. इस तरह की स्थिति एक तरह का भ्रम पैदा करती है जो हमारी Spiritual growth पर Negative effect डालती है. हम खुद को दूसरो से अलग करना शुरू कर देते है जिसकी वजह से हमारे अन्दर Ego, spiritual bypass and spiritual emergency जैसी कंडीशन पैदा होने लगती है.

Hidden Traps of Kundalini Awakening

आमतौर पर इस तरह की कंडीशन अभ्यास के दौरान हर कोई experience करता है लेकिन बहुत कम लोग इससे बाहर निकल पाते है. इसकी सबसे बड़ी वजह हमारा इन पर प्रतिक्रिया देना है. जब हम reaction देने लगते है तब ये स्थिति हमारे control से बाहर निकलने लगती है.

इस स्थिति को समझकर हम इससे बाहर निकलने की कोशिश कर सकते है. आइये जानते है ऐसे ही Top 5 misunderstanding concept of spiritual awakening के बारे में जिसमे फंसने के बाद न सिर्फ आध्यत्मिक विकास रूक जाता है बल्कि पतन भी होने लगता है.

What is Hidden Traps of Kundalini Awakening?

Hidden trap यानि छिपे हुए खतरे वो symptom है जो Kundalini awakening के दौरान experience किये जाते है. हमें लगता है की कुण्डलिनी जागरण की वजह से ऐसा हो रहा है लेकिन वास्तव में हम जागरण की प्रक्रिया के दौरान अनचाही स्थिति में फंस कर रह जाते है. ये अनचाही परिस्थितियां हमें न सिर्फ आगे बढ़ने से रोकती है बल्कि physical world में भी हमें प्रभावित करती है.

आध्यात्मिक अभ्यास हमें स्टेबल बनाते है और आगे बढ़ने में मदद करते है लेकिन अगर यही अभ्यास हमें आगे बढ़ने की बजाय भटकाने लगे तो ? यहाँ पर हम बात करने वाले है Hidden Traps of Kundalini Awakening के बारे में. ऐसे अनुभव जो हमें आध्यात्म में आगे बढ़ने की बजाय किसी तरह की स्थिति में फंस कर रह जाते है.

Spiritual path पर आगे बढ़ने के दौरान हम कही न कही इस तरह की स्थिति को फेस करते ही है. हमें इन स्थिति को समझकर बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए. आइये जानते है ऐसे 5 छिपे हुए अनुभव के बारे में.

5 Hidden Traps of Kundalini Awakening

अभ्यास के दौरान होने वाले अनचाहे अनुभव को ही Hidden Traps of Kundalini Awakening कहते है. Spirituality and Enlightenment की process के दौरान हमें कई अलग अलग अनुभव को फेस करना पड़ता है. Spiritual awakening की प्रोसेस के दौरान अगर हम खुद को स्थिर नहीं रख पाते है तो इस तरह के अनुभव में फंस कर रह जाते है.

शक्ति मिलने के साथ ही जिम्मेदारी भी मिलती है. ये Quotes सुनने में जितना motivational लगता है उतना ही इसका deep meaning देखने को मिलता है. इसी तरह के 5 अनुभव हमें होते है और उनका हम पर क्या प्रभाव होता है आइये जान लेते है.

Spiritual superiority

जब हम खुद को दूसरो से ज्यादा active, Conscious महसूस करते है तो इसकी वजह से कई बार Spiritual ego की स्थिति पैदा होती है. ये वो स्थिति है जिसमे हम दूसरो को अपने लायक या बराबर का ना मानते हुए उन्हें कम आंकना शुरू कर देते है. अभ्यास के दौरान जैसे जैसे अनुभव होते है हम पाते है की हम दूसरो से अलग होते जा रहे है क्यों की

  • दूसरे लोग Physical world activity में फंसे हुए है वही हम इससे ऊपर उठ कर Spiritual path पर आगे बढ़ रहे है.
  • अब हमें दूसरो से प्रभावित होने की जरुरत नहीं है वो क्या बोलते है हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
  • हमारा और उनका देखने का नजरिया अब बदल चूका है इसलिए अब उनके नजरिये को क्या जानने की कोशिश करना.

ये सब हमें emotional level पर प्रभावित करता है जिसकी वजह से हमारे भाव और सोचने का नजरिया बदलता है. आपने आध्यात्मिक उदासीनता के बारे में तो पहले की पोस्ट में पढ़ ही लिया होगा. ये वो स्थिति है जिसमे हम जितना अंतर से जुड़ते है उतना ही Physical world में दूसरो से अलग होते जाते है.

एकांत में रहना, ज्यादा बाते न करना, खुद दूसरो से ऊपर समझना ये सब हमारे मन में आना शुरू हो जाता है जिसकी वजह से हम emotional imbalance की स्थिति को फेस करने लगते है.

इसे ज्यादा समझने के लिए आपको ये दो पोस्ट पढ़ लेनी चाहिए

आध्यत्मिक अभ्यास के बाद उदासीनता को महसूस करना जानिए ऐसा क्यों होता है ?

Spiritual ego जानिए क्यों इससे बाहर निकलना आपके लिए बेहद जरुरी है.

Savior complex a Hidden Traps of Kundalini Awakening

क्या होगा अगर आपको अचानक से Super power मिल जाए ? आप खुद को ऊपर ले जाओगे या दूसरो का भला करोगे ? ज्यादातर तो सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे और उसमे भी वो उन wish को पूरा करने की कोशिश करेंगे जो रियल लाइफ में उनकी Fantasy रह चुकी है. Savior complex एक ऐसी स्थिति है जहाँ हम खुद को दूसरो का मसीहा समझने लगते है.

हमारे मन की बनाई ऐसी एक स्थिति जो हमें किसी Super hero की तरह feel करवाती है. हमें लगता है की हम दूसरो से ऊपर है और उन्हें हमारी जरुरत है. Spiritual Kundalini awakening process के दौरान प्रभाव Physical, mental, spiritual तीनो लेवल पर देखने को मिलता है लेकिन बदलाव हमें mentally unstable बना देते है जब वे हमारी सोच से बढ़कर हो.

खुद को दूसरो का रक्षक समझना, उन्हें तुच्छ समझना और ये मान लेना की वो आपके सरंक्षण में है और आपको ही उनका भला करना है ये स्थिति उन Hidden Traps of Kundalini Awakening में से एक है जो हमें आध्यात्म से दूर ले जाती है. वास्तव में ये traps उन Side effect में से है जो अभ्यास के दौरान खुद को स्टेबल ना रख पाने की वजह से हमें फेस करने पड़ते है. ऐसा हर अभ्यास में होता है.

Grasping and attachment

आध्यात्मिक अभ्यास के दौरान हमें कई बार ऐसे blissful experiences of the Kundalini awakening होते है जिनसे बाहर निकलने का हमारा बिलकुल मन नहीं करता है. एक उदाहरण के लिए काफी समय पहले हमें त्राटक के बारे में लिखा था जिसमे हमें त्राटक के दौरान Thoughtless situation में चले जाते है जिसे विचारशून्य की स्थिति कहते है.

जब हम इस स्थिति में होते है तब इससे बाहर निकलने का मन नहीं करता है. इसकी वजह है हमारा खुद को जानना जब हम खुद को जानना शुरू कर देते है तब बाहरी चीजो से हमारा लगाव ख़त्म होने लगता है. यही स्थिति kundalini activation के दौरान होती है.

जब हम कुण्डलिनी जागरण को अनुभव करना शुरू करते है तब हमारा ज्यादातर मन इस अभ्यास में बने रहने का करता है. दिन भर के काम के दौरान भी हमारा मन सिर्फ उसी स्थिति में बने रहने का करता है जिसे Grasping and attachment के नाम से जानते है.

इस तरह का Hidden Traps of Kundalini Awakening हमें भटका सकता है जिसका सीधा असर हमारे भौतिक जीवन पर पड़ता है. हम आध्यात्मिक स्थिति में बने रहना चाहते है जिसकी वजह से ना तो दिनभर की गतिविधि को सही से कर पाते है ना ही आध्यात्म को समझ पाते है. ये एक तरह का भटकाव हमें kundalini awakening experience को सही तरीके से समझने से रोकता है.

Spiritual nihilism

Spiritual practice के दौरान हम Universal truth को समझना शुरू करते है लेकिन ये हम पर निर्भर करता है की हम real world में उन्हें कैसे apply करते है. For example आध्यात्मिक अभ्यास के दौरान हम unattachment को समझते है और हमें लगता है की किसी से लगाव नहीं रखना चाहिए. अब उसे रियल वर्ल्ड में हम अपने परिवार पर ही apply कर देते है.

वास्तव में un-attachment किसी तरह के लगाव को लेकर नहीं था बल्कि जो है उसे लेकर संतुष्ट रहना था, लेकिन हमें लगता है की परिवार की जिम्मेदारी से मुह मोड़ लेना चाहिए यही अलगाव होता है. दूसरा “all is an illusion,” “nothing ultimately matters” जैसे Universal truth जो वास्तव में हमें भौतिक संसार में फंसे रहने से रोकने के लिए है लेकिन इन्हें भी हम wrong sense में लेकर खुद को सबसे दूर कर लेते है.

इस तरह का Hidden Traps of Kundalini Awakening तब फेस करना पड़ता है जब कुण्डलिनी जागरण के दौरान हम खुद को सबसे अलग कर लेते है. इसकी वजह से dissociation, emptiness, and cynicism जैसी स्थिति पैदा होती है जो हमें आगे बढ़ने से तो रोकती ही है साथ ही हमें दूसरो से भी अलग कर देती है.

आध्यात्म का मतलब एकांत कभी नहीं होता है, हम सब एक है यही सबसे बड़ा सच है और इसी के आधार पर हमें आगे बढ़ना चाहिए.

Avoidance dangerous Hidden Traps of Kundalini Awakening

हम कुण्डलिनी जागरण जैसी अध्यात्मिक प्रक्रिया में है इसका मतलब ये नहीं की हम अपनी बाकि जिम्मेदारी को भूल जाए. कई बार आध्यात्म की दुहाई देकर भौतिक जरूरतों को Avoid करना हमारे लिए Spiritual bypass की स्थिति पैदा करता है. एक उदाहरण के लिए अगर आपको साधू बनना है तो शादी नहीं करनी है.

भगवान् शिव के अनुसार हम घर में रहते हुए भी अपने सभी दायित्व और फर्ज पूरे कर सकते है साथ ही आध्यात्म को follow कर सकते है.जागरण की प्रक्रिया के दौरान हम सबसे ज्यादा बाहरी चीजो से अलगाव की मनोस्थिति से गुजरते है. हम चाहते है की सबकुछ छोड़कर हम सिर्फ अपने अंतर से जुड़े रहे यानि अपने बाकि सभी कर्मो से मुह मोड़ ले. सबकुछ छोड़कर सिर्फ आध्यात्म में बने रहना ये हमारे लिए Spiritual Bypass की स्थिति पैदा करता है जो आगे चलकर हमें सबसे दूर कर देती है.

इस तरह के dangerous Hidden Traps of Kundalini Awakening हमें ना तो आध्यात्म में आगे बढ़ने देते है ना ही हम भौतिक फर्ज को पूरा कर पाते है. आध्यात्म में रहने के बाद भी हमारा ध्यान भौतिक जरूरतों में रहता है जिसे ignore करने के लिए हम खुद को Spiritual activity में busy रखने की कोशिश करते है लेकिन दोनों ही तरह से खुद को धोखा दे रहे होते है.

इससे बचने की जरुरत है

अगर आपके साथ किसी भी अभ्यास या Spiritual activity के दौरान इस तरह की स्थिति बन रही है तो सावधान हो जाइए. ये वो छिपे हुए ट्रैप है जो न सिर्फ आपको आगे बढ़ने से रोकते है बल्कि भौतिक जिम्मेदारियों से भी दूर कर देते है. आध्यात्मिक अभ्यास के दौरान खुद को मानसिक तौर पर मजबूत और स्थिर बनाना सबसे बड़ी चुनौती होती है.

अगर आप ऐसा नहीं कर सकते है तो सिर्फ Hidden Traps of Kundalini Awakening से बचने के लिए एक बात का ध्यान रखे. अभ्यास में होने वाले अनुभव पर किसी तरह की प्रतिक्रिया न दे. बदलाव शुरू में विचलित करते है इसलिए सिर्फ शुरुआत में थोड़ा ध्यान दिया जाए तो आगे समस्या नहीं आती है.

कुण्डलिनी जागरण के दौरान अनचाही स्थिति से कैसे निपटे ?

अगर Kundalini awakening process के दौरान आप खुद को ज्यादा overwhelmed महसूस कर रहे है तो यहाँ दिए गए कुछ सिंपल गाइड को follow कर आप भी खुद को Mentally stable कर सकते है. Painful Kundalini experience के दौरान सबसे ज्यादा problem हमारे nervous system में होती है इसलिए इसे सही करने के लिए कुछ तरीको को अपना सकते है.

  • Taking a warm bath with essential oils like lavender: जब भी खुद को विचलित होता हुआ पाए तो गर्म स्नान करे जिसमे सुगन्धित तेल हो. इससे हमें इमोशनली आराम मिलता है और हम शांत हो पाते है. आप चाहे तो चाय ले सकते है और इस दौरान आपकी बॉडी और माइंड किस तरह रियेक्ट कर रहा है इसे लेकर mindful रहे.
  • Find something/someone that brings you a feeling of safety: अपना समय उनके साथ बिताने की कोशिश करे जिनके साथ आप दिल से जुड़े हो. ये आपके भावनात्मक बदलाव को स्थिर करने में मदद करता है.
  • peaceful music सुनने की कोशिश कर सकते है.
  • Slow guided breathing: सांसो की लय को स्थिर रखने की कोशिश करे और उसे काउंट से जोड़ दे. कुछ समय बाद ही आप खुद को स्थिर महसूस करने लगेंगे.
  • खुद को nature के साथ Ground करना.
  • अपने आहार में potatoes, root vegetables, organic meat जैसी चीजे शामिल करे.

ये सब आपके emotional instability को stable करने में मदद करता है. धीरे धीरे आप खुद को शांत और स्थिर महसूस करने लगते है.

Stop all spiritual practice temporarily

अगर ऊपर बताये गए किसी भी ट्रिक्स से आपको फायदा नहीं मिल रहा है तो बेहतर होगा की कुछ समय के लिए spiritual practice को temporarily रोक दे. कई बार अभ्यास को जरी रखने की वजह से effects of Kundalini awakening और ज्यादा बढ़ने लगते है जो की आगे चलकर Hidden Traps of Kundalini Awakening में भी बदल सकते है.

अगर ऐसा हो रहा है तो कुछ समय के लिए अभ्यास को बिच में ही रोक दे और अगर आप इसके बदले में कुछ और करना चाहे तो mindfulness meditation कर सकते है. ये आपको Present situation पर बने रहने में मदद करता है. कई बार Spiritual emergency जैसी स्थिति पैदा हो जाती है जब हमें अभ्यास में फायदे की जगह नुकसान होने शुरू हो जाते है.

ऐसी स्थिति में हम किसी तरह खुद को शांत बनाए रखे इसके लिए आपको Spiritual emergency Symptom, cause and solution पर लिखा आर्टिकल पढ़ लेना चाहिए.

Seek out compassionate help

अगर आप अभ्यास को बंद करना नहीं चाहते है तो उसे continue रख सकते है लेकिन ये सब किसी Spiritual master के under में रहते हुए ही जारी रहना चाहिए. जब struggle with the Kundalini energy की स्थिति बहुत ज्यादा ही intense हो जाती है और इसे आगे जारी रखना आपके लिए अब संभव नहीं रह सकता है तो आप किसी Spiritual Guru की तलाश करे.

आध्यात्मिक गुरु को spiritual psychology का सही ज्ञान होना चाहिए और मालूम होना चाहिए की आध्यात्म में Mind and spirit का आपस में integration होना कितना जरुरी है. आजकल kundalini awakening specialist online भी आपको इसमें सही गाइड कर सकते है. सबसे बड़ी बात जो आपको मालूम होनी चाहिए और वो है Trust your instincts है अपने अंतर की आवाज को सुनना. जब भी हम कोई निर्णय लेते है तब हमारा मन उस पर प्रतिक्रिया करता है हमें बस उसे समझना है.

किसी Online kundalini awakening guru से बात करते समय अगर अप खुद को relax, stable, comfortable feel नहीं कर पा रहे है तो बेहतर होगा की उसे अपनी स्थिति के बारे ना ही बताये बल्कि किसी और गुरु की तलाश करे. आध्यात्मिक गुरु ऐसा होना चाहिए जो आपकी हर शंका को comfortable way में solve कर सके.

How to safe from Hidden Traps of Kundalini Awakening Final conclusion

Spiritual practice के दौरान अनचाहे अनुभव होना और हमारा उनमे फंस कर रह जाना ये सब Unwanted Hidden Traps of Kundalini Awakening का एक हिस्सा है. हमें लगता है की हम आध्यात्म में आगे बढ़ते जा रहे है और बेहद कम स्तर के अनुभव भी हमें बड़े स्तर पर प्रभावित करने लगते है. आमतौर पर देखने में आता है की जब शुरू शुरू में हमें अलग अनुभव होता है तब हम खुद को दूसरो से Superior मानना शुरू कर देते है.

इस तरह के अनुभव से बाहर निकलने के लिए आपको shadow work करने की जरुरत है. अगर आप समय रहते इस पर काम नहीं करते है तो ये आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकते है. यहाँ बताये गए इसी तरह के 5 अनचाहे अनुभव और उनसे बाहर निकलने के लिए 3 तरीको के बारे में आज हमने जाना है. किसी तरह के सवाल के लिए आप कमेंट में पूछ सकते है.

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