hamjad sadhna के बारे में जुड़ी ये खास जानकारिया आपकी साधना को बना देगी आसान

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hamjad sadhna मन की साधना है या तंत्र मंत्र की ? क्या हमारा मन साधनाओ और सिद्धियों का जनक है ? ऐसे कई सवाल आपके मन में कभी न कभी आये होंगे। साधना के क्षेत्र में जब हम आगे बढ़ते है तब हमें कुछ  ऐसी साधनाओ का ज्ञान मिलता है जो हमारे अंदर की होती है। साधनाओ द्वारा मन की शक्तियों को उभारा जाता है। हम सभी जानते है की हमारे मन की शक्ति असीमित है और इससे भी असीमित है उन्हें जाग्रत करना। ऐसा माना जाता है की सभी साधनाये इंसानी मन से जुड़ी है उसकी जैसी वृति होती है वो उन्ही साधनाओ में आगे बढ़ता है। जैसे उग्र स्वभाव वाला तामसिक और तांत्रिक साधनाओ में तथा सात्विक विचार वाला अच्छी साधनाओ में। chaya purush darshan कैसे कर सकते है. chaya purush sadhna sidhhi mantra ढूंढ रहे है तो यहाँ आपको saral hamjad sidhhi mantra मिलेगा.

hamjad sadhna

नेट पर या किताबो में पढ़ कर अक्सर हम घर पर कुछ ऐसी साधनाओ को करने लगते है जिसकी पूरी जानकारी किताबो में या नेट पर नहीं है। क्यों की जिनके अनुभव है वो इन सबसे दूर भलाई या स्वार्थ सिद्ध करने में लगे रहते है। अगर आप तंत्र और मंत्र की साधनाओ में आगे बढ़ना चाहते है तो सही गुरु का चुनाव जरूर कर ले ताकि अगर आप साधना में कोई गलती भी करे तो वो आपको उस स्थिति से निकाल ले।

हमारी आज की पोस्ट ऐसी ही एक साधना के बारे में है जिसे हमजाद या परछाई साधना कहते है। ये पोस्ट बहुत से लोगो के सहयोग से तैयार हुई है और इसमें विधि के साथ साथ अनुभव भी है। जिससे आप सुनिश्चित कर सके की आपको ये साधना करनी चाहिए या नहीं।

hamjad sadhna amal in hindi

hamjad sadhna का amal अलौकिक और दैवीय है या शैतानी ये आपके मन में तब आता है जब आप इसके बारे में लोगो से सुनते है। दरअसल हमजाद साधना आपकी परछाई या फिर आपके अंतर की ऊर्जा का ही रूप है। अगर आप अवचेतन मन के बारे में सामान्य से थोड़ा बहुत भी ज्यादा जानते है तो आप इस तथ्य को नकार नहीं सकते की :

हमारा अवचेतन मन इतना शक्तिशाली है की ये हर उस कल्पना या विचार को हकीकत में बदल सकता है जो आप सोच सकता है। बशर्ते इसके काम करने का सही तरीका आपने जान लिया हो।

ये बात सही भी है क्यों की हमारी परछाई या हमारी अंतर ऊर्जा जो लगभग निष्क्रिय होती है एक सामान्य इंसान के जीवनकाल में तो उसमे भला इतनी शक्ति कहा से की वो असंभव को भी पूरा कर दे।

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chaya purush sidhhi sadhna का मूल :

हमारे अंतर की ऊर्जा जो सकारात्मक या नकारात्मक दोनों हो सकती है को जब हम अपनी परछाई से जोड़ देते है तो वो भी सजीव जैसा बर्ताव कर सकती है। सुनने में अजीब जरूर लगेगा पर ये सच है। आइये जानते है हमजाद साधना का मूल क्या है।

hamjad sadhna का मूल आपकी ऊर्जा और आपकी परछाई या छाया है। जब हम अपने विचारो की शक्ति से अपनी परछाई में विश्वास करने लगते है तो वो भी सजीव हो जाती है। ऐसे लोग जो अपना ज्यादातर वक़्त एकांत और अलग थलग बिताते है वो खुद से बड़बड़ाते हुए दिखाई देते है। लेकिन आप ये विश्वास नहीं कर पाओगे की उनकी परछाई या उनका अंतर कई बार  उन्हें प्रतुत्तर भी देता है। ये सभी के साथ नहीं होता है।

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hamjad sadhna kaise ki jati h?

hamjad sadhna हमारे अंतर / छाया को सिद्ध करने का नाम है इसके लिए हमारे पास 2 माध्यम है।

  • पहला दूसरी दुनिया का द्वार यानि आईना / दर्पण
  • दूसरा दीपक या मोमबत्ती

इन 2 माध्यम से आप अपनी परछाई को सिद्ध कर सकते है। आईना इतना बड़ा होना चाहिए की हमारा पूरा शरीर उसमे दिखाई दे हालाँकि कई लोगो का मानना है की सिर्फ चेहरे तक का आईना भी सही काम करता है फिर भी जो आपकी सुवीधा हो आप ले सकते है।

स्थान और समय का चुनाव :

इस साधना के लिए आपको ऐसे कमरे की जरुरत है जहा पर और कुछ भी सामान ना हो और सामान्य रूप से सफ़ेद या आसमानी रंग किया हुआ हो। साथ ही उस कमरे का दूसरे कामो के लिए इस्तेमाल न हो और कोई भी साधना के दौरान उस कमरे में ना जाए आपके अलावा इस बात का खासतौर से ध्यान रखे क्यों की हर इंसान की ऊर्जा उस जगह फैलने लगती है और आपकी ऊर्जा को साधने में वक़्त लग सकता है।

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1.)hamjad sadhna प्रथम माध्यम mirror:

एक साफ कमरे में दर्पण लगवा दे जिसमे दक्षिण की ओर चेहरा रहे आपका। इसके बाद रात्रि के 10 के बाद या सुबह 5 बजे से पहले आप आसन लगा ले और दर्पण की और देखते रहे आपको कुछ नहीं करना है बस उसे ( आपके चेहरे को ) देखते रहना है हालाँकि कुछ लोग मंत्र जाप की सलाह भी देते है। और कुछ लोग भावना की क्यों की ये साधना और दर्पण साधना ज्यादा अलग नहीं है। आप चाहे तो मंत्र जाप भी कर सकते है जैसा की एक वेब Unseen hari  पर दिया हुआ है। या फिर सामान्य रूप से ये भावना दे की

 “मेरी परछाई जाग्रत हो रही है और मेरी ऊर्जा उसमे समाहित हो रही है।”

इस अभ्यास में कुछ समय के बाद आपको सिर्फ ऊर्जा स्वरूप दिखाई देने लगता है और जैसा की दर्पण त्राटक में होता है डरावने द्रश्य भी दिखाई दे सकते है सब आपके अंतर के जाग्रत होने की निशानी है। इसमें जब आपके विचार अनुसार दर्पण में चमकीली ऊर्जा में बदलाव या हरकत हो तो समझ ले की आप सफल है। ऐसा भी माना जाता है की जिस व्यक्ति की जैसी ऊर्जा होती है सात्विक और तामसिक दर्पण में उसे वैसी ही ऊर्जा दिखाई देती है।

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2.) hamjad sadhna deepak के madhym se:

इस अभ्यास में आपको दीपक त्राटक की तरह ही रखना है एकांत कमरे में दीपक या मोमबती जला ले और उसकी तरफ पीठ कर बैठ जाए। कमरे में एक तरफ दीपक हो और दूसरी और दीवार पर आपकी परछाई। आपको दीपक से इतनी ही दूरी बनानी चाहिए जितने में की आपकी परछाई आपके बराबर रहे ना आपसे बड़ी न छोटी।

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आपको सिर्फ उस परछाई के ऊपर फोकस होना है और मन में प्रबल भावना बनानी है की आपकी परछाई सजीव हो रही है। मंत्र जप और भावना दोनों ही माध्यम है। और ऊपर के विधान जैसा ही इसका अभ्यास है। जब आपको अभ्यास करते हुए 10 दिन से ऊपर हो जाते है तो आप अपनी परछाई में शुरुआत में हरकत महसूस करेंगे फिर उसका बड़ा छोटा होना और अंत में उसका विचरण और गायब होना।

ये अनुभव डरावना भी हो सकता है। अगर अपने इसकी पूरी विधि पढ़े बिना और गुरु के बगैर करने की कोशिश की तो आपको नुकसान होने की सम्भावना बढ़ जाती है। इसके लिए आपको निचे कुछ सच्चे अनुभव भी दिए गए है जिसके बाद आप इसे करने से पहले सोचेंगे जरूर।

hamjad sadhna real story and experience :

बात करते है hamjad sadhna के कुछ वास्तविक अनुभव की हालाँकि ये अनुभव पूर्ण नहीं है। किसी कारणवश इन्हें बिच में रोकना पड़ा जिसकी वजह थी अधूरा ज्ञान और गुरु का अभाव। जिससे हमजाद जाग्रत तो हुआ पर कण्ट्रोल से बाहर रहा।

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मेरा वास्तविक अनुभव :

दोस्तों मेने यह साधना त्राटक के अभ्यास के बिच में की थी। जिसमे मेने दीपक / मोमबत्ती का चुनाव किया था। मेने ये साधना 2 सप्ताह तक की थी। जिसमे मुझे हमजाद या यू कहे की मेरी परछाई में कम्पन और साइज के बढ़ने घटने का अनुभव हुआ। ये सब भय का संचार करने लग गया था और रात्रि में जिस कमरे में ये अभ्यास किया वहां नकारात्मक ऊर्जा पहले से वास कर रही थी।

इसका पता मुझे गणेश पूजन पर पता चला। मेने इससे आगे ये अभ्यास नहीं किया। त्राटक और देव पूजन के नियमित क्रिया से मेने इसके बाद कुछ भी गलत अनुभव नहीं किया।

परछाई साधना का अन्य अनुभव :

ये अनुभव भी मेरे वास्तविक अनुभव जैसा ही उन्होंने भी इसे इसी तरह ही किया। फिर कुछ दिन बाद जब वो हनुमान मंदिर में पूजन के लिए गए तो आरती के दौरान बैचेनी महसूस करने लग गए जैसे कोई उनके अंदर मचल रहा है। ये असर पूजन तक रहा और फिर जब आरती समाप्त हुई वो सामान्य हो गए। बाद में पता चला की ये उनके अंदर का हमजाद था जो उन्हें भयभीत कर रहा था। काफी पूजन और अभ्यास के बाद उन्हें इससे छुटकारा मिला।


एक बात दोनों में कॉमन है और वो ये की हमजाद साधना भयभीत करने वाली होती है। खासतौर से तब जब इसे अधूरा छोड़ दिया जाये। कुछ का मानना है की ये नकारात्मक ऊर्जा से भरी होती है। इसलिए इससे बचना चाहिए।


hamjad sadhna करना सही या गलत :

हमजाद साधना किस लिए की जाती है ये बहुत मायने रखता है अगर आप अपनी ही ऊर्जा को गलत कामो में या स्वार्थ सिद्धि के लिए इस्तेमाल करते है तो आपका ही नुकसान होता है। इसलिए स्वार्थ के चलते इसकी सिद्धि न करे और गुरु का चुनाव कर उनसे आज्ञा और दीक्षा लेकर इसकी शुरुआत करे परिणाम और सफलता अच्छी मिलेगी।

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hamjad sadhna के फायदे :

  1. हमारा मन बहुत शक्तिशाली है और इसकी शक्ति असीमित इसलिए हमजाद के लिए कुछ भी असंभव नहीं।
  2. ज्यादातर आपके शत्रु पर वशीकरण, डराने और भय के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।
  3. मन की बात जानने के लिए।

आपकी इच्छाओ और वासनाओ की पूर्ति के लिए इसका यूज़ किया जाता है। हालाँकि कुछ लोग भलाई के काम भी करते है पर ज्यादातर तामसिक प्रवृति के लोग इसका गलत इस्तेमाल करते है।

इन साधना को भी पढ़े :

दोस्तों आज की पोस्ट में हमने साधना के कुछ प्रभावो को बताने की कोशिश की है अगर इस साधना को लेकर आपके मन में भी कोई सवाल है या फिर कोई अनुभव तो आप यह कमेंट बॉक्स में जरूर रखे ताकि दूसरे लोगो को कुछ सिखने को मिले। आगे की पोस्ट में हम आपको मानस सिद्धि यानि मानसिक ऊर्जा से मानस रूप का निर्माण करना जिसे उच्च साधना में कृत्या के नाम से जाना जाता है, पर चर्चा करेंगे।

47 COMMENTS

  1. Radhe radhe guru dev. Mai chaya purush sadhna krna chahta hoo. Isme vastra kon sa dharan karna hoga. Or asan kis colour ka use hoga. And sadhna ke time kaha sona padega. And my last question is kya is sadhna me suraksha ghera banane ki zarurat hogi. please conferm karaiye mujhe.

    • 1.) प्रदीप जी हमजाद की साधना में किसी तरह के वस्त्र को धारण करने को लेकर कोई नियम नहीं है.

      2.) आसन कोई सा भी चलेगा लेकिन उनी होना चाहिए आप कम्बल का आसन बना सकते है.

      3.) सोने के लिए कोई नियम नहीं है. आप जहा साधना ख़त्म करते है वही सो सकते है. धरती पर.

      4.)प्रदीप जी हमजाद की जितनी भी साधना शेयर की गयी है किसी में भी सुरक्षा घेरा बनाने की जरुरत नहीं है. लेकिन अगर आपको कोई भी समस्या आ रही है तो आप ब्लॉग की ऑनलाइन service और course के जरिये हमजाद साधना सीख सकते है जो की बिलकुल safe होगी. मौलवी जी ये साधना करवाते है और वो इसके लिए कुछ ऐसी process करते है की हमजाद पूरी तरह से आपके अंडर में काम करता है.

  2. mai 10 din se hamjaad sadhna kar raha hun sishe ke madhyam se par mujhe ab tak kuch mahsoos nahi ho raha hai iske bare me mujhe bataiye mai 12 am 1 tak karta hun

    • आप इसकी सही साधना ब्लॉग पर पढ़ सकते है. छाया साधना से जुड़ी कई पोस्ट है पढ़े अगर फिर भी गाइड चाहिए तो बता देंगे.

  3. sr mai 13 din se hamjaad sadhna kar raha hun aaj mujhe swapn dosh ho gaya hai to kya meri sadhna toot chuki hai iske bare me mujhe bataiye

    • जरुरी नहीं है सर आप बताइए आप साधना किस तरह से कर रहे है मान्त्रिक, त्राटक के जरिये या किसी और method से

  4. Sir ji radhe radhe
    Sir me is hamzad Sadhna ko karna chahta hu isme kin kin baton ka Dhyan rakhna hai or is Sadhna me
    Kuch Vachan bhi Lete hai ya nahi kripya mujhe guide kijiye please help me

  5. Sir ji radhe radhe
    Sir Koi aisi Sadhna ke bare me bataye jise grahast parivar bhi kar sake jise Karne par hame parivarik Sukh bhi mil sake or sare kaam bante chale jaye Sadhna aisi ho Jo ham chahe wo palak jhapakte hi Pura ho jaye please help me

  6. bhai ji iss sadhna ko khade hokr krna hai ya phir aasan lgakr baithkr..hum khade hokr krte h jaise hme molana ji n btaya h..agr bathkr kre toh jada der tk kr skte h..koi dikkat toh ni hogi baith kr krne s??

    • sir आपको पहले ही दिन से अनुभव होना शुरू हो चुके थे आप इसे वैसे ही कीजिये जैसा मोलवी जी ने बताया है. आप जल्दी ही हमजाद को सिद्ध कर लेंगे. अनुभव गुप्त रखे.

      • हमजाद साधना बहुत ऊत्तम साधना है इसके अंतिम चरण पर पहुच चुके है हम 12 दिन मात्र में किन्तु कुछ विशिष्ट शक्तियों की साधना पूर्व में करने पर यह आसानी से सिद्ध नही हो पाया हा कमजोर हृदय वाले उसे न् करे साधना अधूरी छोड़ने पर आपके हमजाद की शक्ति बढ़ जाती है क्योंकि अगर वह आधा सिद्ध हो गया तो सिद्ध होकर साधना खण्डित होने से स्वतंत्र हो जाता है और अपने मन से आपको चलाता है.

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