Guided Root chakra meditation चक्र जागरण के पहले चरण की शुरुआत – जरुरी बाते और विधि

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मानव शरीर में अद्भुत शक्तियां और उर्जा वास करती है जिन्हें अगर वो समझ ले तो वो सबकुछ किया जा सकता है जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी. हमारे subconscious mind, बिना माध्यम के दुसरो से जुड़ने की कला के साथ साथ एक ऐसी शक्ति हमारे अन्दर सुप्त अवस्था में रहती है जिसे अगर जाग्रत कर लिया जाए तो चमत्कार भी हमारे लिए सामान्य सी बात हो जायेंगे. Chakra activation की क्रिया को शुरू करते हुए हम Root Chakra Meditation and Yoga Techniques के बारे में जानने वाले है. mooladhar chakra jagran or opening की क्रिया को करने के कई सारे तरीके है जिन्हें हम इस पोस्ट में जानने वाले है.

Root chakra meditation

इसके जागरण के symptom, benefit के साथ over active mooladhar chakra को balance कैसे करे इस बारे में भी हम बात करेंगे. चक्र जागरण में सबसे पहले guided root chakra meditation किया जाता है. यहाँ मेने top 5 meditation to open root chakra के बारे में डिटेल से Guided meditation process शेयर किया है ताकि आप अपने अनुसार सही विधि का चुनाव कर सके. Chakra activation meditation को लेकर Kundalini yoga में कई विधि का वर्णन है. हम चाहे तो हमारे Daily life Routine के जरिये भी इसे open कर सकते है.

कई बार ऐसा होता है की कुछ लोगो में over active Root chakra का issue देखने को मिलता है. ऐसी स्थिति में हम उसे balance कैसे करे ? मूलाधार चक्र में रत्न का क्या प्रभाव है इसे भी हम इस पोस्ट के माध्यम से जानने वाले है. आप चाहे तो इस पोस्ट को पूरा पढ़े या फिर अपने पसंद के टॉपिक का चुनाव आप निचे टेबल से कर सकते है.

  1. मूलाधार चक्र से जुडी बेसिक बाते और संकेत
  2. Root chakra के imbalance से होने वाली समस्या
  3. मूलाधार चक्र ध्यान की विधि
  4. संकेत जो जागरण पार हमें अनुभव होते है
  5. ज्यादा एक्टिव होने की वजह और संतुलन
  6. डेली लाइफ की गतिविधि जो जागरण को प्रभावित करती है
  7. मूलाधार चक्र जागरण से मिलने वाले फायदे

Root chakra meditation guide

मूलाधार का मतलब मुख्य आधार जिसे हमारे भौतिक शरीर का आधार भी समझा जा सकता है. किसी भी मनुष्य के भौतिक शरीर को ठीक रहने के लिए उसके मुख्य आधार यानि मूलाधार का फिट होना बेहद जरुरी है. ऐसा ना होने की स्थिति में इन्सान न तो अपने physical or emotional health पर कण्ट्रोल रख पायेगा न ही वो खुद को balance कर सकता है. मूलाधार चक्र को एक व्यक्ति के स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है जिसकी वजह से इसे balance रखना महत्वपूर्ण बन जाता है.

ऐसा मन जाता है की हमारे पिछले जीवन की यादे इसी एक चक्र में स्टोर रहती है. हमारी चेतना में जितनी भी सीमा रेखा तैयार होती है वो इसी का कार्य होता है. मनुष्य के चेतना, जीवन शक्ति और संवृध्दि का कार्य इसी चक्र से निर्धारित होता है जिसके अनुचित कार्य से आलस्य और ignorance की प्रवृति आ जाती है.

इसके चार पंखुड़ी वाले कमल दल का प्रतिक हमारे अवचेतन मन की 4 भावनाए है. अगर बात करे मूलाधार चक्र संबंधित अवयव तथा बीमारियाँ की तो यह चक्र प्रजनन अंगो, प्रति रक्षा प्रणाली और बड़ी आंतो की कार्य प्रणाली को संचालित करता है.

अनुचित रूप से कार्य करने या imbalance होने की स्थिति में प्रोस्टेट की समस्याएँ, मोटापा, गठीया रोग, वेरिकाज़ नसों, पीठ के नीचले भाग की समस्याएँ, कूल्हे की समस्याएँ, घुटनों में सूजन और खाने में अरूचि जैसी समस्याएँ पैदा होती है और मुख्य रूप से हड्डी की सरंचना कमजोर होने की वजह से physical appearance में गड़बड़ पैदा होती है.

Qualities and Symbols

मूलाधार चक्र की अपनी quality और symbols है जिनका इस्तेमाल योग ध्यान में किया जाता है. आपको इन्हें समझना होगा जैसे की

शरीर में स्थिति रीढ़ की हड्डी का सबसे निचला हिस्सा
रंग लाल सुर्ख
Tattva PRITHVĪ (earth) Mother, power, nourishment, security, protection
मंत्र लं
कमल दल चार पंखुड़ी जो चार दिशा दर्शाता है
प्रतिक जीव सात सूंड वाला हाथी ये प्रतिक है ज्ञान, सम्पति और सात धातु का
आराध्य देव पाशुपत महादेव
प्रतिक संकेत कई प्रतिक है जैसे की Gray color का शिवलिंग, the unconscious Snake जिसे KUNDALINĪ SHAKTI energy Inverted Triangle ( उर्जा का घेरा ) creation awakening ( जागरण प्रतिक )
गुण और कुछ खास aspect जीव और मनुष्य के बिच चेतना और अवचेतना के फर्क को दर्शाता है, जीवो के कर्म का मूल, कुछ सकारात्मक पहलू है जैसे की creativity, awakening of hidden abilities वही कुछ negative aspect है जिसमे Unconsciousness, ignorance शामिल है.
प्राण अपान वायु ( गुदा द्वार से खिंची जाने वाली वायु )
तल भू-लोक जिसे भौतिक तल के नाम से भी जानते है.
गृह मंगल
Principle अहंकार
रत्न ONYX
धातु LEAD
Mineral CALCIUM
गुण काम ( वासना )
स्पंदन आलस्य
Sense Organ sense of smell, नाक
Feature GRANTA – Elimination
स्वाद कड़वा
Quality contraction
शरीर का भाग हड्डी
अंग गुदा
स्त्राव मूत्र
Gland GONADS
Plexus SACRAL PLEXUS
दुसरे नाम ROOT CHAKRA, MŪLA KAMALA, MŪLA PRAKRITI

असंतुलित मूलाधार चक्र से उत्पन्न होने वाली समस्याएँ

अगर किसी व्यक्ति का मूलाधार चक्र imbalance होता है तब 2 तरह की स्थिति पैदा होती है. पहली चक्र का बहुत ज्यादा सक्रिय होना और दूसरा उसका ब्लॉक होना. पहली स्थिति में व्यक्ति के अन्दर अहंकार का भाव पैदा होना शुरू हो जाता है क्यों की छोटी छोटी बात पर नाराज, गुस्सा होना शुरू हो जाते है. दुसरे लोगो पर दादागिरी दिखाना, बड़ो को समझने में समस्या या फिर कहना न मानना जैसी प्रॉब्लम देखी जा सकती है. ऐसा मन जाता है की हद से ज्यादा लालची लोगो का Root chakra अति सक्रिय होता है.

वही दूसरी स्थिति में जब चक्र ब्लॉक हो जाता है यानि उर्जा का प्रवाह सुचारू रूप से नहीं होता है तब ऐसी स्थिति में असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है. ऐसे लोग खुद को stable नहीं रख पाते है और खुद को दुसरो से अलग करना शुरू कर देते है. जो लोग अशांत, शर्मीले और बैचेन होते है उनका चक्र ब्लॉक होता है.

मूलाधार चक्र जागरण की विधि और ध्यान

Guided Root chakra meditation, जागरण की प्रक्रिया के लिए आप कई तरीके अपना सकते है. ध्यान का अभ्यास आपकी प्रक्रिया को सरल बना देता है. आइये इसके कुछ खास और useful techniques for unblocking the root chakra के बारे में जान लेते है.

Root Chakra Stones and Jewelry का प्रयोग

हर चक्र के लिए एक अलग स्टोन का महत्त्व होता है. इन स्टोन को एक गहने की तरह पहनने से आप चक्र की उर्जा को realign कर चक्र खोलने की प्रक्रिया को आसान बना सकते है. इसके लिए मुख्य रूप से चार स्टोन प्रयोग किये जा सकते है

  1. Red Jasper: मूलाधार चक्र और उसकी उर्जा का कलर लाल है जिसकी वजह से सुर्ख लाल रंग के कई रत्न है जिनका प्रभाव इस चक्र पर देखने को मिलता है. इनके प्रभाव से चक्र को balance किया जाता है. अगर आपको erratic mood swings की प्रॉब्लम बार बार हो रही है तो आपको इसे आजमाना चाहिए.
  2. Red Carnelian: पीले लाल रंग का रत्न जिस पार नारंगी रंग की धारी बनी होती है इस रत्न को strength, cleansing, and bravery से जोड़कर देखा जाता है इसलिए आप इसका प्रयोग इन purpose से कर सकते है. अगर आप खुद को बार बार अनजाने डर से घिरा हुआ पाते है जिसकी वजह से comfort zone में नहीं रह सकते है तो इस रत्न का प्रयोग करना आपके लिए बेहतर चुनाव है .
  3. Obsidian: काले रंग का ये रत्न आपको नुकसान से protect करता है. अगर आपको insecurity की feeling से छुटकारा पाना है तो आप इसे धारण कर सकते है.
  4. Blood-stone: इसका ये नाम इसके ऊपर के लाल धब्बो की वजह से है. इसका कलर हरा होता है और ये रत्न negative energy को दूर करते हुए आपके अन्दर positive vibration भरता है. इसे Root chakra activation process के लिए सबसे best option माना जाता है.

Root Chakra Meditation and Yoga Techniques

जब भी बात आती है सबसे बेस्ट तरीके की तो chakra meditation का नाम जरुर आता है. ये प्रक्रिया regular meditation techniques की तरह ही है बस इसमें particular body part area पर फोकस किया जाता है. अगर आप ध्यान का अभ्यास करते आ रहे है तो इस simple but effective root chakra meditation techniques को फॉलो कर सकते है.

  1. सबसे पहले तो एक आरामदायक स्थिति में बैठ जाए. शरीर को ढीला छोड़ दे और अपने रीढ़ को सीधा रखे. नाक से साँस ले और शरीर के अन्दर जितना मूव कर सकते है करे साथ ही जितना रोक सकते है उसे बॉडी में रोके. कुछ समय बाद मुंह से सांसो को बाहर निकाले. ये तरीका आपको बेहद कम टाइम में सांसो पर अच्छी पकड़ और deep meditation state में ले जाता है.
  2. अब अपने concentration को मूलाधार चक्र पर फोकस करे. रीढ़ के सबसे निचले हिस्से में एक ठोस हिस्से को महसूस करे.
  3. मूल चक्र का कलर लाल है तो आप कल्पना करे की रीढ़ के सबसे निचले हिस्से में एक लाल रंग की आकृति का चार पंखुड़ी वाला कमल ग्लो कर रहा है. धीरे धीरे ये ग्लो बढ़ता जाता है और आप एक उर्जा और स्पंदन को उस हिस्से में महसूस कर रहे है.
  4. अब आंखे खोल ले और उसी अवस्था में 5 मिनट तक बैठे रहे.

योग के कुछ आसन भी आपको चक्र जागरण में मदद कर सकते है. बलाशन एक ऐसा योग है जिसमे साधक का पूरा फोकस इस चक्र पर बढ़ता है.

Chakra Foods List and Diet Suggestions

चक्र जागरण में फलो के सेवन से भी प्रभाव पड़ता है. अपने डाइट में बदलाव कर ऐसी डाइट का चुनाव करना जिससे आपको ज्यादा मात्रा में सही मिनरल मिले.

मूलाधार चक्र जागरण और फलो का सेवन आपके लिए balance process को आसान बनाता है. वैसे इसके लिए कुछ खास फ़ूड भी है जिनका प्रभाव इस पर देखने को मिल सकता है. जैसे की

  1. Protein-rich foods: आपको भू तत्व से जोड़े रखते है और physical strength देते है. इसके दुसरे प्रभाव boost emotional strength के रूप में देखे जा सकते है. अपनी डाइट में beans, tofu, green peas, spinach, and almonds करना न भूले.
  2. red color fruit : इस चक्र का कलर लाल है और ये लाल रंग से प्रभावित होता है इसलिए आप ऐसे फलो का चुनाव कर सकते है जो लाल रंग के हो. इसका फायदा आपको Vitamin C के रूप में मिलता है. आप strawberries, cherries, tomatoes and red bell peppers के बारे में सोच सकते है.
  3. Root vegetables: ऐसी सब्जियां जो धरती के अन्दर पैदा होती है जैसे की beets, garlic, and potatoes. इनका इस्तेमाल आपको भूमि तत्व से जोड़े रखता है.

यहाँ पर आप ध्यान दे की ये कोई चमत्कार या अंधविश्वास नहीं है की लाल रंग को फॉलो किया इसलिए हुआ है. ये आपके भावनाओं में होने वाला बदलाव है और हमारे मन पर जो प्रभाव पड़ता है उसे इसके जरिये समझा जा सकता है.

Root Chakra Affirmations to Use

Guided Root chakra meditation में affirmation सबसे powerful method है जिसके जरिये हम खुद को बदल सकते है. ये असल में हमारा अपने आप Reprogram करना है. Root chakra healing के लिए आप affirmation यानि भावनाओं का एक समूह तैयार कर सकते है जो आपके mind को प्रोग्राम करता है. अगर आप निचे दिए गए statement को दिन में कई बार दोहराते है तो ये अपना असर डालना शुरू कर देते है.

  1. में जहाँ भी रहू हमेशा safe and secure हूँ.
  2. में बिलकुल स्थिर हूँ, भूमि से जुड़ा हूँ ( घमंड नही है ) और रिलैक्स हूँ.
  3. मेरी सेफ्टी के लिए जितने भी aspect है उन सभी को में हमेशा अपने पास पाता हूँ.
  4. I have a healthy body, a healthy mind, and an abundant life
  5. में धरती से जुड़ा हूँ और यूनिवर्स मेरी हेल्प करता है.
  6. यूनिवर्स हमेशा मेरी मदद करता है और मुझे आगे क्या करना है इस बारे में गाइड करता है.
  7. में अपनी जरुरत के अनुसार हर जगह से सपोर्ट पाने के काबिल हूँ.
  8. में अपने मूलाधार चक्र को एक्टिव होता हुआ महसूस कर रहा हूँ और खुद को स्थिर अनुभव कर रहा हूँ.
  9. में जहाँ भी हूँ secure और खुश हूँ.

ये कुछ ऐसे affirmation statement for happy life है जिन्हें दिन में कई बार दोहराने से आप खुद को बदला हुआ महसूस कर सकते है. ध्यान से पहले इस तरह के affirmation का इस्तेमाल करना आपको अच्छे अनुभव दिला सकता है.

मूलाधार चक्र जागरण का मंत्र

आप चाहे तो मंत्र साधना के जरिये भी Root chakra activation कर सकते है. इसके लिए आपको गोधुली यानि शाम के समय अपने सामने घी का दीपक जला लेना है. बाए पैर की एड़ी को अपने मूलाधार चक्र के स्थान पर लगाए और समाधी की अवस्था में बैठ जाए. आपका शरीर एकदम रिलैक्स और आपकी रीढ़ सीधी अवस्था में होनी चाहिए.

शिव मंत्र : ॐ नम: शिवाय

ऐसे स्थान का चुनाव करे जहाँ पर लाइट बहुत कम हो और वो जगह साफ़ और स्वच्छ हो. इस जगह धूप लगाकर शिव जी से प्राथना करे और आँखे बंद कर शिव मंत्र का प्रतिदिन 4000 जप लगातार 21 दिन करे. साधना के कुछ दिन बाद ही आपका मूलाधार चक्र जाग्रत होना शुरू हो जाता है.

अनुभूति

ध्यान की अवस्था में जब हम शिव मंत्र का जप करते हुए अपने ध्यान को मूलाधार की जगह पर रखते है तो ये प्रक्रिया Root Chakra को open करना शुरू कर देती है. ऐसी अवस्था में अभ्यास करने वाले साधक को अपने मूलाधार चक्र की जगह पर ठंडी हवा का दबाव महसूस होना शुरू होता है. ये अहसास ऐसा होगा मानो हवा का एक बवंडर हमारा चक्र की जगह घूम रहा हो.

जब ऐसा होता है तब साधक के अन्दर के भय का नाश होना शुरू हो जाता है. एक नयी शक्ति का संचार होना शुरू हो जाता है जिसकी वजह से साधक को हवा के दबाव या गुदगुदी जैसा अनुभव् होने लगता है. निरंतर ये क्रिया करते रहने से साधक का ये चक्र पूर्ण रूप से खुल जाता है और जब साधक हर पल एक मदहोशी की अवस्था में रहे तब समझ ले की उसका चक्र पूर्ण रूप से जाग्रत हो चूका है. इसकी मुख्य निशानी किसी भी तरह के विचार पर साधक का रिएक्शन न करना है मानो उसे किसी भी स्थिति में किसी बात का कोई असर नहीं पड़ रहा है.

Root chakra activation symptoms

जब हम मूलाधार चक्र ध्यान की प्रक्रिया का अभ्यास करते है तब ऐसे कई सारे बदलाव को महसूस किया जाता है जिनके आधार पर हम इसके जाग्रत होने का पता कर सकते है.

Feeling the Force of Grounding: चूँकि इस चक्र का मुख्य तत्व भू तत्व है इसलिए जागरण की प्रक्रिया में हम खुद को धरती से जुड़ा हुआ अनुभव करते है. बहुत ज्यादा भारी या हलके होने का अहसास होना इस बात का संकेत है की आपके मूलाधार चक्र में उर्जा का प्रवाह सुचारू रूप से बढ़ रहा है. अगर बात करे शारीरिक बदलाव की तो आप अपने अन्दर दुसरो से अलग होने का भाव महसूस कर सकते है या फिर किसी तरह की इज्जत और अपमान का भय न रह जाना भी इसका संकेत है. इस दौरान आप नमकीन फलो का सेवन ज्यादा कर सकते है. ये आपकी आदत के बदलाव को दर्शाता है.

Heat and Tingling: ध्यान के दौरान या पुरे समय शरीर में एक उर्जा और उष्णता का अहसास होना इसका अच्छा संकेत है. आप अपने रीढ़ के सबसे निचले हिस्से में ठंडापन या बहुत ज्यादा गर्मी को महसूस कर सकते है. इसका एक संकेत vibration in whole body भी है.

Sleeping and Dreams: कुछ लोगो को restless leg syndrome की वजह से सोने में प्रॉब्लम हो सकती है क्यों की बढती उर्जा अपना रास्ता खुद खोजती रहती है जब तक की उसे सही दिशा न मिल जाए. आपके सपने पहले से ज्यादा अजीब और तनाव भरे हो सकते है क्यों की subconscious mind इसमें महत्वपूर्ण रोल निभाना शुरू कर देता है जिसकी वजह से आपको ये दृश्य दिखाई देते है. कुछ लोगो को सपनो में nightmare का अनुभव हो सकते है.

तनाव का दूर हो जाना : चक्र जागरण की क्रिया में होने वाला एक अनुभव deepening sense of calmness का है जिसमे व्यक्ति एक परम शांति के अहसास को महसूस करता है. पहले जहाँ हम छोटी छोटी बात पर तनाव से भर जाते थे अब ऐसा नहीं है. हम हर मुश्किल में खुद को शांत बनाए रखने में कामयाब हो पाते है.

overactive and balancing mooladhar chakra

ध्यान की प्रक्रिया या फिर हमारे daily routine की गतिविधि की वजह से हम Root chakra meditation के दौरान या फिर दैनिक जीवन में असंतुलित उर्जा के प्रवाह को महसूस कर सकते है. ऐसा होना हमारे physical, emotional, spiritual health को affect करता है. आप इसे chakra activation process का side effect भी समझ सकते है. आपको इन Major Signs of Over activity in the Root Chakra पर ध्यान देना चाहिए जैसे की

  1. Anger यानि गुस्सा
  2. बहुत जल्दी गुस्सा हो जाना – short temper
  3. बहुत ज्यादा लालची बन जाना -greediness
  4. belligerence
  5. अधीर और असंयमित हो जाना – impatience
  6. feeling stuck खुद को बार बार एक जगह फंसा हुआ महसूस करना

इसके भौतिक प्रभाव जैसे की bladder problems, constipation, fatigue, and anemia देखे जा सकते है. अगर ऐसा होता है तो Cleansing and Balancing an Overactive Root Chakra करना बेहद जरुरी हो जाता है. इसके लिए आप energy transfer process in chakra को फॉलो कर सकते है.

आप चाहे तो अपने डाइट को कण्ट्रोल कर सकते है, पर्याप्त व्यायाम, ध्यान के दौरान उर्जा को फोकस करना जैसी गतिविधि को अपनाकर आप इसे balance कर सकते है. सबसे आसान तरीका है Energy healing, जैसे की Reiki, sound therapy or using chakra stones जैसे हीलिंग प्रोसेस को कर आप इससे बच सकते है.

Daily life activity जो इस चक्र के जागरण को प्रभावित करती है

ऐसी कुछ गतिविधि है जो Root chakra meditation की प्रक्रिया को आसान बना सकती है इसके लिए आप निचे दिए गए कुछ एक्टिविटी को फॉलो कर सकते है जैसे की

  1. ध्यान के समय अपना फोकस रीढ़ के सबसे निचले छोर पर लगाना और लाल रंग के चार पंखुड़ी वाले कमल दल की कल्पना करना.
  2. इस चक्र का मुख्य तत्व भू यानि भूमि है इसलिए नंगे पांव चलना और डांस करना जैसी गतिविधि इसे sensetive or active बनाती है.
  3. aroma therapy के जरिये भी हम root chakra blockage को सही कर सकते है. यलांग यलांग ( ylang ylang ) जो की एक हरे पीले रंग का सुगंधित वृक्ष है, जेरेनियम गुलाब, एंजेलिका आदि के आवश्यक तेलों को ध्यान के समय खास पॉइंट पर मालिश देना प्रक्रिया को आसान बनाता है.
  4. लाल सेब, अनार, स्ट्रॉबेरीज्, बीट, लाल मूली आदि खाने के पदार्थ प्रथम चक्र को पोषण देते हैं.

ये कुछ सामान्य गतिविधि है जिन्हें फॉलो कर हम चक्र को balance रख सकते है.

Top 3 benefit of Guided mooladhar chakra opening

मूलाधार चक्र जीवन उर्जा को प्रवाहित करता है जो सभी जीवो के लिए बेहद आवश्यक हिस्सा है. इसके main benefit इन्सान के physical and emotional health से जुड़े हुए है.

पहला फायदा है कायाकल्प यानि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना. योग का पूरा सिद्धांत मूलाधार चक्र से जुड़ा है क्यों की अगर Mooladhar chakra को balance कर लिया जाता है तो फिर हम Physical and mental health से भरपूर बन जाते है. अगर आप खुद को सालो तक फिट रखना चाहते है तो आपको मूलाधार पर ध्यान देना चाहिए.

मूलाधार चक्र की स्थिति

योग और प्राणायाम के जरिये हम शरीर की शुद्धिकरण कर उसे फिट रखते है उसी तरह ये चक्र हमारे सभी तरह के भौतिक समस्या से छुटकारा दिला हमें stable बनाता है.

खुद को बना सकते है एक चट्टान की तरह जैसे हमारे पूर्वज थे शारीरिक रूप से मजबूत. आज 40 पार करते ही हमारा शरीर कई तरह की बीमारियों से घिरना शुरू हो जाता है लेकिन root chakra के balance होने की वजह से ये प्रक्रिया धीमी हो जाती है. बूढ़े होने के बावजूद बॉडी लेवल पर फिट होना इस बात की निशानी है की हमारा मूलाधार चक्र संतुलित अवस्था में है.

आपने पिनिअल ग्लैंड से निकलने वाले अमृत के बारे में सुना ही होगा जो की सामान्य अवस्था में ऐसे ही बेकार होता जाता है. योग द्वारा जीभ को जब तालू से चिपकाया जाता है तब ये अमृत नष्ट होने की बजाय गृहीत होना शुरू हो जाता है. हमारे तीसरे नेत्र के जागरण की प्रक्रिया इसी से जुडी है और ऐसा होने पर दिव्य दृश्य दिखाई देना शुरू हो जाते है.

इस अमृत का प्रयोग आप 3 तरह से कर सकते है जैसे की खुद को शारीरिक रूप से मजबूत बनाना, परम आनंद की स्थिति जिसमे कई बार समाधी भी लग जाती है की अवस्था में पहुंचना, या फिर सूक्ष्म होना जिसमे आप real time analysis यानि वर्तमान में रहते हुए किसी भी चीज से प्रभावित होना बंद हो जाते है. इसके सही तरीके से काम करने के लिए जरुरी है आपका बोध सही होना. जब तक आप अपने आत्मबोध का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे आप इसका सही फायदा नहीं उठा सकते है.

Guided Root chakra meditation – final thought

कुण्डलिनी शक्ति के जागरण के लिए साधक को सबसे पहले चक्र जागरण की प्रक्रिया को समझना बेहद जरुरी है. step by step किया गया Root chakra meditation का अभ्यास ही Kundalini and chakra की जागरण प्रक्रिया को पूर्ण तरीके से सफल बना सकता है. Kundalini yoga में चक्र जागरण की अनेक विधि का वर्णन है जिसे आप डेली लाइफ में अपना कर चक्र एक्टिवेट की प्रोसेस को पूरा कर सकते है. अगर आप विडियो देखना पसंद करते है तो Root chakra guided meditation YouTube देखना न भूले.

कुण्डलिनी और चक्र जागरण की विधि को हम अलग अलग चक्र के अनुसार नेक्स्ट पोस्ट में शेयर करेंगे. अगर इस पोस्ट को लेकर आपके मन में किसी तरह का सवाल है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है.

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