इन खास वजह और फायदे की वजह से हर कोई दीपक त्राटक साधना करना चाहता है – मुख्य वजह

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त्राटक में आप बिंदु त्राटक, शक्ति चक्र त्राटक, सप्त वर्तुल पर त्राटक, दर्पण त्राटक पढ़ चुके है इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए आज बात करते है ज्योति / CANDLE / deepak tratak sadhna in hindi की, दीपक त्राटक कठिन त्राटक में से एक है। इसमें दीपक की लौ पर नजर अभ्यास करना पड़ता है. और एक बात ये त्राटक बिलकुल अँधेरे वाले कमरे में किया जाता है. सभी जानना चाहते है की आखिर क्यों हमें दीपक त्राटक साधना का अभ्यास करना चाहिए. क्या सम्मोहन सिखने के लिए deepak tratak साधना सबसे बढ़िया माध्यम है ?

deepak tratak sadhna
अगर आप दिन में करते है तो आपको अपना कमरा पूरी तरह ढक कर करना होगा। दीपक त्राटक कठिन इसलिए माना गया है क्यों की दीपक की लौ गतिमान होती है हवा के हलके से इशारे पर ये गतिशील हो जाती है. इसलिए जब भी दीपक त्राटक का अभ्यास करना हो इस बात का ध्यान रखे की हवा का प्रवाह न के बराबर हो.

deepak tratak sadhna के बारे में आवश्यक बाते

  • आध्यात्मिक और शक्ति दोनों ही मकसद से किया जा सकता है.
  • दीपक त्राटक या फिर मोमबत्ती त्राटक दोनों एक ही है. जलते दीपक की लौ पर नजर जमाना दीपक त्राटक है और सर्वश्रेष्ठ त्राटक में से एक है.
  • इस त्राटक से हम अपनी आँखों में तेज उत्पन करते है जिसका प्रयोग दूसरों को अपने सामने मजबूर करने में कर सकते है ज्यादातर इसका अभ्यास सामाजिक सम्मान के लिए करते है.
  • यह त्राटक हमें उग्र भी बना सकता है क्यों की इससे आँखों में तेज उत्पन होता है और ये तेज हमें व्याकुल करने लगता है बेहतर होगा की इसके साथ हमें मन को साधना चाहिए और ध्यान करे.
  • इस त्राटक में तेल के दीपक का इस्तेमाल न करे न ही मोमबत्ती का ( बंद कमरे में खुले में कर सकते है ) इसके लिए सिर्फ शुद्ध देसी घी का दीपक इस्तेमाल करे.

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सकारात्मक कार्यो से बढ़ता है तेज

इस सिद्धि का उपयोग सकारात्मक तथा निरापद कार्यों में करने से त्राटक शक्ति की वृद्धि होने लगती है। दृष्टिमात्र से अग्नि उत्पन्न करने वाले योगियों में भी त्राटक सिद्धि रहती है। इस सिद्धि से मन में एकाग्रता, संकल्प शक्ति व कार्य सिद्धि के योग बनते हैं। कमजोर नेत्र ज्योति वालों को इस साधना को शनैः-शनैः वृद्धिक्रम में करना चाहिए।

पहले दिन पॉच मिनट से शुरू कर के हर तीन चार दिन में एक मिनट ही बढाना चाहिये और अपनी आंखों की ज्‍योंति को चेक करते हुये धीरे धीरे ही बढाना चाहिये। अपनी आंखों की क्षमता के अनुसार इसको चालीस मिनट या अधिक समय तक ले जाना चाहिये।

  • deepak tratak sadhna ka abhyas हमें शक्ति देता है इसलिए इसका उपयोग दूसरों को निचा दिखाने में न करे.
  • दिन में बिन्‍दु त्राटक करे वा रात्रि में दीपक त्राटक करे क्‍योंकि दिन के प्राक्रतिक प्रकाश में बिन्‍दु को आसानी से देखा जा सकता है ओर रात के अंधेरे में दीपक ठीक रहेगा।
  • दिन में बिन्‍दु पर तो करना ही है कभी भी आप किसी चीज पर त्राटक कर सकते है। आफिस में दुकान में घर में खाली हुये किसी चीज पर अपनी नजर जमा लीजिये। सडक पर चल रहे है एक जगह रूक कर त्राटक नही करना है।

विश्लेषण करना बंद करे

अपने आस पास की चीजों को ध्‍यान से देखिये कोई विश्‍लेषण ना कीजिये। किसी चीज को ध्‍यान से देखने पर भी हमारे विचार रूकते है। बिन्‍दु त्राटक के लिये आवश्‍यक नही कि आप कागज पर ही बिन्‍दु बनाये। आप दीवार पर भी बना सकते है। मै घर में जहॉ जहॉ बैठता हॅू वहॉ मैने बिन्‍दु बना रखा है जहॉ बेठता हॅू याद आते ही उसपर नजर जमा लेता हॅू। किसी भी चीज पर नजर जमाना त्राटक है सडक चलते हुये आस पास की चीजों को ध्‍यान से देखिये। ये भी त्राटक ही है।

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कमजोर नेत्र ज्योति वालों को इस साधना को शनैः-शनैः वृद्धिक्रम में करना चाहिए। पहले दिन पॉच मिनट से शुरू कर के हर तीन चार दिन में एक मिनट ही बढाना चाहिये और अपनी आंखों की ज्‍योंति को चेक करते हुये धीरे धीरे ही बढाना चाहिये। अपनी आंखों की क्षमता के अनुसार इसको चालीस मिनट या अधिक समय तक ले जाना चाहिये।

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deepak tratak sadhna practice in hindi :

deepak tratak sadhna का अभ्यास आप सुबह और रात्रि के 10 बजे बाद कभी भी कर सकते है. अन्य त्राटक की तरह इसके लिए भी वही नियम और शर्ते है. जैसे की अभ्यास में जल्दी नहीं, अभ्यास को नियमित रखना। अपने आसन से लगभग तीन चार पॉच फुट की दूरी पर मोमबत्ती अथवा दीपक को आप अपनी आँखों के सामने रखिए। अर्थात एक समान दूरी पर दीपक या मोमबत्ती, जो जलती रहे, जिस पर प्रैक्टिस के समय हवा नहीं लगे व वह बुझे भी नहीं, इस प्रकार रखिए।

  • इसके आगे एकाग्र मन से व स्थिर आँखों से उस ज्योति को देखते रहें। जब तक आँखों में कोई अधिक कठिनाई नहीं हो तब तक देखते रहिये। यह क्रम प्रतिदिन जारी रखें। धीरे-धीरे आपको ज्योति का तेज बढ़ता हुआ दिखाई देगा।
  • कुछ दिनों उपरांत आपको ज्योति के प्रकाश के अतिरिक्त कुछ नहीं दिखाई देगा।
  • अभ्यास के दौरान मन को शांत रखना क्यों की अवचेतन मन उस दौरान आपके मनोभाव के अनुसार दीपक की लौ में चेहरे बनाता है।
  • इसके लिए ध्यान रखे मन को निर्मल रखे जिससे आपका मन भटके नहीं और आपको दीपक त्राटक में सफलता मिले।
  • दीपक शुद्ध घी का हो और उसके सामने बैठ जाये. ये दीपक आपके बैठने के ठीक सामने हो यानि की इसके अभ्यास में आपको अपनी नजर ऊपर निचे न करनी पड़े. ( दीपक के लिए स्टैंड इस्तेमाल करे )
  • दीपक त्राटक का और शक्ति चक्र का अभ्यास काफी हद तक समान है. क्यों की दोनों में ही गतिमान OBJECT पर FOCUS करना पड़ता है।

दीपक त्राटक में महत्वपूर्ण निर्देश

त्राटक में लौ आपकी साँस लेने से भी थर्राती है इसलिए सांसो को नियत रखे दूसरा सांसो का सम्बन्ध विचारों से है इसलिए सांसो को नियंत्रित कर हम विचारों को नियंत्रित कर लेते है. जिससे की त्राटक में लगने वाला समय कम हो जाता है और सफलता जल्दी मिलने लगती है।

  • त्राटक मन के विचारों को दर्शाता है इसलिए इस वक़्त आप जो भी सोचते है वो दीपक की लौ में झलकता है जैसे की इस अभ्यास में किसी के मन में दबी काम भावना जाग्रत हो जाती है तो उसे काम से जुड़े द्रश्य दिखने लगेंगे।

अगर आपका मन शांत है तो आपको सिर्फ दिव्य ज्योति दिखेगी जिसमे आप खोते चले जायेंगे यही है आपके अवचेतन में प्रवेश की शुरुआत इसलिए त्राटक के वक़्त भावना पर नियंत्रण रखे अगर आपकी इच्छाएं इस वक़्त उठती है तो उन्हें भावना द्वारा साँस की गति नियत कर ले बिलकुल न के बराबर जिससे विचारों का प्रवाह रुक जाता है।

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जाग्रत होता है अवचेतन मन

इस आकृति के अनुरूप ही घटनाएँ जीवन में घटित होने लगेंगी। इस अवस्था के साथ ही आपकी आँखों में एक विशिष्ट तरह का तेज आ जाएगा। जब आप किसी पर नजरें डालेंगे, तो वह आपके मनोनुकूल कार्य करने लगेगा। दीपक त्राटक पर या किसी अन्य त्राटक पर अलग अलग लोगो के अलग अलग अनुभव होते है. अगर अपने भी दीपक त्राटक किया है तो अपने अनुभव कमेंट के माध्यम से शेयर करे. आपके अनुभव किसी और को आगे बढ़ने में सहयक होंगे।

deepak tratak sadhna – ध्यान दे

अब तो आप समझ ही गए होंगे की दीपक त्राटक / मोमबत्ती त्राटक कितनी महत्वपूर्ण साधना है। इसके अभ्यास में ध्यान रखे की तेल का इस्तेमाल दीपक में ना लाये इसके पीछे की वजह ये है की इससे धुंआ फैलता है जो हानिकारक होता है। जबकि शुद्ध घी के साथ ऐसा कुछ नहीं है। इसलिए इस बात का ध्यान जरूर रखे। आप ब्लॉग में अपने अनुभव शेयर कर सकते है।

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16 COMMENTS

    • नीतू जी दीपक त्राटक से पहले बिंदु त्राटक करे वो भी 15-20 दिन इससे आप त्राटक के अभ्यास के लिए जरुरी बदलाव हासिल करती है. ज्यादा अभ्यास से आँखों से आंसू आने बंद नहीं होंगे इसके लिए आँखों को जबरदस्ती ना खुली रखे.अभ्यास को प्राकृतिक रूप से करे यानि जब आँखे बंद होने लगे होने दे और थोड़ी देर बाद वापस खोल कर अभ्यास करे. इसका अभ्यास आँखों को जबरदस्ती ज्यादा देर खोले रखना नहीं है बल्कि संयम करना है.

    • kalpesh ji tratak ke liye hamesa board ka istemal karna chahiye. kisi bhi multimedia screen par tratak karne par ankho par jor padta h ye apki ankho ke liye nuksandayi ho sakta h

  1. Deepak tratak se kitne dino me anubhooti hone lagti hai. matlab hamari sadhna sahi chal rahi hai ya nahi. kripya bataye.

  2. Please mujhe bhe batao kesa karu practice ,bore hoo gaya hu jyoti tratak sddhana karte hue , mujhe to kuch assa aabhas nhi hota only sapne me bahut kuch dikhaiye deta hai or bekar ka gyan , aatma,jin aate hai ,,, please help me who knows and hold perfect knowlege in this art…

    THANKS,
    KAMAL TEWARI ,
    9168766022 /8920000423 ,..

  3. m 5 dinon se prtibimb tratak kar raha hun. maine suruat hi prtibimb tratak se ki h . kya ye sahi h. mujhe isme anubhav bhi achchhe prapt ho rahe hain .kya main ise chhodkar bindu tratak se suru karu ya ise hi jari rakkhun.

  4. आदरणीय कुमारजी ,आंतर ज्योति त्राटक क्या होता हैं, कृपया उसकी विधि बताए।धन्यवाद।

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