mirror meditation practice से जुड़ी बेसिक जानकारी और खतरे जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए

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दर्पण त्राटक ध्यान करते वक़्त आपने महसूस किया होगा की हम लगभग 1 घंटे से भी ज्यादा अभ्यास पर बैठते है लेकिन लगता है जैसे कुछ देर पहले ही शुरू किया हो. आश्चर्य ना करे क्यों की ये है ही इतनी रहस्यमयी की हम उसमे खो जाते है. ज्यादातर mirror trataka meditation practice का उदेश्य hypnotism होता है. क्यों की self-hypnotism की स्थिति का अभ्यास तो हमें दर्पण त्राटक के अभ्यास के वक़्त ही हो जाता है. Mirror meditation benefit and dangers के बारे में आपको पता होना चाहिए.

ऐसे कई side effect of mirror gazing meditation देखने को मिलते है जिसमे लोगो ने अनजानी शक्ति को महसूस किया हो. अगर आप भी इस तरह का अभ्यास कर रहे है तो इससे जुडी हर बेसिक जानकारी आपको पता होनी चाहिए.mirror meditationMirror tratak उच्च कोटि के उन त्राटको में से एक है जिनमे मस्तिष्क को उच्चतम स्तर पर भाव शुन्य कर लिया जाता है.इसके अलावा साँस भी निम्नतम हो जाती है.एक ऐसी अवस्था जिसमे हम संसार में रह कर भी संसार से पृथक हो जाने का भाव, सभी तरह के भाव से हट जाने का आनंद इस त्राटक में अनुभव होता है. Mirror meditation benefits & experience हम कैसे आसानी से बिना किसी गुरु के कर सकते है आइये जानते है.

Mirror meditation

Mirror meditation आपके unconscious state तक पहुँचने के लिए सबसे powerful practice में से एक है. unconscious mind state तक पहुँचने के लिए ये simple meditation exercise है लेकिन, ये इतनी शक्तिशाली है की आपको विचलित कर सकती है. चेतना और अवचेतना में ज्यादा अंतर नहीं है और ना ही ये एक दुसरे की विपरीत है. चूँकि ये त्राटक अभ्यास तीसरे नेत्र का जागरण भी करता है इसलिए इसे Third eye mirror meditation भी कहते है.

आपका unconscious mind आपकी inner eye की तरह कार्य करता है. जब आप दर्पण त्राटक का अभ्यास करते है उसी वक़्त आप खुद के चेहरे को बनते बिगड़ते हुए देखते है. 3 सप्ताह के अभ्यास में आप इतने चेहरे में बदलाव देखते है की आप इनसे प्रभावित ही नहीं होते है. अभ्यास को जारी रखते हुए आप एक ऐसी स्टेट में पहुँचते है जहाँ आपको चेहरे दिखने बंद हो जाते है. जब ऐसा हो तब आँखे बंद कर ले और अपने अंतर में देखे.

दर्पण का चुनाव Mirror tratak

त्राटक में महत्वपूर्ण अंग है वो माध्यम जिस पर त्राटक किया जाता है ऐसे में अगर सही माध्यम उपलब्ध हो तो अभ्यास में आधी सफलता तय है. Mirror का चुनाव निम्न parameter पर करे.

  • दर्पण त्राटक में Mirror का चुनाव किया जाये वो सादा (साधारण) होना चाहिए.
  • Mirror का आकार चौकोर हो और ज्यादा सजावटी न हो.इसका आकार इतना बड़ा हो की आपका चेहरा पूर्ण रूप से इस दर्पण में दिख सके. इससे बड़ा हो सकता है पर सुविधा के लिए सिर्फ उतना ही बड़ा हो जितने में चेहरा दिखे इससे अभ्यास में ज्यादा ध्यान नहीं भटकता है.
  • जिस कमरे में इसका अभ्यास किया जाता है उस कमरे की प्रकाश की वयवस्था ऐसी हो की प्रकाश के निचे की दिवार पर ही दर्पण स्थापित किया जाना चाहिए.जिससे की दर्पण में चेहरा साफ दिखे और प्रकाश का परावर्तन दर्पण से न हो.

mirror trataka meditation

Mirror Tratak की साधना का अभ्यास जितना महत्वपूर्ण है उतना ही सावधानीपूर्ण भी क्यों की इसमें बिना तैयारी का अभ्यास आपको पहले ही विचलित कर देगा इसलिए पहले बिंदु त्राटक से मन को स्थिर जरूर करे.

  • दर्पण को दिवार पर स्थापित कर उससे इतनी दुरी पर स्थापित करे की आपका चेहरा उस दर्पण में साफ दिखाई दे.
  • त्राटक या तो आँखों पर किया जाता है या फिर भृकुटि पर, सामान्यत शुरू में दोनों आँखों पर त्राटक करना आसान नहीं होता है इस लिए शुरू में भृकुटि पर त्राटक करना चाहिए.
  • इससे त्राटक में आसानी रहती है. जब भाव शून्यता की उच्च स्थिति प्राप्त हो जाये तब आँखों पर भी त्राटक कर सकते है.
  • त्राटक के लिए आपका मन स्थिर होना आवश्यक है अगर मन स्थिर नहीं होगा तो बार बार चेहरा गायब और दीखता रहता है.
  • चेहरा दिखना, गायब होना, और फिर दिखाई देने लगना आपके मन में चलने वाले विचारो से बनते बिगड़ते है. अतः त्राटक के वक़्त भाव शून्य होकर अभ्यास करना चाहिए.
  • दर्पण त्राटक कालजयी साधना है क्यों की कुछ घण्टो का अभ्यास भी हमें कुछ मिनट का लगता है. इसका कारण है की हम खुद को देखते देखते अंतर में उतरने लगते है.

mirror meditation another practice

दर्पण त्राटक का ये अभ्यास एक बड़े दर्पण पर किया जाता है. इसके लिए आपको सबसे पहले अपनी और अपने घर की protection shield बना लेनी चाहिए. जब आप ऐसा कर ले तभी इसकी शुरुआत करे.

इस साधना का अभ्यास आपको रात्रि समय में 10 बजे के बाद से शुरू करना होता है. बड़ा सा दर्पण अपने सामने रखे और एक कैंडल जला ले. अब कमरे की लाइट बंद कर अन्धेरा कर ले और कैंडल की रौशनी में अपने चेहरे और खासकर third eye पर gazing meditation करे. शुरू शुरू में आपके लिए dim lighting में ध्यान केन्द्रित करना मुश्किल हो सकता है लेकिन अभ्यास से आप इसे कर सकते है.

कोशिश करे की इस दौरान आपकी पलक कम से कम झपके. Excessive blinking आपके विचारो को प्रभावित करती है जिसकी वजह से चेहरा फिर से दिखने लगता है. अगर आपको ऐसा करना कठिन लगता है तो दर्पण में अपने पीछे की दीवार पर किसी बिंदु को नोटिस करे और उस पर meditation करे. इससे जल्दी ही आपकी third eye opening process शुरू हो जाती है.

इसका पहला लक्षण है past lifetimes के चेहरे दिखना. अगर आपके साथ ऐसा हो तब आप डरे नहीं क्यों की भले ही ये आकृति किसी अन्य व्यक्ति विशेष या शैतानी जैसी दिखती हो लेकिन आपका कुछ बिगाड़ नहीं सकती है. इसके अलावा ये भी हो सकता है की ये सिर्फ आपकी ही परछाई और भावनाए हो जो आपका spirituality test ले रही हो.

जब आपके साथ ऐसा कुछ हो और आपको भय लगने लगे तो love and faith के जरिये आप इसे दूर कर सकते है. ऐसा करना आपको स्थिर बनाता है. किसी negative energies के साथ नहीं बल्कि विश्वास के साथ आप इसे मना कर सकते है. ये आपके unconscious mind का self-ego mind state होता है जो विपरीत परिस्थितियो में गलत विचारो से आपकी protection करता है.

अगर इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आप किसी negative energy को देखते है तो उसे मना कर सकते है. इसे सही तरीके से करने के लिए आपको protection techniques को इस्तेमाल करना होगा.

Third eye mirror gazing meditation करना इतना आसान नहीं है. ज्यादातर लोगो ने अपने अनुभव शेयर किये है जिसमे उन्होंने अपने चेहरे को बदलते हुए देखा है. इस meditation को करने से पहले आपको अभ्यास के बारे में, दर्पण के बारे में और अपने बारे में महत्वपूर्ण जानकारिया होनी चाहिए. दुसरे अभ्यास की तरह इसे हल्के में करने से आपको फायदे की जगह नुकसान होने की सम्भावना बन सकती है.

त्राटक से मन पर विजय

mirror meditation से हम अपने अंतर्मन पर नियंत्रण पा सकते है. और सम्मोहन में हमें self-hypnotism का अभ्यास सबसे ज्यादा काम आता है ताकि हम दुसरो को अपने प्रभाव में ला सके ना की उनके प्रभाव में डूब जाये. सम्मोहन सीखना चाहते है तो पहले खुद को इस काबिल जरूर बना लेना चाहिए जिससे हम अपना प्रभाव बनाये रखे. और आत्म सम्मोहन इसमें काफी मदद करता है.

जो व्यक्ति इसकी regular practice करता है वो आपको इसके बारे में और ज्यादा बेहतर तरीके से बता सकता है. वैसे ये मैडिटेशन उन लोगो के लिए काफी फायदेमंद है जिन्हें अपनी hidden identity के बारे में जानना होता है. आगे चल कर आपके spiritual experience की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. हालाँकि ये किसी तरह की normal traditional meditation technique तो नहीं है लेकिन, meditation and mind power training में ये काफी अच्छा योगदान निभा सकती है.

mirror meditation experience

शुरू में जब भृकुटि पर त्राटक किया जाता है तब हमारे आज्ञा चक्र पर स्पंदन होना शुरू हो जाता है क्यों की उस स्थिति में हमारी ही आकर्षण शक्ति (चुंबकीय शक्ति) हमारे ही आज्ञा चक्र को प्रभावित कर उसे जाग्रत करती है. इसके अलावा दर्पण त्राटक में जब हम अभ्यास के साथ साथ भाव शुन्य होना शुरू हो जाते है तब हमें अपना ही चेहरा बदलता हुआ दिखाई देता है, जैसे की हमारा रूप बदल रहा हो. जो की भाव शुन्य होते वक़्त होने वाला भ्रम मात्र होता है.

इसके अलावा कई बार हम इतने खो जाते है की हमारा चेहरा दिखना बंद हो जाता है.

ये सिर्फ तब होता है जब हम कई देर तक एक साथ भाव शुन्य होने की क्षमता रखते हो और हमारी साँस सिर्फ नाम मात्र की गति पर हो यानि की हमारे साँस को धीरे धीरे अनुभव भी न हो. इस अवस्था में हम जैसे अपने शरीर से बाहर हो इस तरह से अनुभव भी हो सकते है.क्यों की हम जितने भाव शुन्य होते है उतना ही अपनी शूक्ष्मता का अनुभव करते है.

विचलित कर देने वाले अनुभव

changing faces frequently in mirrorत्राटक में कई अनुभव ऐसे होते है जो हमें विचलित कर देते है जैसे की एकाएक साँस का निम्नतम हो जाना, दर्पण में चेहरे के बदलते प्रतिरूप का भ्रम, शरीर का एकदम हल्का हो जाना, चेहरा गायब हो जाना ये सब अनुभव मन के भावशून्य और साँस के गति से जुड़े रहते है. अगर हम इनसे विचलित होते है तो आगे नहीं बढ़ पाते है.

इन स्थिति में मन को संयमित कर अभ्यास करना चाहिए जो होता है उसे तर्क वितर्क से न तोल कर स्वीकार करना चाहिए. जब आप इस स्थिति को स्वीकार कर लेते है तब वो आपके मन में कोई सवाल नहीं होने देती है. आप अपने आप आगे बढ़ते चले जाते है.

दर्पण त्राटक में समय का कोई अनुभव नहीं होता है न ही कोई थकान क्यों की हम अपने पूर्ण ध्यान को अपने चेहरे पर लगते है और वक़्त का पता ही नहीं चलता है . जब की दूसरे त्राटक में हम थकान महसूस कर सकते है इस त्राटक में ऐसा कोई प्रभाव नहीं है.

third eye mirror meditation के दौरान आपको अपनी बीती जिंदगी के चेहरे, ऐसे लोग जिनसे आप मिले भी नहीं यहाँ तक की फ़रिश्ते भी दिख सकते है इसके अलावा कुछ शैतानी आकृतियाँ भी दिखाई दे सकती है लेकिन आपको डरने की कोई जरुरत नहीं है क्यों की वो आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकती है.

नोट :- अलग अलग स्थिति में आंशिक अनुभव में अंतर हो सकते है.ये आपके मस्तिष्क की स्थिति पर निर्भर करता है.

mirror meditation and hypnotism

दर्पण त्राटक से सम्मोहन की शक्ति का विकास होता है. हम आसानी से इस अभ्यास कर सकते है बशर्ते हमें अपनी सांसो और विचारो की लय को पकड़ना और उन्हें स्थिर करना आ जाये. mirror tratak meditation से हम सम्मोहन सीख सकते है. Self-hypnotism कर खुद के व्यक्तित्व का विकास कर सकते है. और भी बहुत कुछ देखा जाये तो एक अभ्यास को कई लाभ के लिए किया जा सकता है.

अगर आप बिना किसी tratak meditation expert guide के ही इस तरह की practice कर रहे है तो एक सुझाव देना चाहूँगा. जब भी दर्पण का चुनाव करे ये सुनिश्चित जरुर कर ले की वो किसी भी तरह की negative energies से जुड़ा हुआ ना हो. अक्सर एक ही जगह पड़े रहने वाले दर्पण में नकारात्मकता आ जाती है. अभ्यास से पहले अगर सावधानियां और निर्देश पालन कर लिया जाए तो अभ्यास सरल हो जाता है.

13 COMMENTS

  1. main kya kru! ?jis,se mere mirror me mera face bnna ya gayab hona stable ho jaye. and mujhe iske aagey durdarshan siddhi mil sake. w/p me@ 9807869593

    • अनुराग जी अगर आप दर्पण त्राटक के समय सांसो पर ध्यान फोकस कर उसे न्यूनतम बना सकते है तो सब सही हो जायेगा. blog की पोस्ट पढ़ते रहिये आपके सवालों का जवाब मिलता जायेगा.

  2. Bilkul sahi, Maine darpan tratak kiya hai lekin man bhatakta hai, hame lagatar ek hi tratak karna chahiye, bar bar tratak ke madhyam nahi badalne chahiye ,lagatar tin char mahine ek hi tratak Karna chahiye, kya Mai sahi hu sir ?

  3. Mai deepak tratak karta hu ratri ki 10 baje se 10:30 baje tak ,fir so jata hu, meri ankhO ki drashti thodi kamjor ho rahi hai, koi fayda nahi MIL raha kya karu? Pl reply me

    • आपके करने का तरीका गलत है sir प्रॉपर गाइड के लिए आप ऑनलाइन course कर सकते है.

  4. Sir, darpan tratak krne se phle hme isse simple wala tratak krna chahiye kya..? Jaise hm phle bindu tratak kr skte hain..? Aur ek baat..sapt wartul tratak kya hota h ur isko kaise kiya jata hai..?

    • श्रेया जी किसी भी त्राटक की शुरुआत में हम आपको बिंदु त्राटक का कम से कम 20 दिन का अभ्यास करने की सलाह देंगे. इसकी वजह से आप किसी भी त्राटक के दुष्प्रभाव से बच सकती है और अनुभव अच्छे होने लगते है.
      सप्त वर्तुल त्राटक बिंदु त्राटक के बाद का अभ्यास है और इसमें अवचेतन मन को मनचाहे तरीके से कण्ट्रोल किया जाता है. आपने लोगो को आसपास की घटनाओ को महसूस करते हुए सुना होगा वो इसी तरह के अनुभव होते है इस अभ्यास में इसे करने का अभ्यास ब्लॉग पर शेयर किया जा चूका है आप पोस्ट पढ़े सप्त वर्तुल त्राटक साधना के अभ्यास से जाग्रत होता है अवचेतन मन

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