मैडिटेशन करने की टॉप 10 सबसे बड़ी वजह जिनकी वजह से आपको ये डेली करना चाहिए

6

ध्यान क्या है और क्यों किया जाता है ये तो हम पहले की कई आर्टिकल में पढ़ चुके है लेकिन क्या ऐसा हो सकता है की ध्यान करते करते हम ऐसी अवस्था में चले जाए जहा पर असम्भव कुछ नहीं बस सोच का फर्क है जैसी बात भी सच साबित हो जाए। चलिए दोस्तों आज बात करते है मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह साथ ही मैडिटेशन और इसके द्वारा असंभव को संभव बनाने की प्रक्रिया द्वारा कैसे हम अपने उद्गम प्रक्रिया को सरल बना लेते है।

मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह
ध्यान करना ना सिर्फ हमें शारीरिक और मानसिक बल्कि आध्यत्मिक स्तर पर मजबूत बनाता है बल्कि इसके द्वारा हम खुद को एक एनर्जी चैनल में भी बदल सकते है, दुसरो को खुद को हील कर सकते है साथ ही पहले की तुलना में ज्यादा स्थिर बनने लगते है। आइये बाते करते उन टॉप 10 मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह की जो हमें डेली मैडिटेशन करने को प्रेरित करेगी।

मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह :

हम ध्यान में जितना गहरा उतरते जाते है उतना ही गहरा हमारा अनुभव होता जाता है और साथ ही ऐसी अवस्था भी आती है जब हम चेतना और अवचेतन मन दोनों को एक तरफ कार सकते है। अक्सर ध्यान के वक़्त चेतन मन के विचार हमें ज्यादा परेशान करते है लेकिन गहरे ध्यान के अनुभव के बाद हम इसे इग्नोर कर खुद की उद्गम प्रक्रिया यानि समाधी और मोक्ष जैसी प्रक्रिया को आसान बना सकते है।

1.) मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह – अंतरात्मा की आवाज सुनना :

हमारा मस्तिष्क चेतन और अवचेतन माइंड में बंटा हुआ है लेकिन क्या आप जानते है की हमारी अंतरात्मा कहा रहती है ? higher self हमारे सुपर कॉन्ससियस माइंड से जुड़ा हुआ है यानी सबसे ऊपर की अवस्था तक हम ध्यान द्वारा पहुँच सकते है। जब भी हम कुछ सोचते या किसी गतिविधि से जुड़े रहते है चेतन मन लगातार विचारो से घिरा रहता है।

यहाँ तक की बैकग्राउंड में आपका अवचेतन मन भी काम करता रहता है। लेकिन मैडिटेशन के जरिये हम विचारो के फ्लो को बनाए रखते है बगैर उनमे फंसे इससे हम subconscious mind के प्रभाव से भी हट कर सीधे higher self यानि अंतरात्मा से रूबरू हो सकते है।

2.) मैडिटेशन माइंड को शांत रखता है ताकि हर तरफ से जानकारी आपको मिल सके

हमारी जरुरत क्या है ? हमें क्या जानना है ? ऐसी ही कुछ बाते है जिन्हे आप मैडिटेशन में आसानी से जान सकते है। इसकी वजह है मैडिटेशन में हम फ़ालतू के विचारो से छुटकारा पा सकते है और अनचाहे थॉट से हमारी सोच को हटा कर एकाग्रता और शांति पर फोकस हो सकते है। इससे हम खुद से प्रश्न कर सवालों के जवाब भी पा सकते है।

3.) मैडिटेशन आपके वाइब्रेशन और एनर्जी फील्ड को बढ़ाता है :

दिन भर हमारे माइंड में हजारो विचार आते जाते है जिनकी वजह से हमारी एनर्जी ख़त्म हो जाती है क्यों की हर विचार एनर्जी से बना होता है यानि दिनभर अनचाहे विचारो में हमारी सारी एनर्जी ख़त्म। ये हमारे स्नायु तंत्र जो की बायोलॉजिकल तंत्र से जुड़ा है के साथ मिलकर तनाव पैदा करता है। लेकिन क्या होगा जब हम मैडिटेशन करना शुरू देते है ?

मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह ये भी है की इससे अनचाहे विचार में कमी आती है क्यों की हम एक जगह एक विचार पर फोकस होने लागते है। प्राण वायु जो साँस की प्रक्रिया से जुडी है कण्ट्रोल होती है और हम ज्यादा से ज्यादा एनर्जी से भरे हुए महसूस करते है। तेज बनने लगता है और हमारी एनर्जी फील्ड का दायरा भी बढ़ने लगता है जिससे आसपास के लोग अट्रैक्ट होने लगते है।

4.) मैडिटेशन विश्वास की सीमा को तोड़ देता है :

असंभव क्या है ? सिर्फ हमारी सोच का दायरा। अगर हम सोचते है की ये काम हम नहीं कर सकते तो वाकई नहीं कर पाते है क्यों ? क्या वाकई ये कार्य असंभव था नहीं क्यों की इस संसार में असंभव कुछ भी नहीं है यहाँ तक की हमारी कल्पना भी। हम अगर सोचते है की ये काम हम कर सकते है तो वाकई में कर सकते है क्यों की जैसी हमारी सोच होगी उतनी ही हमारी इच्छशक्ति और एनर्जी। और काम को पूरा करने में इन दो बातो का ही महत्व है पहला आपकी सोच कैसी है दूसरा आप में कितनी इच्छाशक्ति है।

इसलिए हमेशा किसी काम को करे तो सकारात्मक रहे कार्य सिंपल होगा और आसान भी। अगर हम किसी वाक्य को बोलते और सोचते भी है तो भी उसमे सकारात्मकता लाए क्यों की शब्दों का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता हम पर।

5.) हम कम से कम शक करने वाले बनते है :

जब हमारे आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति का दायरा बढ़ जाता है तब हम किसी भी काम को शक के नजरिये से नहीं देखेंगे जैसे की हम ये कर पाएंगे या नहीं ! ऐसा इसलिए क्यों की आपके विश्वास की सीमा अब एक दायरे में सिमट कर नहीं रही। खुद पर विश्वास बढ़ाने और अपने काबिलियत को निखारना मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह में से एक बनता है। हम बाहरी चीजों से प्रभावित होना बंद हो जाते है क्यों की हमारा प्राण दायरा बढ़ जाता है और हम अपने अंतर्मन से जुड़ जाते है।

6.) मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह – प्योर एनर्जी चैनल में बदलना

वैसे तो हमारा बॉडी कुछ हद तक एक बायो एनर्जी चैनल होता है लेकिन जब हम ध्यान करते है तो हमारा बॉडी पहले की तुलना में ज्यादा एनर्जी सर्किल के दायरे को बढ़ा हुआ फील करता है। हकीकत में देखा जाए तो बॉडी एक तरह का एनर्जी वेसल यानि ऊर्जा से भरा हुआ पात्र बन जाता है। जिससे हम पहले की तुलना में ज्यादा तेजस्वी बनते है और हमारा औरा क्षेत्र बढ़ने लगता है।

7.) मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह – लोगो को बिना शब्दों के भी समझना

जब हम ध्यान करते है तब हम अपने एनर्जी दायरे को बढ़ाने लगते है इससे हम किसी अन्य के ऊर्जा क्षेत्र को बगैर लांघे उसकी दिल की बात महसूस कर सकते है। मानसिक शक्तियों में से एक intution power इसी अभ्यास में एक्टिव होने लगती है और हम दुसरो की बातो को बगैर बोले उनके हालात, मानसिक पारिस्थिति से समझने लगते है।

8.) लाइट बॉडी में बदलाव शरीर पर अच्छे प्रभाव डालता है

जैसे जैसे हम ध्यान के पथ पर बढ़ते चले जाते है हम खुद को एनर्जी से भरा हुआ महसूस करते है इसका हमारे ऊपर सकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है जिससे हम निम्न गुणवत्ता वाली चीजों की तरफ आकर्षित होना छोड़ देते है। जैसे की निम्न स्तर के फ़ूड, लोग और आचरण। इससे हमारे ऊपर हर तरह से एक सकारात्मक इफ़ेक्ट पड़ता है।

9.) खुद को हील करने की क्षमता बढ़ती है :

मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह है की शरीर के प्राण से भरपूर होने से हम खुद को ज्यादा से ज्यादा एनर्जी से भरा हुआ और उत्साही महसूस करते है। नित्य एक घंटे किया गया ध्यान हमें बाकि के 23 घंटो की केयर देता है। हमें पता होता की किस स्थिति को कैसे निपटना है और कैसे किसी समस्या का समाधान निकालना है। इससे हम खुद को दुसरो की प्रॉब्लम हील करने के लायक बनते है।

10.) दिल की आवाज को ज्यादा से ज्यादा मजबूत बनाता है :

दिल और दिमाग दोनों में से कौन ज्यादा सही सुझाव दे सकता है यही मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह में से एक है क्यों की दिमाग हमेशा सही निर्णय नहीं ले पाता है। कुछ निर्णय दिल से लेने पड़ते है। यही वजह है की भावनात्मक निर्णय लगभग सही रहते है। और हमें अच्छा लगता है की हमने दिल की सुनी।

हालात चाहे कितने भी विपरीत क्यों ना हो कुछ स्थिति में दिल दिमाग से ज्यादा सही सलाह देता है। इसकी वजह है हमारा इससे जुड़ाव क्यों की भावनाए दिल में बनती ना की दिमाग में यही वजह है की भावनाए इस संसार की सबसे बड़ी पावर में से एक है जो इंसान को बदल सकती है।

  1. साँस और ध्यान के मध्य संबंध को समझ कर प्राप्त करे समाधी की अवस्था
  2. आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास करता है ध्यान
  3. ध्यान में की जाने वाली सबसे बड़ी गलतिया जिन्हें आप सही मानते है कैसे करे सही अनुभव-2017 updated
  4. आध्यात्मिक उन्नति के लिए अपने spiritual guide से जुड़ने के सबसे आसान tips in Hindi
  5. ध्यान में असफलता मिलने की टॉप 10 वजह जिनसे आपको बचना चाहिए

top 10  मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह

तो दोस्तों ये थी मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी 10 वजह और हां मैडिटेशन क्यों किया जाता है इसे मेने आपके पॉइंट ऑफ़ व्यू के अनुसार ही बताने की कोशिश की है तो अब आपको पता चल ही गया होगा की ध्यान का महत्व क्या है और हमें क्यों ध्यान करना चाहिए। उम्मीद करता हूँ इसे सरल शब्दों में समझा पाया हूँ। आप कमेंट के माध्यम से हमें जरूर बताए की आपको मैडिटेशन करने की सबसे बड़ी वजह कैसी लगी।

6 COMMENTS

  1. आपने बहुत अच्छी बात लिखी है बहुत अच्छा लगा आपसे एक बात पूछना चहाता हूं क्या ध्यान लगाने के साथ हम कोई मन्त्र का जाप भी कर सकतेहै या नही

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.