corona virus symptom and Precaution खतरनाक वायरस से बचाव कैसे करे

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चीन के एक छोटे से टाउन से निकला एक वायरस आज पूरे विश्व में परेशानी की वजह बन चूका है. Corona virus infection कैसे फैलता है और इससे precaution and safety के लिए हमें क्या करना चाहिए. हालाँकि हम सब अपनी लाइफ में कम से एक बार इस वायरस से गुजरते है. कोरोनावायरस से संक्रमित होना बड़ी बात नहीं है क्यों की सर्दी से जुड़े लक्षण इसी वायरस के है.

समस्या तब खड़ी होती है जब हम इसके खतरनाक side effect से गुजरने लगते है. कंडीशन ज्यादा ख़राब तब हो जाती है जब हमारा बॉडी इसके खिलाफ Immune system को तैयार नहीं कर पाती है. आइये जानते है crown family से निकले खास तरह के वायरस खासकर COVID-19 corona virus के बारे में.

corona virus symptom

कोरोनावायरस का पहला किस्सा वुहान सिटी से मिला है जो किसी चमगादड से इंसानों में फैला है. हालाँकि एक नार्मल वायरस इन्फेक्शन हम लाइफ में कभी न कभी फेस करते है लेकिन हमारा बॉडी इसके खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता बना लेता है. अब तक टोटल 7 तरह के टाइप की पहचान की जा चुकी है.

इसमें 4 सामान्य लेकिन पकड में आने वाले और बाकि 3 प्रकार खतरनाक होते है. इसका सबसे ज्यादा असर हमारे फेफड़ो पर देखने को मिलता है. आइये जानते है की ये वायरस क्या है और इससे बचाव कैसे किया जाए.

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What is Corona virus in Hindi

कोरोना वायरस एक common family of viruses है जो की crown नाम के वायरस से बना है. Crown एक Latin शब्द है जो की corona से बना है. ये एक तरह का spike protein है और अब तक different types of corona viruses के केस सामने आ चुके है.

इन सब में सबसे ज्यादा दिखने वाले लक्षण mild cold symptoms से जुड़े है जैसे की बहती नाक या गले में दर्द. अगर आप इसके खतरनाक वायरस की चपेट में है तो इसका असर Middle East respiratory syndrome (MERS) or Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS)  के रूप में देखा जा सकता है जिसकी वजह pneumonia या फिर मौत भी हो सकती है.

सिर्फ किसी तरह के symptom के आधार पर हम corona virus infections और दूसरी किसी बीमारी में फर्क पता नहीं कर सकते है. इस तरह की बीमारी में रोग की पूरी जानकारी उसका इतिहास और physical examination होता है.

अभी तक इस वायरस का कोई इलाज नहीं मिला है. हमारे पास corona virus infections से बचने के लिए सिर्फ supportive treatment है यानि हम रोगी को तब तक बचा सकते है जब तक की हमारी बॉडी खुद इस बीमारी के खिलाफ अपना immune system ना बना ले जो इस वायरस को ख़त्म कर दे बिलकुल उसी तरह जिस तरह आज से काफी समय पहले रैबीज की बीमारी के लिए किया गया था.

Types and Transmission

ये वायरस Coronaviridae नामक फॅमिली से belong करता है. कोरोनावायरस के अब तक टोटल 7 तरह के वायरस का पता लगा है जो की हमें अलग अलग तरह से infect कर सकते है.

  • सबसे पहले 4 तरह के human corona viruses जैसे की 229E, NL63, OC43, HKU1 हमारे अन्दर common cold symptom पैदा करते है. ये पूरे विश्व भर में फैले हुए है जिसकी वजह से इन्हें कॉमन माना गया है.
  • बाकि बचे तीन तरह के वायरस बहुत खतरनाक है क्यों की ये काफी complicated है और pneumonia and death की वजह भी बन सकते है.

ये 3 type निम्न है.

  1. 2019 novel corona virus (COVID-19, originally called 2019-nCOV)
  2. Severe acute respiratory syndrome corona virus (SARS-CoV)
  3. Middle East respiratory syndrome (MERS-CoV)
virus transmission

United States में इस वायरस ने लोगो को सबसे ज्यादा प्रभावित बर्फ गिरने और सर्दी के समय में किया है. इसके अलावा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कई तरीको से फ़ैल सकता है जैसे की

  • छींकने से
  • छूने से
  • ओरल टच करने से

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Symptoms

मुख्य रूप से इसके लक्षण सर्दी से जुड़े है. सबसे ज्यादा देखे जाने वाले लक्षण जैसे की बहती नाक ( Runny nose ), Cough ( बलगम ),

Sore throat ( गले में सूजन ) Fever, Headache, Malaise ज्यादातर देखे जाते है. इससे अलग corona virus हमारे respiratory system को प्रभावित कर सकता है जिसकी वजह से pneumonia or bronchitis जैसी प्रॉब्लम हो सकती है.

इस तरह की समस्या ज्यादातर बच्चे, बूढ़े, जिनका रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या फिर जिन्हें heart or lung disease है वे आसानी से इसका शिकार बन सकते है.

MERS-CoV and SARS-CoV

ये दोनों तरह के Dangerous  corona virus सबसे पहले जानवरों में देखे गए थे और ये जानवरों से इंसानों में फैला है. Centers for Disease Control and Prevention (CDC) की माने तो ज्यादातर fever, cough, and trouble breathing जैसी प्रॉब्लम खड़ी करता है जो की आगे चलकर pneumonia में बदल सकती है. अब तक 30 to 40% लोग MERS corona virus से मर चुके है.

SARS-CoV नाम का ये वायरस भी ऊपर वाले की तरह ही लक्षण पैदा करता है जो की आगे चलकर और ज्यादा बिगड़ सकते है. चौंका देने वाली बात ये है की अब तक MERS के बहुत सारे केस सामने आ चुके है लेकिन SARS के लक्षण को 2004 के बाद से अब तक नहीं देखा गया है.

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2019 Novel Corona virus (COVID-19)

साल 2019 के अंत में पूरी दुनिया में परेशानी की वजह बनने वाले इस Corona virus  2019-nCoV के नाम से पहचान की गई. सबसे पहले इसका केस Wuhan, China में देखा गया और अब फरवरी 2020 में World Health Organization ने इसे strain COVID-19 का नाम दे दिया है.

ये वायरस भी MERS and SARS की तरह है जो की जानवरों से इंसानों में देखा गया है. पहली बार इसका ट्रांसमिशन एक चमगादड से इंसानों में देखा गया ( हालाँकि scientists भी तक sure नहीं है. ) COVID-19 infection की वजह से सबसे पहले severe respiratory यानि फेफड़ो से जुडी बीमारी होती है जैसा की SARS में देखा गया है. इसके अलावा कुछ और लक्षण जैसे की fever, cough, fatigue, and muscle aches भी पाए गए है.

अब तक जितना भी डाटा मिला है उसके आधार पर ये वायरस खतरनाक साबित हुआ है. हालाँकि बाकि किसी वायरस में MERS or SARS की तुलना में इतनी मौत नहीं हुई है लेकिन अभी तक इससे बचने के हर सम्भव प्रयास को लेकर मेडिकल विभाग जुटे हुए है.

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कोरोनावायरस की सही पहचान

कोरोना वायरस की पहचान करने के लिए आपको routine corona virus infection Diagnosis से गुजरना होता है. इसमें मेडिकल हिस्ट्री जिसमे व्यक्ति कहाँ गया था, उसकी पिछली मेडिकल हिस्ट्री कैसी थी शामिल है. अगर इसके लक्षण ज्यादा खतरनाक है तो healthcare team आपको काफी सारे टेस्ट करने के लिए कह सकते है. इसके लिए आपके खून का सैंपल और गले या नाक से बह रहे तरल का सैंपल लिया जा सकता है.

2019-nCoV infections की पहचान कर रहे डॉक्टर और पेशेंट को हर बात का ध्यान रखना चाहिए खासकर वो जहाँ गया था.

Treatment

अभी तक इस वायरस का कोई इलाज नहीं मिला है. सिर्फ mild corona virus infections ही ऐसा है जिसके लिए supportive treatment है. इसमें कुछ सावधानियां शामिल है जैसे की Tylenol (acetaminophen) जो की बुखार को कम करती है, एक cool-mist humidifier लेना जो cough में आराम देता है, आराम करना, ज्यादा से ज्यादा तरल लेना इसमें आराम देता है.

अगर आपके बच्चो को इस तरह की समस्या हो रही है तो उन्हें asprin कभी न दे क्यों की इससे उन्हें Reye syndrome जैसी प्रॉब्लम हो सकती है. इसके अलावा SARS, MERS, and illnesses caused by COVID-19 में भी आपको अलग अलग तरह के supportive treatment की जरुरत होती है जैसे की hospitalization, oxygen, fluids, and other life-saving treatment की जरुरत होती है.

ये सब तब तक चलता है जब तक की immune system खुद इसके खिलाफ खड़ा न हो जाए. कुछ खास Antiviral medicines जो प्रभावी है अभी तक market में उपलब्ध नहीं है.

कोरोना वायरस से बचाव

अगर आप human corona virus से बचाव रखना चाहते है तो आपको सर्दी से बच कर रहना चाहिए. इसके अलावा आपको कुछ और बचाव के तरीके अपनाने चाहिए जैसे की

  • कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथो को धोना.
  • आँख नाक और मुह को छूने से बचे
  • बीमार लोगो के सीधे संपर्क में ना आये.

अगर आप खुद बीमार है तो दूसरो से अलग अपने घर पर रहते हुए बाकि के लोगो को बचा सकते है. Cough or sneeze से परेशान है तो मुह को कवर करके रखे और बाद में साबुन से हाथ धोना न भूले.

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Human corona virus precaution tips final word

कोरोनावायरस एक सामान्य वायरस की तरह है. हर कोई अपनी लाइफ में कम से कम एक बार इससे जरुर गुजरता है. सामान्य सर्दी होना बुरी बात नहीं है लेकिन अगर आप underlying medical condition से गुजर रहे है तो आपको डॉक्टर से मिल लेना चाहिए. The COVID-19 corona virus के बारे में इस वक़्त बात करना बेहद जरुरी है क्यों की इस वक़्त पूरा विश्व इस समस्या से गुजर रहा है और इससे बदतर हालात से भी गुजरना पड़ सकता है.

उम्मीद करता हूँ की आपको इस वायरस से जुड़ी कुछ बेसिक जानकारियां पसंद आई होगी. अगर आप खुद किसी तरह की संसय में है की कही आपको ये बिमारी अपने पकड में ना ले ले तो डॉक्टर से मिल ले.

 

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1 COMMENT

  1. Bharat me bhi aa gaya hai coronavirus. Par agar hum kuch savdhani kare to hum sab bach sakte hai. Mai dekh rahi thi ki isse kaise apne aap ko bachaya jaye. TO mujhe ye ek video mila jo ki baccho ke liye bhi bahut hi zaroori hai aur bacche darenge bhi nahi is virus se.

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