काले इल्म की माहिर जादूगरनी जिसने सबको अपने control में कर लिया – स्कूल की एक सच्ची घटना

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काला जादू और वूडू जैसी विद्या आज के ज़माने में बेशक एक रहस्य और कौतुहल का विषय हो लेकिन इसके जानकार आज भी इसका इस्तेमाल अपने स्वार्थ और इच्छाओ की पूर्ति के लिए करते है। आज की Story ऐसे ही Black-magic और voodoo की expert एक ऐसी lady की है जिसने कड़े परिश्रम के बाद सम्मानित स्कूल में टीचर की नौकरी हासिल की और बाद में अपनी विद्या के सहारे सभी बच्चो को अपने control कर लिया।

काला जादू और वूडू

काला जादू और वूडू की विद्या का मिश्रण भारत जैसे देश में देश में बहुत कम देखने को मिलता होगा लेकिन विदेशो में खासतौर से Africa में वूडू विद्या में कई लोग माहिर है और अफ्रीका सबसे ज्यादा Voodoo का प्रयोग करने वाले देशो में पहले नंबर पर है। कहानी की ओर चलते हुए हम समझेंगे की वूडू जैसी विद्या कैसे इस्तेमाल की जाती है। पढ़िए काला जादू और वूडू द्वारा अपनी पहचान बनाने वाली नौजवान युवती की कहानी।

मिस रोजी और उनका संघर्ष

शहर के सबसे मशहूर स्कूल में मिस रोजी ने टीचर के लिए apply किया हुआ था। वो एक नौजवान युवती थी जिसने बहुत से संघर्ष के बाद यहाँ पर काम करने का फैसला किया था। स्कूल में teacher की नौकरी मिलना उसके लिए बेहद जरुरी था ऐसे में उसने बहुत मेहनत की थी इस पद के लिए और उसकी मेहनत को देखकर वहां के principal ने उनकी मज़बूरी समझी और उन्हें नौकरी पर रख लिया। condition सिर्फ यही थी उन्हें स्कूल में discipline स्थापित करना था खासतौर से उस क्लास में जिसमे उन्हें पढ़ाना था।

मिस रोजी ने इसे स्वीकार कर लिया था और वो नियमित रूप से क्लास में बच्चो को पढ़ाने लगी। स्कूल की जिस क्लास में मिस रोजी को पढ़ाने का काम मिला उस क्लास में सबसे ज्यादा शैतान और बिगड़ैल किस्म के बच्चे थे। ऐसे में एक युवती के लिए उन बच्चो को संभालना वाकई बेहद मुश्किल होगा ये सोच कर कई बार प्रिंसिपल ने उसे वहां से किसी और क्लास में शिफ्ट करने का भी सोचा था मगर हालात के चलते ये नहीं हुआ।

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और जैसे माहौल ही बदल गया

वो जब भी उस क्लास के बाहर से गुजरते क्लास के बच्चो को शैतानी करते हुए पाते लेकिन फिर भी मिस रोजी ने प्रिंसिपल से कभी उनकी complain नहीं की ना ही क्लास बदलने को लेकर कोई बात हुई। वो हमेशा वक़्त पर क्लास में आती और बच्चो को पढ़ाने के लिए लंबे समय तक स्कूल में रूकती। वक़्त बदलता गया और एक दिन तो गजब हो गया।

मिस्टर जॉनसन जब क्लास के बाहर से गुजरे तो आज उन्हें माहौल बदला हुआ मिला। जो बच्चे कभी क्लास में शांति से बैठते नहीं थे वो मिस रोजी को इतने गौर से सुन रहे थे जैसे उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण क्लास हो। आज सभी बच्चे शांति से बैठे ना सिर्फ अनुशासन का पालन कर रहे थे बल्कि मिस रोजी को इज्जत देते हुए उनकी क्लास attend कर रहे थे।

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स्कूल के अंदर आये बदलाव के लिए तारीफ की असली हक़दार

मिस्टर जॉनसन ने मिस रोजी को अपने ऑफिस में बुलाया और उनके काम की तारीफ की उन्होंने अपने जीवन में स्कूल के अंदर इतना अनुशासन से भरा माहौल पहले कभी नहीं पाया था तो मिस रोजी की तारीफ के साथ उनकी तरक्की पक्की कर दी गयी। वक़्त के साथ उन्हें हर वो क्लास दी गयी जिसमे बच्चे कमजोर थे, कहना नहीं मानते थे या फिर शैतानी करते थे।

मिस रोजी ने कभी भी स्कूल के स्टाफ को किसी तरह की शिकायत नहीं की। वो हमेशा की तरह मुस्कुराते हुए अपना सारा काम करती और क्लास लेती रहती। देखते ही देखते मिस रोजी को स्कूल में 3 साल से भी ऊपर हो गए और इन तीन सालो में उनकी तरक्की बढ़ती गयी और अब वे वाईस प्रिंसिपल की जगह select होने वाली थी। स्कूल का सारा staff और बच्चे भी यही चाहते थे।

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काला जादू और वूडू का राज

एक दिन जब मिस्टर जॉनसन स्कूल में ऐसे ही टहल रहे थे तो अचानक ही वो उस क्लास के सामने पहुँच गए जिसमे पढ़ाने का जिम्मा मिस रोजी का था। मिस रोजी की क्लास में टहलते टहलते जॉनसन उनकी desk तक पहुंचे और वहां बैठ गए। क्लास में वाकई कितनी शांति थी और अब तो क्लास में बेहतर सफाई और अनुशासन भी झलक रहा था। अचानक उनका ध्यान मिस रोजी के डेस्क की दराज की तरफ चला गया। पता नहीं कैसे पर शायद लापरवाही में मिस रोजी उसे उस दिन lock करना भूल गयी थी। जब मिस्टर जॉनसन, मिस रोजी के डेस्क की दराज देख रहे थे तो निचे की रेंक में उन्हें कुछ doll मिली।

गौर करने पर पाया की उनके साथ कुछ चीजे जुडी थी जैसे रुमाल या बाल। मिस्टर जॉनसन कुछ समझ पाते इससे पहले ही मिस रोजी क्लास में आ गयी और लगभग डांटते हुए लहजे में मिस्टर जॉनसन को वहां से हटने को कहा। जब मिस्टर जॉनसन ने उनसे उन गुड़ियों के बारे पूछा तो मुस्कुराते हुए बात टाल दी। तो क्या मिस रोजी ने काला जादू और वूडू से ही सबको अपने कण्ट्रोल में कर रखा था।

मिस्टर जॉनसन भयभीत हो गए थे। और अगले दिन ऑफिस में बुला कर उन्होंने मिस रोजी से उस सन्दर्भ में सफाई मांगी। मिस रोजी ने उन्हें कुछ भी बताने से इंकार कर दिया और वो चली गयी। स्कूल का सारा स्टाफ और बच्चे मिस रोजी के पक्ष में थे क्यों की इन तीन सालो में मिस रोजी सबका दिल जीतकर उनकी चहेती बन चुकी थी। मिस्टर जॉनसन ने मिस रोजी को बस कुछ निर्देशन देकर काम छोड़ने को बोला।

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उनकी बीमारी पकड़ में नहीं आयी

उस घटना के बाद जब एक दिन मिस्टर जॉनसन रात्रि में सोने की तैयारी कर रहे थे तो उनके सीने में बहुत तेज दर्द होने लगा। दवाई लेने के बाद भी जब दर्द कम नहीं हुआ तो उन्होंने डॉक्टर से परामर्श किया पर कुछ नतीजा नहीं निकला। क्यों की किसी को कोई बीमारी दिखी ही नहीं। मिस्टर जॉनसन उस वाकये के बाद परेशान रहने लगे और उन्होंने मिस रोजी के बारे में ज्यादा जानने की कोशिश करनी शुरू कर दी। कही मिस रोजी ने उन पर काला जादू और वूडू का प्रयोग तो नहीं किया।

अब मिस्टर जॉनसन टहलते हुए क्लासो का जायजा लेने के बहाने मिस रोजी की क्लास में जाने लगे। उन्होंने हरसंभव कोशिश की पर मिस रोजी के क्लास में रहते वो इसमें कामयाब नहीं हुए। उनका ध्यान अब भी उन गुड़ियों पर था जो उन्होंने उस दिन देखी थी। इसलिए उन्हें शक होने लगा की कही उनके बीमारी के पीछे मिस रोजी का हाथ तो नहीं है।

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खुल गया राज काला जादू और वूडू का

किस्मत से या यू कहिये की मिस रोजी की लापरवाही की वजह से उस दिन क्लास में कोई नहीं था और शायद मिस रोजी डेस्क को लॉक करना भूल गयी थी। मिस्टर जॉनसन ने मौका गवाये बगैर क्लास में डेस्क चेक करनी शुरू कर दी। निचे के रैंक में कुछ गुड़िया अब भी थी जो हाथ से बनी थी और उनमे एक गुड़िया का लुक बिलकुल मिस्टर जॉनसन जैसा था और उसके साथ उनका रुमाल भी जो उस घटना के कुछ समय बाद गुम हो गया था। मिस्टर जॉनसन चोंक गए कही मिस रोजी किसी क़िस्म का काला जादू तो नहीं करती।

अगले दिन उन्होंने मिस रोजी को अपने ऑफिस में बुलाया और वो गुड़िया दिखाई। मिस रोजी लापरवाही से मुस्कुरा दी और कहा की ज्यादा जानने की कोशिश न करे। वो गुड़िया वूडू द्वारा अभिमंत्रित है और उसके सीने में जो सुई चुभी हुई है वो उनके बीमारी की असली वजह है। अगर वो सुई निकाल दी तो वो सही हो सकते है लेकिन बदले में उन्हें वचन देना होगा की वो किसी से इसके बारे में कुछ नहीं कहेंगे।

हर कोई जैसे इसके पीछे पड़ा हो

मिस्टर जॉनसन ने पुरे स्कूल में इसे सार्वजानिक करने की धमकी तो मिस रोजी मुस्कुराते हुए बोली। स्कूल में हर टीचर खासतौर से लेडी टीचर उनसे ये सीख रही है इसलिए वो उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते है। मिस्टर जॉनसन ने इसकी वजह पूछी तो मिस रोजी ने उदास मन से अपनी पूरी कहानी सुनाई की किस तरह उन्हें नौकरी पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी पर कही नौकरी नहीं मिली जिसकी वजह से उन्हें ये रास्ता चुनना पड़ा दूसरा स्कूल में आने से पहले ही वो वूडू सीख रही थी तो यहाँ उसकी जाँच भी हो गयी। मिस्टर जॉनसन ने डर और उनकी दर्दभरी कहानी को ध्यान में रखा और किसी से कुछ नहीं कहा।

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लेखक की कलम से

दोस्तों वूडू और काला जादू हमें तुरंत प्रभावी रिजल्ट देता है। शायद यही वजह है की कुछ लोग सिर्फ पैसे के लिए ये काम करने के लिए तैयार रहते है फिर चाहे वो किसी को कण्ट्रोल करना हो या किसी की जान लेना ही क्यों ना हो। इसलिए हमें ये ध्यान रखना चाहिए की इस तरह के नकारात्मक प्रभाव से बचना बेहद जरुरी है। आज इन्टरनेट पर ऐसे कई लोग है जो काल जादू और वूडू करने का दावा करते है। कुछ महिलाये अपने पति को या अपने प्यार को कण्ट्रोल करने के मकसद से तो कुछ लोग अपने दुश्मन से बदला लेने के लिए इस तरह का काम करवाते भी है।

कुछ लोग कम समय में तरक्की या अमीर बनने के लिए जिन्न परी साधना, बंगाल का काला जादू, वशीकरण धूलि यानि पैरो की धुल से वशीकरण, परी वशीकरण, या फिर बलि साधना जैसे कार्य करते है जो की ना सिर्फ गलत है बल्कि इसके परिणाम बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकते है।

आज की पोस्ट में काला जादू और वूडू से जुड़ी कहानी के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया की हमें ऐसे लोगो से बचना चाहिए और अगर किसी तरह के ऐसे बदलाव दिखे जो विज्ञान की समझ से परे हो तो जितना जल्दी हो योग्य गुरु द्वारा इसके समाधान ढूंढ लेने चाहिए। कमेंट के माध्यम से बताना ना भूले की आज की कहानी आपको कैसी लगी। हमें यूट्यूब पर भी सब्सक्राइब कर सकते है।

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