क्यों आखिर कई बार एक के बाद एक काम उल्टे पड़ने लगते है जानिए इसके पीछे की वजह

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क्या आप के साथ भी ऐसा होता है की आपसे एक काम गलत हो जाता है या फिर छुट जाता है और उसकी वजह से आपके पुरे दिन के दुरे काम भी गलत होने लगते है. ऐसा क्यों होता है की कई बार हमें ऐसा लगने लगता है की आज का तो दिन ही ख़राब था या पता नहीं किस मनहूस के दर्शन हो गए जो सारे काम उलटे ही हो रहे है. आज हम बात करने जा रहे है की क्यों हमसे एक के बाद एक काम गलत होते जाते है. भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम अक्सर ना चाहते हुए भी ऐसे कामो में उलझ जाते है जिसकी वजह से दुसरे काम भी प्रभावित हो जाते है. जैसे एक काम गलत हुआ और इसका असर दुसरे कामो पर देखने को मिल जाता है.

एक के बाद एक काम गलत

मान लीजिये एक व्यक्ति सुबह लेट उठा और सिर्फ 10 मिनट लेट हो जाने की वजह से जल्दी जल्दी ऑफिस के लिए तैयार हो जाता है इस चक्कर में अपना नाश्ता तक नहीं कर पाता है, लेकिन जैसे ही वो बाहर निकलता है बस निकल जाती है अब वो अफ़सोस करता है की काश में नाश्ता तो कर लेता. इसी तरह ऐसे कई काम है जो एक के गलत होने के बाद दुसरे काम भी गलत ही होते जाते है और हम उसे बुरा दिन का नाम दे देते है.

क्यों एक के बाद एक काम गलत होने लगते है.

एक  व्यक्ति  का  दिन  बहुत  खराब गया.  उसने  रात  को  ईश्वर  से फ़रियाद  की.

व्यक्ति ने कहा,

‘भगवान, ग़ुस्से  न  हों  तो  एक  प्रश्न पूछूँ ?

भगवान  ने  कहा,

‘पूछ, जो  पूछना  हो  पूछ;….?

व्यक्ति  ने  कहा,

‘भगवान, आपने  आज  मेरा  पूरा  दिन एकदम  खराब  क्यों  किया ?

भगवान हँसे ……

पूछा, पर  हुआ  क्या ?

व्यक्ति  ने  कहा,

‘सुबह  अलार्म  नहीं  बजा, मुझे  उठने में  देरी  हो  गई……’

भगवान  ने  कहा, अच्छा  फिर…..’

व्यक्ति  ने  कहा,

देर  हो  रही  थी,उस पर  स्कूटर बिगड़  गया. मुश्किल  से   रिक्शा मीली .’

भगवान  ने  कहा, अच्छा  फिर……!’

व्यक्ति  ने  कहा,

टिफ़िन  ले  नहीं  गया  था, वहां केन्टीन   बंद  थी….एक  सेन्डविच पर  दिन  निकाला, वो  भी  खराब  थी ;

भगवान  केवल  हँसे…….

व्यक्ति  ने  फ़रियाद  आगे  चलाई , ‘मुझे  काम  का  एक  महत्व  का  फ़ोन आया  था  और  फ़ोन   बंद  हो  गया ;

भगवान  ने  पूछा…..’ अच्छा फिर….’

व्यक्ति  ने  कहा,

विचार  किया  कि  जल्दी  घर  जाकर AC  चलाकर  सो  जाऊं , पर  घर पहुँचा  तो  लाईट  गई  थी .

भगवान…. सब  तकलीफें  मुझे  ही. ऐसा  क्यों  किया  मेरे साथ ?

भगवान  ने  कहा,

‘ देख , मेरी  बात  ध्यान  से  सुन .

आज  तुझपर  कोई  आफ़त  थी.

मेरे  देवदूत  को  भेजकर  मैंने रुकवाई .  अलार्म  बजे  ही  नहीं  ऐसा किया .  स्कूटर   से  एक्सीडेंट  होने का  डर  था  इसलिए  स्कूटर  बिगाड़ दिया . केन्टीन  में  खाने  से  फ़ूड पोइजन  हो  जाता .

फ़ोन  पर  बड़ी  काम  की  बात  करने वाला  आदमी  तुझे  बड़े  घोटाले  में फँसा  देता . इसलिए  फ़ोन   बंद  कर दिया .

तेरे  घर  में  आज  शार्ट  सर्किट  से आग  लगती, तू  सोया  रहता  और तुझे  ख़बर  ही  नहीं  पड़ती . इसलिए लाईट  बंद  कर  दी !

मैं  हूं  न …..,!

मैंने  यह  सब  तुझे  बचाने  के  लिए किया;

व्यक्ति  ने  कहा,

भगवान  मुझसे  भूल  हो  गई . मुझे माफ  किजीए . आज  के  बाद  फ़रियाद  नहीं  करूँगा ;

भगवान  ने  कहा,

माफी  माँगने  की  ज़रूरत  नहीं , परंतु विश्वास  रखना  कि  मैं  हूं  न….,

मैं  जो  करूँगा , जो  योजना  बनाऊँगा वो  तेरे  अच्छे  के  लिए  ही ।

जीवन  में  जो  कुछ  अच्छा – खराब होता  है  ; उसकी  सही  असर  लम्बे वक़्त  के  बाद  समझ  में  आती  है.

मेरे  कोई  भी  कार्य  पर  शंका  न  कर , श्रदा  रख .

जीवन  का  भार  अपने  ऊपर  लेकर घूमने  के  बदले  मेरे  कंधों  पर  रख दे .

मैं  हूं  न……!

कैसे रोके एक गलत काम को दुसरे कामो पर असर डालने से

अगर हम ठन्डे दिमाग से ये सोचने की कोशिश करे की क्यों हमसे एक के बाद एक गलती होने लगती है. क्या हम ऐसा होने से रोक सकते है या फिर अगर ये एक गलती नहीं होती तो क्या होता. हमारे सारे काम उलटे होने या बिगड़ने की वजह है हमारा उनमे उलझ जाना मान लीजिये की आप सुबह लेट उठे तो आपका सारा ध्यान सिर्फ इस बात पर हो गया की आज तो में लेट हो गया और फिर जब आप दुसरे काम करते है तो आपका सारा ध्यान सिर्फ इस बात पर रहेगा की में आज लेट उठा हूँ. आप दूसरा काम तो कर रहे होते है लेकिन आपका ध्यान सिर्फ पहले काम की गलती पर ही अटका रहता है. इसकी वजह से दुसरे काम में आपका ध्यान ही नहीं रहता है और याही क्रम पुरे दिन चलता है. इसलिए अगर आपको इस तरह की problem से chhutkara पाना हाई तो दो बाते ध्यान रखे.

अगर आप किसी काम में ग़लती कर रहे है तो उसे दुसरे कामो पर हावी होने से रोके मतलब की अगर आपने पहले काम में गलती कर दी है और फिर दूसरा काम कर रहे है तो भूल जाइये की आपसे पहले गलती हुई है.

दूसरा अगर किसी एक काम को आप गलत कर भी देते है तो उसे लेकर negative thoughts को mind में आने ना दे क्यों की अगर आप एक बार negative thoughts में फंस जाते है तो चाह कर भी आप इनसे आसानी से निकल नहीं पाओगे यही नहीं आप कुछ भी करना चाहोगे उसमे negativity झलकेगी जिसकी वजह से वो भी गलत होने लगेगा.

एक के बाद एक काम गलत होना कितना सही – अंतिम शब्द :

दोस्तों ये छोटी सी कहानी अपने आप में बहुत कुछ सिखा देती है इसलिए जब भी आपको लगे की आपका आज का दिन बुरा चल रहा है तो उसमे negative नहीं positive view रखो. अगर आपके साथ कुछ गलत होता है तो या तो उसमे आपके कोई कमी होगी या फिर कोई अच्छाई छुपी होगी. इसलिए किसी गलती में फंसे रहने या हताश होने की बजाय positive हो आगे बढे

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3 COMMENTS

  1. बहुत ही प्रेरणा दायक स्टोरी है, जो हमें यह शिक्षा देती है कि जीवन में जो भी हो उसे बिना सिकायत के स्वीकार करना चाहिए…धन्यवाद कुमार जी..

  2. अक्सर यही होता है की हम एक काम के बिगड़ने पर उसी के बारेमें सोंच – सोंच कर आगे के काम भी बिगाड़ते रहते हैं | इस आदत को रोकने में आपका ये आलेख अवश्य ही सबकी मदद करेगा |…. धन्यवाद

  3. Thanks kumar ji,

    Your blog contains true experience of life this is how human can realize and correct his mistakes in day to day life

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