आध्यात्मिक अभ्यास के बाद खुद को उदासीन महसूस करना सही है या गलत – इसे सही प्रयोग में कैसे लाए ?

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जब भी हम ध्यान या ऐसी ही कोई आध्यात्मिक प्रक्रिया से गुजरते है तो सबसे पहला अनुभव या यू कहे की बदलाव जो देखने को मिलता है वो है सभी चीजो से अलगाव पैदा होना. हम खुद के अन्दर ही खोये रहने लगते है और दुसरो के साथ हमारा जुड़ाव महज दिखावे के लिए रह जाता है. कुछ लोग इसे सहन कर लेते है तो कुछ लोगो के लिए ये बहुत कठिन अनुभव महसूस होता है. इसकी वजह है अचानक हुआ बदलाव. आध्यात्मिक चेतना जागरण यानि Awakened consciousness का पहला चरण है एकाकीपन हो जाना जिसे non-attachment भी कहा जाता है.

Awakened consciousness and non attachment

आध्यात्मिक अभ्यास जैसे की त्राटक या ध्यान करने के दौरान शुरुआती दिनों में ही सबसा पहला बदलाव हमें जो देखने को मिलता है वो है बाहरी माध्यम में हमारा interest कम हो जाना और अन्दर से जुड़ाव पैदा होने लगना. क्या होगा अगर हमेशा बोलते रहने वाला व्यक्ति अचानक से शांत, चुप और स्थिर हो जाए ? सामान्य सी बात की इस तरह का बदलाव आपको और आपके आसपास के लोगो को परेशान कर सकता है लेकिन ये हमें बहुत बड़ी कामयाबी दिला सकता है जिंदगी को आसानी से enjoy करने में, कैसे आइये जानते है आज की पोस्ट में.

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क्या है आध्यात्मिक चेतना जागरण यानि Awakened consciousness

ये एक आध्यात्मिक शुरुआत है जो हमारी चेतना से वास्तविक चेतना की ओर बढ़ने की यात्रा है. Awakened consciousness को हम अवचेतना की ओर बढ़ना भी कह सकते है. जैसे जैसे हम इस यात्रा में आगे बढ़ते है हमारे अन्दर कई बदलाव होते है, जिनमे सबसे पहला बदलाव है बाहरी दुनिया के विषयों से दूर होना. हमारा चंचल मन बिलकुल शांत और उदासीन होने लगता है जिसकी वजह से हम दुसरो के सामने खुद को कई बार सामान्य महसूस नहीं कर पाते है.

दलाई लामा के अनुसार

सभी परेशानियों की जड़ सिर्फ आपका जुड़ाव है अगर ये नहीं हो तो किसी तरह की समस्या और परेशानी ही ना हो.

लोगो के अनुसार लोगो से दूर होना / विरक्त होना एक तरह से परेशानी वाला बदलाव है लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. ये हमें पूरी आजादी देता है Awakened consciousness को अनुभव करने की. ये हमें वास्तविक आजादी देता है ताकि हम खुद के अन्दर से जुड़ाव को अनुभव कर सके और आध्यात्मिक दुनिया की यात्रा को सफल बना सके.

वास्तव में non attachment क्या है ?

अगर आप भी आध्यात्मिक जागरण की प्रक्रिया में होने वाले बदलाव non-attachment को उदासीन हो जाना, लोगो से दूर हो जाना, एकाकीपन में रहना इन सबको मानते है तो आप गलत है. वास्तव में Awakened consciousness की प्रक्रिया के इस चरण या बदलाव में हम उन चीजो से खुद को दूर रखना शुरू कर देते है जो हमारे लिए परेशानियों का कारण बनती है. दुसरे शब्दों में कहे तो किसी भी चीज का मोह रखना छोड़ देना ही आध्यात्मिक यात्रा का पहला बदलाव है.

जब हम खुद के विचारो के प्रति जुड़ाव को लेकर सोचना बंद कर देते है तो हम पाते है की विचारो की मात्रा अपने आप कम होने लगती है और असीम शांति का अनुभव होना शुरू हो जाता है. इसके लिए हमें विचार और भावनाओ को समझकर उनकी दिशा मोड़ने के बारे में पता होना चाहिए. जो विचार हमारे मन में आ जा रहे है उनके प्रति किसी तरह की रिएक्शन / जुड़ाव को दिखाए बगैर उन्हें अनुभव / observe करना ही true non attachment है.

Awakened consciousness में non-attachment के benefit

जब हम बिना किसी जुड़ाव के लाइफ को जीना शुरू कर देते है तब वास्तविक मायने में हमारी जिंदगी बदलने लगती है. ऐसे कई फायदे है जो हमें आध्यात्मिक यात्रा यानि Awakened consciousness में होने वाले बदलाव non-attachment की वजह से मिलते है, उनमे से कुछ निचे शेयर किये जा रहे है.

  • आप भावनाओ में बहना बंद कर देते है, इसके विपरीत अब आप उनमे रूचि दिखाना शुरू कर देते है.
  • किसी भी तरह के डर, तनाव या अवसाद के लिए आपके पास कोई वजह नहीं होती है.
  • इसमें Awakened consciousness का सबसे बड़ा फायदा है किसी भी तरह की predetermined thoughts का ख़त्म हो जाना, इसकी वजह से हम ज्यादा सोचना बंद कर देते है.
  • जब हम हर तरह से जुड़ाव को ख़त्म कर देते है तब लोगो से हमारे संबध और भी ज्यादा बेहतर बनने लगते है. इसकी वजह है बिना किसी उम्मीद के लोगो से जुड़े रहना.
  • मन की चंचलता समाप्त होने के बाद हम अपनी भावनाओ के गुलाम नहीं बनते है जिसकी वजह से हम ज्यादा समय शांत रह पाते है.
  • किसी तरह के खोने और पाने का आपके अन्दर कोई भाव नहीं रहेगा तो आप खुद को ज्यादा से ज्यादा स्थिर बनाए रख सकते है.
  • non-attachment की वजह से हम खुद को और भी ज्यादा फ्री महसूस करने लगते है क्यों की limitation and fear ख़त्म हो जाती है जिसकी वजह से हम खुद का point of view भी strong बना पाते है.
  • Awakened consciousness के बदलाव के बाद हम पाते है की अब लोगो को देखने का हमारा नजरिया ही बदल गया है जिसकी वजह से खुद और दुसरो के लिए हमारे मन में कोई नफरत नहीं होती है और सबके लिए प्यार होता है जिसकी वजह है आपकी belief and expectation में सुधार होना.
  • कुछ लोग सिर्फ अपने अन्दर के खालीपन को दूर करने या कुछ पाने की उम्मीद में लोगो से जुड़ाव पैदा करते है non-attachment के बदलाव के बाद ये जरुरत ख़त्म हो जाती है.
  • कामयाबी और नाकामयाबी अब आपको प्रभावित नहीं कर पायेगी क्यों की आपका attachment और खोने या कुछ पाने का डर ख़त्म हो चूका है.

आध्यात्मिक जागरण के सबसे पहले बदलाव यानि non-attachment में आप अपनी जिंदगी में कभी खुद को कमजोर महसूस नहीं करते है और इस लाइफ के प्रति खुद का gratitude and love feel करने लगते है. आसान शब्दों में कहे तो जिंदगी से कोई शिकायत नहीं रहती है.

non-attachment की अवस्था में की जाने वाली mistakes

ऊपर जितने भी फायदे आपको बताये गए है उसके बाद आपके मन में आने वाली पहली इच्छा यही होगी की अब तो हमें भी Awakened consciousness में non-attachment की स्टेज को हासिल करना चाहिए लेकिन, क्या आपने गौर किया है की इस non-attachment की state को हासिल करना भी एक तरह से आपका attachment ही है. ज्यादातर लोगो द्वारा की जाने वाली mistakes यही है की वो इसके फायदे सुन कर उसी के अनुसार उसे पाने की इच्छा रखने लगते है.

ये बिलकुल वैसे ही की हम अपने मस्तिष्क को शांत करना चाहते है और ध्यान में बार बार फोकस होते है खुद को विचार-शून्य बनने में जिसमे हम अंत में फ़ैल होते है. इसकी वजह है की विचारशून्य होना यानि की कोई विचार ही नहीं रहना और इस पर फोकस होने का मतलब है आपके अन्दर वो एक विचार तो फिर भी है. विचारशून्य होने और विचारशून्य होने चक्कर में इसी एक विचार में फंस जाने में सिर्फ हल्का सा फर्क है. इसलिए सिर्फ इसके फायदे सुन कर इसे इसी इच्छा से इस बदलाव को experience करने की कोशिश न करे.

खुद को विचार और भावनाओ के अधीन होने से कैसे रोके ?

spiritual practice में Awakened consciousness का सबसे पहला बदलाव non-attachment है. इसमें हम खुद तलाश करना, खुद से प्यार करना, जो जैसा है उसे बिना किसी शिकायत के स्वीकार करना सीखते है. अगर आप भी non-attachment के जरिये खुद को लोगो, विचारो, भावनाओ से विरक्त करना चाहते है तो निचे बताये गए कुछ टिप्स को follow करना न भूले.

बाहरी चीजो में खुशिया तलाशना बंद कर दे

हमारे लिए सबसे बड़ी परेशानी तब पैदा होती है जब हम अपनी खुशिया किसी बाहरी माध्यम में तलाशते है. हम दोस्त क्यों बनाते है ? ज्यादा से ज्यादा दोस्त होना, समाज से जुड़े रहना हमें ज्यादा ख़ुशी देगा ऐसा सोचना हमारी ग़लतफ़हमी है. हम किसी बाहरी माध्यम से कुछ expectation or hope रखने लगते है लेकिन सबका point of view or attitude अलग अलग होने की वजह से हमें उनसे वो खुशिया नहीं मिल पाती है.

जब हम spiritual practice करते है तब हमें Awakened consciousness के अनुभव होना शुरू होते है और इसकी वजह से हम अपनी खुशिया अपने अन्दर खोजना शुरू कर देते है. हम पाते है की जिन खुशियों को हम दुसरो में तलाश रहे होते है वो हमारे आसपास के वातावरण में पहले से ही मौजूद है लेकिन limited point of view की वजह से हम उन्हें समझ नहीं पाते है.

Awakened consciousness – कुछ चीजो की आदत बदल ले

किसी चीज की उम्मीद रखना और सोचना की हमारी ये hope तो पूरी होनी चाहिए या फिर ऐसा पूरा होना जरुरी है, आपके परेशानियों की सबसे बड़ी वजह में से एक हो सकती है. अगर आप दिन भर विचारो में फंसे रहते है और कुछ विचारो में आप “should” और “must be” जैसे शब्द इस्तेमाल कर खुद की उम्मीदों को बढाते है तो आज ही इनमे बदलाव लाना शुरू कर दे.

आध्यात्मिक चेतना जागरण यानि Awakened consciousness जिसमे हम किसी भी तरह के जुड़ाव से विरक्त रहते है के लिए आपको अपनी उम्मीदों को समाप्त करना होगा. उम्मीद दो तरह की होती है अगर आप कोई विचार पूरा करना चाहते है और कर सकते है तो वो पूरा होगा ही होगा. जबकि, सिर्फ सोचते रहना किसी विचार को हकीकत में नहीं बदल सकता इसलिए विचार करे और उसे पूरा करने की कोशिश करे लेकिन वो पूरा हो ही ऐसी उम्मीद मत रखे.

जो जैसा है उसे वैसे ही स्वीकारना सीखो

जिंदगी तब आसान हो जाती है जब हम उसे अपने तरीके से नहीं बल्कि जो जैसा है उसी को स्वीकार कर उसमे जीना शुरू कर देते है. जो जैसा है उसे वैसे ही accept करना चाहिए ताकि हमें किसी तरह का दुःख न हो. जो मिल रहा है या जो हो रहा है उसे अपनी उम्मीदों पर compare करना छोड़ दे और जो मिल रहा है उसी में अपनी खुशिया तलाश करना शुरू कर दे तो लाइफ आसान बन जाती है.

uncertainty लाइफ में आएगी ही आयेगी

ज्यादातर लोग कुछ भी काम शुरू करने से पहले उसके बारे planning और आने वाले सभी predictable fact study करते है और कोशिश करते है की उनके काम में कोई अड़चन ना आये और जैसा उन्होंने प्लान किया है काम बिलकुल वैसे ही हो लेकिन, उनके इतने planning के बाद भी कही न कही उन्हें गड़बड़ी का सामना करना पड़ता है. इसकी वजह है उनका काम को सही तरीके से करने के लिए फोकस हो जाना जिसके चक्कर में वो उसे अपने मन के मुताबिक करने की सोचते है जब की 100% ऐसा संभव नहीं है.

अगर आप भी इस तरह से काम कर रहे है और बाद में खुद को परेशान और दुखी महसूस करते है तो आज ही इस आदत को बदल ले. सभी काम हमारे सोचे अनुसार संभव नहीं है, हम जितना भी चाहे कोशिश कर ले कुछ न कुछ uncertainty आएगी ही आएगी. इस फैक्ट को समझ कर अगर काम किया जाए तो शायद हम खुद को ज्यादा शांत और स्थिर रख पाएंगे और विपरीत हालात में भी खुद को non-attachment state में बनाए रख सकेंगे.

विचारो को observe करने की practice आपकी Awakened consciousness को बढ़ाएगी

हर रोज सुबह के समय ध्यान करने पर आप पाएंगे की आपके विचार वास्तव में एक energy form है जो समुन्द्र में उठ रही लहरों की तरह आपके मन में आ और जा रहे है. vipassna meditation करना सबसे बढ़िया अभ्यास है जो हमें सबसे अच्छे अनुभव करने में मदद करते है.

विचारो को रोका नहीं जा सकता है ये निरंतर आते-जाते है जिसकी वजह से हम इन्हें सिर्फ या तो direction change कर सकते है या फिर उन्हें महत्व देना बंद कर सकते है. दोनों ही तरीको में इनमे कमी लायी जा सकती है. जब हम इन पर फोकस होते है तभी ये हमें परेशान कर सकती है. इसलिए इन्हें महत्व देना बंद कर दो ये अपने आप कम हो जायेंगे और आप Awakened consciousness के बेहतर बदलाव को अनुभव कर पाएंगे.

इस दुनिया में जब सबकुछ नश्वर है तो मोह कैसा

क्या आपने अपने आसपास किसी ऐसी चीज को देखा है जो शुरू से लेकर अब तक वैसी ही हो ? हर चीज / वस्तु का अपना एक समय काल है और उम्र का प्रभाव सभी पर पड़ता है. जब सबकुछ नश्वर है तो किसी को खोने का डर क्यों ? ये एक universal truth है जिसे अगर हम समझ लेते है तो जिंदगी आसान बन जाती है और मोह को छोड़ कर हम non-attachment की state को enjoy करते है.

इस तरह के कुछ daily life में experience किये जाने वाले अनुभव को अगर point of view की limitation को ख़त्म कर अनुभव किया जाए तो किसी तरह की कोई शिकायत नहीं होती है. spiritual journey में Awakened consciousness or higher self की state me खुद को ले जाना काफी बड़ी कामयाबी होती है. ये आसान भी है और सबसे मुश्किल कार्य भी. अगर आप भी tratak and meditation spiritual practice without guru कर रहे है और non-attachment experience से गुजर रहे है तो खुद को इन तरीको से सफल बना सकते है, यही नहीं आपकी लाइफ भी आसान बन जायेगी.

Awakened consciousness – final word

आध्यात्मिक यात्रा में सबसे पहला बदलाव देखने को मिलता है वो है Awakened consciousness के दौरान non-attachment experience जिसमे ज्यदातर लोग इस बात को लेकर परेशान रहने लगते है की ऐसा क्यों हो रहा है. एकदम से विपरीत स्थिति का अनुभव भय पैदा करने की सबसे बड़ी वजह बन जाता है. non-attachment experience कोई side effect नहीं है ये एक बहुत ही अच्छा बदलाव है जिसे सही तरीके से समझा जाए तो ना सिर्फ आध्यात्मिक यात्रा सफल होती है बल्कि लाइफ भी आसान हो जाती है.

आज की पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए साथ ही किसी तरह के सवाल जवाब के लिए कमेंट करना ना भूले.

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