क्या आप जानते है त्राटक द्वारा आज्ञा चक्र जागरण और सम्मोहन कैसे संभव है ?

क्या आप जानते है त्राटक द्वारा आज्ञा चक्र जागरण और सम्मोहन कैसे संभव है ?

tratak meditationtratak meditation बाह्य ध्यान है जिसे हम आसानी से कर सकते है. त्राटक हमारे आज्ञा चक्र पर प्रभाव डालता है जिसे हम अगर सामन्य उद्देस्य से करे तो अपनी स्मरणशक्ति बढ़ा सकते है, मन में अच्छे विचारो को उभर सकते है. इस स्तिथि में हमारा आज्ञा चक्र आंशिक रूप से बलवान होता है. और हम अपने विकार पर काबू करना सीख लेते है. इसमें जैसे जैसे हमारा अभ्यास बढ़ता है हमारी मानसिक शक्तिया जाग्रत होती है जिनमे से एक है subconscious mind अवचेतन मन चेतन मन से सन्देश लेता है. पर हमारे चेतन मन में आने वाले हजारो विचारो से वो अपना काम सुचारू रूप से नहीं कर पता है. अवचेतन मन tratak और sixth sense activation के मध्य संबंध होता है।

त्राटक से हम आज्ञा चक्र जागरण करते है और फिर मानसिक शक्तियों के अभ्यास जिसमे सम्मोहन शामिल है। त्राटक ध्यान द्वारा हम लम्बे टाइम तक खुद को एक ही विचार पर फोकस रख सकते है इससे कई फायदे होते है जैसे strong willpower, better control on mind and thought यही नहीं मानसिक शक्तिया conscious mind के लम्बे अभ्यास की मात्र शुरुआत है। कैसे आइये जानते है।

tratak meditation & अवचेतन मन

अवचेतन मन इतना शक्तिशाली है की इसे हम जो भी कार्य देते है उसे वो पूर्ण करता है.(बशर्ते आपकी इच्छाशक्ति और संकल्प शक्ति अपने उन्नत स्तर पर हो). ये बिलकुल वैसे ही है जैसे आपने सुबह उठने के अलार्म लगाया और सही वक़्त पर उठ गए। त्राटक से हमारे विचार एक जगह केंद्रित होते है और उनका प्रभाव बढ़ता है. और आप कार्य को बेहतर ढंग से कर लेते है. जब हम त्राटक करते है तब मन जैसे ही एक जगह पर केंद्रित होता है उसे भावना देकर हम अपनी कल्पना को साकार रूप देते है. जैसे एक मंत्र बार बार उच्चारण से जाग्रत हो जाता है वैसे ही जब हम बार बार भावना देते है तो हमारा अवचेतन मन उस बात को गहरे से समझ लेता है और हमारा मन उसी तरह काम करता है.

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tratak meditation आज्ञा चक्र और अवचेतन मन की कार्य-प्रणाली

त्राटक अवचेतन मन और आज्ञा चक्र दोनों पर ही बराबर प्रभाव डालता है जैसे  हम त्राटक में आगे बढ़ते है तो पहले हमारा आज्ञा चक्र चेतन्य होना शुरू हो जाता है हमारी चेतन्यता बढ़ने के साथ साथ हमारी अवचेतन मन की यात्रा भी शुरू होने लगती है। इस बारे में हम subconscious mind and tratak in hindi की पोस्ट में भी पढ़ चुके है।

त्राटक हमारे विचारो की मात्रा को शून्यता में लाता है और इसके द्वारा इन दोनों यानि अवचेतन मन और आज्ञा चक्र को जाग्रत किया जा सकता है। अवचेतन मन के सुचारू रूप से कार्य करते रहने के लिए हमें विचारो को शून्य करने पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपको एक सफल व्यक्तित्व बनाना है या त्राटक और अवचेतन मन की शक्ति को ज्यादा समय तक जाग्रत रखना है तो आपको इनके मध्य के संबंध जरूर समझना चाहिए।

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त्राटक और आज्ञा चक्र

हमारा आज्ञा चक्र सभी चक्र को नियंत्रित करता है या फिर उनमे प्रधान मान सकते है. हर इंसान का आज्ञा चक्र अपने अपने स्तर का होता है. जिसका आज्ञा चक्र कम जाग्रत हो वो दुसरो के सामने जल्दी हार मैन लेता है ऐसे व्यक्ति प्राय सभी में हीन मैन से रहते है क्यों की उनको अपने ऊपर विश्वास नहीं होता है. जिसका आज्ञा चक्र बलवान होता है वह दुसरो के बीच ज्यादा महत्वपूर्ण बन जाता है. क्यों की उसे अपने ऊपर विश्वास होता है.

आत्मविश्वास सारी शक्ति नियत्रित करता है. जिसे अपने ऊपर विश्वास होता है वो दुसरो से अपनी बात मनवा सकता है. यही कार्य सम्मोहन में होता है. हमारी प्राण ऊर्जा त्राटक के माध्यम से आकर्षण शक्ति में बदलती है और सामने वाले के आज्ञा चक्र को प्रभावित करती है आँखों के माध्यम से किसी के आज्ञाचक्र पर काबू करना सम्मोहन कहलाता है इसमें दो मष्तिष्क आपस में जुड़ जाते है और टेलीपैथी हो सकती है. जो कमजोर आत्मविश्वास और आज्ञा चक्र वाला होता है वो काबू में हो जाता है. सम्मोहन का मूल भी मानसिक शक्ति के जागरण से है जो की त्राटक से प्राप्त होती है.

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tratak for sammohan

tratak meditation से विचारो में एकाग्रता आती है। साथ ही हमारी इच्छा शक्ति भी मजबूत होती है। ये दोनों ही बाते सम्मोहन के लिए जरूरी होती है। अतः कह सकते है की सम्मोहन सिखने के लिए त्राटक सबसे अच्छा माध्यम है। त्राटक से विचारो में सघनता आती है यानि आप सामने वाले पर अच्छा प्रभाव डाल सकते है। इसके अलावा निम्न बाते है जो आपको सफल सम्मोहन में मदद करती है।

  • आपके चेहरे पर तेज आता है जिससे आप आकर्षण के केंद्र बनते है।
  • आपके विचार आपके नियंत्रण में रहते है जिससे आप ज्यादा स्थिर बनते है।
  • जिन्हें गुस्सा आता है उनके लिए त्राटक ध्यान के बाद सबसे अच्छा माध्यम है।

आप दुसरो की बातो को अच्छे से समझ पाते है। और यही बात आपको ज्यादा करीब लाती है दुसरो के। अगर आप चाहते है की लोग आपको ज्यादा से ज्यादा महत्व दे तो ध्यान रखे 2 बातो का

  • कम बोले ताकि आपके विचार और आपके रहस्य दुसरो को कम पता चले।
  • खुद दुसरो की बाते ज्यादा से ज्यादा सुने ऐसा इसलिए क्यों की ये इंसानी मानसिकता है वो उसके साथ ज्यादा वक़्त बिताता है या फिर महत्व देता है जो उसे सुने समझे। और समाज में दुसरो का चहेता बनने का यही सफल मंत्र है।

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tratak meditation आज्ञा चक्र और सम्मोहन

त्राटक इन दोनो ही जगह महत्वपूर्ण है क्यों की अगर आपको अपनी concentration बढ़ानी है या फिर अपने आप को ज्यादा स्थिर रखना है दूसरे शब्दो में want to activate third eye तो त्राटक सबसे अच्छा विकल्प है ध्यान का क्यों की मन को स्थिर करना ध्यान में ज्यादा मुश्किल लग सकता है। वही दूसरी और त्राटक एक सफल hypntism expert के लिए भी आवश्यक है जैसे की लोगो को अपनी बातो के प्रभाव में रखना। या फिर उनके लिए महत्वपूर्ण बनना। इसमें भी त्राटक ही सबसे अच्छा माध्यम है शुरुआत करने का।

अंतिम शब्द

प्रिय पाठको आज की पोस्ट काफी पहले पब्लिश हो जानी चाहिए थी। क्यों की सम्मोहन और त्राटक पर कई पोस्ट पहले ही पब्लिश की जा चुकी है। ये पोस्ट आपको इस बात से जागरूक करने के लिए थी की कैसे त्राटक सबसे अच्छा माध्यम है सफलता के लिए, स्थिरता के लिए, ध्यान द्वारा खुद को समझने के लिए। फिर भी आज मेने इसमें कुछ सुधार कर आपके लिए पब्लिश की है। कृपया इसके शब्दो को समझने की कोशिश करे और सफल बने। यही मेरी शुभकामनाये है।

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3 thoughts on “क्या आप जानते है त्राटक द्वारा आज्ञा चक्र जागरण और सम्मोहन कैसे संभव है ?”

  1. , आपकी त्राटक की एक पोस्ट में शुरुआती त्राटक १० सेकण्ड के लिए करने को लिखा है।
    १. उसके बाद शुरुआती त्राटक १ मिनिट या कितना करना है?
    २. १० सेकण्ड के बाद आँखे बन्ध करनी है? (हा, तो कितने वक्त?)
    ३. अगर चश्मा है लेकिन त्राटक बिंदुकी बताई गयी दूरी से देख सकते है, तो चश्मे के साथ त्राटक करना उचित है?
    ४. हररोज़ एक ही समय पर करना जरूरी है? (अगर जवाब “हा”। उस दिन न कर पाए, तो किसी भी वक्त एक बार कर सकते है?)
    ५. बिंदु त्राटक के साथ आंतर त्राटक कर सकते उसी वक्त जब १० सेकण्ड बाद आँखें बन्ध करते वक्त? (अगर हा, तो आंतर त्राटक कैसे करे?) आपके सभी लेख में शायद आंतर त्राटक का लेख मेरी नज़र में नही आया है तो पूछ रहा हु।
    * बहुत पढ़ा और वीडियो भी देखा इन सबके बारे में, अब तक कि पूर्ण तसल्ली आपके ब्लॉग पर हुयी है।
    शुक्रिया

    धन्यवाद व शुभेच्छा

    • 1 sir tratak ka abhyas aap apne hisab se badhate h na ki time ke hisab se iske liye ap ek minute kar rhe h ya 2 minute koi fark nahi padta h

      2 aaankhe tab band ki jati h jab aap or ektak dekh pane ki condition me nahi hote h.aankhe band kar kuch der tk aap usi avastha me rhe isme bhi apke agyachakra par bindu dikhai padta h bright color me

      3 bilkul h

      4 tratak k liye har roj ek hi time par krna best h ye apme anusasan lata h, agar aisa nahi kar pate h to kabhi kabhar chalta h

      5 ye post bhi blog par h or ap guru murti tratak ki post padhe

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