आत्मसुझाव कैसे काम करता है इसे आत्मसम्मोहन में कैसे काम में लिया जाता है

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आत्मसुझाव कैसे काम करता हैआपने कुछ लोगो को बुदबुदाते हुए देखा होगा वो अपने आप बड़-बड़ करते रहते है। ऐसा क्यों होता है। ये आत्मसुझाव या यू कहे की खुद से बात करना है। आत्मसुझाव कैसे काम करता है  इसे इस तरह समझना चाहिए। हम खुद को आत्मसुझाव द्वारा किसी बात के लिए तैयार करते है। लेकिन क्या आप जानते है ये हमारे लिए कितना फायदेमंद है। आत्मसुझाव यानि auto-suggestion हमारे व्यक्तित्व में बहुत बड़ा बदलाव लाने में सहायक है। हमारी कमियों को हमारी ताकत बनाने में ये सहायक है। आत्मसुझाव देने का तरीका इसके पुरे होने को निर्धारित करता है इसलिए हमें auto suggestion  में कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए। इसमें आत्मसुझाव क्या है, कैसे दिया जाता है और इसमें क्या क्या शामिल होता है।

आत्मसुझाव क्या है :

auto-suggestion सकारात्मक वाक्य का एक समूह होता है जिसका काम हमारे मन में बदलाव करना है। वर्तमान में अगर हम किसी स्थिति से घबराते है तो आत्मसुझाव द्वारा हम खुद का मनोबल मजबूत कर सकते है। मन में नया विश्वास पैदा करने के लिए ये खुद के विकास की एक विधि तो है ही साथ ही साथ बुरी आदतों से बचाव करने में भी सहायक है।

आत्मसुझाव कैसे काम करता है

auto-suggestion बनाने से पहले आपको अपनी उन कमियों का पता लगाना होता है जिनमे आप सुधार करना चाहते है। इसके बाद आपको उसमे होने वाला अच्छा बदलाव और उससे जुडी कुछ अच्छी बाते पता होनी चाहिए जैसे की आपको क्या मिलेगा। ये सब साफ, स्पष्ट और समझ में आने वाला होना चाहिए।

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1. ) आत्मसुझाव में क्या शामिल किया जाता है

आत्मसुझाव में हम उन वाक्य को शामिल करते है जो बदलाव हम अपने अंदर चाहते है। जैसे की अगर आपको सुबह लेट उठने की आदत है तो आप आत्मसुझाव देंगे जल्दी उठने का। इसमें आप कुछ शब्दों के समूह को शामिल करेंगे जैसे की

“मुझे सुबह 5 बजे उठना है और बाहर मैदान में घूमने जाना है इससे मेरा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।”

ये वाक्य आपको प्रेरित करता है की अगर आप सुबह जल्दी उठेंगे तो आप ज्यादा बेहतर बन सकते है।

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2.) आत्मसुझाव ऐसा होना चाहिए जिसका कोई लॉजिक हो :

आत्मसुझाव का मतलब कल्पना जरूर है लेकिन सीमा से बाहर की कल्पना करना आत्मसुझाव का भाग नहीं है। इसलिए आत्मसुझाव देते वक़्त गोल ऐसा रखे जिसे आप आसानी से पूरा कर सके ना की असंभव काम की कल्पना और आत्मसुझाव देना। साथ ही इस बात का ध्यान रखे की आत्मसुझाव सिर्फ आप पर आधारित हो क्यों की अगर आप किसी और बन्दे को फोकस कर आत्मसुझाव देते है तो ये काम नहीं करता है। लॉजिक के आधार पर आत्मसुझाव कैसे काम करता है इसके लिए आपको अपनी क्षमता के आधार पर कार्य से जुड़ा संकल्प लेना चाहिए।

3. ) भावनाओ का इस्तेमाल करना :

अगर आप भावनाओ के साथ आत्मसुझाव देते है तो आत्मसुझाव जल्दी काम करता है। भावनाए हमारे विचारो को दिशा देने में सबसे शक्तिशाली माध्यम है। सिर्फ एक भावना आपको पूरी तरह बदल सकती है। इसके लिए आप भावनाओ का इस्तेमाल करे जैसे की अगर आप ये कार्य करेंगे तो आपको ये फायदा होगा। आपने कई खिलाड़ियों को देखा होगा की कैसे वो खेल के अंतिम समय में अपनी पूरी जी जान लगा देते है। इसके पीछे उनका भावनात्मक रूप से अपने देश के प्रति लगाव है। ठीक ऐसे ही आप इसे अपने आत्मसुझाव में शामिल कर सकते है।

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4.) सकारात्मक बने रहिये :

यहाँ पर आत्मसुझाव अकेला काम नहीं करता है। आत्मसुझाव के साथ भावनाये और आपकी सकारात्मक सोच इसमें महत्वपूर्ण हिस्सा निभाती है। सकारात्मक बने रहना आपके आत्मसुझाव को सफल बनाने में मदद करता है। जैसे की आप किसी निर्णय के अंतिम पड़ाव पर है और आपका मन बेचैन है। ऐसे में आप आत्मसुझाव द्वारा खुद को तसल्ली दे सकते है लेकिन इसके लिए आपको ध्यान रखना होगा की नकारात्मक विचार ना आ पाए।

5. ) आत्मसुझाव में वक़्त की पाबन्दी न रखे :

आपने देखा होगा कुछ लोग अपने कार्य को वक़्त के साथ बांधते है। उन्हें लगता है की ऐसा करने से वो फिक्स टाइम पर काम को पूरा कर सकते है। असल में आत्मसुझाव नहीं इच्छाशक्ति में समय सीमा का उपयोग होता है। आत्मसुझाव में कभी भी समय सीमा को नहीं लाना चाहिए। अब तो आप समझ ही गए होंगे की आत्मसुझाव कैसे काम करता है चलिए अब इसके चरण को समझते है।

आत्मसुझाव के चरण :

आत्मसुझाव के 2 चरण है पहला बेसिक जिसका इस्तेमाल हम सामान्य जीवन में किसी एक विचार से ध्यान हटाने में करते है। दूसरा आत्मसुझाव सम्मोहन की श्रेणी में आता है। इसमें हम ऐसे आत्मसुझाव का इस्तेमाल करते है जिसमे हमें आगे चलकर काम में लेना हो। ये आत्मसुझाव लाइफटाइम होता है। यानि किसी विचार से ध्यान हटाने की बजाय हमारे मस्तिष्क को किसी कार्य विशेष के लिए प्रोग्राम करना। कैसे ? आइये जानते है।

आत्मसुझाव द्वारा ध्यान हटाना :

व्यक्तित्व में बदलाव के लिए इस तरह के सुझाव का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे हम कही पर मानसिक रूप से कमजोर पड़ते है तो खुद के मनोबल को मजबूत करने के लिए हम इस तरह के आत्मसुझाव देते है जिनसे हमारा ध्यान उन बातो से हट जाता है जो हमारे अंदर शंकाए पैदा कर रही होती है।

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आत्मसम्मोहन में मददगार है आत्मसुझाव :

सम्मोहन में आत्मसुझाव कैसे काम करता है इसके लिए आपको उन विचारो को जानना है जो आपको इसमें सफल बनाते है। अगर आप खुद पर सम्मोहन को आजमाना चाहते है तो self hypnosis यानि आत्मसम्मोहन में auto suggestion का महत्व आपको समझना पड़ेगा। सम्मोहन में आत्मसुझाव दिए जाते है जो एक तरह से हमारा ध्यान उस ओर ले जाने में सहायक है जहा हमारा ध्यान होना चाहिए। जैसे की सम्मोहन में हमें दिमाग को विचारशून्य बनाने पर जोर दिया जाता है तो उस दौरान आत्मसुझाव में ऐसी बाते ही शामिल होगी जो हमारा दिमाग विचारशून्य करे।

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Auto-suggestion का दूसरा रूप है अवचेतन मन के संस्कार :

क्या आपको बचपन में मांस खाने या अंडा खाने से मना किया जाता था। या फिर आपके मन में इन चीजों को लेकर नफरत पैदा हो गई है। ये एक तरह का आत्मसुझाव ही है। हमारे संस्कार जो चेतन रूप से हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है लेकिन किसी खास स्थिति में हमारा अवचेतन मन हमारे मस्तिष्क में उस स्थिति से जुड़े हुए विशेष निर्देश प्रवाहित करता है। ये एक तकनीक साबित हो सकती है मस्तिष्क को बुराई के रास्ते से बाहर निकालने के लिए लेकिन इसमें हमारी गहरी पकड़ होनी चाहिए अवचेतन मन पर।

auto-suggestion कैसे काम करता है ये निर्भर करता है की हम उसे कैसे इस्तेमाल करते है। आत्मसुझाव परिवर्तन का सबसे बड़ा जरिया साबित हो सकता है बशर्ते आप उसे सही से इस्तेमाल करना सीख ले। आत्मसुझाव द्वारा आप खुद की बुराई को दूर कर सकते है। मानसिक रूप से मजबूत बन सकते है और किसी भी कार्य के लिए खुद को तैयार कर सकते है। आज की पोस्ट आत्मसुझाव कैसे काम करता है आपको कैसी लगी हमें जरूर बताये।

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6 COMMENTS

  1. गागर में सागर । आपका यह लेख इसी बात को चरितार्थ कर रहा है । आत्मसुझाव गागर है तो इससे होने वाला लाभ सागर है । आत्मसुझाव शब्द एक ऐसा शब्द है जिसे अगर हम ईमानदारी से पालन करें तो इसके परिणाम सदैव सकारात्मक ही होगे । धन्यवाद कुमार जी इस बेहतरीन लेख के लिए ।

  2. आत्म सुझाव की शक्ति अपरिमित है | बहुत बेहतरीन लेख ,जिसके द्वारा जीवन को बदला जा सकता है | शेयर करने के लिए शुक्रिया |

  3. kumar bhai best subject hai apka ye .
    tratak krte hue bhi suggestions bahut kaam aa rhe hai mn ek bindu pr thahrna shuru kr deta hai suggestions dene se

      • ji kumar ji . jrur. The only blog where i found a genuine knowledge of tratak , dhyaan , subconscious science , and hipnotism properly with experience holder sadhak like u sir . thanks a lot again .

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