सूक्ष्म शरीर की यात्रा के Top 5 टिप्स जो बनाते है आपकी यात्रा को 100% सफल

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Astral travel tipsAstral travel tips में हम आज बात करेंगे सूक्ष्म शरीर की यात्रा के दौरान हम क्या अनुभव करे जिससे हमारी पहली सूक्ष्म यात्रा सफल रहे। सूक्ष्म शरीर की यात्रा के दौरान सामान्य इंसान को क्या क्या अनुभव होने चाहिए। क्या हम हमेशा एक सही अनुभव कर पाते है। नहीं क्यों की कोई भी काम जब शुरू में किया जाता है तो बिना किसी Path decide के किया जाता है। यही वजह है की एक और जहा ज्यादातर को असफलता मिलती है वही दूसरी ओर बहुत कुछ सिखने को मिलता है। इसलिए ज्यादातर को अपना पहला अनुभव याद रहता है।

Astral travel tips में हम आज कुछ बेसिक तथ्य की बात करेंगे की हमें सूक्ष्म की यात्रा के दौरान किन बातो का ध्यान रखना चाहिए, किन किन बातो की उम्मीद करनी चाहिए और किन बातो को समझना चाहिए जिससे  हमारा पहला अनुभव एक यादगार  अनुभव बन जाये। आइये जाने बेसिक astral travel tips के बारे में।

लेकिन क्या कुछ ऐसा उपाय है जो हमारी success के शत प्रतिशत सफलता की hope बढ़ा दे। हालाँकि sure success के लिए बहुत सी बातो का knowledge पहले से होना जरुरी है लेकिन ये संभव नहीं क्यों की शुरुआत हमेशा अधूरे ज्ञान से होती है जो सफलता का सही मार्ग दिखाती है। निर्देश और मन की कल्पना सपनो को साकार बनाती है। इसके लिए static mind और शांत मन का होना बेहद जरुरी है। आज की पोस्ट में हम बात करेंगे की कैसे निर्देशो का ध्यान रख कर हम सूक्ष्म की यात्रा को यादगार अनुभव बना सकते है।

किन बातो की उम्मीद रखे :

  • शांत रहे और पलो को महसूस करे
  • सूक्ष्म शरीर की पहली यात्रा के दौरान आपको क्या उम्मीद रखनी चाहिए अपने आप से पहला सवाल पूछे की
  • क्या आप इस क्षेत्र में एक्सपर्ट है ?
  • क्या आप सूक्ष्म को कही भी भेजने में सक्षम है ?

पहली बार अभ्यास के लिए बैठे और मन में एक्सपर्ट होने की धारण बैठा ले ये हमारी पहली गलती है। चूँकि एक वक़्त ऐसा भी आता है जब आप सक्षम भी होते है और expert भी। मगर शुरू से ये धारण बनाने से बचे। खुद स्वीकार करे की आपका ये पहला experience है और इसे आप बेहद एन्जॉय करने वाले है। astral travel के लिए right time सुबह उठते ही या फिर सोते वक़्त होता है। क्यों की इसी वक़्त आपका मन सबसे ज्यादा शांत होता है। इसका अभ्यास बैडरूम में करे तो सबसे अच्छा रहता है।

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पहली बार अनुभव कैसा रहता है :

जब आप पहली बार feel करते है तब आप खुद को बेहद relax महसूस करते है। आप चीजो को चलते, घूमते हुए और प्रकाश के तीव्र घेरे महसूस कर सकते है। हालाँकि हर इंसान को अनुभव अलग अलग होते है जिसके लिए उनकी mentality और मन की अवस्था responsible होती है। इसके negative experience भी हो सकते है। इसलिए शुरू में अपने मस्तिष्क पर अनावश्यक दबाव ना डाले।

कपड़ो का रखे ध्यान :

जब आप सूक्ष्म की यात्रा शुरू करे तो ध्यान रखे की आपने कपडे ढीले पहन रखे हो। कोशिश रखे की जहा तक हो सके कम से कम कपडे या पहले ही नहीं। जब आप सोते है तो आपके शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा निचे चला जाता है। इसलिए आप एक सूती कम्बल जरूर ओढ़ ले।

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यात्रा से पहले के निर्देश :

जब आप सूक्ष्म की यात्रा के अनुभव करते है उस वक़्त आपका भौतिक शरीर और चेतन मन पीछे रह जाता है सूक्ष्म की यात्रा के दौरान आपके खुद के vibration, experience, test होते है। इसलिए ये harmful नहीं है क्यों की कुछ लोगो का मानना होता है की सूक्ष्म यात्रा के दौरान आपके भौतिक शरीर में कोई अन्य प्रवेश कर सकता है। इस बात को मन से निकाल दे सुबह कोई भी आपके physical body में enter नहीं कर सकता है सिवाय आपके। जब भी आपको कुछ ऐसा महसूस होने लगता है आपका सूक्ष्म वापस भौतिक शरीर में प्रवेश कर लेता है।

शांत रहे मगर सोये नहीं।

खुद को शांत रखना सूक्ष्म की यात्रा का महत्वपूर्ण कदम है जिसके लिए लिखे हुए निर्देश काफी सहायक रहते है जब तक की ये आपकी आदत ना बन जाये. इसके लिए instruction को लिख कर तब तक दोहराना जब तक की वो हमारे daily ruitine में शामिल न हो जाये. जब साँस लेते और छोड़ते है इस वक़्त भी मन को शांत रखे, ध्यान रखे सो ना पाए। आपकी आंखे बंद होने लगती है और आप सोने की इच्छा करने लगते है। जब शुरुआत करे तो अपने सूक्ष्म के स्पदन महसूस करने की कोशिश करे। सूक्ष्म के शुरुआती अनुभव में जब आप अपनी सूक्ष्म में आंखे खोलने का प्रयास करते है तो इसके प्रत्युत्तर में भौतिक शरीर की भी आंखे खुलती है।

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मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का पथ

सूक्ष्म की यात्रा से मानसिक और आध्यात्मिक शांति सुख के नए नए अनुभव होते है. इसलिए अपने लिए वक़्त निकालिये और अनुभव करे आप वहां होंगे जहा आप खुद को देखना चाहते है।

Top 5 Astral travel tips-सूक्ष्म की यात्रा

सूक्ष्म की यात्रा पहली बार जो इंसान अनुभव करता है वही अनुभव एक अनुभवी इंसान करता है इन दोनों के बिच फर्क सिर्फ इतना सा है की beginner experience में हमें स्थिति का पता नहीं होता है की अनुभव किया कैसे जाये और experience को handle कैसे करे। पांचवे आयाम के इस रोचक अनुभव की यात्रा करने से पहले ये जरूरी है की आपको basic knowledge का और instruction का ज्ञान हो। आइये जानते है उन 5 बातो को जिन्हें ध्यान में रख कर आप भी यादगार सूक्ष्म का अनुभव कर सकते है।

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1.) astral travel tips-प्रक्रिया को समझना :

ज्यादातर लोग शुरुआत करते वक़्त कोरे कागज की तरह होते है। उन्हें प्रक्रिया का सिद्धान्त तक पता नहीं होता है इसलिए यात्रा करने से पहले इससे संबधित आवश्यक जानकारी जुटाना जरुरी है अगर किसी कार्य की बुनियादी बाते पता चल जाये तो अनुभव में आसानी रहती है। वही दूसरी ओर अगर आपने बिना किसी जानकारी के इसकी शुरुआत एक adventure समझ कर की तो हो सकता है की आप फ़ैल हो जाये या फिर किसी मुसीबत में फंस जाये।

2.) सही ज्ञान / निर्देश की पहचान :

किसी भी ज्ञान के लिए गुरु की जरुरत होती है। ज्यादातर लोग समझते है की सिर्फ पढ़ लेने मात्र से वो किसी काम में सफल हो सकते है। ये असफलता का सबसे बड़ा कारण है। आपको ये बात अच्छे से समझनी होगी की ये एक कला है हुनर है जिसके लिए आपको गंभीरता से मन और शरीर दोनों की लंबे वक़्त तक अभ्यास की जरुरत होगी। आपके संयम की असली परीक्षा सही मायने में होती है तब तक जब तक की सही अनुभव ना होने लगे। इसके लिए योग्य गुरु का चुनाव करे जो आपको सही रास्ता दिखा कर पथ प्रदर्शक का कार्य कर सके।

3. सही निर्देशो का चुनाव करे :

सूक्ष्म के अनुभव की प्रक्रिया को तेज करने के लिए आप कुछ माध्यम का चुनाव कर सकते है। Astral travel tips में शुरुआती अनुभव करने वाले निर्देशित आवाज को सुन कर मस्तिष्क को सही दिशा दे सकते है। इसके लिए आप खुद की रिकॉर्ड की गई आवाज को सुन सकते है। निर्देशो को सही तरीके से मस्तिष्क तक पहुंचा कर आप प्रक्रिया को गति प्रदान कर सकते है। सोने की अवस्था में निर्देशो को सुनकर आप मस्तिष्क में उठने वाले अनावश्यक विचारो को भी दूर कर सकते है।

4. Astral travel tips-सुने सुनाये अनुभव करने से बचे :

ज्यादातर लोग जब अभ्यास करते है तो उम्मीद करते है की ये अनुभव हो। दुसरो के अनुभव आपको कैसें हो सकते है क्यों की हर इंसान की मानसिकता उसकी समझ अलग स्तर की है। असफलता के सबसे बड़े कारणों में से एक यही कारण है। जब भी आप अभ्यास में ये सोचते है की ये अनुभव हो आप वापस भौतिक शरीर से जुड़ जाते है। अनुभव में देखे तो

हमारा अनुभव बुलेट ट्रैन की तरह होता है जिसकी गति तो बहुत तेज होती है मगर एक बटन दबाते ही उसकी गति रुक जाती है हमारे साथ इसे देखे तो ट्रैन की गति हमारे अवचेतन मन से जुडी है और जब विपरीत विचार ( चेतन मन ) या तर्क उत्पन होता है तो आप वापस वही आ जाते है जहा से सब शुरू किया था।

ये अनुभव त्राटक में हर किसी के साथ होता है.

5. सूक्ष्म निर्देशक को सुनने की कोशिश करे :

जिस तरह से काम करते वक़्त आपका मस्तिष्क / मन / दिल आपके लिए पथ प्रदर्शक का कार्य करता है ठीक वैसे ही हर किसी का एक सूक्ष्म निर्देशक होता है आवश्यकता है तो बस उसे पहचानने और सुनने की। अपने निर्देशक को ढूंढे और पांचवे आयाम में यात्रा का आनंद ले। ज्यादतर निर्देशक आपको बताते है की कैसे अपने लिए सही निर्देशो का चुनाव करे और सही रास्ता चुने।

दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे की कोई भी अभ्यास बिना सही निर्देशो के करने की कोशिश कितनी खतरनाक हो सकती है। बिना सही निर्देशो के सफलता के आसार सिर्फ 1% हो सकते है लेकिन नुकसान 100% होता है। इसलिए अपने लिए खुद सही निर्देशो का चुनाव करे DREAM BECOME TRUE में मेने निर्देशो को साकार करने के उपाय बताये है जिनसे आपको काफी सहायता मिलेगी। खुद भी निर्देश बना सकते है जिन्हें दोहराकर आप बेहतर अनुभव कर सकते बशर्ते कॉपी की कोशिश ना की गई हो।

सूक्ष्म शरीर की ज्ञानवर्धक पोस्ट जरूर पढ़े :

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