महीनो त्राटक अभ्यास के बावजूद सफलता क्यों नहीं मिलती कैसे एक महीने में त्राटक का अनुभव करे part-1

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km time me tratak ka sahi anubhav hindi

tratak se jude sabhi saval or unke javab hindiमहीनो त्राटक करने के बावजूद कई लोगो को सही अनुभव नहीं हो पाता है जिसकी वजह से वो बिच में अपनी आध्यात्मिक यात्रा को छोड़ देते है। वैसे तो त्राटक की कई पोस्ट पहले पब्लिश की जा चुकी है tratak me hone vali problem or unka solution के अलावा side effect of tratak भी लिखी जा चुकी है लेकिन अभी तक किसी भी पोस्ट में as a person उन बातो को कवर नहीं किया गया जो आपको सही तरह से समझने में मदद कर सके। आज हम एक साधक की तरह ही tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi की बात करेंगे जो आप अभ्यास के दौरान अनुभव करते है।

tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi

आज हम बात करने वाले है क्यों आपको त्राटक में सफलता नहीं मिलती है। पोस्ट के 2 भाग है जिसमे पहले हम उन रीज़न को जानेंगे जो त्राटक में सही अनुभव नहीं होने देते है। tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi के दूसरे भाग में हम बात करेंगे कैसे एक महीने में त्राटक का सही अनुभव करे।

त्राटक का उदेश्य क्या है ?

अक्सर हम सभी बगैर किसी साधना को पूर्ण तरह समझे ही करने लगते है और फिर जब साधना में सफलता नहीं मिलती तो दोष देते है की साधना होती ही नहीं है। ऐसा नहीं है क्यों की जब आप किसी भी साधना को पूरी तरह समझ कर करना शुरू करते है तो आपको इसके सही परिणाम भी मिलते है। सबसे पहली बात जो में आपको बता देना चाहूंगा की त्राटक और ध्यान इन दोनों में ही इंसान का तीन स्तर पर विकास होता है। क्या आपने कभी अपनी आवश्यकता को ध्यान में रखकर त्राटक साधना का अभ्यास किया है ? ये बिलकुल वैसे ही है जैसे एक नोटबुक पर दिनभर के काम का प्लान करना और सही तरीके से बिना किसी परेशानी के उन्हें करते रहना। जानते है की त्राटक साधना के तीन स्तर के विकास क्या है और आप किस स्तर पर अभ्यास करना चाहते है।

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1.) personal development :

शारीरिक विकास या व्यक्तित्व विकास जो हर कोई चाहता है। एक आकर्षक व्यक्तित्व यानि megnetic personality with tratak पॉसिबल है। क्या आप त्राटक सिर्फ इसलिए करना चाहते है ताकि आपकी कमिया दूर हो और अच्छाई बाहर निकल सके।

2.) menatl development :

ये लेवल मानसिक स्तर पर आता है जिसमे मानसिक शक्तिया यानि tratak practice se psychic power हासिल की जा सकती है। सम्मोहन और किसी भी वस्तु को सिर्फ इशारे से मूव करवाना फिर चाहे वो आँखों का इशारा हो या अंगुलियों की हरकत।

3.) spiritual development :

आध्यात्मिक स्तर के लाभ त्राटक से कैसे हासिल किये जा सकते है ? इसके लिए आपको कम से कम 2 साल त्राटक के अभ्यास के लिए देने होंगे। त्राटक को अगर क्रमवार में किया जाए तो सबसे पहले शारीरिक, मानसिक और फिर आध्यात्मिक लाभ मिलते है। यानि सिर्फ 2 साल में आप खुद के स्तर पर इन तीनो लेवल के डेवलपमेंट को खुद अनुभव कर सकते है।

त्राटक का अभ्यास करने से पहले आप ये सुनिश्चित कर ले की आपका लेवल कौनसा है ?

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त्राटक क्यों करना चाहते है ?

क्या आपने कभी गौर किया है आप त्राटक क्यों करना चाहते है ? मेरे ख्याल से आपने सिर्फ सम्मोहन, मानसिक शक्तिया या सुपर-पावर जैसी कहानिया सुन कर ही त्राटक करने का फैसला किया है। अगर हां तो जानिए की इसके अलावा त्राटक के कौन कौन से बेनिफिट है जो इसे खास बनाते है।

1.) easy than meditation

त्राटक करना ध्यान की तुलना में काफी आसान है। अगर आपका मन चंचल है तब भी आप कम टाइम में खुद को कण्ट्रोल करना सीख सकते है। यही नहीं इसके लिए आपको घंटो ध्यान में बैठे रहने की भी जरुरत नहीं है शारीरिक विकास के लिए सिर्फ 15 मिनट ही काफी है।

2.) short time amazing result

कम समय में ज्यादा लाभ ये त्राटक की अलग ही पहचान है क्यों की त्राटक एक बाह्य गाइड के रूप में काम करता है। आपको सिर्फ एक बोर्ड पर अपना सारा ध्यान फोकस करना है जिसके बाद भावना के जरिये आप जो चाहे बदलाव खुद में ला सकते है।

3.) work with subconscious mind

त्राटक का अभ्यास हमारे अवचेतन मन पर भी ध्यान की तुलना में बेहद जल्द असर डालता है यही नहीं आप कम टाइम में subconscious mind ko train karna सीख जाते है। जो ध्यान में इतने कम टाइम में पॉसिबल नहीं है में ध्यान को कठिन नहीं मानता लेकिन रिजल्ट दोनों में अलग अलग है।

4.) agyachakra or sixth sense activation :

sixth sense activation यानि छटी इंद्री का जागरण वो भी ज्यादा से ज्यादा 3 महीने के अभ्यास में its possible क्यों की इतने दिन में आप मन को इस लेवल पर साध लेते है की subconscious mind or sixth sense activate हो जाते है वैसे तो थोड़ी बहुत मात्रा में ये हर इंसान में जाग्रत है लेकिन इन्हे अपने मन मुताबिक कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है ये सिर्फ त्राटक के अभ्यास में संभव है।

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त्राटक की कंडीशन क्या है ?

त्राटक करते वक़्त ज्यादा कंडीशन की जरुरत तो नहीं पड़ती है लेकिन अगर आपका अभ्यास शारीरिक अभ्यास के अलावा और हटकर है तो आपको कुछ कंडीशन को फॉलो करना चाहिए जिससे आपका मन सही तरीके से काम करता रहे और साधना का असर बना रहे।

1.) time :

kya tratak ko kisi bhi time kaar sakte hai ? या फिर tratak ke liye sabse best time konsa hai ? ये लोगो को सबसे ज्यादा confuse करता है। अगर एक साधक की तरह आप अभ्यास कर रहे है और चाहते है

2.) envirnment :

साधारण त्राटक के अभ्यास में मौहाल को महत्व नहीं दिया जाता है, लेकिन अगर वास्तव में साधक की तरह साधना कर रहे है तो अपने आसपास के वातावरण को जरूर अपने अनुरूप बनाइये। क्यों की किसी भी साधना के दौरान साधना और साधक की एनर्जी मिलकर अपना प्रभाव बनाती है। अगर आप नहीं चाहते की आपकी एनर्जी यू ही व्यर्थ हो तो साधना के अनुरूप ऐसी जगह अभ्यास करे जहा कम से कम आवागमन हो।

इससे ना सिर्फ आपकी एनर्जी बनी रहेगी बल्कि साधना करने पर आपको सकारात्मक अनुभव भी होते रहेंगे। साधना कक्ष की एनर्जी आपके अनुभव को और भी आसान बना देती है।

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3.) साधक – tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi

साधक को अपने आचरण और व्यव्हार पर भी ध्यान देना चाहिए। एक साधक को खानपान और व्यव्हार में बदलाव करना बेहद जरुरी है। सात्विक आहार, ज्यादा बोलने पर नियंत्रण किसी भी साधना की प्राथमिक आवश्यकता होती है।

4.) साधना :

जो भी साधना आप कर रहे है उसके बारे में सही जानकारी जरूर ले, कोशिश करे की किसी एक्सपर्ट या गुरु के निर्देशन में ही आप साधना करे ताकि किसी भी समस्या के दौरान आपको सही रास्ता दिखा सके।

सही त्राटक का चुनाव कैसे करे ?

sahi tratak ka chunav करना बेहद जरुरी है क्यों की अगर आपकी आवश्यकता कुछ और है और आप अभ्यास किसी और साधना का कर रहे है तो कोई फायदा नहीं। इसके अलावा किसी साधना के साथ किस तरह का अभ्यास करना चाहिए इसकी भी जानकारी होनी चाहिए। अक्सर ऐसा होता है की हम साधना के दौरान किसी अभ्यास को इग्नोर करते है जिसकी कमी साधना में दिखाई देती है। अभ्यास में हमें इसका ध्यान रखना चाहिए। tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi में सबसे पहला सवाल है साधना का सही चुनाव कैसे किया जाए ?

सही साधना का महत्व :

sahi sadhna ka chunav ही आपको सही अनुभव दिला सकती है। इसके लिए आपके आध्यात्मिक, शारीरिक और मानसिक स्तर को ध्यान में रख कर चुनाव करना चाहिए। tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi जैसे की सही साधना का महत्व क्या है ? आइये जानते है।

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सही साधना का चुनाव और साधक की आवश्यकता

आप किस तरह की sadhna कर रहे है और इसके साथ किस तरह का अभ्यास आपको सही अनुभव करवा सकता है क्यों की अक्सर अधूरा अभ्यास हमें अनुभव करने में रूकावट पैदा करता है। उदहारण के लिए

1.) साधारण त्राटक :

पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए आप साधारण त्राटक का अभ्यास कर सकते है, आपको सिर्फ भावना देनी होगी जो भी बदलाव आप चाहते है जैसे की मन को शून्य करना, झिझक ख़त्म करना, बोल्ड बनना दुसरो के सामने खुद को अच्छी तरह से पेश करना।

2.) सम्मोहन :

सम्मोहन के लिए त्राटक अकेला काफी नहीं है। इसके लिए साधक के अंदर प्रचुर मात्रा में प्राण-शक्ति होनी चाहिए। इसलिए अगर आप मानसिक शक्तियों के अभ्यास कर रहे है तो पहले प्राणशक्ति, लम्बे समय तक शून्य बने रहने की काबिलियत अपने अंदर पैदा कर ले।

3.) आध्यात्मिक यात्रा :

आध्यात्मिक यात्रा जैसे की सूक्ष्म शरीर और सिद्धावस्था का अनुभव इसके लिए आपको अपने अंतर की यात्रा पर ज्यादा से ज्यादा फोकस होने की जरुरत है। इसके अलौकिक अनुभव आप दूर त्राटक के जरिये कर सकते है।

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त्राटक में भावना का महत्व क्या है ?

त्राटक में भावना का सबसे बड़ा महत्व है, ये साधक को किसी भी स्वरूप में ढलने या फिर बदलाव में मदद करता है। इसके त्राटक में निम्न तरह के योगदान है।

भावना एक तरह से सम्मोहन पैदा करती है।

इसके जरिये ही विचारो की मात्रा को बेहद कम समय में न्यूनतम किया जा सकता है यही नहीं एक मात्र भावना देने का अभ्यास ही है जो त्राटक में हमें किसी भी स्तर के बदलाव कर सकने में मदगार होता है।

इसका अभ्यास अगर इमोशन के साथ जोड़ दिया जाए तो आप असंभव को भी संभव बना सकते है। एक कहावत है की डर से बड़ा कोई डर नहीं है। अगर आपको किसी चीज के खोने का डर है तो आपके बाकि सारे डर इसके आगे कुछ भी नहीं।

tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi – आपका उदेश्य क्या है :

ज्यादातर साधक का ये सवाल रहता है की साधना में किस तरह की भावना देनी चाहिए और क्यों देनी चाहिए ? इसका सीधा सा जवाब है की आप त्राटक के जरिये जो भी बदलाव अपने आप में करना चाहते है वही भावना दीजिए। उदाहरण के लिए आपको मन विचार रहित करना है तो आप भावना दीजिए की मेरा मन विचार-शून्य हो रहा है या फिर अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करना है तो भावना दीजिये की में ये काम कर सकता हूँ, में ये कर सकता हूँ।

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भावना देने के पीछे का महत्व और वजह :

भावना देने की वजह त्राटक में कम समय में सबसे पहले मन की चंचलता को कण्ट्रोल किया जाता है। हमारा मन इतना चंचल है की कभी एक जगह रुकता नहीं है। त्राटक में भावना देने से हम सबसे पहले एक विचार पर फोकस होते है। एक विचार पर फोकस होने का मतलब है बाकि विचारो को इग्नोर करना जो ध्यान में भी किया जाता है। अगर आप भी अब तक भावनशक्ति और tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi की तलाश कर रहे थे तो आपकी तलाश अब पूरी हो गई होगी।

तो दोस्तों tratak se jude sabhi saval or unke javab hindi में अभी बस इतना ही अगली पोस्ट में हम बात करेंगे की कैसे एक महीने के अभ्यास में हम त्राटक का सही अनुभव कर सकते है। त्राटक को लेकर अगर आपके मन में भी कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है, आपको लगता है की कुछ छूट गया है या अलग से टॉपिक ऐड होना चाहिए तो हमें अपनी राय जरूर दे।

अगली पोस्ट के लिए यहाँ क्लिक करे। त्राटक का अभ्यास और एक ही महीने में सही अनुभव – पार्ट 2

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