त्राटक से जुड़े मेरे वास्तविक अनुभव जो आपको आगे बढ़ने में सहायता करेंगे – motivational topic

त्राटक से जुड़े मेरे वास्तविक अनुभव जो आपको आगे बढ़ने में सहायता करेंगे – motivational topic

दोस्तों त्राटक करते हुए मेने लगभग 7 साल का सफर तय कर लिया है। त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ मुझे ज्यादातर शक्ति-चक्र और बिंदु त्राटक पर हुए है जो किसी भी इंसान के शारीरिक और आध्यात्मिक विकास से संबंध रखते है। शुरू में मुझे लगता था की में कोई अलग ही हूँ खास हूँ और शायद इसी वजह से मेरे सभी दोस्त मुझे थोड़ा अजीब समझने लगे। वक़्त गुजरा और वक़्त के साथ मेरी मुलाकात कुछ ऐसे लोगो से हुई जो न सिर्फ अनुभवी थे बल्कि अपने ज्ञान को सभी के साथ बाँटने वाले भी थे। real life tratak meditation experience in Hindi.

त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ
त्राटक के बारे में अगर आप कही भी पढ़ेंगे तो आपको 2 चीजो का सबसे ज्यादा वर्णन मिलेगा पहला सम्मोहन और दूसरा किसी पर भी अपना प्रभाव डालना। कोई आपको ये नहीं कहेगा की इससे हमारा तीनो अवस्थाओ का भी विकास होता है। खैर तीनो अवस्था से मेरा मतलब शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक है। व्यक्ति का विकास इन्ही चरण में होता है।

त्राटक करने के मकसद

क्या आपने कभी सोचा है की ज्यादातर लोग सिर्फ इन्टरनेट पर त्राटक के बारे में पढ़ कर त्राटक करने का मन क्यों बना लेते है। क्यों ज्यादातर लोग त्राटक के पीछे भागते है। त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ सिर्फ आपके सम्पूर्ण विकास से ही संबंध नहीं रखते बल्कि इसके करने की खास वजह है त्राटक का ध्यान से बेहतर होना।

ध्यान दे की ये में सिर्फ उन साधको के लिए प्रयोग कर रहा हु जो साधना में या अभ्यास में नए है। इसके बारे में आप त्राटक ध्यान से है बेहतर की पोस्ट पढ़ सकते है। दूसरी वजह है त्राटक से हमारे मन की शक्तियों को जल्दी उभारा जा सकता है। सिर्फ इसी वजह से ज्यादातर लोग त्राटक की ओर आकर्षित होते है।

पढ़े  : tratak के side effect जिन पर ध्यान देना है जरुरी

त्राटक से किस तरह लाभ मिलता है :

त्राटक को बाह्य ध्यान कहते है ये तो आप पहले के पोस्ट में ही पढ़ चुके है क्यों की त्राटक द्वारा हम जल्दी ही खुद को किसी बाह्य माध्यम द्वारा कण्ट्रोल कर सकते है। त्राटक सबसे अच्छा विकल्प है अगर आप शुरुआती अभ्यास में है और जल्दी ही अपने चंचल मन को नियंत्रित करना चाहते है। त्राटक से लाभ हमें चरण में मिलता है जैसे सबसे पहले आपके विचार एक जगह होने लगते है यानि विचारो की बड़ी मात्रा घट कर सिर्फ कुछ विचारो पर केंद्रित हो जाती है।

पढ़े  : मानसिक शक्तिया विकसित करने के शुरुआती अभ्यास

त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ उठाने के लिए इसके बाद विचार को हम सिर्फ एक जगह या एक विचार पर खुद को भावना शक्ति द्वारा एकाग्र करते है। सबसे अंत में आपके पास शून्य की अवस्था आ जाती है जिसके बाद का सफर ध्यान की तरह ही है यानि एक चित पर एकाग्र रह कर शक्तियों का जागरण या किसी अवस्था में पहुंचना।

त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ क्या क्या है :

देखा जाये तो त्राटक से हम हर वो लाभ उठा सकते है जो हम अपने अंदर चाहते है। ध्यान सिर्फ आपको अभ्यास में खास तकनीक और भावना शक्ति का रखना पड़ता है। यानि त्राटक में सबसे ज्यादा भावनाशक्ति काम करती है। त्राटक में जैसे जैसे आगे बढ़ते है और हमारे मन पर नियंत्रण स्थापित हो जाता है उसके बाद हम कल्पना-शक्ति का इस्तेमाल कर खुद को उसी अवस्था में ले जा सकते है जो हम चाहते है। सब कुछ संभव है अगर आपका आत्मविश्वास यानि मनोबल उस स्थिति में विश्वास रखता है तो। चलिए देखते है त्राटक से क्या क्या लाभ है :

त्राटक और शारीरिक लाभ :

त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ में हम खुद को पहले शारीरिक स्तर पर ही तैयार करते है जैसे शारीरिक गतिविधि का नियंत्रण। इसके अलावा इसमें हम खुद की बॉडी लैंग्वेज पर भी ध्यान देते है और हमारा शरीर और हावभाव स्थिति के अनुकूल व्यव्हार करने लगते है। कम शब्दो में कहा जाये तो त्राटक द्वारा शारीरिक संतुलन संभव है। इससे हमारे व्यव्हार में भी परिवर्तन आता है और आपके नकारात्मक विचार और खुद पर शंका का समाधान होता है और आप बेहतर करने लगते है।

Trataka द्वारा हम बेहतर सोच सकते है और सही फैसले ले सकते है। अगर आप किसी भी फैसले के समय खुद को दोराहे पर खड़ा महसूस करते है या सही निर्णय कैसे ले समझ नहीं पाते है तो आपको त्राटक द्वारा इस समस्या का समाधान अवश्य मिल जायेगा।

पढ़े  : त्राटक द्वारा छाया साधना के 3 अलौकिक अभ्यास

त्राटक से मानसिक लाभ :

आपने टेलीपैथी, टेलिकिनेसिस या फिर मानसिक शक्तियों के बारे में सुना ही होगा, ये काम कैसे करती है ? अगर में कहू की त्राटक हमारे मस्तिष्क और मन पर इस हद तक नियंत्रण बनाता है की हम खुद इन्हें जाग्रत कर लेते है लेकिन कैसे ? त्राटक और भावनाशक्ति और फिर उच्चस्तर पर भावनाशक्ति की जगह कल्पनाशक्ति का इस्तेमाल इसे संभव बनाता है। त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ कम समय में मिलना संभव है। अगर यही आप ध्यान द्वारा करते है तो काफी समय लगता है। त्राटक की यही खूबी इसे बेहतर बनाती है।

मन की शक्तियों और खूबियों को उभारना

मन की शक्तिया जरुरी नहीं की मानसिक शक्तिया ही हो आपका व्यक्तित्व विकास और कौशल सुधार भी मन की शक्तिया ही है। अगर आप अपनी खूबी को मजबूती से उभारना चाहते है तो त्राटक जरूर कर के देखे। त्राटक आपके कौशल क्षमता में सुधार करता है। इसके अलावा आपकी प्रतिभाओ को भी उभरता है जो पहले आपके शंका और कम आत्मविश्वास की वजह से सही से काम नहीं कर पाती है।

पढ़े  : त्राटक का वर्गीकरण और उनके अलग अलग महत्व और लाभ

त्राटक से क्या क्या संभव है :

त्राटक से सबकुछ संभव है अगर आपकी इच्छा-शक्ति और भावनाशक्ति मजबूत है। अगर आप चाहते है की आपको भी त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ मिले तो अपनी शंकाओ पर काबू करना सीखे। क्यों की जब तक आपको खुद पर शंका होती है की आप कुछ कर सकते है या नहीं तो आपका मन उसे ग्रहण नहीं कर पायेगा और काम नहीं बन सकता। त्राटक द्वारा आप जो सोच सकते है वो संभव है, त्राटक द्वारा वस्तुओ पर नियंत्रण और मस्तिष्क पर कण्ट्रोल भी संभव है। अगर आप सोचते है की आप ये काम कर सकते है तो बेशक अगर आपका खुद पर आत्मविश्वास बढ़ा हुआ होगा तो आप अच्छे से इसे कर सकते है।

पढ़े  : चंद्र त्राटक से होते है ये आध्यात्मिक और शारीरिक बदलाव

त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ :

त्राटक करते हुए मुझे कई साल बीत गए है। इन सालो में अच्छे और बुरे अनुभव भी हुए। सबसे बड़ा अनुभव था मेरी सोच में बदलाव। में पहले सम्मोहन और मानसिक शक्तियों के पीछे पागल था क्यों की आपकी तरह ही मेने भी बचपन में शक्तिमान देखा था आज भी देखता हूँ लेकिन अब अलग मकसद से क्यों की अब यही प्रोग्राम आत्मविश्वास बढ़ाता है।

 पहला चरण

त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ के लिए सबसे पहले मेने शारीरिक नियंत्रण पर काम किया और खुद की सभी शंकाओ का समाधान ढूंढा। इसके बाद नियमित रूप से किसी भी काम को करने से पहले “में कर सकता हूँ” या फिर “में ये काम ऐसे करूँगा” जैसे अभ्यास किये। जिससे की मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया और में बगैर किसी मार्गदर्शन के भी आगे बढ़ता गया। किताबे आपकी अच्छी दोस्त है बेशक अगर वो सिर्फ पैसा कमाने के उदेश्य से न लिखी गयी हो।

दूसरा चरण :

आगे जैसे जैसे अभ्यास बढ़ा मेने भावना शक्ति पर जोर दिया और त्राटक में जल्दी ही नए नए अनुभव करने लगा। ध्यान रखे की सबसे पहले तो त्राटक से कोई नुकसान है या नहीं इस शंका का अच्छे से समाधान जरूर कर ले। क्यों की अभ्यास के दौरान हमें कई ऐसे अनुभव होते है जो हमारे मस्तिष्क की सोचने की क्षमता को प्रभावित करने लगते है और हम उसमे ही फंस कर रह जाते है। जब कि त्राटक में सफलता सिर्फ निर्विचार से मिलती है। अगर आप अभ्यास को बगैर अनुभव में फंसे करते है तो आप उनके प्रभाव में नहीं आते है। इसके लिए आपको बस पता होना चाहिए की ये अनुभव होना ही है।

पढ़े  : सहस्रार चक्र जागरण के मुख्य लक्षण जिन्हें ध्यान देना चाहिए

तीसरा चरण :

त्राटक का ये चरण मेरे लिए काफी खास रहा क्यों की अब मेने दैनिक क्रियाकलाप में इसका प्रयोग करना शुरू कर दिया था। जैसे की लोगो से अपनी बाते मनवाना और लड़कियों को अपनी ओर आकर्षित करना जो शक्ति का अहंकार था। यही कारण था अभ्यास में पीछे चले जाने का। त्राटक के इस चरण में आप खुद में बदलाव महसूस कर पाते है और आप उनका प्रयोग करने के लिए उत्सुक्त भी रहने लगते है। में भी था और मेने वो सब किया भी जो में करना चाहता था।

इस चरण में आप त्राटक द्वारा इतने सक्षम हो जाते है की आप जो चाहे वही हो। मेने इसे सिर्फ पढ़ने में इस्तेमाल किया और विपरीत हालातो में भी खुद को संभाले रखा। एक बार अगर आपको ऐसे अनुभव होने लगते है तो आप भविष्य में कम अभ्यास द्वारा भी इन्हें दोबारा बनाए रख सकते है। इसकी वजह है आपकी भावना-शक्ति जो ये पहले कर चुकी है।

पढ़े  : संकल्प शक्ति और इच्छाशक्ति को मजबूत करता है न्यास ध्यान

अंतिम शब्द :

दोस्तों ये मेरे निजी अनुभव थे। ये अनुभव मेने अलग अलग अवस्था में अलग अलग अभ्यासों के मिश्रण से हासिल किये थे। मेरा कोई गुरु नहीं था सिवाय इष्ट के। अगर आपका कोई गुरु नहीं है या अब तक नहीं मिले है तो आप श्री गणेश को अपना गुरु मान सकते है। इसका सीधा सम्बन्ध आपके आज्ञा चक्र से है।

आपको आज की पोस्ट “त्राटक के वास्तविक अनुभव और लाभ”कैसी लगी हमें जरूर बताये। अगर त्राटक को लेकर आपके मन में कोई शंका या सवाल है तो हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते है।

Never miss an update subscribe us

* indicates required

43 thoughts on “त्राटक से जुड़े मेरे वास्तविक अनुभव जो आपको आगे बढ़ने में सहायता करेंगे – motivational topic”

  1. मैँ प्रतिदिन 10 मिनट तक बिन्दु त्राटक करता हूँ. मुझे 5-7 मिनट बाद आँखोँ के सामने पीला+नीला प्रकाश दिखने लगता है तथा आँखो मेँ दर्द होने लगता है जिससे मैँ और ज्यादा समय तक त्राटक नही कर पाता हूँ।

      • Sir mny kuch din sy tratak shru Kiya h .. chart pr ek blue dot bnai hui h … JB m us Bindu Ko dekthi hu to thodi der bad vo 2 blue dots nzr ATI h… mny khi YouTube video PR dekha h JB 2 same dot nzr aay TB eyes close krky dubara shru kry. But mujy kuch smj nhi aarha m ksy theek Kru bhut pryshyan hu. Please meri help kry…

        • आयशा जी
          त्राटक के दौरान दो बिंदु दिखना, बिंदु हिलता हुआ महसूस होना ये सब मन की अशांति और विचारो की वजह से होता है. ऐसा होने पर आँखे बंद कर ले और शांत हो जाइये. कुछ देर बाद दोबारा अभ्यास शुरू करे.

    • जब आखँ मे दर्द होने लगे तो कुछ समय के लिये आँखे बंद कर ले फिर आंखो को गुलाब जल से धो ले आप कि परेशानी दूर हो जायेगी

  2. Bahut hi rochak lgi aapki baate. Iske liye mera dhanywad swikar kare.
    Sir m bhi aapse judkar apna jiwan Safal bnana chahta hu.
    Krpya margdarshan kre.
    Apse kaise sampark ho skta h ?
    Mukesh punia

  3. Sirji me joyti tratak kar raha hu muje jyoti tratak kese karte he ye batayiye kue ko kuch log bolte he aek tak jyoti ko dekhte rahiye or kuch log bolte he 1 minutes jyoti ko dekhna he fir aapko ankh band karke vhi jyoti ko dekhna he ab is me se konsi method sahi he ye samaj me nhi aata

  4. बिंदु त्राटक में बिंदु कितना बड़ा हो , बिंदु से हमारी दूरी कितनी हो , ओर शुरुआत में कितना समय करना , किस समय करना उत्तम ह , तथा कितने दिन में इसके परिणाम सामने आने लगते ह । थोड़ा विस्तार में बताए सर

    • 1. त्राटक में बिंदु कम से कम 1 रुपये के सिक्के के जितना बड़ा होना चाहिए.
      2. बिंदु से हमारी दुरी कम से कम 1 फीट यानि हाथ को सीधा करे उतनी दुरी होनी चाहिए.
      3. शुरुआत में त्राटक उतना ही करे जितनी देर आप इसे आसानी और सहजता से कर सके.
      4. सुबह सूर्योदय से पहले किया गया त्राटक सबसे उत्तम है.
      5. परिणाम आपके उर्जा, निश्चय, लगन और विश्वास पर निर्भर करते है जितना मजबूत विश्वास उतना ही जल्दी रिजल्ट.
      अगर आप चाहे तो हमारे ऑनलाइन course आर्डर कर सकते है.

  5. sir ji me 10 sal pahle bindu tratak karta tha mujhe bahot se anubhav hone lage or kafi tarah ki sidhi anubhav hone lagi lekin un bato ko mene apne dosto se kar di uske karan dhire dhire mera aage badna band ho gya or pahle wali shakti bhi chali gyi fir tratak me bethne ko bhi man nahi karta tha,fir mujhse tratak chhut gya,ab dobara se me tratak karne laga hu lekin mujhe wesa kuchh aanand nahi mil raha or meri nazar bhi bindu tratak pe nahi tikk raha jis karan mera ab dil nahi karta bethne ko,,aap samjhao me kese shuru karu fir se

    • ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं हो रहा है सर, में खुद इस स्थिति से अभी तक जूझ रहा हूँ. खैर अप अभ्यास को चलने दीजिये और अब किसी को इसके बारे में ना बताये. कोशिश करे किसी आध्यात्मिक गुरु या इष्ट की आप पर कृपा हो जाए.

  6. Maine Bindu tratak shuru Kiya Tha kuch ajib si feeling hoti hai jaise chup rhne ki icha hoti h kiss se baat chit krnne ka Dil Kam krta h
    Kuch smadhan btaiye plz

    • सर साधना अभ्यास के शुरू में सही अभ्यास के दौरान इस तरह की अनुभूति होना सामान्य बात है. धीरे धीरे अभ्यास से ये स्थिति सही हो जाएगी. आप पूरा ध्यान साधना अभ्यास में दे. हमारी शुभकामना आपके साथ है.

  7. Sir, my eye site is weak as i wear specs of -4D & -9D. Should i start practicing tratak? I am 30 yrs old.

    • जिन लोगो को चश्मा लगा हो वो बगैर चश्मे के अभ्यास को अगर बिना किसी परेशानी के कर सके तो कर सकते है. बेहतर ये रहेगा की आप सुबह गार्डन में घुमने के साथ thumb gazing का अभ्यास करे.

  8. सर जी त्रातक करते वक्त कान में हेडफोन लगाकर अल्फा मूजिक सून शकते हे या नही

    • सुन सकते है अगर आपका मन शांत नहीं रहता है तो, में सलाह दूंगा आप त्राटक से 15 मिनट पहले इसे सुने और फिर त्राटक करे. इसकी वजह है की कई बार म्यूजिक सुनते हुए त्राटक करने से आप रिलैक्स हो जाते है लेकिन फोकस नहीं. मन को शांत करना है तो पहले कर ले फिर त्राटक का अभ्यास करे.

  9. Sir ji namaskar me Bindu tratak kar rha hu is Doran mera sarir thaka hua sha mesus ho rha hai or akale Reno KO kisi se bat Na karne KO man karta hai Kuch advice de?

    • गोविन्द जी त्राटक के बाद आप योगनिद्रा का अभ्यास करे, आपने बताया है की आपका किसी से बात न करने का और अकेले रहने का मन करता है ये सब आपके अभ्यास की वजह है. अब आप बाहरी चीजो में भटकने की बजाय खुद अन्दर की शांति को महसूस करने की कोशिश कर रहे है. अप दिन भर में थोडा समय अकेले में निकाले और अभ्यास को लेकर सोचे इससे आपको बेनिफिट मिलेगा.

  10. त्राटक से मेरा life का जो goal है उस goal को भाबना शक्ति से सिद्ध कर सकता हु बोहोत fast? कैसे?

  11. में भी त्रत्तक करता हूं पर उस बिंदु को लगातार देखने के बाद वह अक्सर गायब हो जाता है गुरु जी मेरी समस्या का समाधान कीजिए आखिर कब पता चलता। है कि त्राटक सिद्ध हो गया। है??

    • bhagvat ji bindu ka gayab hona or apke man ki sthiti ke sath gahra sambandh h, jab tak me apki manodsa samjh nahi leta me kuch nahi bta sakta hu, agar bindu ke gayab hone ke sath hi apke man ki sthiti nirmal or dhyan andar ki or lag jata h to shuny ki avastha mil jati h. agar aisa apke sath hua h to ap safl nahi to apko abhyas ki jarurat h sath hi sahi guide ki

  12. Sir ji namaskar me three month se bindu tratak kar RHA hu is doran muje Neela rang ka Ora sa bindu ke aspas dikhayi de rha hai or muje kabhi kabhi chalte firte achanak se neela rang dikhaye deta hai aap kuch bataye or me morning me bindu tratak or evening me sakti chakra par tratak karna chahata hu kuch margdarsan kare

    • सर आप त्राटक का अभ्यास करते रहे सही दिशा में है आपका अभ्यास ब्लॉग पर और भी जरुरी पोस्ट है इसलिए त्राटक की सभी पोस्ट पढ़ लीजियेगा.
      त्राटक का अभ्यास एक समय में एक ही करना चाहिए. एक साथ अधिक त्राटक करने से आपको सफलता नहीं मिलेगी बल्कि मन भटकेगा.

      • Thanks sir mera ek swal or tha ki mera tratak Karna ka koi bhi fix time Nahi hai din me jab time milta hai jabhi tratak karne bhath jata hu ye sahi hai ya galat kirpiya bataye muje

        • त्राटक को अगर आप कभी करोगे तो शायद आपको वो result न मिले जो आपको चाहिए, इसके लिए आपको सुबह 4-6 के बिच के time पर तय करना चाहिए.

  13. Sir ji namaskar me three month se bindu tratak kar RHA hu ab me morning me bindu tratak or evening me sakti chakra pe tratak Karna chahata hu kuch margdarhan kare

  14. sir ji namskar me sham ke samay tratak karta hu kya ye sahi h? aur yadi kisi din tratak nahi kiye aur dusre din phir se karte h to kya hoga? isme koi rukavat to nahi aati h

    • त्राटक सुबह करो या शाम को ध्यान ये रखना है की जिस समय आपका मन ज्यादा शांत हो उसी समय करे.

      किसी दिन त्राटक न कर पाए तो चलता है लेकिन इसे फिर आगे चल कर दोहराना जितना कम हो सके करना क्यों की फिर आपमें वो उर्जा नहीं बनी रहेगी

    • जब जिंदगी में परिणाम अनुकूल मिलने शुरू हो जाए. कुछ काम करोगे तो पता चलेगा की हमारा काम कैसा हुआ है. बिंदु त्राटक को सामान्य जिंदगी में टेस्ट किया जाता है और इसके प्रभाव हमें साफ दिखाई देते है.

  15. Sir ji main lgbhg 15 dino se Bindu tratak kar raha hoon mujhe tratak karte samay ek ajib sa anubhv hua mujhe lga ki mai khi kho ja rha hu shyad ye dhyan ki avstha thi
    Lekin mai dar gya ki khi mai waps na aapau is liye maine apna dhyan hta liya
    Mai kya karu

    • जो आपने अनुभव किया वो ध्यान की अवस्था थी, आपके अंतर की यात्रा जिसमे आपको दिव्य अनुभूति होने वाली थी. अब भी अगर आप खुद को अभ्यास में आगे ले जायेंगे तो अनुभव होना शुरू हो जायेंगे. किसी अनुभव पर कोई प्रतिक्रिया मत करो सबकुछ जो हो रहा है होने दो.

  16. Sir ,mai kisi bhi kam me safal nahi ho rha hu sabhi aur se mujhe nirasha hi hath lag raha hai mai yoga bhi surya namaskar karta hu lekin kahi se koi fayada nahi mil raha

    • मनीष जी आप किस काम में सफल नहीं हो रहे है ? आप क्या करे है किस उदेश्य से कर रहे है और आपको इसमें क्या नहीं मिला जरा डिटेल से शेयर करे ताकि प्रॉपर मेथड शेयर किया जा सके.

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.