त्राटक ध्यान की अलौकिक साधना क्या है और ये साधक के जीवन में कैसे बदलाव लाती है

त्राटक ध्यान की अलौकिक साधना क्या है और ये साधक के जीवन में कैसे बदलाव लाती है

tratak meditation sadhna जिसे hindi में त्राटक के नाम से भी जानते है की साधना को बहुत ही प्रभावी साधना माना गया है. ऐसा कहा जाता है की इसका नियमित अभ्यास आपको बहुत से रहस्यों का मालिक बना सकता है. tratak benefits की अगर बात की जाए तो ये एक ऐसी साधना है जिससे एक व्यक्ति का तीनो स्तर यानि personal, mental और spiritual development एक के बाद एक होता जाता है. sachhiprerna एक ऐसा hindi blog है जो tratak meditation experiences और tratak meditation sadhna benefit के बारे में सबसे सरल practice के जरिये genuine guide आप सभी को provide करवा रहा है ब्लॉग पर tratak meditation pdf भी free में उपलब्ध करवाई है tratak sadhana in marathi pdf को आप download zone से ले सकते है. tratak का eyes पर क्या असर पड़ता है आइये जानते है tratak in hindi की इस पोस्ट में.

tratak meditation sadhna

नमस्कार दोस्तों नए साल की आप सभी को सुभकामनाये। सच्ची-प्रेरणा को एक बार फिर से लांच किया गया है एक नए लुक में। उम्मीद करते है आप सभी का प्यार हमें पुराने ब्लॉग की तरह ही मिलता रहेगा। जैसा की हमने वादा किया था की आपको नए पोस्ट और अनुभव मिलेंगे उसी की कड़ी में आज की पहली पोस्ट है। इस पोस्ट में आप समझेंगे की त्राटक वास्तव में क्या है ? और ये कैसे कार्य करता है। साथ ही त्राटक और अवचेतन मन के मध्य सम्बन्ध कैसे स्थापित किया जाये ताकि हमारे मन की शक्तिया उभर कर हमारे विकास का रास्ता बना सके। तो सबसे पहले हम जानते है की त्राटक क्या है।

tratak meditation sadhna क्या है और कैसे काम करता है :

दोस्तों त्राटक का मतलब सामान्य तौर पर “एक टक देखने” से लिया जाता है। लेकिन क्या एक टक देखना ही काफी है अगर ऐसा होता तो आमतौर पर सामान्य जीवन में हर इंसान जो किसी को घूरता रहता है त्राटक होता। त्राटक का वास्तविक अर्थ है एक टक देखते हुए उसमे एक होना। दूसरे शब्दो में इसे समझे तो त्राटक में एक तक देखते हुए विचारो की गति को रोकना होता है।

ऐसा इसलिए क्यों की आँखों जितना देखती है मस्तिष्क में विचार उतने ही ज्यादा उमड़ते है। कुछ हद तक ये सही है की आँखों की गति को नियंत्रित कर हम विचार की गति को भी पकड़ सकते है।

tratak meditation sadhna में जब हम एकटक देखते है तो सबसे पहले हमारे विचार कम होते है और हमारा मस्तिष्क सिर्फ उस बिंदु पर फोकस होता है जिस पर हम त्राटक कर रहे है। लेकिन ये तभी संभव है जब आप आँखों के झपकने और उनके खुलने बंद होने पर नियंत्रण न करे।

कई बार हम जबरदस्ती आँखों को खोले रखते है। इसे त्राटक नहीं आंखे फाड़ना कहते है। जो बिलकुल गलत है।

त्राटक के लिए सबसे पहले सहज रूप से आंखे खोले बिंदु को देखे तब तक जब तक की आंखे झपकने ना लग जाये। जब आपकी पलक बंद होने लगे उन्हें बंद होने दे। प्रक्रिया को बार बार दोहराने से आपकी पलकों का बंद होने का अंतराल बढ़ता चला जाता है।

जब ऐसा होता है तब अचानक ही मस्तिष्क विचारशून्य और हल्का महसूस होने लगता है। अगर ऐसा न हो तो समझ ले की आप गलत दिशा में जा रहे है।

पढ़े : tratak के side effect जिन पर ध्यान देना है जरुरी

tratak meditation sadhna – सही दिशा में बढ़ने के संकेत

पहला आपका मस्तिष्क एकदम हल्का और विचारशून्य हो जाता है और आप भावशून्य ( उदासी की सी अवस्था ) की अवस्था में आ जाते है। दूसरा आपकी पलकें झपकने के अंतराल में बदलाव आ जाता है अब उनमे जलन या आंसू नहीं आएंगे बल्कि खुली आंखे रह जाती है और आप जैसे उस जगह से कही और यात्रा करने लग जाते है।

तीसरा आपके बैठने की अवस्था में परिवर्तन आपको महसूस होगा जहा पहले दिन आपको ज्यादा देर बैठे रहने में समस्या हो रही थी वही आप अब लंबे समय तक अपने आप बैठे रहने में सक्षम हो जाते है।

tratak meditation sadhna से हमें क्या मिलता है :

Tratak का अभ्यास हम अपने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए कर सकते है। देखा जाये तो हम खुद को पूरी तरह बदल सकते है त्राटक और भावना शक्ति द्वारा। जिसके लिए हमें बस कुछ खास अभ्यास और निर्देश का ध्यान रखना पड़ता है। इस से से हम पढाई में उच्च ज्ञान जल्दी ग्रहण करने की क्षमता बढ़ा सकते है, अगर हमें गुस्सा जल्दी आता है या फिर हम अपने आसपास की घटनाओ और माहौल में ढल नहीं पाते है तो यह इसके लिए बढ़िया माध्यम है।

आँखों की हर समस्या का समाधान है त्राटक। आध्यात्मिक अवस्था में भी हम प्रवेश कर सकते है जैसे सूक्ष्म शरीर अनुभव और यात्रा। मन और मस्तिष्क के सभी रहस्यो को इसके द्वारा सरल बनाया जा सकता है।

त्राटक और ध्यान बेहतर विकल्प क्या ?

त्राटक और ध्यान दोनों ही देखे तो एक ही उदेश्य की पूर्ति करते है। लेकिन जैसे हर स्तर के लिए अलग अलग उपाय होते है वैसे ही त्राटक और ध्यान है। इसे बाह्य ध्यान बोल सकते है ऐसा इसलिए क्यों की इसमें हम आंखे खुली रख कर वही अवस्था प्राप्त करते है जो ध्यान में बंद आँखों द्वारा की जाती है।

tratak meditation sadhna में सफलता ध्यान की अपेक्षा जल्दी मिलती है क्यों की मन को स्थिर करने की बजाय उसे एक जगह फोकस करना पड़ता है और देखते हुए हम मस्तिष्क को जल्दी दिशा प्रदान कर सकते है। जबकि ध्यान में ज्यादा स्थिर और शांत मन की अवस्था होना आवश्यक है। इसलिए अगर आपका मन चंचल है और ज्यादा देर तक एक जगह स्थिर नहीं रह पाता है तो आप त्राटक से शुरुआत कर सकते है।

पढ़े : घूमने वाले शक्ति चक्र पर त्राटक करने का अभ्यास और उसके फायदे

त्राटक या ध्यान कितनी देर और कब तक ?

आमतौर पर यह सवाल हर किसी के मन में होता है की त्राटक की शुरुआत में कितना वक़्त दे और इसे कितने दिन तक करे। ये सवाल इसलिए है क्यों की आप शुरुआत में इसमें होने वाले अनुभव से अनभिज्ञ होते है। अगर कोई आपसे कहे की आप आनंद की अवस्था को कितनी देर और कब तक पाना चाहते है तो क्या आप समय सीमा में आनंद उठाना पसंद करेंगे ? नहीं न तो फिर इसके लिए भी ऐसा ही कुछ है शुरू में बेशक हम परिवर्तन से परेशान हो जाते है मगर बाद में हमें असीम आनंद की अनुभूति होती है और अनुभव होते है तो हम उसे समय सीमा तक सिमित नहीं कर पाएंगे। इसलिए इस सवाल के जवाब की चिंता किये बगैर अभ्यास जारी रखे जितना आनंद बढ़ेगा वक़्त बढ़ेगा।

पढ़े : इस तरह श्री यन्त्र त्राटक साधना करने पर तीनो जगत वशीकरण की शक्ति मिलती है

बिंदु त्राटक का अभ्यास कर लिया अब क्या करे ?

बिंदु त्राटक का अभ्यास करते हुए आप मन की शांति और स्थिरता महसूस करने लगते है तब आपको लगता है की इससे आगे क्या करे ? वैसे तो बिंदु त्राटक के बाद जितने भी त्राटक है सबके अपने महत्व है। फिर भी अगर आप आगे बढ़ना चाहे तो शक्ति चक्र पर त्राटक कर सकते है। इसके कई फायदे है जैसे की शक्ति चक्र से अकेले आपको कई त्राटक के फायदे मिलेंगे जो मेरे खुद के अनुभव रह चुके है। मगर शक्ति चक्र त्राटक के लिए आपको मन की स्थिरता को बढ़ाना पड़ेगा।

tratak meditation sadhna – conclusion

अब तो आप समझ ही गए होंगे की tratak meditation sadhna कैसे मैडिटेशन से ज्यादा बेहतर है. ज्यादातर लोगो का मन चंचल होता है और वो साधना में सफलता भी जल्दी ही पाना चाहते है इसलिए trataka उनके लिए best option हो सकता है. ये वैसे तो हमने आपके सभी tratak से जुड़े basic question का answer देने की कोशिश की है फिर भी अगर आपको लगता है की कुछ रह गया है तो हमें जरुर बताये. आपके सुझाव और राय हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते है.

ज्यादा जानकारी के लिए इन पोस्ट को पढना न भूले

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15 thoughts on “त्राटक ध्यान की अलौकिक साधना क्या है और ये साधक के जीवन में कैसे बदलाव लाती है”

  1. Sir ji namskaar,
    Mai 15-20 dino se deepak tratak kar rha hun. Aur mai deepak par 20-25 min tratak kar paata hun. Ushke baad meri aankho se aansu nikal aate hai aur naak se bhi paani nikal aata hai, lekin jab mai dobara tratak karta hu to mujhe jyoti ke charo or ek prakash punj dikhai deta hai. Maine bindu par koi tratak nhi kiya, direct jyoti tratak kar rha hun. Aap batane ka kast kare ki kya mai sahi disha me ja rha hun. Mujhe saflta kab tak mil jayegi. Mujhe tratak ka itna uddeshya hai ki mai kisi bhi insaan ko tratak ke jariye live dekh saku aur sun saku. Apni baat ushse kah saku. Kisi bhi insaan ki soch pad saku . Aap batane ka kasht karenge ki kya mai sahi ja rha hun. Mujhe saflta kab tak mil jayegi.

    • सर क्या आप सहजता से 20-25 मिनट बैठ पा रहे है ? क्यों की ज्यादातर लोग जबरदस्ती बैठे रहने की कोशिश करते है. जहा तक आँखों से पानी निकलने की बात है आप जब भी पलके झपके उन्हें बंद होने दे.
      1. त्राटक में लम्बे समय तक आँखे खुली रखने का कोई महत्त्व नहीं है महत्त्व है की आप कितनी देर अपने अन्तर्मन तक टिके रहते है. आँखे खुली रखना सिर्फ फोकस के लिए होता है एक बार फोकस हो गए तो सब अपने आप भावनाशक्ति के जरिये कर सकते है.
      2. ज्योति के चारो और प्रकाश पुंज चमकीला दिखाई देता है ऐसा हर किसी के साथ होता है आप अभ्यास को आगे बढाते रहिये लेकिन ध्यान रहे की आँखे जबरदस्ती खुली नहीं रखनी है.
      3. त्राटक के जरिये एक जगह होकर दूसरी जगह को देख पाना संभव है आप अभ्यास करते रहिये समय समय पर आपको गाइड मिलता रहेगा.

      • Nhi jab mai baithata hu to andar se bahut hi prabal iksha aati hai ki mujhe tratak sikhna hai matlab sikhna hai. Ishliye mai baitha rahta hun. Baithne me koi pareshani nhi hoti. Lekin jab jyoti dekhta hun tab kabhi kabhi tarah tarah ke bichar aate hai. Kabhi nhi aate..

        • भावनाओ का प्रयोग कीजिये अभ्यास में जल्दी शुन्यता की स्थिति में पाहुंचने में सहायता मिलेगी.

  2. Kya ham din me bindu tratak or raat me deepak tratak kar sakte hai kya. Mujhe ye sab paane ke liye kitne level paar karna padega

    • सर त्राटक में हम अगर दिन में 4 अलग अलग त्राटक करेंगे तो हमें एक साथ उनका लाभ मिलेगा ऐसा नहीं है अगर आप बिंदु त्राटक कर रहे है तो रात में आपको कोई अलग त्राटक करने की जरुरत नहीं है. रही बात त्राटक की तो में इस बारे में पहले से कह चूका हु की आपको पहले किसी एक त्राटक ओअर ही ध्यान देना चाहिए, पहले बिदु त्राटक पूरा कर लो फिर चाहे किसी भी त्राटक का चुनाव कर लेना.

  3. Sir mai bindu tratak nahi kiya Deepak taratak kr raha hun isse koi nuksan To nahi hoga aankho pr iska koi Side effect To ni hoga ya mujhe pahle bindu tartak krna chahiye agar han To kitne Time tak krna chahiye Means kitne din tak and agar direct deepak tratak kr raha hun To sahi hai

  4. Mai Jyoti tratak sadhana 10din se kar raha hu, ankhe band apne ap hone deta hu mtlab jabar dasti se Jyoti par nahi dekh raha hu aur fir aankhe band karke Jyoti ko dekta hu, jab sarir me thakan lagti hai tab vahi thodi der let jata hu aur fir se abhyas karta hu, is Tarah ek ghanta ratri me aur ek ghanta subah uthate hi hath muh dhokr karta hu bad me nahata hu, ratri ko sone se ek ghanta phahle karta hu fir ankho me shudh ghee dalkar so jata hu, isase mera atmavisvas aur manobal badha hai aur ankho ki Jyoti bhi badhi hai, kya Mai sahi kar rha hu sir, please reply me

    • अगर आपके अभ्यास से आपको वो मिल रहा है जो आप चाहते है ओ भी बिना किसी परेशानी के फिर चाहे वो किसी तरह से करते हो तो आप सही करते है. ध्यान रखे की आपका मन थकावट से परेशान ना हो. कई बार अभ्यास के समय हमें मानसिक थकावट महसूस होने लगती है जिस समय अभ्यास को रोक देना चाहिए

  5. sar ma candel tratak krta hu. mri eye side week h mugha apni aankhen thk krti h jyada phone ka use krna ki vja sa mri eye side week hogi thi.to mra sawal ya h. 1:- to jb bhe ma candel tratak krta hu to mri aankhon sa aansu nikatr hi nhe bohot waqt hojata h bad ma aansu nikalte h jb ma aankhey band krta hu. 2:- jb bhe ma candel tratak krta hu to mugha bindu ki lop double dikhae dti h. kiabya sb tk h

    • आप मोबाइल की स्क्रीन पर लम्बे समय तक देखते रहते है वो भी बिना पलक झपकाए इस वजह से आप naturally gazing कर सकते है, देर से अनसु निकलना प्रॉब्लम नहीं है.
      कैंडल के फ्लेम का double दिखना आपकी eyesight की वजह से जिसमे आप लगातार एक चीज को देखते है तो आपकी आँखे धुंधला दिखाने लगती है. आप इसे ज्यादा देर तक न देखे बल्कि कम समय तक देखने की शुरुआत करे. कुछ मामलो में आँखे गीली होने के कारण भी दिखाई देता है और कही कही मन की हलचल भी इसका कारण होती है. मन को स्थिर करे, आंखे अगर पानी से भरी है तो साफ करे फिर त्राटक करे.
      धन्यवाद blog से जुड़े रहिये.

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