बिना किसी एक्सपर्ट के आप भी घर पर self-hypnosis की इस खास विधि का अभ्यास कर सकते है

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self-hypnosis and personal development

हम सभी ने सम्मोहन के बारे में नेट पर काफी कुछ पढ़ा हुआ है. किसी को भी सम्मोहित कर उसके बारे में कुछ भी जान लो या फिर उसे अपने कण्ट्रोल पर मनचाहे तरीके से प्रयोग कर सकते है. इस तरह की बातो के अलावा क्या आप जानते है की हम self-hypnosis and personal development भी कर सकते है. हमारी लाइफ में छिपे हुए ऐसे डर जिनका मेडिकल लाइन में दवा के जरिये कोई समाधान नहीं है आत्मसम्मोहन के जरिये इसे दूर किया जा सकता है. how to perform self-hypnosis at home की इस पोस्ट में हम इस technique के बारे में और भी ज्यादा detail से जानने वाले है.

self-hypnosis and personal development

अगर आप तनाव, हीन-भावना से ग्रस्त है और इससे छुटकारा पाना चाहते है तो आपको इस तरीके को जरुर अपनाना चाहिए. एक आकर्षक व्यक्तित्व का मालिक होना कौन नहीं चाहेगा, सब आपको पसंद करे और आप उनकी नजर में खास बने इसके लिए आज की पोस्ट में personal development की खास tips बताई गई है जो आसान है और घर पर की जा सकने वाली है जिसका कोई side effect भी नहीं है.

self-hypnosis and personal development

हमने पहले की पोस्ट में light effect of hypnotic disk के बारे में पढ़ा था. लोगो को उनकी सोच से distract कर अपनी सोच पर target करने के लिए ये एक कारगर तरीका है. सम्मोहन में जहाँ हम किसी तरह के छिपे हुए राज को बाहर निकालते है वही दूसरी ओर self-hypnosis and personal development की इस विधि में हम मानसिक बीमारियों से निजात पाने के साथ साथ खुद को आकर्षक बनाने से जुड़ी खास tips के बारे में जानेंगे.

वास्तव में आत्मसम्मोहन क्या है ?

आत्म-सम्मोहन वास्तव में मनोवैज्ञानिक पद्धति पर आधारित एक विज्ञान है. ये भावनाओ के जरिये हमारे मन और मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है. इसका मतलब ये नहीं की आप जो सोच रहे है वह self-hypnosis है. आमतौर पर लोग इसके बारे में निम्न तरह से सोचते है.

  • आत्मसम्मोहन में भी हमें एक माध्यम की आवश्यकता पड़ती है जैसे की घुमने वाला पेंडुलम.
  • चेतन से अवचेतन मन की निद्रा में चले जाना जहाँ से जागना मुश्किल काम होता है ( हर बार नहीं )
  • इसमें भी हम खुद पर से नियंत्रण खो देते है और self-hypnosis expert के control में चले जाते है.

जब की वास्तव में ऐसा नहीं है. हर व्यक्ति हर पॉइंट को अपने perception के आधार पर व्यक्त करता है. आइये जानते है. अगर आत्म-सम्मोहन ये नहीं है तो क्या है ?

  • आत्मसम्मोहन आपकी भावना-शक्ति के प्रवाह को शरीर और मन पर हावी करने की एक प्रक्रिया है.
  • आपके अपने ऊपर और की जाने वाली हर गतिविधि पर आपका पूर्ण कण्ट्रोल.
  • जब भी मन करे खुद को आसानी से ख़राब मूड से अच्छे मूड में बदल देना / ध्यान बदल लेना.

आत्म-सम्मोहन वो बाते जो आप इसके बारे में सोचते है

ज्यादातर लोग सम्मोहन के बारे में गलत धारणा बनाए हुए है जैसे की

  • सम्मोहन या फिर self-hypnosis से हम कुछ भी कर सकते है.
  • सम्मोहित किये गए व्यक्ति को मनचाहे तरीके से प्रयोग में ला सकते है.
  • आत्म-सम्मोहन के दौरान अगर हमें नींद आ गई तो उससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल है इसलिए बिना किसी एक्सपर्ट guide के इसे करना खतरनाक है.
  • ये एक बहुत ही मुश्किल कार्य है क्यों की इसमें मानसिक थकावट सबसे ज्यादा होती है और इसे हर कोई नहीं कर सकता.

ये सभी धारणा बेबुनियाद है. हर कोई इसे खुद पर प्रयोग कर सकता है बशर्ते उसमे धेर्य और संयम है. आइये जानते है कैसे हम self-hypnosis and personal development के जरिये खुद को बदल सकते है.

आत्म-सम्मोहन क्या करता है

self-hypnosis वास्तव में मनो-चिकित्सक द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली एक technique है. इसके द्वारा वो mental related disease को जल्दी और आसानी से cure करते है. ये एक ऐसी विधि है जो आपके mind में क्या चल रहा है और आप कहाँ इसमें फंसते जा रहे है पर control रखता है. अगर आप बार बार किसी एक ही स्थिति में फंसते है और चाह कर भी इसे avoid नहीं कर पा रहे है तो आपको इसका सहारा लेना चाहिए.

मेरा खुद का किया हुआ एक प्रयोग है जो में पहले भी शेयर कर चूका हूँ. आपकी तरह पहले में भी short tampered personality से परेशान था. ये एक ऐसी स्थिति है जिसमे आप बहुत जल्द किसी बात पर गुस्सा हो जाते है, मेरे साथ काफी time से ऐसा हो रहा था इसलिए मैंने इसका सहारा लिया. सिर्फ 2 हफ्ते और मेरा मन और मस्तिष्क अब मेरी बात मानने लग गए थे. इसके और भी काफी सारे प्रयोग है जो आपको बहुत खास बना सकते है लेकिन कुछ की बात करते है. self-hypnosis and personal development की practice आपको इन प्रॉब्लम से छुटकारा दिला सकती है.

  • तनाव और अवसाद से निजात
  • weight loss और gain जैसा कोई issue.
  • sleep disorders यानि सोने की अनियमितता
  • किसी एक चीज के आदि हो जाना.
  • खुद के अन्दर की कमी दूर कर personal development.

self-hypnosis and personal development की घर पर practice

आत्म-सम्मोहन से हम personal development को बड़ी आसानी से उभार सकते है. अगर आप किसी मामले में खुद को दुसरो से कमतर समझते है तो इसके जरिये खुद को तैयार कर सकते है. ऐसी कई प्रॉब्लम होती है जो वास्तव में होती नहीं है बल्कि हमारे मन या मस्तिष्क द्वारा पैदा की गयी होती है, जैसे की तनाव, एक ही बात को सोचते रहना और किसी भी मौके को खो देना.

self-hypnosis के जरिये आप आसानी से इसे दूर कर सकते है. ये बात अलग है की इसमें आपको वक़्त और धेर्य देना पड़ता है क्यों की पहली बार में हर कोई एक्सपर्ट नहीं बन सकता है. अगर आपको लगता है की आप इसे समय दे सकते है तो निचे दिए गए personal development by self hypnosis step by step guide in Hindi को follow कर सकते है. dedication के साथ किया गया कार्य आपको इसमें सफलता जरुर दिला सकता है.

1.) self-hypnosis and personal development के लिए एकांत की जगह तलाशे

सबसे पहली कंडीशन है एकांत जो की आपको खुद से जुड़ने में help करेगी. इसके लिए आपको शुरू में ऐसी जगह तलाश करनी पड़ेगी जहाँ पर कोई आये जाए नहीं. ऐसी जगह जहाँ पर आने वाले अगले 30 मिनट आपको कोई disturb ना कर पाए. खली कमरा हो जिसमे एक आरामदायक कुर्सी हो अगर ऐसा नहीं हो सके तो कोई उनी / सूती कपडे को बिछा कर उस पर बैठ जाइये.

इसका अभ्यास आपको लेट कर करने की बजाय बैठ कर करना चाहिए. कई बार देखा जाता है की जब भी हमारा शरीर relax होता है वो अपने आप थोड़ी ही देर में सो जाता है. अभ्यास के दौरान खुद को conscious state में रख सके इसलिए आप कोशिश करे की बैठ कर ही इसका अभ्यास करे.

2.) खुद को हरसंभव शिथिल कर ले

खुद को शिथिल करने के लिए आप दो तरीके अपना सकते है पहला खुद को भावना देते रहना और दूसरा किसी तरह का relaxation music or meditation music सुन कर खुद को relax करना. जो भी आपको अच्छा लगे कर सकते है लेकिन इसका effect सिर्फ relax होने तक ही होना चाहिए न की सो जाने में. खुद को relax जितना चाहे करो लेकिन रहना आपको conscious state में ही है.

जब खुद को पूरी तरह से relax कर ले तो अपनी आँखों को सामने की दीवार पर लगे हुए किस बिंदु पर टिका ले. आप इसके लिए सामने की दीवार पर एक काला बिंदु बना सकते है. ज्यादातर लोग इसी पर अभ्यास करते है. खुद को इस तरह से व्यस्थित करे की आपकी नजर सीधी हो आपको हिलना न पड़े.

जब ऐसा हो जाए तो अब आप भावना शक्ति का इस्तेमाल करे. spontaneous thought process एक खास विधि है जिसमे हम अपने शब्दों को बार बार दोहराते है और वो unconscious तक पहुँच जाते है. इसमें आपको सिर्फ यही करना है एक शब्द चुने और उस पर अपना पूरा फोर्स इस्तेमाल करते हुए उसमे प्रभाव बनाए और खुद पर हावी होने दे.

3.) self-hypnosis and personal development – अपने सुझाव पर ध्यान दे

कुछ लोगो के मन में ये सवाल आता है की इस अवस्था में सुझाव कैसे दे, जोर जोर से बोल कर या सिर्फ मन में सोचते हुए ? आप इसके लिए ये कर सकते है की जिसका प्रभाव आपको ज्यादा लगता है आप वो कर सकते है. आप उन शब्दों का चुनाव करे जो आपको अपने अन्दर चाहिए जैसे की शांत स्वभाव, आकर्षक व्यक्तित्व etc.

मैंने इन दोनों सुझाव का प्रयोग खुद पर किया था और कुछ दिन बाद ही इसका positive effect मुझे मिलने लग गया था. ये तब संभव है जब आप इसे खुद पर पूरी तरह हावी हो जाने दे और इसके लिए आपको समर्पण भाव देना होगा. कुछ लोग जल्दी ही ऐसी प्रैक्टिस छोड़ देते है क्यों की उन्हें अनुभव नहीं होते है जबकि इसमें आपको धेर्य और संयम की बहुत आवश्यकता होती है. इसलिए जब भी अभ्यास करे खुद को इसके लिए तैयार होकर ही करे और सही शब्दों का चुनाव करे.

4.) इस स्थिति से बाहर निकले

self-hypnosis and personal development की इस खास विधि में सुझाव देने की कुछ देर बाद ही आप एक गहरी अवस्था में चले जाते है. जब भी आपको लगे की आपका अभ्यास हो गया है और आप खुद पर इसका प्रभाव महसूस कर रहे है तो सुझाव देना बंद कर दे और आँखे खोल ले. कुछ देर इसी तरह रहे और मन में सुझाव देते रहे जैसे की सांसे नार्मल हो रही है, चेतना लौट रही है. ये सब इसलिए क्यों की अगर आपका अभ्यास सही है तो आपको ये बदलाव जरुर महसूस होंगे.

  • आपका शरीर एक दम बेजान हो गया है.
  • आपकी सांसे न्यूनतम हो चुकी है.
  • धड़कन न के बराबर, अगर चल रही है तो भी गति एकदम कम है.
  • ऐसी अवस्था में खुद को पाना जहाँ हम कुछ कर नहीं पा रहे है पर महसूस सब हो रहा है.

इसलिए जब आपको इस अवस्था से बाहर आना हो एकदम से ना आये क्यों की इससे आपको नुकसान पहुँच सकता है. धीरे धीरे किसी एक pattern को follow करते हुए इस अवस्था से बाहर निकले. जिस तरह relax होने के लिए आपने शब्दों का चुनाव किया वैसे ही इसमें करे.

self-hypnosis and personal development – निष्कर्ष

self-hypnosis and personal development की सबसे आसान विधि को समझ कर आप खुद इसे कर सकते है. मैंने इसे जब किया था तो मुझे इसके काफी अच्छे परिणाम मिले थे लेकिन अगर आप मानसिक थकान को झेल सके तो ही करे क्यों की शुरू के दिनों में आपको काफी थकावट महसूस होगी और आप इसके अभ्यास के बाद सो भी सकते है. अगर सोने का मन हो तो सो सकते है. वैसे ये पोस्ट पहले भी अलग शब्दों में शेयर की जा चुकी है लेकिन व्यक्तित्व विकास के लिए इसे खुद पर प्रयोग किया जा सकता है.

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2 COMMENTS

  1. Dear sir,

    Bhut achhi post h.
    Sir main bhut presaan hu mentally problem chl rhi h mujhe isse bahr niklna h sir.
    Nhi to main kuchh hi dino ye duniya chhod skta hu.
    Sir mujhe self hypnosis krna h. Mujhe guide kijiye sir. Mere to expert bhi aap hi ho or is line ke guru bhi aap hi ho sir.

    • बलराम जी आप शुरू से मुझसे जुड़े हुए है इसलिए आपको इसकी टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है. में आपको पर्सनल guide दूंगा और जल्दी ही आप इससे बाहर निकल पाओगे जिंदगी में नयी शुरुआत के लिए.

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