shangri la ghati ka secret -धरती की ऐसी जगह जहा महामुनि तपस्या में आज भी लीन है

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shangri la ghati in hindi का secret आज भी एक अजूबा है। संग्रीला घाटी के बारे में हम सबने कही न कही सुना ही होगा। कुछ लोगो के अनुसार यही सिद्धाश्रम है तो कुछ लोग मानते है की धरती पर दूसरे आयाम की एक कड़ी है संग्रीला घाटी। हमने कई बार सुना है की हिमालय में आज भी एक ऐसी जगह है जो आमजन से बिलकुल परे है और सामान्य इंसान वहां तक पहुँच नहीं सकता सिर्फ 3 तत्वो से युक्त शरीर या कोई योगी और सिद्ध ही वह तक पहुँच सकता है।

सच बहुत कम लोग जानते है मगर जिन लोगो ने kaal vigyan in hindi ki book me इसका अनुभव किया है उनके अनुसार “shangri la ghati धरती पर वह स्वर्ग है जहा पर उम्र थम जाती है। दूसरे आयाम के साथ ही ये सिद्धाश्रम है जहा पर उच्च श्रेणी के सभी संत आज भी तपस्या रत है।”

shangri la ghati

shangri la ghati के बारे में हम बात करते है तो हमारे मन में ये सवाल होना लाजमी है की आखिर धरती पर दूसरे आयाम जैसा कुछ कैसे है जो सामान्य दृस्टि से ओझल है। संग्रीला घाटी का रहस्य हमारे धरती पर ही स्थित है भारत और तिब्बत के मध्य एक गुप्त स्थान है जहाँ पर आज भी सभी दिव्य जड़ी बूटिया विद्यमान है।

प्राचीन काल में जब लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे तब श्री हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लायी गई थी वो भी संग्रीला घाटी का ही एक भाग था इस हिसाब से अनुमान लगा सकते है की ये हिमालय का ही एक भाग है जो वर्तमान में तिब्बत और भारत की सीमा पर है। सबसे बड़ी बात चीन भी शायद इस बात से अनभिज्ञ नहीं है इसीलिए वो इस पर कब्ज़ा ज़माने के लिए आजकल भारत पर दबाव बना रहा है।

shangri la ghati का secret आमजन से है बिलकुल छुपा हुआ

जिस प्रकार वायु मंडल में बहुत से स्थान हैं जहाँ वायु शून्यता रहती है,उसी प्रकार इस धरती पर अनेक ऐसे स्थान है जो भू हीनता के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। भू हीनता और वायु शून्यता वाले स्थान चौथे आयाम से प्रभावित होते हैं। ऐसे स्थान देश और काल से परे होते हैं। यदि उनमें कोई वस्तु या व्यक्ति अनजाने में चला जाय तो इस तीन आयाम वाले स्थूल जगत में उसका अस्तित्व लुप्त हो जाता है। वह वस्तु इस दुनिया से गायब हो जाती है।

ऐसी ही तिब्बत और अरुणांचल की सीमा स्थित shangri la ghati है। लेकिन भू हीनता और fourth dimension से प्रभावित होने के कारण वह घाटी अभी तक रहस्यमयी बनी हुई है। वह इन चर्म चक्षुओं से दिखाई नहीं देती है। ऐसा माना जाता है कि इस घाटी का सम्बन्ध अंतरिक्ष के किसी लोक से है।

इस विषय से सम्बंधित एक प्राचीन पुस्तक है-काल विज्ञान। तिब्बती भाषा में लिखी यह पुस्तक तवांग मठ के पुस्तकालय में विद्यमान है। काल विज्ञान के अनुसार इस तीन आयाम वाली दुनियां की हर चीज़ देश,काल और निमित्त से बंधी हुई है। लेकिन संग्रीला घाटी में काल नगण्य है। वहां प्राण,मन और विचार की शक्ति एक विशेष सीमा तक बढ़ जाती है। शारीरिक क्षमता और मानसिक चेतना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

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shangri la ghati का रहस्य-उम्र जैसे थम जाती है

काल की नगण्यता के फलस्वरूप वहां आयु अति धीमी गति से बढ़ती है। यदि किसी व्यक्ति ने उसमे 25 वर्ष की उम्र में प्रवेश किया है तो उसका शरीर लंबे समय तक युवा बना रहेगा।

स्वर्गीय वातावरण में डूबी हुई यह घाटी एक कालंजयी की इच्छा सृष्टि है। जो लोग इस घाटी से परिचित हैं उनका कहना है कि प्रसिद्द योगी श्यामा चरण लाहिड़ी के गुरु अवतारी बाबा जिन्होंने आदि शंकराचार्य को भी दीक्षा दी थी, संग्रीला घाटी के किसी सिद्ध आश्रम में अभी भी निवास कर रहे हैं। जब कभी आकाश मार्ग से चल कर अपने शिष्यों को दर्शन भी देते हैं।

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shangri la ghati में है तीन मठो का अस्तित्व

यहाँ के तीन साधना केंद्र प्रसिद्द हैं। पहला है-“ज्ञानगंज मठ”, दूसरा है-“सिद्ध विज्ञान आश्रम” और तीसरा है-” योग सिद्धाश्रम”। यहाँ पर दीर्घजीवी,कालंजयी योगी अपने आत्म शरीर से निवास करते हैं ।सूक्ष्म शरीर से विचरण करते हैं और कभी कदा स्थूल शरीर भी धारण कर लेते हैं। स्वामी विशुद्धानन्द परमहंस जो सूर्य विज्ञान में पारंगत थे ज्ञानगंज मठ से जुड़े हुए थे।

इस संग्रीला घाटी में रहने वाले योगी आचार्य गण संसार के योग्य शिष्यों को खोज खोज कर इस घाटी में लाते हैं और उन्हें दीक्षा देकर पारंगत बना कर फिर इसी संसार में ज्ञान के प्रचार प्रसार के लिए भेज देते हैं।

इन तीनों आश्रमों के आलावा वहाँ तंत्र के भी अनेक केंद्र हैं जहाँ उच्च कोटि के कापालिक और शाक्त साधक निवास करते हैं। इसी प्रकार बौद्ध लामाओं के भी वहां मठ हैं। उनमें रहने वाले साधक स्थूल जगत के निवासियों से अपने को गुप्त रखे हुए हैं।

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shangri la ghati में real life experience:

एक योगी के अनुभव के अनुसार जब उसने संग्रीला घाटी में प्रवेश किया तब वहां पर ना सूर्य का प्रकाश ना चंद्रमा की लालिमा। वहां पर वातावरण में एक दूधिया प्रकाश फैला हुआ है जिसके बारे में कोई नहीं जानता है। मेने वहां पर लामा ( तिब्बती साधु ) के साथ जब प्रवेश किया तब वहां पर मुझे एक दिव्य प्रकाश की अनुभूति हुई और अचानक ही दर्जनों युवतियां प्रकट हो गई।

उनकी उम्र जैसे थम ही गई थी। सभी के चहरे अपूर्व तेज से दमक रहे थे और एक विलक्षण शांति छाई थी वहां पर “युवतियों के हाव भाव से ऐसा लग रहा था कि वे किसी के आने की प्रतीक्षा कर रही हैं। मेरा अनुमान गलत नहीं था।

थोड़ी ही देर बाद देखा की एक तेज पुंज सहसा वहां प्रकट हुआ। अद्भुत था वह प्रकाश पुंज! प्रकाश पुंज धीरे धीरे आश्रम के भीतर के ओर जाने लगा। युवतियां भी उसके पीछे पीछे चलने लगीं। मेरे उस लामा से पूछने पर उसने बताया कि यह आत्म शरीर है। योगियों का आत्म शरीर ऐसा ही होता है। ये युवतियां योग कन्यायें हैं।

कई जन्मों की साधना के बाद इन्होंने इस दिव्य अवस्था को प्राप्त किया है। योग में इसी को कैवल्य अवस्था कहते हैं। ये सब भी आत्म शरीर धारिणी हैं। लेकिन विशेष अवसर के कारण इन्होंने भौतिक देह की रचना कर ली है।”

आत्म शरीर को उपलब्ध योगत्माएँ इच्छा अनुसार कभी भी भौतिक देह की रचना कर सकती हैं।ये था उस योगी का अनुभव जिसने वहांपर प्रवेश किया। माना जाता है की सभी दिव्य, उच्च श्रेणी के संत और योगी अपनी उम्र जीने के बाद संग्रीला घाटी में प्रवेश करते है। हम अग्नि त्राटक के बाद सिद्धाश्रम / संग्रीला घाटी में प्रवेश कर पाने योग्य बन जाते है।

संग्रीला घाटी का रहस्य क्या है सिधाश्रम :

सिद्धाश्रम के बारे में हम सबने प्राचीन सिद्धियों के किस्सो में जरूर सुना होगा। ऐसा कहा जाता है की अपना जीवन पूरा होने के बाद सिद्ध योगी और ऋषि अपना शेष जीवन ( जब तक उन्हें मोक्ष या लक्ष्य न मिल जाता ) वह बिताते है। वो कभी भी वहां से भौतिक संसार में विचरण कर सकते है। एक दिव्य संसार जहा कोई दुःख नहीं कोई चिंता नहीं उम्र का कोई पड़ाव नहीं है तो चारो तरफ बस शांति और दिव्यता जिसमे हम अपने आप को ज्यादा से ज्यादा दिव्य बनाते है।

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3 COMMENTS

  1. hi bro..ye website bhut hi achchi h…mai jo b sab padna chahta tha sab mujhs yahan mila h …..iske liye aapka bhut dhnybaad…mai ye jaanna chahta hu aapse kya hamare pass aisi shakti b hoti h ki kisi cheej ki kalpna kare aur wo hume prapt ho jaaye…agar h to ye shakti kaise prapt hogi…….

    • सबसे पहले तो आपका धन्यवाद की आपको हमारा ब्लॉग पढना अच्छा लगता है.
      सर ऐसी कई शक्ति और method है जिनके जरिये हम मनचाही चीजे प्राप्त कर सकते है, जैसे की
      आकर्षण का सिद्धांत,
      मानसिक शक्तियों का अभ्यास और
      कल्पना शक्ति के जादू के अभ्यास
      इन सबके जरिये हम वो पा सकते है जिसकी हम कल्पना करे आपको बस एक तरीका अपनाना है जो सही काम करे.

  2. Yah Shakti eshawar ki den hai , eshawar kya hai……atma ,agani, prathvi ,hawa,Pani, Akash,ya in panchyat se bhi abhin …jo sabhi ke sath prachhae ki tarah satth rahata, lakin sabhi nirany usi ke hote hai ,sahi ho galat ……..ham united hai…..hai koe es se age samjha sake

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