क्या आप भी चुनाव के दौरान रखते है इन बातो का ध्यान

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सही नेता का चुनाव

सही नेता का चुनाव सही नेता का चुनाव कैसे किया जाता है ? आपके मत की सही पावर क्या है ? आपके मत का सही उपयोग कैसे करते है ? क्यों की अभी चुनाव का माहौल है और आपके आने वाले 5 साल कैसे बीतेंगे ये निर्भर करता है आप चुनाव किस पार्टी का करते है।

दोस्तों अभी यूपी में चुनाव का माहौल चल रहा था। पिछले दिनों में मतदान में काफी उत्साह देखने को मिला हर पार्टी पिछले कई दिनों से अपने अपने घोषणा पत्र और वायदों की घोषणा कर रही थी।

फ्री की सुविधाओ का लालच देखने को मिला, जातिवाद के नाम पर वोट की अपील भी हुई और तो और एक दूसरे नेता पर जम कर कीचड़ उछाला गया। क्या आपने कभी ये बाते सोचने की कोशिश की

  • क्यों हर पार्टी सिर्फ चुनाव के दिनों में ही जनता के सामने आती है ?
  • नेता आपसे जातिवाद, धर्म और वर्ग के हिसाब से वोट मांगने की कोशिश करता है ?
  • क्यों हर नेता जो चुनावी के दिनों में आपसे मिलने आता है और अगले 5 साल तक आपके घर का रास्ता भी नहीं देखता ?
  • क्यों हर नेता आपसे फ्री की सुविधा की बाते करता है, क्यों वो आपके आधारभूत विकास की बात नहीं करता ?

नहीं आपने कभी ये समझने की कोशिश नहीं की क्यों की आज सोशल मीडिया और न्यूज़ इतना हावी हो चूका है की ये आपको पूरी तरह से अपने हिसाब में ढाल लेता है। और आप वही देखते है और समझते है जो पहले से सोचा गया हो।

  • आपमें से कितने है जो चुनाव में वोट देने से पहले नेताओ के पिछले 5 साल के काम को शुरू से लेकर अंत तक देखते है ना की अंतिम दिनों और चुनाव के दौरान किये गए वायदे को।
  • कितने लोग है जो चुनाव में वोट अपनी मर्जी से देते है।

आज में आपके सामने कुछ ऐसे सवाल रखने जा रहा हूँ। जो हर युवा को सोचना चाहिए क्यों की वर्तमान में युवा शक्ति को बहुत ज्यादा भरमाया जा रहा है। पहले बात करते है कुछ बेसिक सवाल की और फिर बाते करेंगे क्या वाकई ये बाते हमारे लिए सही है।

सही नेता का चुनाव क्यों आवश्यक है

हम आमतौर पर वोट दते समय अपनी जाति के उम्मीदवार को देखते है, या फिर जो हम से बड़े बड़े  सुविधाओ के वायदे करता है उसे वोट देके जीता तो देते है लेकिन क्या वो बाद में आपको देखने आता है, या फिर आपके लिए वो सारे काम करता है जिनका उसने वायदा किया। हर 5 साल में ये क्रिया दोहराई जाती है फिर भी सही नेता का चुनाव नहीं कर पाते है। मेरे मतानुसार हमें सही नेता का चुनाव निम्न बातो को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

  1. जो आपसे फ्री की सुविधाओ के वायदे न करता हो बल्कि आपको उन सुविधाओ के लायक बनाने का अवसर देता है। यानि रोजगार के अवसर।
  2. वो जो आपसे जाति या धर्म के नाम पर अलग अलग सुविधा देने का वायदा कर वोट मांगता है ऐसे नेता आपको आपस में जोड़ना नहीं तोडना चाहते है इन्हें विजयी बनाने का मतलब अगले 5 साल में सिर्फ एक जाति बहुल का दुसरो पर शोषण यकीं न हो तो यूपी और बंगाल दोनों देख लो।
  3. हर नया नेता आपकी आधारभूत सुविधाओ का वायदा करता है लेकिन जब सरकार बन जाती है तब उन्ही वायदों में बचकानी कंडीशन भी लगा देता है। जैसे दिल्ली का फ्री पानी वाला वायदा। क्या आप ऐसी सरकार दोबारा बनाना पसंद करेंगे।

अगली बार जब भी आप चुनाव में मतदान करे अपने आप से ये 5 सवाल जरूर करे। आप अपना मत सही नेता के पक्ष में देंगे ये मेरा विश्वास है।

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 1.) भ्रष्ट्राचार के खिलाफ वायदे करने के बाद उसके खिलाफ काम ना करना : :

जब जब किसी भी पार्टी की सरकार बनी उसने काला धन के खिलाफ यानि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुद्दे उठाए ये बाद अलग है की जब पार्टी बहुमत में आयी तो किसी को उसकी याद नहीं आती है। याद है तो सिर्फ अगले चुनाव से ठीक 9-10 महीने पहले धुंआधार विकास के नाम पर खर्च ताकि जनता को लगे हां ये पार्टी काम कर रही है। अगर यही पैसा शुरू से लगाया जाता तो शायद अच्छी जगह खर्च होता क्यों की काम बोलता है। लेकिन क्या आप एक साथ लागू की योजनाओ में हुए घोटाले को पकड़ सकते है। क्या ये संभव है की पुरे कार्यकाल में कोई खर्च नहीं कोई योजना नहीं पर जब दोबारा चुनाव का वक़्त आया तब एक साथ हर रोज 2 योजना लागू हो गई।

उदहारण : कांग्रेस का बिता हुआ कार्यकाल जिसमे अंतिम समय में हर रोज 2 योजना लागू हुई और जब बीजेपी के कार्यकाल की शुरुआत में सरकारी खजाना खली रहा और महंगाई बढ़ी तो बीजेपी को निक्कमा साबित करने की कोशिश।

2.) आर्थिक विकास करने के लिए मुफ्त की सुविधाएं ही क्यों ? :

सही नेता का चुनाव क्या फ्री की सुविधा को देख कर कर रहे है ?जब भी कोई नयी पार्टी सत्ता में आती है तो वो जनता के बिच मुफ्त की सुविधाओ के वायदे से बनती है। यानी अगर हम सत्ता में आये तो हम आपके लिए पानी मुफ्त कर देंगे या फिर आधारभूत सुविधाएं न्यूनतम दर पर उपलब्ध करवाएंगे। सब कुछ फ्री हो जायेगा। इस तरह के वायदे हम हर चुनाव से पहले  सुनते है। क्या आपके मन में ये सवाल कभी नहीं आया की आखिर ये जो फ्री की सुविधा हमें मिलेगी उसका पैसा कहा से आएगा।

आज भारत की स्थिति ऐसी हो गई है जो कुछ दिन फ्री की सुविधा का लाभ तो उठा लेता है ये जाने बगैर की बाद में उसका ही शोषण होगा और बाद में महंगाई का रोना रोता है। आखिर हम इतने नासमझ कैसे हो सकते है की कुछ दिन के लिए अपने पुरे 5 साल रोते हुए गुजरते है।

उदहारण : यूपी चुनाव में दिए गए फ्री लैपटॉप, घी वगेरह के वायदे। क्या ये सुविधाएं आपको वो अपनी जेब से अपने भत्ते से देंगे।

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3.) हर जाति के लिए अलग अलग आरक्षण की मांग क्यों :

आरक्षण की मानसिकता ने आज हमें इस तरह जकड रखा है की हर कोई आरक्षण के पीछे पागल है। हालाँकि कुछ वर्ग विशेष जो आरक्षण का सही मतलब जानते है इस लिए कोई मुद्दा नहीं उठा रहे है। फिर भी जब भी कोई जाति अपने लिए आरक्षण की मांग करने लगती है उसके देखा देख दूसरी जाति भी तैयार हो जाती है। दलित वर्ग जो आरक्षण के वक़्त ख़ुशी ख़ुशी आगे बढ़ते है और जगह पर इनके अपमान से ये पीड़ित होते है।

जैसे मंदिर में प्रवेश वर्जित, यूपी जैसे प्रदेश में जहां पर दलितों का इतना मुद्दा उठाया जाता है वही पर दलित को शादी के वक़्त घोड़ी से उतारने की घटनाये सामने क्यों आती है। क्या आपने ये बात सोचने की कोशिश की। सही नेता का चुनाव ना कर पाना इसकी वजह है।

हमारी मानसिकता फ्री के स्वाद की हो गई है। स्वतंत्रता के समय भी हमसे अधूरे स्वराज की बात कही गई, विभिन्न जातियो को अलग अलग आरक्षण देने की कोशिश, और सबको जाति के अनुसार बाँटने की कोशिश आपका अपना नुकसान है। किसी भी धर्म में जाति का नाम लेते हुए नहीं सुना गया सिर्फ हिन्दू धर्म में जाति पहले क्यों ? क्यों की हम उन्ही टुकड़ो पर पलना पसंद करते है जिन पर पहले से ही हमारा हक़ होता है।

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4.) भारत में इतने साल बीतने के बाद भी विकास क्यों नहीं :

हर 5 साल में हमारे देश में सरकार बनती है। आजादी के इतने साल बाद भी हमारे देश में विकास की प्रक्रिया इतनी धीमी क्यों ? हम आज भी दूसरे देशो से पीछे क्यों है जबकि जापान और चीन दोनों ही ऐसे देश है जहां पर इससे भी कम वक़्त में हमारे देश से कई गुना ज्यादा विकास डर विकसित हुई है। जवाब है हमारा फ्री का लालच। कोई भी नेता हमें लुभावने लालच दे देता है और वोट हासिल होने के बाद आपको पूछता भी नहीं है।

क्या करे : चुनाव के दौरान की गई वायदे की घोषणाओ में ये देखे की कौन आपको फ्री का लालच दे रहा है और कौन आपके लिए विकास की नीतिया सुझा रहा है। जो नेता तकनीक को लेकर आता है वो आपके लिए सही विकास भी लाएगा।

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5.) भारत को विकसित बनाने के लिए क्या काम किये है ?

आज भाजपा को  2 साल से भी ऊपर सत्ता में आये हो चुके है। में आपको कुछ ऐसे काम बताना चाहूंगा जो पहले नहीं थे और सही मायने में आपके लिए यही काम हुआ।

  1. ऐसा कोई नेता आज तक नहीं आया जिसने विदेशो से संधि समझौता अपनी शर्तो के हिसाब से किया हो। सिर्फ उनकी शर्तो को मान कर भारत को एक बाजार की तरह पेश किया गया जिसका फायदा बाहरी देशो को ही हुआ।
  2. ट्रेन जो आज आपके यातायात का महत्वपूर्ण अंग है खासतौर से कामकाजी लोगो के लिए में आज से पहले अभी ऑनलाइन सुविधा चालू नहीं हुई। ना ही तकनिकी कार्यो को रेलवे में शामिल किया। आज आप ऑनलाइन शिकायत कर अगले स्टेशन पर समाधान पा सकते है वो भी ट्विटर के जरिये।
  3. नोटबंदी के बाद किन लोगो को परेशानी हुई। गरीब या अमीरो को ? फिर भी गरीब ने कभी इसकी शिकायत नहीं की क्यों की जिन गावो में दूसरे नेता लोगो को परेशां बता रहे थे वहां इससे पहले क्या नकद लेनदेन था। आपको बता दू गावो में आज भी नकद लेनदेन इतना चलन में नहीं है। जिनके पास जरुरत से ज्यादा ब्लैक मनी था उन्होंने इसके लिए हल्ला मचाया। जब की हर नेता ब्लैक मनी के खिलाफ था।

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अंतिम शब्द:

अगर इतना आप सोच सकते है तो आप अपने मत कासही उपयोग करेंगे। विकसित होने के लिए हमें आरक्षण या फ्री की सुविधा की जरुरत नहीं है। अगर हमारे पास तकनिकी और अवसर ही नहीं तो हमारी श्रम शक्ति का क्या मतलब ? हमें हमारी सोच बदलने की जरुरत है तभी हम इन निम्न मानसिकता से आजाद होकर विकासशील देशो की होड़ में शामिल हो सकते है। इसलिए अगली बार वोट देने से पहले इन बातो पर गौर जरूर करना।

आज की पोस्ट सही नेता का चुनाव पर आपके विचार आमंत्रित है। कृपया हमें बताये सही नेता का चुनाव को लेकर आप क्या सोचते है।

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3 COMMENTS

  1. Kumar जी आपने बिल्कुल सही कहा लोगों की मानसिकता फ्री के स्वाद की हो गई है । तभी तो हमारे देश की जनता कभी जाति के नाम पर और कभी धर्म के नाम पर बेवकूफ बनती रहती है । बहुत बढिया लेख । धन्यवाद ।

  2. कुमार जी,आपके विचार सही है मैंने भी अपने ब्लॉग पर इसी मुद्दे को चुना है ,आपके विचार जनता को जाग्रत करेगें.
    नीरज

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