पोस्ट हिप्नोटिज्म से भविष्य के लिए खुद को प्रोग्राम कैसे करे सिर्फ एक महीने के अभ्यास से

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पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक

पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीकसम्मोहन की अवस्थाए तो हम पढ़ चुके है लेकिन एडवांस में आगे बढ़ने पर हम जिस स्टेज से रु-ब-रु होते है वो है पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक यानि सम्मोहन की ऐसी अवस्था जिसमे हम किसी भी व्यक्ति को ऐसे कमांड देते है जो उसके Hypnotism से बाहर आने के बाद काम करती है। ये स्टेज उस अवस्था में ज्यादा फायदेमंद है जब आप किसी व्यक्ति को सम्मोहन की अवस्था से बाहर बदलना चाहते है। इसके अलावा इसके सबसे बड़े फायदे में एक है इसका बार बार काम करना यानि सम्मोहित कर सिर्फ एक बार आप दिमाग में आदेश दे की इस कंडीशन में आप ये व्यव्हार करेंगे जब सम्मोहन तोड़ेंगे और वो नार्मल जिंदगी जीने लगते है तब जैसे ही वो हमारी बताई गई कंडीशन से गुजरते है वो उस आदेश के अनुरूप व्यव्हार करने लगते है जो हम उन्हें देते है।

self-hypnotism और पोस्ट हिप्नोटिज्म दोनों ही अवस्था में एक बात common है और वो ये की इन अवस्थाओं में जो सुझाव दिए जाते है वो भविष्य में काम आने वाले होते है। यानि सम्मोहन की दूसरी अवस्थाओं में एक ओर जहा सुझाव और निर्देश उसी वक़्त बदलाव लाते है वही इन अवस्थाओं में सुझाव बाद में किसी खास स्थिति के ऊपर निर्देशित किये जाते है। उदाहरण के लिए :

आप एक chain smoker है और एक्सपर्ट आपको hypnotism की post hypnotism अवस्था के द्वारा सही करना चाहते है तो वो उस समय आपको एक खास निर्देश देंगे जो स्थिति से जुड़ा होगा जैसे की आप जब भी स्मोक करने के लिए सिगरेट मुँह को लगाएंगे आपको सिगरेट का स्वाद सही नहीं लगेगा। और फिर वो hypnotism तोड़ दिया जाता है। अब सामान्य जिंदगी में आप जब भी cigarette को मुँह लगाएंगे उसका taste आपको सही नहीं लगता है और आप उसे फेंक देंगे, दूसरी और तीसरी के बाद जितनी भी सिगरेट आप टेस्ट करेंगे सबका स्वाद आपको अजीब लगेगा और धीरे धीरे आप उसे छोड़ देंगे।

सम्मोहन और पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक में अंतर :

hypnotism की सभी अवस्थाओं में एक्सपर्ट आपको सीधे निर्देश देते है जो शायद आपके खुद के विचारो के साथ मेल ना खा सके या फिर आपके संस्कारो के बिच टकराव हो इसलिए सम्मोहन टूटने का डर भी रहता है। दूसरी और पोस्ट सम्मोहन और आत्मसम्मोहन में हम निर्देशों को स्थिति के साथ जोड़ देते है जिससे की वो एक समय बाद जाग्रत होते है यानि हमारी किसी भी आंतरिक भावनाओ में टकराव नहीं बल्कि स्थिति में बदलाव लाया जाता है। इसे दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आपके लिए निर्देशों के मायने बदल दिए जाते है।

hypnotism में सुझाव की 5 स्थिति :

सम्मोहन में सुझाव की 5 स्थितियां देखने को मिल सकती है जिनसे हमारे मन में निर्देश पहुंचाए जाते है।

  1. सकारात्मक सुझावों के निर्देश
  2. साफ़ साफ़ भाषा का प्रयोग करना
  3. भावनाओ का समावेश ताकि निर्देश में प्रभाव लाया जा सके।
  4. माध्यम में आपके विचारो और सुझावों के प्रति रूचि पैदा करना।
  5. चेतन मन नकार दे ऐसे सुझाव का प्रयोग न करना।

अगर आप भी इन मानदंड का ख्याल रख कर सुझाव देते है तो वो सफल होंगे।

making of post-hypnotic-suggestion

पोस्ट-हिप्नोटिक सुझाव देने से पहले हमें कुछ बातो का ख्याल रखना चाहिए जिसमे सबसे खास है suggestion को पहले से ही लिखकर या रिकॉर्ड कर साफ साफ शब्दों में तैयार करना। ऐसा करना इसलिए बेहद जरुरी है क्यों की सुझाव हमेशा साफ और बगैर किसी विरोधाभास वाले शब्दों में ही देना चाहिए। पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक में जो निर्देश दिए जाते है वो हमारे सम्मोहन तोड़ने के बाद स्थिति विशेष पर काम करते है।

दूसरा अगर आप किसी को पोस्ट सम्मोहन के निर्देश देने जा रहे है तो इस बात का खास ख्याल रखे की आपके निर्देश में स्थिति के अंदर ना तो विरोधाभास हो और ना ही इसमें दो राय हो। मान लीजिये की आपने जिस स्थिति के लिए निर्देश दिए है उसमे अगर same time कुछ अलग बदलाव आ जाये तो आपके सुझाव काम नहीं कर पाएंगे। इसे हम विरोधाभास की स्थिति के नाम से भी जानते है।

हिप्नोटिक ट्रिगर :

ये एक खास निर्देश है जो आपको किसी अवस्था में फील होने वाले डर से निकालने में सहायक है जैसे की अगर आपको डर लगता है गाड़ी चलाने से तो उस समय पोस्ट-हिप्नोटिक स्टेज में आपको निर्देश दिए जायेंगे की जिस वक़्त आप गाड़ी के स्टीयरिंग को हाथ लगाते है उस वक़्त आपके अंदर सकारात्मकता का संचार होता है और आप अपने शरीर के हर हिस्से में खुद को कॉंफिडेंट महसूस करने लगे है। कहने का मतलब है स्थिति को देखकर सिर्फ उसी अवस्था के लिए सुझाव देना।

पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक के 11 सीक्रेट :

हम बात कर रहे है एक सफल पोस्ट सम्मोहन के लिए हमें क्या क्या करना चाहिए ? इसके लिए अगर आप इन खास बातो को समझ ले तो आपके लिए सबकुछ आसान बन जायेगा। आइये जानते है ऐसी ही कुछ खास बातो को।

1.) पोस्ट समोहन- आप रिजल्ट में क्या चाहते है ?

Post hypnotism में आपका माध्यम किस तरह के रिजल्ट चाहता है सबसे पहले तो आपको इसे समझना चाहिए। इसके लिए आप उनकी वर्तमान स्थिति और उनके चाहे गए परिणाम के बिच एक तालमेल बैठना जरुरी है। यह शुरुआत है आवश्यक निर्देश बनाने की ताकि आपके सुझाव साफ और स्पष्ट हो।

2.) माध्यम में डाले आपके प्रति विश्वास और रूचि :

medium को पोस्ट-हिप्नोटिक स्टेट में लाने से पहले आपको खुद की स्थिति पर गौर कर लेना चाहिए। एक सुझाव तभी कामयाब होगा जब माध्यम और आप दोनों इस स्थिति के लिए चेतन और अवचेतन मन दोनों स्तर पर तैयार हो सके। इसके लिए आपके मन में इस अभ्यास के लिए आवश्यक रूचि उतनी ही जरुरी है जितना माध्यम के।

3.) माध्यम की शंकाओ और नकारात्मक विचारो का समाधान :

एक सफल हिप्नोटिक प्रैक्टिस के लिए ये आवश्यक है की आपका माध्यम आपके प्रति आश्वस्त हो और उसे ये भी लगे की आप उसे सफलतापूर्वक सम्मोहित कर सकते है तथा वो इसके काबिल है। अगर माध्यम को लगता है की वो इसके काबिल नहीं है या फिर वो आपके साथ खुद को सेफ महसूस कर नहीं पा रहा है तो सबसे पहले इन समस्या का समाधान जरूर कर ले।

4.) खुद को तैयार कर ले इन A, B, and S के लिए :

यहाँ पर इन शब्दों के अलग अलग अर्थ और महत्व है आइये जानते है इन सबका मतलब और इनका महत्व

  • A – attention : माध्यम का सारा ध्यान खुद पर केंद्रित करना।
  • B – नकारात्मक संभानाओं को दरकिनार करना : यानि ऐसे विचार जो ना से जुड़े है को नकार देना।
  • S – stimulate the unconscious mind : यानि अवचेतन मन से जुड़ना ताकि आप माध्यम के अवचेतन मन से जुड़ कर उसे निर्देश दे सके।

5.) हिप्नोटिक कांटेस्ट को विकिसत करना :

माध्यम सम्मोहित हुआ है या नहीं का पता कैसे लगाया जाए ? हो सकता है वो आपसे सम्मोहित ही नहीं हुआ है। इसके लिए जब आप उसे हिप्नोटिक स्टेट में ले जाते है तब निर्देश इस तरह से दिए जाते है की माध्यम का अवचेतन मन उस पर प्रतिक्रिया करता रहता है। जैसे की आप उसे निर्देश देते है की आपके सामने एक कुंआ दिखाई दे रहा है और आप उसके किनारे पर खड़े है आपको क्या दिखाई दे रहा है ? अब माध्यम अगर सम्मोहित नहीं हुआ है तो वि सिर्फ कुए के बारे में बताता है लेकिन अगर वो वास्तव में सम्मोहित हो चूका है तो वो ऐसे रियेक्ट करेगा जैसे वो कुए के ऊपर ही है। वो आपको जो बताता है वो सब एक वास्तविक अनुभव से जुड़ा होता है।

6.) माध्यम में स्थिति के अनुसार व्यव्हार भरना :

मान लीजिये आपका माध्यम आपके द्वारा तनाव पर काबू पाना चाहता है। आप जब उसे निर्देश देंगे तो वो इस तरह से होने चाहिए की माध्यम उन्हें समझ कर उनके अनुसार व्यव्हार कर सके। जैसे की मान लीजिये वो कभी तनाव में या गुस्से में आ जाता है। अब hypnotic-suggestion काम करता है तब उसमे निम्न बदलाव आने चाहिए।

  • अनुभव  – खुद को एक जगह रोक देना सबकुछ थाम कर खुद पर फोकस होना।
  • एक्शन – खुद ही मुस्कुराना और इसी तरह का व्यव्हार करना
  • महसूस करना – खुद में आत्मविश्वास पैदा करना, शांत बनना और उत्साही होना।

7.) व्यव्हार को ट्रिगर से जोड़ना :

व्यव्हार को स्थिति के अनुसार ट्रिगर करना जिसमे हम जिस स्थिति में होते है उसमे क्या बदला हुआ व्यव्हार करना है को समझते है उदाहरण के तौर पर मान लीजिये की आपको औरतो से बात करने में झिझक महसूस होती है। सुझाव क्या होगा ?

आप जब भी किसी खूबसूरत औरत को देखेंगे आपके अंदर उत्साह महसूस होने लगेगा और आप खुद को स्माइल करते हुए महसूस करेंगे।

पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक में अलग अलग स्थिति पर सुझाव ट्रिगर किये जाते है।

8. ) पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक – माध्यम की स्वीकृति प्राप्त करना :

expert ask question in hypnotismसिर्फ सुझाव देना काफी नहीं है माध्यम उन्हें स्वीकार करे ये भी जरुरी है। इसके लिए सुझाव देते समय माध्यम को उसके फायदे अवगत करवाते हुए उनसे पूछे की क्या वो इसे स्वीकारते है। इस तरह से वो आपके सुझाव अवचेतन मन के स्तर पर ग्रहण करते है।

9. ) माध्यम का सुझाव पर काम करना

अभ्यास देते देते आप माध्यम को अन्य सुझाव भी दे सकते है जैसे की जब भी तुम उठोगे तीन बार गहरी साँस लोगे और खुद को उत्साही महसूस करोगे। ये इसलिए आवश्यक है क्यों की आप जान सकते है की माध्यम कितना आपके कण्ट्रोल में है और अभ्यास से उसे दबाव तो महसूस नहीं हो रहा है।

10.) सेल्फ-फीडिंग-सुझाव का लूप :

स्थिति को एक दूसरे से जोड़ कर शक्तिशाली हिप्नोटिक सुझाव का निर्माण करना। मान लो आप किसी को सुझाव देते है की वो एक नॉन-स्मोकर है और खुशमिजाज इंसान है। उनके अवचेतन में ये फीड होगा की वो खुशमिजाज नॉन-स्मोकर है। इसलिए अगर आप उन्हें सुझाव दे की वो खुशमिजाज तो है उनके स्वास्थ्य पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है। उदाहरण के लिए :

जब भी आप Early morning से पहले उठते है तो आप खुद को ज्यादा उत्साही महसूस करते है जब आप बेड छोड़ देते है।

इसका सबसे बड़ा फायदा ये हुआ की अब आप सूर्योदय से पहले ही उठने लगेंगे।

11. ) पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक – सुझाव को लॉक कर भुला देना :

सुझावों को अवचेतन मन की गहराई में उतार कर उन्हें सामान्य जीवन में भुला देने से वो और भी ज्यादा पावरफुल बन जाते है। उन्हें किसी खास स्थिति में ही याद आने के लिए माध्यम कहा जाता है बाकि समय माध्यम उन्हें याद नहीं रख पाता है।

अगर आप भी ऊपर बताए गए निर्देशों मानदंडों का सही से पालन कर लेते है तो आप किसी भी व्यक्ति को सफलतापूर्वक पोस्ट-हिप्नोटिक-सुझाव दे सकते है। आज की पोस्ट पोस्ट हिप्नोटिज्म की तकनीक आपको कैसी लगी हमें जरूर बताये। ज्यादा पोस्ट के लिए आप ब्लॉग न्यूज़ लेटर को subscribe कर सकते है।

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