संकल्प और इच्छा-शक्ति को मजबूत कर सम्मोहन सिखने के लिए न्यास ध्यान – घर पर आसानी से कैसे करे ?

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न्यास ध्यान

न्यास ध्यान विधि ध्यान /योगासन की वो steps है जिसमे हम अपने शरीर को भावना शक्ति द्वारा ज्यादा से ज्यादा नियंत्रित करते है। इस विधि से मानसिक बल को मजबूत किया जाता है। हम दैनिक कार्यो में इसका लाभ उठा सकते है मसलन अपने तनाव को दूर करना, मन में चलने वाली अनावश्यक शंकाओं को दूर करना, और खुद का आत्मविश्वास मजबूत करना। ये विधि इतनी कारगर है की अगर सही तरीके से की जाये तो आपको सिर्फ सोचने मात्र से अपने मन को नियंत्रित करने की क्षमता प्रदान करता है। Nyasa meditation for better control over body and mind in Hindi की आज की इस पोस्ट में जानते है न्यास ध्यान की सबसे आसान विधि वो भी फायदे के साथ.  ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो न सिर्फ आपके शरीर बल्कि मन को भी सबसे बढ़िया तरीके से नियंत्रण में लाने में सहायता करती है.

न्यास ध्यान

meditation / yoga इसलिए क्यों की इसमें हम ध्यान की तरह एकाग्रता का अभ्यास करते है और योगासन की तरह इसका अभ्यास करते है।  मेरे खुद के अनुभव में मेने महसूस किया है की इस विधि से हम खुद को एक दम मजबूत विचारो वाला बना सकते है। अगर आपकी संकल्प शक्ति या इच्छाशक्ति कमजोर है तो आपको सिर्फ एक सप्ताह तक इसका अभ्यास करने की जरुरत है आपको खुद फर्क दिखने लगेगा। इसके अभ्यास से हम खुद को एक ऐसे व्यक्तित्व में ढाल सकते है जो किसी बात को लेकर खुद पर संशय नहीं करता है. दुसरे शब्दों में कहे तो जो एक बार कह दिया वो ही कर के दिखाने वाली नेचर हमारे अन्दर विकसित होने लगती है.

न्यास ध्यान :

इस meditation / yoga में हम शरीर के सभी ऊर्जा केंद्र को जाग्रत करते है। इससे हम ज्यादा ऊर्जावान बनते है और ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रह पाते है। ध्यान से पहले शरीर के उन ऊर्जा केंद्र की पहचान जरुरी है जिन्हे हमें जाग्रत करना है।हमें भावना द्वारा इन सभी केंद्र में प्राण को सरंक्षित रखना चाहिए एक समय तक के अभ्यास के बाद जब ये केंद्र जाग्रत रहने लगते है तो अपने आप इनमे प्राण का नियमित बहाव बना रहता है। और हमारी प्राण ऊर्जा व्यर्थ के प्रयास में नष्ट नहीं होगी।

हम रात्री में सोते है ताकि शरीर और मन दोनों को आराम मिले. इस दौरान हम प्राण उर्जा को ग्रहण करते है अगले दिन के कामो के लिए. अगर उर्जा केंद्र जाग्रत अवस्था में नहीं होते है तो इस दौरान उर्जा का सरक्षण कम से कम होता है जो की अगले दिन खर्च हो जाती है. इसके अभाव में आप खुद को बिना उत्साह वाला महसूस करने लगते है, किसी काम को मन से या जोश के साथ करने की इच्छा नहीं रहती है. ऐसे कई लक्षण है जो बताते है की शरीर में प्राण उर्जा और केंद्र के जाग्रत होने की कमी है.

न्यास ध्यान का मुख्य उदेश्य है हमारे शरीर के सभी उर्जा केंद्र को जाग्रत करना और उनमे उर्जा को सरंक्षित करना. इसके अभाव में हम दिनभर के कामो में उस उर्जा को पूरी तरह नष्ट कर देते है जो हम रात्री को को ग्रहण करते है. अगर आपको भी लगता है की आप खुद को बिना उत्साह वाला, कमजोर महसूस करने लगे है तो इस अभ्यास को जरुर करे.

शरीर के ऊर्जा केंद्र :

शरीर का हर हिस्सा अपने आप में एक ऊर्जा का केंद्र है. मनुष्य के कुल 26 ऊर्जा केंद्र है जो निम्न है

ऊर्जा केंद्र संख्या
पैरो की तलहटियाँ : 2
पिंडलियां 2
जंघाएँ 2
गुप्त इंद्रिय 1
नाभि 1
ह्रदय 1
फेफड़े 2
कंधे 2
दाहिना हाथ,पंजा, भुजा 3
बायां पंजा,हाथ, भुजा 3
आँखे 2
कान 2
मुख 1
नाक 1
भ्रकुटी 1
कुल 26

शरीर में हर हिस्से को अगर आपको प्राणवान बनाना है तो आपको इन केंद्र को हमेशा जाग्रत रखना चाहिए जिससे आपको हमेशा स्फूर्ति का अहसास होता रहेगा। इसके अलावा पुरे शरीर में तेज बहता है। आपने गौर किया होगा कुछ लोगो का व्यक्तित्व इतना आकर्षक होता है की हम उनकी और बरबस खींचे चले जाते है. ऐसे लोगो के शरीर से आकर्षण शक्ति का प्रवाह हर अंग से होने की वजह से वो लोगो को ज्यादा प्रभावित करते है और इसी वजह से वो खुद को ज्यादा एक्टिव रख पाते है.

अगर आप भी चाहते है की लोग आपकी ओर आकर्षित हो और आपकी personality attractive बन जाए तो आपको महिना भर न्यास ध्यान का अभ्यास करना चाहिए. अगर त्राटक के साथ कर रहे है तो इसका फायदा आपको सम्मोहन में मिलना शुरू हो जाता है. ये एक ऐसा अभ्यास है जिसके जितने भी फायदे गिना दिए जाए कम ही है. ये किताबी बाते नहीं मेरा खुद का अनुभव रह चूका है. चलिए जानते है की इसकी विधि क्या है और हम इसे घर पर कैसे कर सकते है.

आकर्षक व्यक्तित्व के लिए न्यास ध्यान विधि

शरीर को आरामदायक स्थिति में ले जाकर लेट जाए. इसके बाद खुद को विचारों से रहित बनाने की कोशिश करे न कर पाए तो कोई बात नहीं क्यों की इसमें विचारो को एक जगह केंद्रित कर भी हम विचारो से छुटकारा पा सकते है।

जब मन शांत हो जाये अपना पूरा ध्यान शरीर के निचले हिस्से पर ले जाये। मन ही मन में कल्पना करे की आपके शरीर का सबसे निचला हिस्सा यानि पैरो की तलहटी ऊर्जा से प्रवाहित हो रहा है इस वक़्त अगर आप सिर्फ तलहटी के बारे में सोचते है तो आप सही जा रहे है।

तलहटी पर बार बार विचार करने से आपका पूरा ध्यान सिर्फ उसी जगह केंद्रित हो जाता है। इसके बाद आप निम्न मंत्र का जाप कर सकते है जो सामान्यतः जागरण मंत्र है।

“ॐ चैतन्य चैतन्य स्वाहा”

अगर आपका पूरा ध्यान सिर्फ विचार किये गए हिस्से पर होता है तो इस मंत्र के जाप से आपके उस हिस्से में ऊर्जा के प्रवाह को आप स्पस्ट महसूस कर सकते है।

इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए आप बाकि के केंद्र पर ध्यान लगाए और उन्हें भी ऊर्जा से जाग्रत कर दे। इस को आप भावना या बार बार एक विचार को ही दोहरा कर सफलता पूर्वक कर सकते है।

इस पुरे चरण में आपको 15 मिनट लग सकते है। प्रत्येक केंद्र पर ध्यान 5 से 10 सेकंड काफी है। लेकिन शुरू में एक ही केंद्र पर पूरा ध्यान लगाना मुश्किल होता है इसलिए एक केंद्र पर ही मिनट लग जाती है इसमें परेशान न हो धैर्य से विधि करते रहे।

पढ़े : अलौकिक शक्तियों का खजाना है दीपक त्राटक की साधना

ध्यान देने योग्य :

  • शरीर के ऊर्जा केंद्र पर ध्यान लगाना पढ़ने में जितना सरल लगता है करने में उतना मुश्किल है, कई बार ध्यान नहीं लग पाता है. कुछ देर लगेगा तो बाद में फिर मन भटकने लगता है।
  • इस विधि से मानसिक थकान हो सकती है और बिच में बिना पता चले ही निद्रा भी आ सकती है। इसके लिए आप इस अभ्यास को सुबह या दोपहर में करे जिससे की अगर निद्रा भी आ जाये तो योग निद्रा हो। रात्रि को ये प्रयोग तब करे जब आपको निद्रा ना आने की समस्या हो इससे गहरी निद्रा प्राप्त की जा सकती है।
  • शरीर को शिथिल करना थकाने वाला काम है इसकी वजह से हम सभी केंद्र पर ध्यान नहीं लगा पाते है।
  • ऊर्जा केंद्र पर ध्यान केंद्रित करते वक़्त हमें ऐसे लगता है जैसे सूक्ष्म शरीर से हम पुरे शरीर की यात्रा कर रहे है ये हमारी एकाग्रता को दिखाता है।

न्यास ध्यान के फायदे :

न्यास ध्यान या यूँ कहे की योगासन प्राण ऊर्जा के बहाव के लिए सबसे बेहतर विकल्प है। अगर आप आकर्षक बनना है तो इसे जरूर करे। इसके शुरुआत में आपको नींद आ जाएगी पर नियमित अभ्यास से हम चेतन्य रह कर इस अभ्यास में पारंगत हो सकते है। इसके अलावा इसके निम्न फायदे है।

  • हम शरीर को ज्यादा से ज्यादा ऊर्जावान बना सकते है।
  • न्यास ध्यान हमारे मन को शरीर से जोड़ता है।
  • nyas meditation ध्यान की कठिन विधि में से एक जरूर है लेकिन इसके हमारे शरीर को सिर्फ भावना से नियंत्रित करने की शक्ति को देखे तो ये और विधि से ज्यादा बेहतर है।
  • पढ़ने वाले विद्यार्थी, ज्यादा मानसिक श्रम करने वाले, जल्दी परेशान होने वाले व्यक्ति इस विधि से लाभ उठा सकते है।
  • हम विचारो को कही भी ले जा सकते है इसके अलावा अपनी समस्या को बेहतर तरीके से सुलझा सकते है।
  • सम्मोहन के अभ्यास के लिए न्यास ध्यान का अभ्यास एक सहायक अभ्यास की तरह है और इसके फायदे आपको कम समय में ही दिखने शुरू हो जाते है.

न्यास ध्यान की विधि कठिन जरूर है लेकिन इसके फायदे बहुत है जिसकी वजह से हम इसे अपना कर बहुत सी समस्या से छुटकारा पा सकते है। न्यास ध्यान की तरह ही पिरामिड ध्यान हमें ऊर्जावान बनाता है।

सम्मोहन में न्यास ध्यान का प्रयोग – अंतिम शब्द

दोस्तों न्यास ध्यान का प्रयोग आप चाहे त्राटक में करे या ध्यान में करे आपको इसके अद्भुत परिणाम बहुत कम समय से ही मिलने शुरू हो जाते है. जिन लोगो का मन और शरीर आपस में तालमेल नहीं बिठा पाता है जैसे की हम खुद को किसी चीज के लिए रोक रहे है लेकिन मन बार बार उधर भटक रहा हो तो उन्हें इसका अभ्यास जरुर करना चाहिए. इसका आत्मनियंत्रण इतना मजबूत है की कुछ ही समय में आप जो बोलते है उसके अनुसार ही आपका दिमाग सुझाव प्रदान करता है. मन का भटकाव ख़त्म होने लगता है और हम खुद को ज्यादा से ज्यादा स्थिर महसूस करने लगते है. इसके अलावा सूक्ष्म शरीर की यात्रा और योग निद्रा में भी इसका बहुत बड़ा योगदान है.

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