आखिर क्यों आज भी कई जगह मेस्मेरिज्म को एक औझा विद्या के जैसा मानते है लोग

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मेस्मेरिज्म और सम्मोहन दोनों सुनने में काफी कुछ समान लग सकते है। इन दोनों में चुंबकीय शक्ति का इस्तेमाल किया जाता है। हम पिछली पोस्ट में हालाँकि इन दोनों के बारे में पढ़ चुके है पर अभी तक ये क्लियर नहीं हुआ है की क्या मेस्मेरिज्म एक भूत या औझा विद्या है। ये सवाल लोगो के मन में इस वजह से आया क्यों की चुम्बकीय शक्ति द्वारा आकर्षण को बढ़ाकर हम किसी में भी दूसरी personality या फिर multi personality भर सकते है। mesmerism and hypnotism दोनों में बेस्ट क्या है। what is mesmerism यानि  mesmerism kya h और kya mesmerism paranormal practice h. ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब जानते है आज की पोस्ट mesmerism and hypnotism और इसके अलग अलग महत्त्व के बारे में.

mesmerism and hypnotism

आपने गावो में कुछ ऐसे लोग जरूर देखे होंगे जो सामान्य जीवन में एक normal person दिखते है लेकिन पूजा पाठ के बाद उनमे माता, या लोक मान्य देवी देवता उतरते है। विज्ञान की भाषा में इसे बेशक Multiple personality कहते हो लेकिन ये भी चुम्बकीय आकर्षण के सिद्धांत में आता है। आज की पोस्ट में हम mesmerism se judi khas or mahatvpurn jankariya जानेंगे।

Mesmerism क्या है :

मेस्मेरिज्म एक विज्ञान है जिसमे ये विश्वास किया जाता है की एक प्राणी अपने शरीर की चुम्बकीय ऊर्जा को दूसरे शरीर में प्रवाहित कर सकता है। इसका नाम मेस्मेरिज्म Franz Anton Mesmer, 1800 वी सदी के नाम से उद्भव हुआ है। इसमें हम निम्न प्रक्रिया को  शामिल करते है जैसे घूरना यानि एकटक देखना, पास मार्जन और सम्मोहन शामिल है। इसके अलावा इसमें किसी दूसरे व्यक्ति की Energy field को प्रभावित करना भी है।

मेस्मेर का मानना था की हर प्राणी में ये चुम्बकीय ऊर्जा प्रवाहित होती है जिसकी कमी या असंतुलन इंसान में बीमारी की वजह बनती है। चक्र असंतुलन, रैकी, kinisieologyऔर ऊर्जा हीलिंग ये सभी मेस्मेरिज्म के अंतर्गत ही आते है। मेस्मेरिज्म की प्रक्रिया में सबसे मूर्छा लायी जाती है और बाद में बगैर शरीर को टच करते हुए पास मार्जन दिया जाता है जो क्लाइंट की ऊर्जा क्षेत्र में व्यवधान डालता है और उसे अपने प्रभाव में लाता है।

मेस्मेरिज्म का इतिहास :

जैसा की आपने ऊपर पढ़ा मेस्मेरिज्म की शुरुआत  1800 वी सदी में Franz Anton Mesmer ने की थी। उनका ये प्रयोग विज्ञान और मेडिकल विभाग में नयी क्रांति की शुरुआत थी। लेकिन अफ़सोस की उन्हें बैन कर वेनिस छोड़ने पर मजबूर किया गया। क्यों की उनकी खोज ने बीमारी को असाधारण तरीके से बगैर किसी दवा के ठीक किया था ऐसे में डॉक्टर और वैज्ञानिक को लगा इससे उनका करियर ख़त्म हो जायेगा। डॉ. मेस्मेर इसके बाद दूसरे देश में रहने लगे पर अपने प्रयोग को बंद नहीं किया।

उंहोने ऐसे कमरों का निर्माण करवाया जिसमे बड़ी और शक्तिशाली चुम्बक लगी थी। रोगियों को उसमे रखा जाता और उपचार के नाम पर सामान्य जल दिया जाता जिसकी शीशी पर बड़ी बड़ी दवाई के लेबल लगे थे। ये सब रोगियों को विश्वास दिलाने के लिए की उन्हें महंगा उपचार दिया जा रहा है ताकि वो जल्दी ठीक हो सके।

डॉ.. मेस्मेर का मानना था की चुंबक में वही गुण है जो किसी के ऊर्जा फील्ड को प्रभावित कर सकता है। बाद में उन्हें अहसास हुआ की Animal magnetism यानि प्राणियों में चुंबकीय शक्ति प्रवाहित करती है तो फिर बाह्य माध्यम क्यों ? इसलिए उन्होंने शारीरिक चुंबकीय शक्ति के प्रयोग करना शुरू कर दिया जिसमे उन्हें अपार सफलता मिली और इसी विज्ञान से आगे चलकर सम्मोहन यानि hypnotism का जन्म हुआ।

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mesmerism and hypnotism दोनों एक जैसे नहीं है

अगर आप सम्मोहन और मेस्मेरिज्म की क्रिया को जान गए है तो आप पाएंगे की mesmerism and hypnotism एक जैसा नहीं है। सम्मोहन में शब्दों को भावनाओ का रूप देकर यानि सुझाव द्वारा व्यक्ति को Hypnosis की अवस्था में लाया जाता है। सुझाव  देने के साथ साथ एकटक देखना और सामने वाले के ऊर्जा क्षेत्र में जबरदस्ती घुस कर उसकी चेतना पर कब्ज़ा किया किया जाता है।

एक ओर जहा मेस्मेरिज्म में पहले पास मार्जन द्वारा मूर्छा लायी जाती है वही दूसरी ओर सम्मोहन में सुझाव द्वारा इस अवस्था को जल्दी प्राप्त किया जाता है। इसलिए हम व्यक्ति की चेतना पर कब्ज़ा कर पाते है जो मेस्मरिज्म की सिर्फ आरम्भिक अवस्था है।

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क्या मेस्मेरिज्म को सम्मोहन के साथ प्रयोग किया जा सकता है :

शुरुआती दौर में सम्मोहन के पारम्परिक सम्मोहन यानि traditional hypnosis की अवस्था में दोनों का मिश्रण इस्तेमाल कर बढ़िया परिणाम हासिल किये जाते थे। लेकिन आधुनिक सम्मोहन में NLP यानि Neuro Linguistic Programming जिसमे स्नायु तंत्र को प्रभावित कर भाषा द्वारा प्रभाव डालने की कोशिश की जाती थी।

इसमें सामने वाले व्यक्ति को वही अहसास दिलाया जाता था जिसकी उसे चाहत होती है। इस तरह का प्रयोग मेडिकल विभाग और पुलिस विभाग में लोगो का मुँह खुलवाने के लिए इसे काम में लेते है। इसमें के जरिये सबसे पहले तो इंसान के स्नायु तंत्र यानि nerve system को सुन्न कर दिया जाता है इससे व्यक्ति की चेतना लुप्त हो जाती है और उसे सही गलत का फर्क पता नहीं चलता है।

ये अवस्था सिर्फ ऊपरी तौर पर काम आती है। व्यक्ति के अंतर्मन में नहीं उत्तर सकते और अगर व्यक्ति मजबूत nature यानि जो भावनाओ पर काबू रख सके का हुआ तो वो झूठ बोल सकता है और आप उसे पकड़ भी नहीं पाएंगे। इसके बजाय mesmerism and hypnotism का मिश्रण अगर काम में ले तो चेतना की गहराई में उतरा जा सकता है और आंतरिक मन पर कब्ज़ा भी किया जा सकता है।

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मेस्मेरिज़्म औझा विद्या नहीं है :

आपने कही सुना या पढ़ा जरूर होगा की मेस्मेरिज्म द्वारा आत्माओ को भी आकर्षित किया जा सकता है। मेस्मेरिज्म की उच्च अवस्था में ये संभव जरूर है पर उनमे मेस्मेरिज्म से ज्यादा अन्य बातो का प्रभाव ज्यादा होता है। कुछ खास अभ्यास इसमें सफलता दिला सकते है। कुछ लोगो का ये भी मानना है की कुछ व्यक्ति जिन पर माता की सवारी आती है एक तरह से उसी अनुभव से गुजरते है जिसमे मेस्मरिज्म का अभ्यास होता है।

यही वजह है की सही ज्ञान की कमी की वजह से लोग मेस्मेरिज्म को ही औझा विद्या मानने लगे है। जबकि ये ऐसा विज्ञान है जिसे  बेशक सही तरह से समझाया नहीं जा सकता है परन्तु ये कोई ओझा या भूत विद्या नहीं है।

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सम्मोहनकर्ता को mesmerism and hypnotism के बारे में जानना चाहिए क्यों ?

Mesmerism को सिर्फ इसलिए त्याग दिया गया क्यों की ये सम्मोहन की भांति वैज्ञानिक तर्क की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। लेकिन क्या आप जानते है की लगभग 150 वर्षो से भी ज्यादा की गई mesmerism पर research से पता चलता है की मेस्मेरिज्म सम्मोहन से ज्यादा प्रभावी है जानिए कैसे :

  • मेस्मरिज्म में हम माध्यम के आंतरिक मन की गहराई में सम्मोहन से भी ज्यादा पहुँच सकते है।
  • मेस्मेरिज्म माध्यम के शरीर के ऊर्जा क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है।
  • इसमें हम क्लाइंट के साथ hypnotism की अपेक्षा ज्यादा और मजबूत सम्बन्ध स्थापित कर पाते है।
  • mesmerism की सबसे बड़ी खासियत ये है की सम्मोहन में दी गयी भावना की बजाय इसमें हम बीमारी जैसे की जोड़ो का दर्द या कमर का दर्द में प्रभावी तरीके से उपचार दे सकते है।
  • ज्यादातर modern doctor जो hypnotherapy का इस्तेमाल करते है मेस्मेरिज्म का प्रयोग भी करते है।

what is mesmerism अंतिम शब्द :

मेस्मेरिज्म की ये खास बाते बताती है की क्यों हमें सम्मोहन के साथ साथ मेस्मेरिज्म का भी अभ्यास करना चाहिए। क्यों की दोनों का मिश्रण दोगुना लाभ देने वाला प्रयोग है। आपने अब तक तो समझ ही लिया होगा की मेस्मेरिज्म औझा विद्या नहीं है। mesmerism and hypnotism दोनों का मिश्रित रूप हमें ज्यादा लाभ देने वाला साबित हो सकता है। अगर आपको आज की पोस्ट अच्छी लगी या फिर आपके मन में कोई सवाल है तो आप कमेंट में हमें पूछ सकते है। पोस्ट पर अपने सुझाव जरूर दे।

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