भूलने की आदत से निजात पाए इन घरेलु नुस्खों से

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भूलने की आदत

भूलने की आदतबुजुर्गो में भूलने की आदत सबसे आम समस्या के रूप में देखी  जा सकती है। आजकल की लाइफस्टाइल में बुजुर्ग हो या युवा या फिर पढ़ने वाले विद्यार्थी सभी भूलने की बीमारी का शिकार होते जा रहे है। भूलने की आदत से छुटकारा पाने में सबसे ज्यादा घरेलु नुस्खे कारगर रहते है। प्राचीन समय से इन घरेलु नुस्खों को भूलने की आदत से छुटकारा पाने में सहायक पाया गया है। आज की पोस्ट में बात करेंगे दवाई से हटकर कुछ घरेलु उपाय जिनसे हम भूलने की आदत से छुटकारा पा सकते है और स्मरणशक्ति बढ़ा सकते है।

आजकल के खान-पान से हमें आवश्यक खनिज तत्व और फाइबर नहीं मिल पाते है जिसकी वजह से यादास्त पर असर पड़ता है और साथ ही शिक्षा में आगे बढ़ने की होड़ में दिनरात पढाई में जुटे रहने और खानपान की तरफ लापरवाही से हम खुद की यादास्त कमजोर करने लगते है। जो धीरे धीरे बढ़ती जाती है। इनसे छुटकारा कैसे पाए आइये जाने।

भूलने की आदत से छुटकारा पाने  सहायक घरेलु नुस्खे

भूलने की आदत इंसान की सबसे खराब आदतों में से एक है, क्योंकि इस आदत के कारण न सिर्फ खुद वो इंसान जिसे भूलने की समस्या है, परेशान हो जाता है, बल्कि उससे जुड़े दूसरे लोग भी कई बार परेशानी में पड़ जाते हैं। भूलने की समस्या लगभग हर उम्र के लोगों में पाई जाती है। भूलने का मुख्य कारण एकाग्रता की कमी है। अधिकतर समस्या रीकॉल करने में होती है, क्योंकि हमारे दिमाग को रीकॉल प्रोसेस के लिए जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, उनकी हमारे शरीर में कमी हो जाती है। इसलिए उन पोषक तत्वों की पूर्ति करने के लिए यहां बताए गए नुस्खे अपनाकर कोई भी भूलने की आदत से छुटकारा पा सकता है।

1. भूलने की आदत से छुटकारा पाने में सहायक है बादाम

9 नग बादाम रात को पानी में भिगो दें। सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बना लें। अब एक गिलास दूध गर्म करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें। इसमें 3 चम्मच शहद भी डालें। दूध जब हल्का गर्म हो तब पिएं। यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न खाएं।

2. कॉफी

जो लोग सुबह कॉफी पीते हैं, वे कॉफी न पीने वालों की तुलना में अधिक फुर्ती से अपने कार्य निपटा लेते हैं। यदि आप दोपहर में भी चुस्त रहना चाहते हैं तो कॉफी का सहारा लें। शोधकर्ताओं के अनुसार, कैफीन मस्तिष्क के उन हिस्सों को क्रियाशील करता है, जहां से व्यक्ति की सक्रियता, मूड और ध्यान नियंत्रित होता है।

3. ब्रह्मी

कमजोर याददाश्त को बुढ़ापे की निशानी माना जाता है, लेकिन बार-बार भूलने की समस्या केवल बूढ़ों के साथ ही नहीं, बल्कि जवान लोगों के साथ भी होती है। ब्रह्मी दिमागी ताकत बढ़ाने की मशहूर जड़ी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस रोज पीना लाभदायक होता है। इसके 7 पत्ते चबाकर खाने से भी याददाश्त बढ़ती है।

4. रोज मेरी तेल

जब भी प्राकृतिक तरीकों से स्मरण शक्ति बढ़ाने की बात होती है, तब रोज मेरी तेल का नाम सबसे पहले आता है। इस तेल को दौनी के पत्तों से निकाला जाता है, जिसमें औषधीय गुण होते हैं। दौनी के पत्तों में मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने के गुण होते हैं। इस वजह से इसे ब्रेन टॉनिक भी कहा जाता है। इसके तेल का उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए सदियों से किया जाता रहा है। इसकी तीखी खुशबू की वजह से लोग इसे खाना पकाने के काम में भी लाते हैं। इसकी खुशबू के कारण इसे सुगंध चिकित्सा में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी तीखी खुशबू आपके मस्तिष्क को उत्प्रेरित करती है, जिसकी वजह से आपके दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है।

5. स्वादिष्ट और सेहत भरा सेब

कम ही लोग जानते हैं सेब में पाया जाने वाला पेक्टिन विशेष फाइबर होता है। यह इम्यून सपोर्टिव प्रोटीन्स के स्तर को बूस्ट करता है। इसलिए दिनभर में एक सेब खाना आपको कई बीमारियों से बचा सकता है। रोज सेब का सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

6.  अलसी का तेल

अलसी के तेल में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड्स प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। अलसी का तेल एकाग्रता बढ़ाता है, स्मरण शक्ति तेज करता है और सोचने-समझने की शक्ति को भी बढ़ाता है।

7. अखरोट

अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं और दिन में कम से कम सात अखरोट खाने से बीमारियां हमेशा दूर रहती हैं। साथ ही, कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है। अखरोट स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है। 20 ग्राम अखरोट और 10 ग्राम किशमिश मिलाकर खाने से याददाश्त बढ़ती है।

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8. हरी चाय का करे सेवन

हरी चाय एक स्वास्थ्यवर्धक पेय है। वैज्ञानिकों को मिले साक्ष्य के अनुसार, यह मस्तिष्क के लिए लाभदायक होती है। वैज्ञानिकों ने इसमें ऐसे रासायनिक तत्व पाए हैं, जो मस्तिष्क की कोशिका के उत्पादन, स्मृति में सुधार के साथ-साथ सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं।

9. दालचीनी

दालचीनी का तेल भी स्मरण शक्ति बढ़ाने में काफी प्रभावकारी होता है। यह तेल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिसकी वजह से आपका मस्तिष्क तेजी से काम करता है। यह तेल दिमाग को ठंडक पहुंचाता है। तनाव को कम करते हुए दिमाग को तेज-तर्रार बनाता है।

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10. मछली

मछली को दिमाग के लिए पोषक आहार माना जाता है। इसमेंओमेगा 3 फैटी एसिड्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड्स मस्तिष्क के लिए बहुत जरूरी हैं। मछली के सेवन से दिमाग तेज होता है और स्मरण शक्ति बढ़ती है। मछली का तेल भी ब्रेन टॉनिक का काम करता है। यह तेल प्राकृतिक रूप से आपकी स्मरण शक्ति कमजोर होने से रोकता है। साथ ही, एकाग्रता, बुद्धिमता और तर्क करने की शक्ति को भी बढ़ाता है।

11. जैतून-

जैतून केवल आपके स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि आपके चेहरे की खूबसूरती के लिए भी लाभदायक है। जैतून में अच्छी मात्रा में फैट पाया जाता है। इसीलिए यह याददाश्त बढ़ाने का काम भी करता है।

12. दही का करे इस्तेमल

दही में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज, लवण, कैल्शियम और फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। दही का नियमित सेवन करने से कई लाभ होते हैं। यह शरीर में लाभदायी जीवाणुओं की बढ़ोत्तरी करता है और हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है। इसमें अमीनो एसिड पाया जाता है, जिससे दिमागी तनाव दूर होता है और याददाश्त बढ़ती है।

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13. जायफल-

जायफल को अपने विशेष स्वाद और सुगंध के लिए जाना जाता है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। साथ ही, याददाश्त को बेहतर बनाते हैं।

14. सबसे सुलभ तुलसी-

तुलसी को हिंदू धर्म में देवी का रूप माना गया है। इसका उपयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है। यह कई बीमारियों में औषधि का काम करती है। रोजाना तुलसी के 2-4 पत्ते खाने से बार-बार भूलने की बीमारी दूर हो जाती है।

15. सेहत के लिए अच्छी है केसर-

केसर एक ऐसा मसाला है जो खाने के स्वाद को दोगुना कर देता है। केसर का उपयोग अनिद्रा दूर करने वाली दवाओं में किया जाता है। इसके सेवन से मस्तिष्क ऊर्जावान रहता है।

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16. सबसे अच्छा घरेलु नुश्खा है  हल्दी-

हल्दी दिमाग के लिए एक अच्छी औषधि है। यह सिर्फ खाने के स्वाद और रंग में ही इजाफा नहीं करती है, बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखती है। इसके नियमित सेवन से अल्जाइमर रोग नहीं होता है। साथ ही, यह दिमाग की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को रिपेयर करने का भी काम करती है।

17. अजवाइन की पत्तियां-

यदि आप अपने खाने को अलग फ्लेवर देना चाहते हैं, तो अजवाइन की पत्तियों का उपयोग करें। अजवाइन की पत्तियां शरीर को स्वस्थ और जवान बनाए रखने में मदद करती हैं। दरअसल, अजवाइन की पत्तियों में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसीलिए यह दिमाग के लिए औषधि की तरह काम करती हैं। यही कारण है कि अरोमा थेरेपी में भी इसका उपयोग किया जाता है।

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18. काली मिर्च-

काली मिर्च में पेपरिन नाम का रसायन पाया जाता है। यह रसायन शरीर और दिमाग की कोशिकाओं को रिलैैक्स करता है। डिप्रेशन में यह रसायन जादू-सा काम करता है। इसीलिए यदि आप अपने दिमाग को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो खाने में काली मिर्च का उपयोग करें।

19. बड़े काम की है दालचीनी

अल्जाइमर रोगियों के लिए दालचीनी एक जबरदस्त दवा है। दालचीनी के नियमित सेवन से याददाश्त बढ़ती है और दिमाग स्वस्थ रहता है।

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20. गुणों से भरपूर स्ट्रॉबेरी-

स्ट्रॉबेरी अपनी मनमोहक सुगंध के कारण पूरी दुनिया में बहुत लोकप्रिय है। इसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। स्ट्रॉबेरी मिल्क शेक, आइसक्रीम आदि का स्वाद भी बढ़ाती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो मेमोरी लॉस से बचाने का काम करते हैं।

पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और बुजुर्गो के साथ युवा पीढ़ी को भी अपने यादास्त पर धयन देना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए की हमारे शरीर के साथ मन भी सही तरीके से काम करता रहे। इसके साथ नियमित योगा और ध्यान अपना कर आप आसानी से भूलने की आदत से रिकवर हो सकते है।

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